महामारी के बावजूद KIIT में रिकॉर्ड प्लेसमेंट

कोविड-19 महामारी ने देश और पूरे विश्व में गतिरोध पैदा कर दिया है. यहां तक कि छात्र समुदाय सबसे अधिक प्रभावित शैक्षणिक गतिविधियोंमें से एक है, अभी तक स्कूल और कॉलेज फिर से आरम्भ नहीं हुए हैं – के.आई.आई.टी. डीम्ड विश्वविद्यालय ‘न्यू नामल’ के अनुकूल होने वाला पहला संस्थान था. यह लॉकडाउन के आरम्भ से ही 50 देशों में अपने 30,000 छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आरम्भ करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय है. ऑनलाइन अध्यापन-शिक्षण, जो सफलतापूर्वक और प्रभावी रूप से जारी है, ने विश्वविद्यालय को अपने शैक्षणिक कार्य्रकम को पूरी तरह से बनाए रखने में मदद की है. के.आई.आई.टी. ने अपनी अच्छी तकनीक और उच्च इंटरनेट बैंडविड्थ के कारण वर्चुअल मोड पर परीक्षाओं, दीक्षांत समारोहों, सेमिनारों, कार्यशालाओं आदि जैसी सभी अकादमिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संचालित किया है. वर्ष 1992 में एक प्रतिष्ठित व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में के.आई.आई.टी. की स्थापना प्रख्यात शिक्षावादियों और सामाजिक कार्यकर्त्ता प्रो. अच्युत सामंत ने की थी. हालांकि, इसे 1997 में उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में खोला गया था, जिसे आधार वर्ष माना जाता है. वर्ष 2001 में डिग्री इंजीनियरिंग के छात्रों का पहला बैच पास आउट हुआ था. के.आई.आई.टी. अपनी स्थापना के बाद से कैम्पस प्लेसमेंट में बहुत सफल ट्रैक रिकॉड के लिए जाना जाता है. इस प्रवर्र्ती (ट्रेंड) को बनाए रखते हुए, इसने 2019-20 के स्नातक बैच के लिए उत्कृष्ट कैम्पस प्लेसमेंट हासिल किया है. प्रचलित महामारी के बावजूद भी विश्वविद्यालय अपने 2020-21 के पास आउट बैच के लिए रिकॉड कैम्पस प्लेसमेंट प्राप्त करने के लिए ट्रैक

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…तो ऐसे है मुस्तैद बिहार!

कोविन पोर्टल पर लगभग 4.62 लाख लाभार्थियों का हुआ पंजीकरण • राज्य के प्रत्येक टीकाकरण केन्द्रों पर जैव चिकित्सा अपशिष्टों के प्रबंधन की होगी व्यवस्था• राज्य में कोविड टीकाकरण की सभी रूपरेखा है तैयार• राज्य भर में कोविड-19 टीके के भण्डारण की पूरी है व्यवस्था पटना(ओ पी पांडेय): राज्य में होने वाले कोविड-19 टीकाकरण को लेकर राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है. कोरोना टीकाकरण के प्रथम चरण में चिन्हित सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के स्वास्थ्यकर्मियों का कोविन पोर्टल पर निबंधन का कार्य भी तेजी से हो रहा है. राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक बिहार में 462026 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है. कोविड टीकाकरण के दौरान बायो वेस्ट मैनेजमेंट का रखा जायेगा ध्यान: सहायक निदेशक , राज्य स्वास्थ्य समिति, पीयूष कुमार चन्दन ने बताया सभी टीकाकरण केन्द्रों पर कोविड टीकाकरण के उपरान्त जनित जैव चिकित्सा अपशिष्टों के प्रबंधन(बायो वेस्ट मैनेजमेंट) हेतु कलर कोडेड बैग्स पर्याप्त मात्र में उपलब्ध रहेगी. इन सभी थैलियों को टीकाकरण केन्द्रों से निकटतम शीत श्रृंखला स्थल (कोल्ड चेन पॉइंट) तक लाया जायेगा. वहां से सम्बंधित जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार केंद्र के माध्यम से उठाव कर उनका निष्पादन किया जायेगा. राज्य में सभी जिलों में कोल्ड चेन पॉइंट को किया जा रहा सशक्त: राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा बताया गया है राज्य के सभी जिलों में कोल्ड चेन पॉइंट को सशक्त किया जा रहा है ताकि कोविड टीकाकरण के दौरान टीकों के रख-रखाव एवं प्रबंधन में किसी भी प्रकार की समस्या न हो. सभी जिलों के जिलाधिकारी इसका

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कलिंग इंस्टीच्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (के.आई.आई.टी.) ने वर्ष 2020 का ‘दी अवार्ड्स एशिया’ जीता

कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (के.आई.आई.टी.) डीम्ड विश्वविद्यालय ने 17 नवंबर 2020 को टाइम्स हायर एजुकेशन (टी.एच.ई.) द्वारा घोषित ‘द अवार्ड्स एशिया’ जीता है. के.आई.आई.टी., को ‘वर्कप्लेस ऑफ द ईयर’ (वर्ष का कार्यस्थल) वर्ग में विजेता घोषित किया गया है, इस तरह का मान्यता प्राप्त करने वाला यह भारत का एकमात्र संस्थान है. अपने कर्मचारी और छात्रों के लिए, विशेष रूप से शुरुआती प्रगति या तरक्की एवं अपनी उदारतापूर्ण वचनबद्धता के लिए इसे यह पहचान मिली है. के.आई.आई.टी. को अपने विकेंद्रीकृत शासन के लिए जाना जाता है, जिसमें प्रमुख कर्मचारियों को पर्याप्त स्वायत्तता प्रदान की जाती है और उनके कार्यों को पूरा करने की शक्ति प्रदान की जाती है. यह एकमात्र स्व-वित्तपोषित विश्वविद्यालय है जो परिवारवाद के वर्चस्व से ऊपर है. सभी वरिष्ठ अधिकारी सुप्रसिद्ध शिक्षाविद हैं और उन्हें चुने जाने की प्रक्रिया पारदर्शितापूर्ण है. कर्मचारी-वर्ग एवं फैकल्टी के सभी सदस्यों ने इसका सारा श्रेय अपने संस्थापक, डॉ अच्युता सामंता को दी है. डॉ. सामंता ने वित्तीय और प्रशासनिक दोनों पहलुओं में स्वतंत्रता के साथ बेझिझक काम करने पर बहुत महत्व दिया है. उन्होंने एक माहौल और कार्यसुधारक-प्रणाली बनाई है जहां फैकल्टी और कर्मचारी उन्मुक्त मन से अपना कार्य कर सकते हैं. परिणामस्वरूप, के.आई.आई.टी. अपनी स्थापना के समय से ही छात्रों, माता-पिता, कर्मचारीवर्ग एवं पर्यावरण के अनुकूल परिसर रहा है. यह निर्णायकमण्डल कई अनुभवी व्यक्तित्च को लेकर बनाया गया है, जिन्होंने देश के सैकड़ों संस्थानों का मूल्यांकन किया और छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों के बीच गहन सर्वेक्षण करने के उपरांत ही के.आई.आई.टी. को विजेता घोषित किया. pncb

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प्रो. अच्युता सामंता को वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया का अध्यक्ष चुना गया

कंधमाल संसदीय क्षेत्र के सांसद और के.आई.आई.टी. के संस्थापक प्रो. अच्युता सामंता, भारतीय वॉलीबॉल संघ {वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया (वी.एफ.आई.)} के अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने गए. वह वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के इस सर्वोच्च प्रतिष्ठित पद के लिए चुने जाने वाले ओडिशा के पहले व्यक्ति हैं. अब प्रो. सामंता को ओलंपिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया का सदस्य होने का अधिकार मिला है. यह न केवल ओडिशा वॉलीबॉल एसोसिएशन के लिए एक महान सम्मान है, अपितु ओडिशा के लिए भी गौरव की बात है. ओडिशा वॉलीबॉल एसोसिएशन ने प्रो. सामंता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है और भविष्य में किये जाने वाले प्रयासों के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की है. प्रो. सामंता के अतिरिक्त, पंजाब के राज कुमार को कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है, जबकि 9 अन्य को वी.एफ.आई. (वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया) के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है. राजस्थान के अनिल चौधरी वी.एफ.आई. के महासचिव के रूप में निर्विरोध चुने गए हैं. नवनिर्वाचित निकाय का कार्यकाल 2020 से 2024 तक है. प्रो. सामंता ने उन्हें अध्यक्ष चुने जाने के लिए वी.एफ.आई. (वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया) को धन्यवाद दिया. प्रो समांता ने कहा कि वह महासंघ को एक नई बुलंदियों तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करेंगे. pncb

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मुश्किल वक्त में ओडिशा का KIIT मोर्चे पर सबसे आगे

कोरोना के विरुद्ध जंग में किट विश्वविद्यालय मोर्चे पर सबसे आगे प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न जन समुदाय की पीड़ा को दूर करने या उस पर काबू पाने के लिए कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, (केआईआईटी) भुवनेश्वर और उसकी सहयोगी संस्थान कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने अपने संस्थापक प्रोफेसर अच्युता सामंत के अथक प्रयास के बदौलत इस बार भी कोविड-19 महामारी के प्रकोप से बुरी तरह प्रभावित लोगों तक पहुंचने और सही उपचार का हर संभव प्रयास किया जा रहा है साथ ही उस पर अनवरत काम भी चल रहा है.यह जगजाहिर है कि किट डीम्ड विश्वविद्यालय एक प्रख्यात संस्थान है और यह भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त भी है. इसमें देश के कई राज्य साथ ही 50 के आसपास देशों से लगभग 30000 छात्र और छात्राएं यहां अध्ययन करते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि किट के ही भी सहयोगी संस्थान किश जो देश का पहला और एकलौता आदिवासी विश्वविद्यालय में तीस हजार के आसपास असहाय और विशेषकर आदिवासी बच्चे पढ़ते हैं. यह सारे बच्चे केवल ओडिशा के ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़, झारखंड और नॉर्थ ईस्ट के बच्चे हैं. किश की खासियत या है कि यहां पर बच्चे निशुल्क पढ़ते हैं और यह आवासीय विश्वविद्यालय है. कोरोना के चलते जैसे ही संपूर्ण लॉक डाउन की भनक संस्थान की संस्थापक को लगी उन्होंने सभी बच्चों को सुरक्षित अपने-अपने घरों पर वापस भेज दिया था. पूरे लॉकडाउन के दौरान इन सारे बच्चों को किसी भी तरह का शैक्षणिक नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा, क्योंकि किट देश का पहला

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कोरोना महामारी में असहायों की सेवा में कीट और किस

कोविड-19 सर्वव्यापी महामारी ने संपूर्ण विश्व के व्यक्तियों का सामान्य जीवन एवं रोजी-रोटी में व्यवधान उत्पन्न कर उनका जीवन तहस-नहस कर दिया है. ओडिशा भी इस सर्वव्यापी महामारी से बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. इस आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सरकार के सहायक बनने में बहुत से संगठनों एवं व्यक्तियों ने पहल की है. कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर एवं सहयोगी संस्थान कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, इन संस्थाओं ने संस्थापक प्रोफेसर अच्युत सामंथा के नेतृत्व में इस महामारी के प्रकोप से बचाव हेतु सिलसिलेवार पहल की है एवं कोरोना वायरस के विरुद्ध ओडिशा इस संग्राम में आगे आया है. केआईआईटी एवं केआईएसएस ने राज्य की स्वास्थ्य सतर्कता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, तथा वंचित एवं उपेक्षित जीवन जी रहे व्यक्तियों की पीड़ा में अत्यधिक कमी लाए हैं. कोविड-19 के विरुद्ध ओडिशा में महत्वपूर्ण आयामों में से एक,केआईआईटी डीम्ड विश्वविद्यालय के एक संगठन कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज ओडिशा ने तीन जनजाति बाहुल्य जिलों एवं भुवनेश्वर में स्थित, ओडिशा सरकार की सहायता से, 4 अत्याधुनिक कोविड चिकित्सा की स्थापना की है. इन चिकित्सालयों में 12 सौ मरीजों के उपचार की संयुक्त क्षमता है. केआईएसएस कोविड चिकित्सालय, भुवनेश्वर में जो भारत में प्रथम कोविड चिकित्सालय है, इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं सहित 500 बेड हैं साथ ही 500 संकटकालीन देखभाल बेड है. कोविड चिकित्सालयों द्वारा तुरंत देखभाल से हजारों जीवन बच गए हैं. कोविड-19 सर्वव्यापी महामारी ना केवल एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकालीन संकट है वरन लंबे लॉकडाउन एवं रोजी-रोटी के नुकसान के कारण इसने गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिए हैं.

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राष्ट्रीय जलीय जीव को बचाना सबसे जरूरी

जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया गंगा भूमि प्रादेशिक केंद्र, पटना में गांगेय एवं समुद्री डॉल्फिन पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन पटना के जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया गंगा भूमि प्रादेशिक केंद्र, पटना में गांगेय एवं समुद्री डॉल्फिन के संरक्षण को लेकर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया. इस वेबिनार में बोलते हुए जूलॉजिकल सर्वे ऑफ कोलकाता के निदेशक डॉ. कैलाश चंद्र ने कहा कि भारत में डॉल्फिन राष्ट्रीय जलीय जन्तु है. भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 15 अगस्त 2020 को लाल किले के प्राचीर से गंगेय डॉल्फिन एवं समुद्री डॉल्फिन के संरक्षण पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रोजेक्ट डॉल्फिन कि घोषणा की है जो देश में प्रोजेक्ट टाइगर तथा प्रोजेक्ट एलिफैंट के तर्ज पर चलेगा. इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देते हैं. डॉल्फिन के संरक्षण के कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण हिं क्योंकि यह राष्ट्रीय संपदा है. जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया डॉल्फिन के संरक्षण में हर संभव सहयोग करेगा. हम प्रशिक्षित लोगों के साथ मिलकर डॉल्फिन को बचाने की मुहिम जल्द शुरू कर रहे हैं. वहीं श्रीमाता वैष्णव देवी विश्वविद्यालय कटरा, जम्मू के कुलपति और डॉल्फिनमैन के नाम से विख्यात प्रो. आर के सिन्हा ने डॉल्फिन की उत्पत्ति, इसकी इतिहास एवं आजतक किये गए  इसके संरक्षण पर प्रकाश डाला.  उन्होंने कहा कि डॉल्फिन को कुछ लोग भगवान शिव का दूत मानते हैं. इसका कैरेक्टर 20 मिलियन वर्षों में भी नहीं बदला है. प्रो. सिन्हा ने डॉल्फिन के ब्लाइंड होने के रहस्यों पर भी शोध करने की जरूरत बताई. उन्होंने डॉल्फिन के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि इन दिनों सोन के

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एयरपोर्ट पर पहुंचते ही दो टुकड़े हुआ विमान

केरल के कोझिकोड एयरपोर्ट पर बड़ा विमान हादसा हुआ है. रनवे पर एयर इंडिया का विमान फिसलने से वह दो टुकड़ों में बंट गया. दुबई से आ रहे इस विशेष विमान में 191 यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे. पायलट कैप्टन डीवी साठे समेत 10 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है. कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया है. केरल विमान हादसे को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं. 056 546 3903, 0543090572, 0543090572 और 0543090575. PNCB

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एक तरफ लक्ष्मण, एक तरफ सीता, बीच में जगत के पालनहारी…

साकार हुआ सपना, आज से मंदिर निर्माण शुरू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के करोड़ों लोगों की आस्था को साकार रूप देने के लिए अयोध्या पहुंचे. पांच अगस्त को शुभ मुहूर्त में भूमि पूजन के साथ अयोध्या में राम मंदिर का वर्षों पुराना सपना साकार रूप लेने जा रहा है. सीधी तस्वीरें नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करके देख सकते हैं. Live from Ayodhya साभार कुछ ऐसा होगा अयोध्या में श्रीराम का मंदिर PNCB

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CBI करेगी मामले की जांच

बिहार सरकार ने आखिरकार दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की जांच की सिफारिश सीबीआई से कर दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद इसकी पुष्टि की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लगातार इस मामले में बिहार पुलिस अधिकारियों के साथ भेदभाव कर रही थी. उनका रवैया कहीं से भी सही नहीं था. जब सुशांत सिंह के पिता ने सीबीआई जांच की मांग की तो हमने इसे सीबीआई के सुपुर्द करने का फैसला किया. राजेश तिवारी

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