टॉप इंडियन यूनिवर्सिटीज में के.आई.आई.टी. का स्थान बरकरार

टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2021 जारी टाइम्स हायर एजुकेशन: एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग, देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में कीट का जलवा बरकरार भुवनेश्वर : कीट विश्वविद्यालय ने द टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 में इस साल भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है. हर साल की तरह इस साल भी टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से वर्ल्ड एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग का परिणाम जारी किया गया है. इसमें उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ एशिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की सूची में 251+ श्रेणी में KIIT देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के बीच 30वें स्थान पर है. इसी तरह, जनरल इंजीनियरिंग की ओवरल श्रेणी में, देश के पूर्वांचल में श्रेष्ठ सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में कीट 15वें स्थान पर है. टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से शिक्षण, अनुसंधान, ज्ञान का आदान प्रदान, अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण आदि विभिन्न मानदंडों पर विश्वविद्यालयों की रैंकिंग की गई है. कीट के व्यापक कार्यक्रमों सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रम हैं. इनपर विचार करने पर देशभर के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के बीच कीट ने अच्छा प्रदर्शन किया है. टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से पिछले 50 वर्षों में एशिया सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को इस चयन प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है.गौरतलब है कि कीट 24 साल पुराना संस्थान है, लेकिन सिर्फ 17 साल में विश्वविद्यालय के रूप में कीट ने उपरोक्त सभी मानदंडों को पूरा कर 251+ रैंक, देश में 30वें और जनरल इंजीनियरिंग की ओवरल श्रेणी में 15वें स्थान पर रहकर ओडिशा का गौरव बढ़ाया है. टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से इस साल

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भोजपुरी पेंटिंग्स को जिला मुख्यालय में भी जगह नही मिलने से आक्रोश में कलाकार, चलाएंगे हस्ताक्षर अभियान

3-4 जून को चलेगा हस्ताक्षर अभियान आरा,2 जून. भोजपुरी पेंटिंग्स को जिला मुख्यालय में भी जगह नही मिलने से जिला के कलाकार आक्रोश में कलाकार हैं. रेलवे द्वारा रेलवे परिसर में भी भोजपुरी पेंटिंग का उपयोग नही करने को लेकर बेहद दुःखी हैं. इसके विरुद्ध कल से वे हस्ताक्षर अभियान रेलवे परिसर में ही चलाएंगे और उसके बाद रेलवे को इसे भेजा जाएगा. ऐसी खबर है कि आरा रेलवे परिसर का सौंदर्यीकरण हो रहा है जिसे मैथली पेंटिंग से सजाया जाएगा. इसके पूर्व भी रेलवे ने स्टेशन परिसर में स्थित टिकट घर मे मैथली पेंटिंग का ही उपयोग किया था जिसका यहाँ के कलाकारों ने विरोध किया था इस सम्बंध में ऊर्जा मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा था और भोजपुरी पेंटिंग का भोजपुरिया क्षेत्र में उपयोग करने की रिक्वेस्ट किया था लेकिन उसपर ध्यान नही देने से इस बार कलाकारों में आक्रोश व्याप्त है. पूर्व मध्य रेलवे,दानापुर द्वारा आरा रेलवे प्लेटफॉर्म पर मधुबनी चित्रकला के अंकन कराये जाने एवं भोजपुरी चित्रकला को अवसर नहीं प्राप्त होने पर जयप्रकाश नारायण स्मारक के पास आयोजित बैठक में कही पिछले दिनों 31 मई को एक बैठक कर आगे की रणनीति भी बनाई थी. बैठक में उपस्थित वरिष्ठ रंगकर्मी और पत्रकार रवींद्र भारती ने कहा था कि भोजपुरी चित्रकला भोजपुरी भाषी क्षेत्र की संस्कृति एवं पहचान है. भोजपुरी भाषी क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों एवं सार्वजनिक स्थानों पर भोजपुरी चित्रकला को अंकित होने का अवसर नहीं देना, इस क्षेत्र की जनता का अपमान है. बैठक में उपस्थित कलाकारों एवं सामाजिक कार्यकर्त्ताओं ने भोजपुरी भाषी क्षेत्रों

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वेब पत्रकारों को मिला वैधानिक सम्मान, वेब मीडिया नियमावली पर कैबिनेट की मुहर

मंगलमय बना मंगलवार, बिहार वेब मीडिया नियमावली-2021 को मिली कैबिनेट की मंजूरी बिहार वेब मीडिया नियमावली-2021 की मंजूरी WJAI के मिशन का पहला सोपान ▶️बिहार वेब मीडिया नियमावली-2021 की स्वीकृति वेब पत्रकारों को वैधानिक सम्मान मिलने के बराबर–आनंद कौशल▶️बिहार वेब मीडिया नियमावली-2021 की स्वीकृति बिहार सरकार का कदम स्वागत योग्य, WJAI के मिशन की पहली सीढ़ी–अमित रंजन▶️बिहार कैबिनेट की स्वीकृति ने बिहार में साबित किया कि वेब मीडिया प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक से कम नहीं-ओम प्रकाश अश्क पटना(ओ पी पाण्डेय). मंगलवार का दिन पत्रकारों और सरकार के लिए मंगलमय और ऐतिहासिक उस समय बन गया जब बिहार सरकार की कैबिनेट ने अपनी बैठक में “बिहार वेब मीडिया नियमावली- 2021” को मंजूरी दे दी. कैबिनेट से इस मंजूरी के बाद डिजिटल मीडिया के पत्रकारों में हर्ष का माहौल है. कैबिनेट से वेब मीडिया नियमावली 2021 के पास कराने के लिए वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) ने कड़े संघर्ष किया है. नियमावली को मंजूरी मिलना WJAI की बहुत बड़ी सफलता साबित हुई है. बता दें कि बिहार में वेब मीडिया के लिए एक नियमावली बनाने के लिए WJAI के एक प्रतिनिधिमंडल सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री नीरज कुमार से मिला था और वेब मीडिया नियमावली बनाने मांग करते हुए एक सुझाव पत्र भी सौंपा था. जिसपर सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने WJAI को भरोसा दिलाया था कि जल्द ही वेब मीडिया एवं वेब पत्रकारों के लिये बिहार सरकार कुछ निर्णय देगी. बिहार में वेब पत्रकारों के लिये एक नियमावली की मांग को लेकर WJAI का संघर्ष मंगलवार को सार्थक साबित हुआ.

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आखिरकार बाबा रामदेव ने की पहल, खत्म हो विवाद

पिछले कुछ दिनों से आयुर्वेद और एलोपैथ को लेकर बाबा रामदेव और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बीच छिड़े विवाद के बाद आखिरकार बाबा रामदेव ने सोशल मीडिया पर इस विवाद को खत्म करने की पहल की है. उन्होंने लिखा है कि मैं इस विवाद को खत्म करना चाहता हूं. उन्होंने साफ-साफ लिखा है कि उनका विरोध देश के डॉक्टरों से नहीं है बल्कि ड्रग माफिया से है जो जो रुपए की दवा 2000 में देखते हैं और लोगों को बेमतलब टेस्ट और ऑपरेशन कराने के लिए मजबूर करते हैं. दरअसल 31 मई को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एक पत्र जारी किया और यह कहा कि बाबा रामदेव के बयान के विरोध में वे 1 जून को काला दिवस मनाएंगे और इस मौके पर सभी डॉक्टर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे. लेकिन जिस तरह से आई एम ए के विरोध के एक दिन पहले ही बाबा रामदेव ने इस पूरे प्रकरण को खत्म करने की पहल की है, उसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन क्या फैसला करता है यह देखने वाली बात होगी. ओपी पांडे

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कोरोना को ताकतवर बना रहा है वैक्सीन !

वैक्सिनेशन ने बढ़ाया कोरोना के नए वैरियंट पटना.23 अप्रैल. “वैक्सीन वायरस को  रोकते नही बल्कि उसे और ताकतवर बनाते हैं.” सुनकर आप भी हैरान हो गए न! लेकिन यह बात हमने मजाक या खबर को सन सनसनीखेज बनाने के लिए नही कहा बल्कि ये बात कही है फ्रांस के नोबेलपुरस्कार विजेता प्रोफेसर ल्यूक मॉन्टैग्नियर (Luc Montagnier) ने. प्रोफेसर ल्यूक के इस दावे ने सबको हैरान कर दिया है. उनका यह दावा वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. प्रोफेसर ल्यूक के अनुसार कोरोना वैक्सीन, वायरस को रोकने के बजाए उसे और मजबूत कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीनेशन के कारण ही कोरोना के नए-नए वैरिएंट उत्पन्न हो रहे हैं. दुनिया में जहां एक ओर तेजी से वैक्सिनेशन के लिए जी तोड़ कोशिशें की जा रही हैं ताकि दुनिया के बड़े आबादी को बचाया जा सके वैसे में प्रोफेसर ल्यूक के इस दावे वाले वीडियो के बाद वैक्सिनेशन पर बहस और संकट छाने के आसार हैं. नेबोल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर ल्यूक ने एक इंटरव्यू में महामारी विज्ञानियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि महामारी विज्ञानियों को वैक्सीन से जुड़े तथ्यों के बारे में पता होने के बाद भी वे खामोश क्यों हैं. उनके अनुसार वैक्सिनेशन(टीकाकरण) के कारण  कोरोना के नए वैरिएंट, मूल वैरिएंट की तुलना में अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं. अब देखना होगा कि प्रोफेसर ल्यूक के इस दावे के बाद दुनियाभर के वैज्ञानिक और टीकाकरण के लिए इतनी तैयारियों के साथ खड़े देश क्या कहते हैं. PNCB

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आपने कौन सा वैक्सीन लिया है!

कोविड वैक्सीनेशन का काम देशभर में काफी तेज गति से चल रहा है. फर्स्ट डोज लेने के बाद लोगों को सेकेंड डोज समय पर लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. बिहार समेत पूरे देश में फिलहाल कोवैक्सीन और कोविशिल्ड, यही दो टीके दिए जा रहे हैं. कोवैक्सीन के लिए 30 से 45 दिनों के बीच दूसरा डोज जबकि कोविशिल्ड वैक्सीन के लिए 6 से 8 हफ्ते के बीच दूसरा डोज लेने की सिफारिश की जा रही थी. लेकिन अब केंद्र सरकार ने कोविशिल्ड की दूसरी डोज को लेकर एक बड़ा परिवर्तन किया है यह परिवर्तन हुआ है कोविशिल्ड को लेकर. अब कोविशिल्ड की दूसरी डोज 12 से 16 हफ्ते के बीच लेनी होगी. pncb

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सीखिए इनसे- ये वे हैं जो आपदा में अवसर नही ‘सेवा दे रहे हैं ‘

कोविड संक्रमितों व उनके परिजनो के साथ अन्य जरूरतमंदों तक रोजाना कर रहे हैं नि:शुल्क भोजन वितरण आरा, 2 मई. कोविड संक्रमण के दूसरे लहर में जहाँ देश में मरीजों की मौत का तांडव मचा हुआ है.ऐसे समय मे जहाँ आपदा को दलाली के माध्यम अवसर में बदल, हजारों-लाखों की लूट जिंदगी बचाने के नाम पर स्वास्थ्य से जुड़े अधिकांश लोग मरीजों को ऑक्सीजन, दवाईयां और एम्बुलेंस उपलब्ध करा कर रहे हैं. वैसे में बिहार के भोजपुर जैसे छोटे जिले के कुछ युवाओं ने इस संकट काल मे मरीजों और उनके परिजनों तक भोजन पहुंचाने का अनूठा काम शुरू किया है. भोजपुर मुख्यालय आरा में इस काम को अंजाम दे रहे हैं सकरात्मक ऊर्जा से भरे रोटी बैंक से जुड़े कई युवा. आरा रोटी बैंक टीम की तरफ से विगत 6 दिनो से सुबह नि:शुल्क भोजन पैकेट का वितरण किया जा रहा है. कोविड संक्रमण के इस परिस्थिति मे बहुत से लोग जैसे मरीज के परिजन खुद का भोजन नहीं पका पा रहे हैं. ऐसे लोगों व सबकी सुरक्षा को देखते हुए दो गज की दूरी और अन्य सुरक्षा मानको का ध्यान रखते हुए यह वितरण शिवगंज चौक के पास किया जा रहा है. आरा शहर मे इस नि:शुल्क सुविधा का लाभ कोई भी नागरिक ले सकता है. रोटी बैंक के वॉलेंटियर्स व्यक्तिगत, सामाजिक कार्यों से जुड़े और सोशल मीडिया के माध्यमों से अपनी इस मुहिम की जानकारी दे रहे हैं ताकि हर जरूरतमन्दों तक यह सुविधा दी जा सके. वे जिले और जिले के बाहर लोगों से भी इस

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ऑटो को ही बना डाला एम्बुलेंस जो देता है फ्री सेवा

पटना, 1 मई. भोपाल के एक युवक जावेद खान ने कोविड मरीजों के हेल्प के लिए एक अनोखा काम किया है. उसने अपने ऑटो रिक्शा को एंबुलेंस में बदल दिया है और फ्री में मरीजों को अस्पताल पहुंचा कर एक उम्मीद की रोशनी जगाता है. जहां कोरोनावायरस से लोग एक दूसरे की मदद के बजाय भागते नजर आ रहे हैं वैसे में जावेद द्वारा तैयार किया गया यह छोटा और अनोखा एंबुलेंस ना सिर्फ एक मिसाल है बल्कि उम्मीदों का एक किरण भी है. जावेद ने अपने ऑटो को एंबुलेंस बनाने के लिए सोशल मीडिया पर इस तरह की कुछ वीडियो देखने के बाद ठाना और फिर अपनी पत्नी के गहनों को बेचकर उसने मरीजो की मदद के लिए ऑटो को एंबुलेंस का रूप दे दिया. जावेद बताता है कि संकट दौर में एंबुलेंस की कमी को देखते हुए उसने मदद की मन में ठानी और एक छोटा प्रयास कर डाला. उसने एक गैस रिफिल सेंटर पर प्रयास कर ऑक्सीजन की जुगाड़ की और अपने ऑटो में उसे मरीजों के लिए लगा दिया. पिछले 15-20 दिनों से वह इस काम मे लगा हुआ है और अबतक 9 मरीजों की जान बचा चुका है. जावेद का नम्बर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक है ताकि जरूरतमन्दों को वह अस्पताल तक पहुँचा सके. साभार- ANI PNCB I

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शूटर दादी ने कहा अलविदा !

‌यूपी डेस्क,30 अप्रैल. कोरोना के कहर ने हर किसी को निशाने पर ले रखा है. कई नामचीन हस्तियों के साथ उत्‍तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली शूटर दादी’ के नाम से मशहूर निशानेबाज चंद्रो तोमर ने आज जिंदगी की आखरी साँस ली. वे 89 वर्ष की थीं. चंद्रो तोमर कुछ दिन पहले   कोरोना की चपेट में आ गई थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था. वे बागपत में अपने परिवार के साथ रहती थी. उनकी अस्वस्थता के बारे में जानने के बाद राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर उनके शीध्र ठीक होने की कामना की थी. ‌वे भारत की पहली महिला थीं जिन्होंने निशानेबाजी को उस उम्र में अपनाया जब लोग रिटायरमेंट ले लेते हैं. जी हाँ 60 साल से अधिक उम्र के बावजूद उन्होंने निशानेबाजी में हाथ आजमाया और कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीत एक जीत की प्रतीक बन गयीं. लोग प्यार से उन्हें शूटर दादी बुलाते थे. उन्हें भारत ही नही विश्व की सबसे उम्रदराज निशानेबाज के तौर पर जाना जाता है. उनकी मौत की खबर ने सबको निराश किया है. ‌ PNCB

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पब्लिक की आवाज बने सरदाना सदा के लिए हुए खामोश

गृह मंत्री ने गहरी संवेदना व्यक्त की जिंदगी की ताल ठोक अलविदा हुए रोहित सरदाना नई दिल्ली, 30 अप्रैल. 2018 में गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से नवाजे गए तथा ‘ताल ठोक के’ और ‘दंगल’ जैसे टीवी शो को जनता की जुबान पर लाने वाले मशहूर पत्रकार व न्यूज एंकर रोहित सरदाना का शुक्रवार को ह्रदय गति रुकने से निधन हो गया. वे आजतक न्यूज चैनल के एकंर थे. उन्होंने इसके पूर्व जी न्यूज में लंबे समय तक बतौर एंकर ही काम किया था. ताल ठोक के नाम से आने वाला प्रोग्राम लोगों के बीच काफी फेमस था और एक बेवाक एंकर के तौर पर वे हमेशा समकालीन मुद्दों को उठाया करते थे. रोहित सरदाना कोरोना वायरस से भी संक्रमित थे. हार्ट अटैक के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन होनी को शायद यही मंजूर था… जी न्यूज में लंबे समय तक उनके साथ काम करने वाले उनके सहयोगी मित्रों में एक वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी ने ट्वीट कर उनके निधन पर अपनी अभिव्यक्ति रोंगटे खड़े कर देने वाला लिखा. ट्वीट में उन्होंने लिखा  कि थोड़ी पहले जितेंद्र शर्मा का फोन आया जिसके बाद खबर सुनकर उनके हाथ काँपने लगे. यह खबर हमारे मित्र और सहयोगी रोहित सरदाना की मृत्यु की ख़बर थी. ये वायरस हमारे इतने क़रीब से किसी को उठा ले जाएगा ये कल्पना नहीं की थी. इसके लिए मैं तैयार नहीं था. यह भगवान की नाइंसाफ़ी है….ॐ शान्ति.’  उनके निधन की खबर पाते हीं न सिर्फ मीडिया जगत को साँप सूंघ गया बल्कि आम जनता की भी जैसे

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