रामकुमार सिंह हत्याकांड में बड़ा खुलासा: जमीन के सौदे में शामिल डेढ़ दर्जन लोगों पर साजिश का शक, दो फरार शूटरों की तलाश
नागालैंड के दीमापुर में छिपा था कथित शूटर पिंटू सिंह, हत्या के वक्त खुद चला रहा था बाईक.
चंदन सिंह और पिंटू के बयानों में मिली समानता से पुलिस को मिली अहम कड़ी.
घर से बरामद हुआ देसी कट्टा. शराब और गांजा तस्करी समेत 10 आपराधिक मामलों में रहा है आरोपित.
आरा। भोजपुर के चर्चित रिटायर्ड असिस्टेंट कस्टम कमिश्नर रामकुमार सिंह हत्याकांड में पुलिस की जांच अब केवल शूटरों तक सीमित नहीं रह गई है. इस हत्याकांड के पीछे जमीन के एक बड़े सौदे से जुड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आ रही है. भोजपुर के पुलिस कप्तान ने खुलासा किया है कि जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले और इस सौदे में साझेदार रहे करीब डेढ़ दर्जन लोगों की भूमिका संदेह के घेरे में है. पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने कथित तौर पर मिलकर हत्या की साजिश रची और शूटरों को पैसे मुहैया कराए.

इस बीच हत्याकांड के कथित शूटर पिंटू सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं. पुलिस का दावा है कि पिंटू और पहले गिरफ्तार चंदन सिंह से पूछताछ में सामने आई बातें एक-दूसरे से मेल खा रही हैं. इससे हत्या की साजिश में दोनों की कथित संलिप्तता की कड़ियां जुड़ रही हैं. गिरफ्तारी कोईलवर पुल के पास से पुलिस ने की उसके बाद गुंडा परेड निकाल कर हाफ पेंट में ही पुलिस नवादा थाना से कोर्ट लेकर गई। इसके पहले भी इसी कांड से जुड़े तीन लोगों का गुंडा परेड निकाल कर पुलिस कोर्ट तक ले गई थी।
हत्या के वक्त पिंटू चला रहा था गाड़ी, दो शूटरों ने चलाई थीं गोलियां
भोजपुर एसपी के मुताबिक, रामकुमार सिंह की हत्या के वक्त पिंटू सिंह गाड़ी चला रहा था. उसी गाड़ी से दोनों शूटरों को घटनास्थल तक लाया गया था. वारदात को अंजाम देने के बाद भी पिंटू दोनों शूटरों को लेकर फरार हुआ था. पुलिस के अनुसार, गोली चलाने वाले दोनों शूटर अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
पुलिस का कहना है कि हत्या के समय पिंटू के पास भी एक देसी कट्टा था. उसकी निशानदेही पर उसके घर की तलाशी ली गई, जहां से पुलिस ने देसी कट्टा बरामद किया है. पुलिस इस हथियार की भूमिका और घटना से उसके संबंध की जांच कर रही है.
नागालैंड के दीमापुर में छिपा था पिंटू, मोबाइल से बना रखी थी दूरी
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद पिंटू सिंह नागालैंड के दीमापुर चला गया था. वहां वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहा था, जिसके कारण उसकी लोकेशन का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा. बताया गया कि गांजा कारोबार के सिलसिले में वह पहले भी नागालैंड आता-जाता रहा था. इसी परिचित ठिकाने का इस्तेमाल उसने छिपने के लिए किया.
पुलिस कप्तान ने बताया कि पिंटू कुछ समय पटना में भी रहा था. उसकी गतिविधियों और ठिकानों की जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया.
शराब और गांजा कारोबार से भी जुड़ा रहा है पिंटू, 10 मामले दर्ज
भोजपुर एसपी के मुताबिक, गिरफ्तार पिंटू सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है. उसके खिलाफ हत्या सहित करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें शराब कारोबार, गांजा तस्करी और फायरिंग जैसे मामले शामिल हैं. पुलिस का आरोप है कि पिंटू ने ही हत्या को अंजाम देने के लिए दोनों शूटरों को हायर किया था और वारदात के दिन उन्हें अपनी गाड़ी से लेकर पहुंचा था.
डेढ़ दर्जन लोगों की भूमिका संदेह के घेरे में, जमीन के सौदे से जुड़ा है पूरा मामला
इस हत्याकांड का सबसे महत्वपूर्ण पहलू जमीन के कारोबार से जुड़ा सामने आ रहा है. भोजपुर एसपी ने बताया कि इस मामले में करीब डेढ़ दर्जन ऐसे लोग पुलिस की जांच के दायरे में हैं, जिन्होंने संबंधित जमीन की रजिस्ट्री कराई थी या इस सौदे में साझेदार थे.
पुलिस के अनुसार, जमीन पर रोक लगने के बाद सौदे से जुड़े लोगों के सामने आर्थिक और कानूनी परेशानी खड़ी हो गई थी. इसके बाद कथित तौर पर सभी ने मिलकर हत्या की साजिश रची और शूटरों को पैसे उपलब्ध कराए.
एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस केवल गिरफ्तार आरोपियों तक अपनी जांच सीमित नहीं रखेगी. जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले, सौदे में शामिल साझेदार और पैसे के लेन-देन से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है.
फरार आरोपियों पर वारंट और कुर्की-जब्ती की तैयारी
भोजपुर एसपी ने बताया कि इस हत्याकांड में गिरफ्तार लोगों के अलावा कई अन्य अभियुक्त भी हैं. कुछ आरोपियों के खिलाफ पुलिस वारंट प्राप्त कर चुकी है. फरार रहने की स्थिति में उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी.

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हत्या के लिए कितनी रकम दी गई, किन-किन लोगों ने पैसे उपलब्ध कराए और पूरी साजिश को किसने अंतिम रूप दिया. एसपी ने भरोसा जताया कि पैसे के लेन-देन और साजिश में शामिल लोगों के नाम जल्द सामने आएंगे.
15 अक्टूबर को मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी हत्या
गौरतलब है कि 15 अक्टूबर 2026 की सुबह आरा के नवादा थाना क्षेत्र स्थित कनकपुरी मोहल्ले में रिटायर्ड असिस्टेंट कस्टम कमिश्नर रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकल रहे थे, तभी बाइक सवार अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं. गंभीर हालत में उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.
इस हत्याकांड में पुलिस पहले चंदन सिंह, टीपू कुमार, मनोज लक्की और अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है. अब कथित शूटर पिंटू सिंह की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा जमीन के सौदे से जुड़े लोगों और फरार शूटरों तक पहुंच गया है.
अब इस हत्याकांड में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जमीन के सौदे से जुड़े किन लोगों ने हत्या के लिए पैसे दिए और पर्दे के पीछे बैठकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिलाया? भोजपुर पुलिस की अगली कार्रवाई से इस चर्चित हत्याकांड के कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं.
