बजट 2019 लाइव देखें, इस लिंक पर

पटना (ब्यूरो) | वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश की जा रही बजट 2019 का लोकसभा से लाइव देखिये यहां सौजन्य – लोकसभा टीवी

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बैंकिंग सेवाओं की देखरेख हेतु अलग निदेशालय व प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट – सुशील मोदी

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बुधवार 27 फरवरी को होटल चाणक्या, पटना में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 67वीं त्रैमासिक समीक्षा बैठक हुई. बैठक को सम्बोधित करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने केसीसी के तर्ज पर डेयरी, फिशरी और पॉल्ट्री प्रक्षेत्र को भी ससमय कर्ज वापस करने पर मात्र 4 प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का प्रावधान किया है. बिहार सरकार वित्त विभाग के अंतर्गत एक बैंकिंग निदेशालय का गठन कर रही है जो बिहार के बैंकिंग सेवाओं की आवश्यक देखरेख करेगा। सरकार तमाम योजनाओं की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभुकों के खाते में भेजती है, इसमें आने वाली कठिनाइयों एवं उसके समाधान हेतु वित्त विभाग के अंतर्गत एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना की गई है. मोदी ने कहा कि अभी तक किसान क्रेडिट कार्ड में 1 लाख रूपये तक के ऋण पर किसी भी प्रकार के गिरवी और बंधक की कोई आवश्यकता नहीं थी. अब भारत सरकार ने इसकी राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1 लाख 60 हजार कर दिया है. बैंको को निर्देश दिया कि राज्य के सुदूर टोलों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने हेतु रोड मैप तैयार करें. अब सरकार मूलभूत सुविधाएं मसलन बिजली, नल का पानी और पक्की नाली, गली तथा सड़क वहां पहुंचा दी है. अब गांव व टोले में रहने वालों के दरवाजे तक बैंक भी पहुंचना चाहिए. इसके लिए बैंक राज्य के सभी 1.8 लाख गांवों में चरणवार बिजनेस काॅरेसपोंडेंट नियुक्त करें. जीविका की दीदियों को भी बैंक मित्र बनाया जा सकता है. 1

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बिहार के आवास प्रक्षेत्र को जीएसटी की बड़ी राहत- सुशील मोदी

नई दिल्ली/पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | नई दिल्ली में जीएसटी कौंसिल की हुई 33 वीं बैठक में किफायती आवासों (Affordable Housing) पर जीएसटी की दर कम करने के बिहार के प्रस्ताव को स्वीकार कर किफायती आवास प्रक्षेत्र को बड़ी राहत दी गयी है. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इससे पटना जैसे शहरों के आवास प्रक्षेत्र जो पिछले कई वर्षों से जीएसटी की अधिक दर के कारण मंदी के दौर से गुजर रहे थे, उन्हें अब सीधा लाभ मिलेगा. अपने ऐतिहासिक निर्णय में जीएसटी कौंसिल ने किफायती आवासों के लिए टैक्स की दर बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के 8% से घटा कर 1% तथा गैर किफायती आवासों पर कर की दर 12% से घटा कर मात्र 5% कर दिया है.पटना जैसे शहरों में 90 वर्ग मीटर एरिया तक और 45 लाख कीमत वाले आवासों के साथ ऐसे गैर किफायती आवासीय परियोजनाओं को भी इसका लाभ मिलेगा जिसके 15% एरिया में व्यावसायिक निर्माण किया गया हो. यानी आवासीय परियोजनाओं को 15% तक व्यावसायिक निर्माण की छूट दी गयी है.जीएसटी कौंसिल के इस निर्णय से किफायती और गैर किफायती निर्माणाधीन फ्लैट की बिक्री का मार्ग अब प्रशस्त होगा तथा खरीददारों को भी बड़ी राहत मिलेगी.

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केन्द्रीय बजट सर्जिकल स्ट्राइक जैसा, विपक्ष की बोलती बंद

केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक जैसे 2019-20 के बजट से विपक्ष की बोलती बंद है. नरेन्द्र मोदी के सर्वस्पर्शी बजट में किसान, श्रमिक, असंगठित क्षेत्रों के मजदूर व मध्यम वर्ग का खास ख्याल रखा गया है जिसका सर्वाधिक लाभ बिहार जैसे राज्य को मिलेगा जहां 91 प्रतिशत लघु व सीमांत किसान हैं. सुशील मोदी ने कहा कि किसानों को सरकार उनके खाते में 6-6 हजार रुपया देगी जिसमें कोई राज्यांश नहीं है. इसका सबसे अधिक लाभ बिहार जैसे राज्य को मिलेगा जहां जोत का औसत आकार 0.84 हेक्टेयर है. इसी प्रकार पशुपालन व मत्स्य पालन के किसानों को केसीसी के तर्ज पर 4 प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाले कर्ज का लाभ भी बिहार को सर्वाधिक होगा. मत्स्य पालन के लिए केन्द्र में अलग विभाग के गठन की घोषणा भी स्वागतयोग्य है. आपदा की स्थिति में पहले किसानों के कर्ज पर पुनर्संरचना के एक साल के लिए 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलता था जिसे बढ़ा कर अब पूरे पुनर्संरचना की अवधि में 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान कर दिया गया है. मध्यम वर्ग के लोगों को आयकर की सीमा 2.5 लाख से बढ़ा कर 5 लाख करने से बड़ी राहत मिली है. इसके अलावा स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 से बढ़ा कर 50 हजार करने से नौकरी पेशा और बैंक तथा पोस्टऑफिस में जमा राशि पर मिलने वाले 40 हजार तक के ब्याज को टीडीएस से मुक्त करने तथा रेंट से प्राप्त आय पर टीडीएस की सीमा को 1.80 लाख से बढ़ा कर

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बच्चों को मिली उद्योग औऱ उद्यम के बारे में जानकारी

बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन ने स्कूल स्तर पर शिक्षाग्रहण कर रहे छात्रों के चिन्तन में उद्योग तथा उद्यमिता के सम्बन्ध में जानकारी देने के उद्देश्य से स्कूल स्तर के बच्चों के बीच एक निबंध प्रतियोगिता-सह- oration कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों से बच्चों से “Employment Generation through Building of Enterprise”  विषय पर निबंध लिखवाकर तथा तीन सबसे अच्छे निबंध को एसोसिएशन में भेजने का अनुरोध किया गया. इस प्रयास में 36 विद्यालयों ने बच्चों द्वारा लिखे गये निबंध को प्रेषित किया. प्राप्त सभी निबंधों एक Panel of Judges के समक्ष रखा गया, जिन्होंने सभी निबंध को scrutiny किया. पहले चरण में दिनांक 29-9-2018 को वैसे बच्चों के निबंध पर अपना oration present करने के लिए बुलाया गया जिनका निबंध तुलनात्मक रूप में सामान्य दर्जे का था. शनिवार को final round का Oration आयोजित किया गया जिसमें 31 स्कूल के कुल 73 बच्चों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें से 62 बच्चों ने oration programme में भाग लिया. प्रत्येक बच्चे को 3 मिनट के निर्धारित समय में दिये गये विषय पर अपने विचार को jury member के सामने रखने का समय दिया गया. Jury member के रूप में आर्यभट्ट नॉलेज युनिभरसिटी के प्रति कुलपति प्रो. सैयद मोहम्मद करीम, पटना दूरदर्शन केन्द्र की Programme Head डॉ रत्ना पुरकायस्थ, प्रशासनिक सेवा के एक वरीय सेवा निवृत प्रशासक ए. एम. प्रसाद थे. दिनांक 29-9-2018 को आयोजित ओरेशन में से 6 बच्चों के निबंध एवं उनके द्वारा दिये गये ओरेशन के आधार पर फाइनल राउण्ड के ओरेशन में एक बार पुनः उन्हें आज के

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बिहार के उद्यमियों की मांगों पर विचार करे जीएसटी काउंसिल

जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 4 अगस्त को होने वाली है. इसे लेकर बिहार इंटस्ट्रीज एसोसिएशन ने अपनी कुछ महत्वपूर्ण मांगें काउंसिल के सामने रखी हैं. बीआईए के सचिव अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि जीएसटी काउंसिल के समक्ष ज्ञापन सौंपा गया है. प्रमुख मांगें- (1) विलम्ब -शुल्क में छूट :- एसोसिएशन का मानना है कि जीएसटी कर व्यवस्था देश में सबों के लिए एक नई कर व्यवस्था है। जिसके प्रावधानों तथा प्रक्रिया से अभी तक बड़ी संख्या में करदाता वाकिफ नहीं है जिसके कारण वे सही समय पर रिटर्न आदि दाखील नहीं कर पा रहे हैं. कानून के प्रावधान के अनुसार उनपर विलम्ब -शुल्क आरोपित किया गया है. एसोसिएशन ने जीएसटी काउंसिल से यह अनुरोध किया है कि जून 2018 तक भरे जाने वाले त्रैमासिक टैक्स तथा रिटर्न टैक्स यदि नहीं जमा किया है तो उसपर लगाये गये विलम्ब शुल्क को एक बार माफ किया जाय. (2) कर भुगतान तथा विलम्ब के कारण लगने वाला सूद-  वर्तमान जीएसटी कानून के प्रावधान के अंतर्गत यदि कोई टैक्स का भुगतान करता है लेकिन उस टैक्स का मिनहा अपने टैक्स देनदारी से नहीं करता तो उसको विलम्ब के रूप में देखा जाता है तथा उसपर सूद आरोपित किया जाता है. जबकि टैक्स देनदारी से होने वाली मिनहा की गणना भरे जाने वाले रिटर्न के उपरान्त ही हो सकती है. ऐसी परिस्थिति में टैक्स जमा करने वाले पर विलम्ब के रूप में सूद की मांग उचित नहीं है। एसोसिएशन का मानना है कि सूद की गणना का आधार जिस दिन पंजीकृत करदाता ने टैक्स का भुगतान किया हो वह होना चाहिए न कि जिस

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ईडी ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) |अरबों का माल हड़प कर चैन की बंसी बजा रहे विजय माल्या पर नकेल कसनी शुरू हो गई है.  भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर नकेल डालने के लिए हाल में बने नए कानून(PMLA) के तहत सरकार ने पहला कदम शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ उठाया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने माल्या को इस कानून के तहत भगोड़ा अपराधी घोषित करने और उसकी 12,500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने के लिए मु्बई में अदालत का दरवाजा खटखटाया है. एक अध्यादेश के जरिए लागू इस नए कानून के तहत सरकार को कर्ज नहीं चुकाने वाले भगोड़ों की सभी संपत्ति जब्त करने का अधिकार है. इसमें भारतीय एजेंसियों से बच कर विदेश में रह रहे इस शराब कारोबारी और उसकी कंपनियों की करीब 12,500 करोड़ रुपये की संपत्ति को तुरंत जब्त करने की अनुमति मांगी गई है. इसमें चल-अचल दोनों तरह की सम्पत्ति शामिल है. प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत पहले दायर किए गए दो आरोप पत्रों में प्रस्तुत किए साक्ष्यों के आधार पर माल्या को भगोड़ा अपराधी घोषित करने की अदालत से मांग की है. माल्या ने मनी लांडरिंग (धनशोधन) निवारण कानून के तहत अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को लंदन की अदालत में चुनौती दी है. भारत माल्या को वापस लाने का कानूनी प्रयास कर रहा है. सरकार चाहती है कि विभिन्न बैंकों का 9,000 करोड़ से अधिक का कर्ज लेकर फरार हुए माल्या को भारत ला कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. पीएमएलए के तहत कानून की मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार,

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तो इसलिए टल गया एयर इंडिया का विनिवेश!

नई दिल्ली/पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) । केन्द्र सरकार ने घाटे में चल रही एयर इंडिया में विनिवेश का फैसला फिलहाल टाल दिया है. जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया कंपनी पर 520 अरब रुपये का कर्ज है जिसमें से करीब 160 अरब रुपये विमानों के लिए लिया गया लोन है. यह लोन एक्जिम बैंक, विदेशी संस्थानों आदि के जरिये जुटाया गया है. विमानों के लिए लिया लोन सॉवरेन बॉन्डों के जरिये लिया गया है और इसमें सरकार की गारंटी है. इसी तरह कार्यशील पूंजी भारतीय स्टेट बैंक की अगुआई वाले 25 बैंकों के कंसोर्टियम से ली गई है. एयर इंडिया की बिक्री स्थगित होने से सरकार को फिर से कंपनी में इक्विटी डालनी होगी ताकि उसका कामकाज चलता रहे. कंपनी को सालाना 40 अरब रुपये ब्याज चुकाना पड़ रहा है. अधिकारियों का कहना है कि कंपनी में तुरंत 30 अरब रुपये डालने की जरूरत है. एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘सरकार को सालाना ब्याज भुगतान के लिए रकम मुहैया कराने के लिए पूंजी निवेश पुन: शुरू करने की जरूरत होगी. इसके लिए हमें दैनिक परिचालन के लिए लगभग 10 अरब रुपये की जरूरत होगी.’ विश्वस्त सूत्रों की मानें तो, सरकार ने आगामी आम चुनावों को देखते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया के विनिवेश को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है. सरकार अब एयर इंडिया के कर्ज बोझ को कम करने का प्रयास करेगी और कर्ज के एक हिस्से को अलग इकाई में डाला जा सकता है. जानकार सूत्रों ने बताया कि बीती रात मंत्रियों के एक समूह

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सूचना दीजिए और जीतिए करोड़ों का इनाम

आयकर विभाग ने लॉंच की नई बेनामी लेनदेन मुखबिर पुरस्कार योजना, 2018  देश में बेनामी संपत्ति रखने वाले और काली कमाई के किंग बने लोगों के लिए बुरी खबर है. आयकर विभाग ने ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए बेनामी लेनदेन मुखबिर योजना शुरू की है. इसके तहत एक करोड़ तक के इनाम की घोषणा की गई है. वहीं विदेश में काला धन रखने वालों की जानकारी देने वालों को 5 करोड़ तक की राशि इनाम में मिल सकती है. अनेक मामलों में यह पाया गया है कि दूसरों के नामों से संपत्तियों में काले धन का निवेश किया जा रहा है यद्यपि इसका लाभ निवेशक द्वारा अपने आयकर रिटर्न में लाभकारी स्वामित्व को छुपा कर लिया जा रहा है. सरकार ने इससे पहले बेनामी संपत्ति लेनदेन अधिनियम, 1988 में बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम, 2016 के माध्यम से संशोधन किया था ताकि कानून को और मजबूत बनाया जा सके. काले धन का पता लगाने और कर चोरी में कमी लाने के आयकर विभाग के प्रयासों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयकर विभाग द्वारा ‘बेनामी लेनदेन मुखबिर पुरस्कार योजना 2018’ शीर्षक से नई पुरस्कार योजना जारी की है. इस योजना का उद्देश्य छिपे हुए निवेशकों और लाभकारी स्वामियों द्वारा किए गए बेनामी लेनदेन तथा संपत्तियों तथा ऐसी संपत्तियों पर अर्जित आय के बारे में सूचना देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना है. ‘बेनामी लेनदेन मुखबिर पुरस्कार योजना, 2018’ के अंतर्गत बेनामी लेनदेन तथा संपत्तियां तथा ऐसी संपत्तियों से हुई प्राप्तियों जो बेनामीलेनदेन (निषेध)  संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा संशोधित

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बिहार में क्यों 50 फीसदी से भी कम है सीडी रेशियो!

राज्य स्तरीय बैंकिंग समिति की बैठक में सीएम नीतीश कुमार ने बैंकों को जमकर फटकार लगाई है. सीएम ने साफ कहा कि आप बिहार के लोगों से पैसे जमा कराते हैं और उसी पैसे को साउथ और वेस्ट के राज्यों में जाकर बड़े-बड़े लोगों को लोन दे देते हैं. लेकिन बिहार के लोगों को लोन देने में आनाकानी करते हैं. बैंकों से लोन लेकर कई लोगों ने हजारों करोड़ का चूना लगा दिया लेकिन बिहार के लोग लाख-दो लाख का लोन मांगते हैं तो आप बहाने बनाते हैं. बिहार में क्रेडिट-डिपोजिट रेशियो 50% से भी कम रहने पर सीेएम ने नाराजगी जताई और कहा कि बिहार के लोग बैंकों पर इतना भरोसा करते हैं कि अपनी सारी जमा पूंजी बैंकों में ही जमा करते हैं, फिर आप लोन देने में क्यों उन्हें परेशान करते हैं. सरकारी योजनाओं का लाभ भी लाभुकों के खाते में समय पर नहीं पहुंचने की शिकायत भी मिल रही है जिसे बैंकों को गंभीरता से देखना चाहिए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को पटना में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा आयोजित 64वीं त्रैमासिक समीक्षा बैठक में बोल रहे थे. इस मौके पर एसबीआई के महाप्रबंधक ने बैंकों से संबंधित समस्या बताई, राज्य सरकार की तरफ से वित्त मंत्री एवं विभाग के प्रधान सचिव ने बैंकों से संबंधित पक्ष रखा. वहीं रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक ने आंकड़े के मिलान में गड़बड़ी के बारे में जिक्र किया और भी बैंकों से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में बैंकों की सेवा महत्वपूर्ण होती जा रही

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