आ गया है पटना डीएम का आदेश, कब खुलेगी कौन सी दुकान

हफ्ते के अलग-अलग दिन खुलेंगी अलग-अलग दुकानें 31 मई तक जारी लॉकडाउन के बीच दुकानों को खोलने का पूरा प्रारूप पटना के डीएम कुमार रवि ने तय कर दिया है. दुकानों को अलग—अलग 6 श्रेणियों में पटना के जिला प्रशासन की तरफ से बांटा गया है. अगले आदेश तक इसी नए प्रारूप के हिसाब से पटना की दुकानें खुलेगी. सबसे बड़ी बात यह है कि सभी श्रेणियों की दुकान शाम के 6 बजे तक ही खोली जाएगी. जिला प्रशासन की तरफ से दुकान खोलने के लिए शर्तें भी रखी गई है. डीएम ने कहा कि लोगों के लिए अनिवार्य किया गया है कि कि वह अपने घर के निकट स्थित दुकानों से ही खरीदारी करेंगे. श्रेणी एक प्रतिदिन खुलनेवाले दुकान /प्रतिष्ठानों की सूची- किराना दुकान डेयरी /मिल्क बूथ मेडिकल /दवा की दुकान ई-कॉमर्स सेवा फल सब्जी मंडी पशु चारा की दुकान ऑटोमोबाइल वर्कशॉप/ गैरेज एवं सर्विसिंग सेंटर सभी अस्पताल होम डिलीवरी सेवा ( रेस्टोरेंट आदि से) अनाज मंडी कृषि कार्य से जुड़े सभी प्रतिष्ठान मीट एवं मछली की दुकान अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाएं श्रेणी दो सोमवार ,बुधवार ,शुक्रवार को खुलने वाले दुकानों /प्रतिष्ठानों की सूची- 1/इलेक्ट्रिकल गुड्स, पंखा ,कुलर, एयर कंडीशनर (विक्रय एवं मरम्मत) 2/इलेक्ट्रॉनिक गुड्स -यथा मोबाइल, लैपटॉप ,कंप्यूटर, यूपीएस एवं बैटरी (विक्रय एवं मरम्मत) 3/ऑटोमोबाइल्स, टायर एवं ट्यूब्स,Lubricant (मोटर वाहन /मोटरसाइकिल/ स्कूटर मरम्मत सहित). 4/निर्माण सामग्री के भंडारण एवं बिक्री से संबंधित प्रतिष्ठान यथा सीमेंट, स्टील, बालू स्टोन, मिट्टी, सीमेंट ब्लॉक ,ईंट, प्लास्टिक पाइप ,हार्डवेयर ,सैनिटरी फिटिंग, लोहा ,पेंट ,शटरिंग सामग्री. 5/ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स की दुकानें 6/हाई सिक्योरिटी

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लॉकडाउन 4.0 तय, 20 लाख करोड़ के पैकेज का एलान

पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश को संबोधित करते हुए लॉकडाउन 4.0 की घोषणा करते हुए कोरोना से बचते हुए आगे बढ़ने की बात कही है. पीएम ने लॉकडाउन 4.0 का ऐलान करते हुए कहा कि नये नियमों के बारे में 18मई के पहले घोषणा की जाएगी. चौथे लॉकडाउन के लिए नए नियम जारी होंगे. पीएम के संबोधन के बाद ये तय हो गया है कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ेगी. पीएम ने कहा कि कोरोना संकट ने भारत को अवसर में बदल दिया है. पीएम ने कोरोना संकट के जुझने और भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मध्यमवर्ग, श्रमिकों, उद्योग कृषकों के लिए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की.पीएम ने कोरोना संकट का जिक्र करते हुए कहा कि श्रमिकों, मजदूरों ने बहुत कष्ट झेला है. आर्थिक पैकेज में इनके लिए व्यवस्था की गई है. सुनिए क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी पीएम ने महात्मा गांधी के कुटीर उद्योग के दर्शन पर आगे बढ़ते हुए कोरोना काल में लोकल सामान, लोकल सप्लाई चेन का जिक्र करते हुए लोकल का उपयोग करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि लोकल ही एक दिन ब्रांडेड बनता है. उन्होंने कहा कि कोरोना के दंश को हम भारतवासी संभावना में बदल कर विश्व शक्ति बनेंगे. सिवान से हीरेश

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पटना के ये मार्केट फिलहाल नहीं खुलेंगे

भीड़भाड़ वाले इन मार्केट कांप्लेक्स को खोलने पर रोक पटना में बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए डीएम कुमार रवि ने अपने पहले के आदेश में संशोधन किया है और एक नया आदेश जारी किया है. इस आदेश के अनुसार, कंटेनमेंट जोन के निकट होने अथवा भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में होने के कारण निम्न थाना क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले दुकानेंं नहीं खुलेगीं- बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में हरिहर चैंबर कोतवाली थाना अंतर्गत चांदनी मार्केट और मौर्या कंपलेक्स पाटलिपुत्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत गोसाईंटोला रोड मार्केट शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत राजा बाजार मार्केट हवाई अड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत शेखपुरा बाजार,राजा बाजार, खाजपुरा बाजार और जगदेव पथ बाजार श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत वर्मा सेंटर मार्केट गर्दनीबाग थाना क्षेत्र अंतर्गत चितकोहरा मार्केट कदमकुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत चूड़ी मार्केट पीरबहोर थाना क्षेत्र अंतर्गत हथुआ मार्केट,खेतान मार्केट और बाकरगंज मार्केट परसा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत कुरथौल बाजार, परसा, इतवारपुर बाजार इनके अलावा सूत्रों के अनुसार महाराजा कॉम्प्लेक्स और हरनिवास कॉम्प्लेक्स को भी खोलने पर रोक लग सकती है. जिलाधिकारी कुमार रवि ने से इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी / थानाध्यक्ष को दिया है. आपको बता दें कि शुक्रवार से पटना में निजी दफ्तर खुलने वाले हैं। उनके साथ रिपेयरिंग और मरम्मत की कई दुकानें भी खुलेंगी. जिनमें प्रमुख रूप से मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर, हार्डवेयर,ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक शॉप प्रमुख हैंं. डीएम के आदेश के मुताबिक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को निजी दफ्तर और ये दुकानें खुलेंगी. हालांकि ऑटो गैरेज अब प्रतिदिन खुलेंगे. राजेश तिवारी

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पटना में ये तीन दिन ही खुलेंगे निजी ऑफिस और चुनिंदा दुकान

कंटेनमेंट जोन में कोई रिलीफ नहीं बिहार के गृह विभाग द्वारा निर्गत आदेश के बाद लोगों को इस बात का बेसब्री से इंतजार था कि रेड जोन में जिलाधिकारी दुकानों को खोलने के बारे में क्या फैसला करते हैं. पटना भी रेड जोन में शामिल है. बिहार सरकार के आदेश के बाद पटना डीएम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कौन सी दुकान खुलेगी और कौन से दफ्तर खुलेंगे और कब कब खुलेंगे. पटना जिलाधिकारी कुमार रवि ने लॉकडाउन की अवधि में निम्न बिंदुओं पर निर्णय लेते हुए कार्यान्वयन का निर्देश दिया है–गृह विभाग के पत्रांक 303 दिनांक 6/5/2020 में कंडिका (i) से (vii) में अंकित दुकानें मात्र सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को ही खुलेगी.-शॉपिंग कंपलेक्स ,मार्केट कंपलेक्स और शॉपिंग मॉल में अवस्थित कोई भी दुकान नहीं खुलेगी.-सोशल डिस्टेंस का अनुपालन दुकानदार द्वारा किया जाना आवश्यक होगा. दुकान के आगे वृत्त आकार में ‘दो गज की दूरी’ पर निशान लगाया जाएगा.-सोशल डिस्टेंस का अनुपालन सुनिश्चित नहीं करने पर दुकानदार के विरुद्ध कार्यवाई करते हुए दुकान को तुरत बंद करने की कार्रवाई की जाएगी.-दुकान के लोगों का तथा ग्राहक का मास्क लगाना अनिवार्य होगा.-पटना के 14 कंटेनमेंट जोन में इन दुकानों के खुलने की अनुमति नहीं होगी.-अब प्राइवट ऑफिस 33% उपस्थिति के साथ सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को चलेंंगेे. कौन-कौन सी दुकानें खुलेगी तो विशेष रूप से जानना जरूरी है. यहां क्लिक करें और जानें किन किन दुकानों के लिए बिहार सरकार ने दी है हरी झंडी https://bit.ly/2YLAuEy यहां यह बता देना आवश्यक है कि ना तो कोई होटल ना

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अब 31 जुलाई तक वर्क फ्रॉम होम

केन्द्रीय इलेक्ट्राॅनिक, सूचना-प्राद्यौगिकी व संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद के साथ देश भर के आईटी मंत्रियों की हुई वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री सह आईटी मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कोरोना संक्रमितों व क्वरेंटाइन किए गए लोगों की कलाई पर आरोग्यसेतु आधारित बैंड (Aarogya Embedded Wrist Band) लगाने का सुझाव दिया ताकि उनके शरीर के तापमान, बीमारी के लक्षण व मूवमेंट की ट्रैकिंग व माॅनिटरिंग की जा सके. उनकी मांग पर केन्द्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि शीघ्र ही आरोग्य सेतु एप स्मार्ट फोन के साथ फीचर फोन पर भी डाउनलोड किया जा सकेगा. मोदी ने बताया कि बिहार में अब तक 38 लाख लोगों ने आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड किया है जिनमें पटना में सर्वाधिक 5.62 लाख व मुजफ्फरपुर में 1.81 लाख लोग शामिल हैं. प्रवासी बिहारियों को 1-1 हजार की मदद हेतु मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के कार्यान्वयन के लिए जारी लिंक जिसकी पूरे देश में सराहना हो रही है. इस प्रक्रिया को झारखंड व यूपी के साथ साझा किया गया है. जियो फेंसिंग तकनीक पर आधारित इस लिंक को बिहार व नेपाल में रहने वाला कोई व्यक्ति क्लिक नहीं कर पायेगा. इसमें आधार व बैंक खाता बिहार का होना चाहिए तथा इसकी सेल्फी भी जियो टैंगिंग हैं जिसका जिलों में पदाधिकारी आधार के फोटो से मिलान करते हैं. लाॅकडाउन के दौरान 57 जेलों में बंद कैदियों से उनके 1836 परिजनों को ई-मुलाकात एप के जरिए विडियो कान्फ्रेंसिंग कराई गई है. इसके साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों के बंद होने के बावजूद ‘आंगनबाड़ी पोर्टल’ के जरिए आधार

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प्राइवेट स्कूलों ने सरकार से मांगा 2 महीने के वेतन के बराबर ओवरड्राफ्ट

एसोसिएशन ऑफ़ इंडिपेंडेंट स्कूल्स की मांग प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के वेतन के लिए बैंकों से ओवरड्रॉफ्ट दिलाए सरकार एसोसिएशन ऑफ़ इंडिपेंडेंट स्कूल्स के अध्यक्ष डॉ सी बी सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे प्राइवेट स्कूलों के खाताधारी बैंकों को दो माह के वेतन के बराबर ब्याजरहित ओवरड्राफ्ट देने का निर्देश दें. डॉ सी बी सिंह ने बताया कि लगभग सभी विद्यालयों ने फ़ी की आवक कम होने के बावज़ूद मार्च का वेतन तो येन केन प्रकारेण दे दिया है, लेकिन उनके समक्ष अप्रैल का वेतन देने की विकट समस्या कुछ ही दिनों में आने वाली है. शुल्क आने की गति अत्यन्त धीमी है और यह लगभग असम्भव ही दिखता है कि अप्रैल के वेतन के बराबर किसी एक भी स्कूल में फ़ी एकत्र हो सके. उन्होंने कहा कि अनेक कार्यालय खुल चुके हैं, किन्तु प्राइवेट स्कूलों के कार्यालयों के खुलने की अनुमति अभी प्राप्त नहीं है. जिसके कारण दूर-दराज के विद्यालयों में स्थिति अत्यधिक दयनीय हो चुकी है. हालांकि सरकार के द्वारा मात्र शिक्षण शुल्क लेने की अनुमति दी गई है किन्तु कुल एक चौथाई अभिभावक भी फ़ी देने के लिए प्रस्तुत नहीं हो रहे हैं. डॉ सीबी सिंह ने कहा कि अनेक विद्यालयों ने अपने बैंकों से ओवरड्राफ्ट देने की बात की है, किन्तु बैंकों ने लगभग मना कर दिया है. ऐसी स्थिति में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसी सत्र के दौरान दिसम्बर के पूर्व सभी विद्यालय पाई-पाई चुका देंगे. एसोसिएशन के महामंत्री डॉ राजीव रंजन

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बिना ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के नहीं जा सकते रजिस्ट्री ऑफिस

20 अप्रैल से निबंधन कार्यालयों में दस्तावेज निबंधन की प्रक्रिया प्रारंभ करने हेतु सरकार द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं जिसका अनुपालन किया जाना है-सरकारी कार्य के सुचारू संपादन हेतु निबंधन पदाधिकारी नियमित तौर पर प्रतिदिन कार्यालय आएंगे. समूह ग एवं उससे निम्न समूह के कर्मियों एवं संविदा कर्मियों में से अधिकतम 33% कर्मचारी प्रतिदिन कार्यालय आएंगे.कार्यालय में पदस्थापित कार्यपालक सहायक/ डाटा एंट्री ऑपरेटर/ संविदा नियोजित कर्मियों /कार्यालय परिचारी के संबंध में संबंधित कार्यालय प्रधान द्वारा आंतरिक व्यवस्था के तहत रोस्टर का निर्माण किया जाएगा. किसी भी दस्तावेज के निबंधन कराने हेतु पक्षकार को निबंधन विभाग के वेबसाइट www.biharregd.gov.in या www.bhumijankari.gov.in पर जाकर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना आवश्यक है.अपॉइंटमेंट की तिथि को पूर्ण रूप से तैयार द kiस्तावेज मुद्रांक निबंधन एवं अन्य शुल्क चुकाए जाने का प्रमाण सहित निश्चित समय पर कार्यालय में उपर स्थापित किया जाना आवश्यक है. “दस्तावेजों में सभी पक्षकारों द्वारा हस्ताक्षरित घोषणा पत्र संलग्न करना अनिवार्य किया जा सकता है कि दस्तावेज में कोई ऐसा तथ्य छुपाया नहीं गया है जिससे सरकारी राजस्व की हानि हुई है और बाद में जांच उपरांत राजस्व चोरी पाए जाने पर पक्षकार पर कानूनी कार्रवाई के लिए सरकार स्वतंत्र होगी.वर्तमान परिस्थिति में दस्तावेजों के निबंधन हेतु देय राशि ई चालान एवं ईस्टांप के माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा.प्रत्येक कार्य दिवस में निबंधन कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए संबंधित तिथि के लिए आवंटित दस्तावेजों से संबंधित पक्षकार एवं अन्य व्यक्तियों के प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. किसी दस्तावेज से संबंधित क्रेता, विक्रेता, पहचान

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ESIC ने ESI अंशदान जमा करने की समय-सीमा को आगे बढ़ाया

कोविड-19 महामारी के कारण देश बहुत चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपट रहा है. कई संस्थान अस्थायी रूप से बंद हो चुके हैं और श्रमिक काम करने में असमर्थ हैं. सरकार द्वारा व्यवसायिक संस्थाओं और श्रमिकों को प्रदान की जा रही राहत उपायों के अनुरूप, कोविड-19 से लड़ाई में अपने चिकित्सा संसाधनों को मजबूत करने के अलावा, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) द्वारा अपने हितधारकों, विशेषकर नियोक्ताओं और बीमित व्यक्तियों के लिए राहत उपायों को लागू किया जा रहा है. राहत उपाय के रूप में फरवरी और मार्च महीने के लिए, ईएसआई अंशदान जमा करने की समय-सीमा को पहले 15 अप्रैल और 15 मई तक बढ़ा दी गई थी. अब, नियोक्ताओं द्वारा उठाई जा रही कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए, फरवरी महीने के लिए ESI अंशदान जमा करने की अवधि को पहले विस्तारित की गई अवधि यानी 15 अप्रैल से 15 मई, 2020 तक बढ़ा दिया गया है. मार्च 2020 महीने के लिए भी अंशदान जमा करने की अवधि 15 मई, 2020 है. इस विस्तारित अवधि के दौरान संस्थानों से कोई जुर्माना या ब्याज या क्षति नहीं वसूली जाएगी. रिटर्न जमा करने की अवधि बढ़ाने के साथ ही, 3.49 करोड़ बीमित व्यक्तियों (आईपी) और 12,11,174 नियोक्ताओं को राहत मिलेगी. इनके अलावा, बीमित व्यक्तियों और लाभार्थियों के लिए निम्नलिखित राहत उपाय किए गए हैं. लॉकडाउन अवधि के दौरान ESI लाभार्थियों की कठिनाई को कम करने के लिए, ESI लाभार्थियों को निजी दवा विक्रेताओं से दवाओं की खरीद करने और इसके बाद ESIC द्वारा प्रतिपूर्ति प्राप्त करने अनुमति प्रदान की गई है. अगर किसी ESIC अस्पताल को कोरोना संदिग्ध/ पुष्ट मामलों को देखने

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स्कूल की मनमानी से आप भी हैं परेशान, तो यहां करें शिकायत

कोरोना संकट के दौरान भी मनमानी से बाज नहीं आ रहे निजी स्कूल एक तो कोरोना ने तहलका मचाया हुआ है. बिहार समेत पूरी दुनिया में तबाही मची है. किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या होगा. इस भयावह स्थिति में भी निजी स्कूलों की मनमानी नहीं कम हो रही. सरकार की चेतावनी के बावजूद कई स्कूलों ने अभिभावकों पर स्कूल फी जमा करवाने का दबाव तो बनाया ही है. स्कूल फी में मनमानी वृद्धि भी कर दी है. कई अभिभावकों ने पटना नाउ को मैसेज भेज कर इसकी जानकारी दी है. मनमानी करने में पटना के ज्यादातर बड़े स्कूल शामिल हैं. इसे लेकर हमने पटना के प्रमंडलीय आयुक्त से बात की. उन्होंने कहा कि 7% से अधिक की वार्षिक शुल्क वृद्धि करने वाले निजी विद्यालयों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है. आयुक्त संजय अग्रवाल ने निजी विद्यालयों द्वारा शिक्षण शुल्क जमा करने हेतु अभिभावकों को दबाव नहीं देने का निर्देश भी दिया. दरअसल ईमेल के माध्यम से अभिभावकों के द्वारा शिकायत प्राप्त हो रही है कि निजी विद्यालयों के द्वारा शिक्षण शुल्क एवं परिवहन शुल्क जमा करने हेतु दबाव बनाया जा रहा है. निजी विद्यालयों के द्वारा अभिभावकों को शिक्षण शुल्क जमा करने हेतु उन्हें उनके मोबाइल पर सूचना भेजी जा रही है. कोरोना संकट के कारण सरकार के आदेशानुसार संपूर्ण प्रदेश में पूर्ण रूप से लॉक डाउन है और सभी विद्यालय अगले आदेश तक बंद हैं ऐसी स्थिति में विद्यालयों के द्वारा शिक्षण शुल्क जमा करने हेतु अभिभावकों को दबाव नहीं दिया जाए.

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केन्द्र की राह चले नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी केंद्र की राह पर चलते नजर आ रहे हैं. बुधवार को बिहार कैबिनेट की बैठक में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री समेत तमाम विधायकों और विधान पार्षदों के वेतन में 15 फ़ीसदी कटौती की घोषणा की है. बिहार कैबिनेट ने एक साल के लिए मंत्री और विधायकों के वेतन में कटौती का फैसला लिया. इसके तहत एक साल तक बिहार के सभी विधायकों और मंत्रियों के वेतन में 15 फीसदी की कटौती की जाएगी. पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में सरकार ने कुल 29 फैसले लिए. बिहार के मंत्रियों व विधायकों के वेतन को कोरोना उन्‍मूलन कोष में दिया जाएगा. बता दें कि बिहार में नीतीश सरकार ने कोरोना उन्‍मूलन कोष का गठन किया गया है. इसमें सांसदों, विधायकों व विधान पार्षदों से 50-50 लाख देने का अनुरोध किया गया था. बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट से मुहर लगवा कर सभी सांसदों के वेतन में 1 साल के लिए 30 फ़ीसदी की कटौती कर दी थी.

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