पर्यावरण के लिए पेंटिंग के जरिये बच्चों ने दिखाई अपनी संवेदना,15 छात्रों की पेंटिंग चयनित

आरा. विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मझौवा स्थित सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण पर ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. चित्रों की इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में सैकड़ो छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. इस प्रतियोगिता में व्हाट्सएप के जरिये मिले सैकड़ो चित्रों में से 15 चित्रों को चयनित किया गया है. चुने हुए छात्रों को स्कूल खोलने के बाद पुरस्कृत किया जाएगा.वे छात्र जिनकी कलाकृतियां चयनित हुई:-1) आलोक अतुल्य -VII2) अस्मिता सिंह- VIII3) संजना कुमारी- VIII4) मानसी वर्मा -X5) श्रील – UKG6) धीरज कुमार – X7) माही सिंह -X8) शुभम कुमार -X9) अस्मिता आर्यन -III10) अर्णव अपूर्व – III11) प्रांजली प्रज्ञा – VIII12) अवनीश कश्यप- VII13) राजीव रंजन सिंह -VIII14) जया सिंह -IV इस प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय के कला शिक्षक संजीव सिंहा और विष्णु शंकर के दिशा निर्देश में किया गया था. विद्यालय की प्राचार्या डॉ अर्चना सिंह बच्चों के पर्यावरण के प्रति इस तरह की जागरूकता को देखकर सन्तोष व्यक्त किया और कहा कि पर्यावरण के लिए पेंटिंग के जरिये अपनी प्रतिभा को दिखाने वाले सभी छात्रों को लॉक डाउन के बाद पुरस्कृत किया जाएगा. साथ ही उन सबकी कलाकृतियों की एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. सभी बता दें कि संभावना स्कूल हमेशा से पर्यावरण के लिए तत्पर रहा है. समय समय पर वृक्षारोपण से लेकर जागरूकता तक चलाई जाती है साथ ही क्रिएटिव तरीके से पर्यावरण के बचाव के लिए बच्चों का आइडिया शेयर भी किया जाता है. बच्चों से मिले अच्छे फीडबैक पर खुश हो विद्यालय के प्रबंध निदेशक कुमार द्विजेन्द्र ने कहा कि

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20 साल बाद मिले स्कूली दोस्त तो बनाई ये फ़िल्म

20 साल बाद स्कूल मित्रो के संग मिलकर बनाया वीडियो,कोरोना से बचने का दिखाया उपाय आरा,11 मई. जहाँ पूरा देश कोरोना जैसे महामारी से गुजर रहा वही दिल्ली में रह रहे पटना के बिहटा के अमहरा निवासी सोनू कुमार उर्फ कुणाल ने अपने स्कूल -कॉलेज के मित्रो के संग मिल कर कोरोना जैसे महामारी से बचाव का एक वीडियो बनाया हैं जिसमे दिखाया कि कैसे गरीबो को मदद किया जा सकता हैं. कैसे इस महामारी में बचाव किया जा सकता. सोनू कुमार उर्फ कुणाल से पूछने पर उन्होंने बताया कि हम सभी स्कूल के मित्र 20 साल बाद जो बिहार के अनेक जिलों के रहने वाले हैं. सभी ने मिल कर इस लॉकडाउन में सोचा की देश आज इस महामारी से गुजर रहा हैं इससे से बचने के लिए एक वीडियो बनाया जाए सबने हामी भरा तो हम सभी ने मिल कर एक वीडियो बना डाला जो आज के समय के लिए कारगर हैं. वीडियो के माध्यम से कुणाल ने सोचा कि क्यों न देशवासियों को एक सूचना दिया जाए कि कोरोना जैसे महामारी के कारण आज हमारे देश भारत की अर्थव्यवस्था में काफी गिरावट आई है. जिसका वजह हैं लॉकडाउन. आज के समय मे भी सरकार लगातार सभी देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी से घर के लक्ष्मण रेखा को नही पार करने को अपील की थी, लेकिन जनता को कुछ और ही मंजूर हैं. कुणाल यह भी बताते हैं कि समय रहते हुए सरकार ने सही कदम को चुना नही तो आज अमेरिका और

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दुखद: नहीं रहे पटना के अनिल अजिताभ

हिंदी और भोजपुरी फिल्म के सुप्रसिद्ध निर्देशक लेखक और अभिनेता अनिल अजिताभ का सोमवार को निधन हो गया. कैंसर से पीड़ित अनिल अजिताभ का निधन पटना के पोस्टल पार्क में हुआ. दामुल से लेकर अपहरण तक में प्रकाश झा के सबसे मजबूत बाजू थे…कुछ बढ़िया भोजपुरी फिल्मों का निर्माण भी इन्होंने किया था…महुआ पर भी इनके कई चर्चित कार्यक्रम चले थे. मुंबई के बारह वर्षों, ख़ासकर प्रकाश झा के साथ दामुल, मृत्युदंड, अपहरण और राजनीति जैसी कालजयी फ़िल्मों के लेखन और निर्देशन के स्तम्भ अनिल अजिताभ के निधन से फ़िल्म जगत में शोक की लहर है.पटना के रहने वाले अनिल अजिताभ के निधन पर फ़िल्म समीक्षक विनोद अनुपम ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि अनिल जी के प्रतिभा के सभी कायल थे. वरिष्ठ रंगकर्मी निर्देशक संजय उपाध्याय ने अनिल अजिताभ के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया हैउन्होंने लिखा है कि अनिल अजिताभ भाई, आपका हमसब से मिले वैगर चला जाना किसी को अच्छा नही लगा…अब तो स्मृतियां ही शेष है…आपके कला साहित्यम नाट्य संस्था से..फिंगर प्रिन्ट,राम.श्याम जदू, कथा एक कंस की, रसगंधर्व जैसे नाटको को निदेर्शित कर आप पटना रंगमंच के स्थापित रंग निदेर्शको मे आपका नाम स्थापित हो चुका था। “एक था गदहा” मे जुम्मन मिंया का करेक्टर मै कर रहा था। मलाल ही रह गया कि महिनो रिहर्सल करने के बाद भी वह नाटक नही हो सका…..रंगमंच को बाई-बाई कर आप फिल्म की ओर रूख किया,बम्बई(मुम्मई) प्रकाश झा के साथ जुड़ गये।”दामुल,हिप हिप हूर्र….मृत्युदंड तक आप उनके साथ बतोर एसोसीएट रहे… अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने के

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अभिनय की मजदूरी: “सत्यकाम” बने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता

10वें दादा साहब फाल्के फ़िल्म फेस्टिवल में आरा के लाल को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार पटना, 2 मई. बॉलीवुड एक्टर सत्यकाम आनन्द को 10वें दादा साहब फाल्के फ़िल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में पुरस्कृत किया गया है. यह पुरस्कार उन्हें फ़िल्म ‘Command & I shall obey’ के लिए मिला है. 01 यानि मई यानि मजदूर दिवस के मौके पर मिला यह पुरस्कार सत्यकाम के लिए विशेष यादगार बनाने वाला बन गया है. बताते चलें कि इस फ़िल्म की शूटिंग के बाद पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए डबिंग के दौरान ही उन्होंने लोगो से शेयर किया था कि अबतक का उनका सबसे दमदार अभिनय इसमें देखने को मिलेगा लेकिन किसी को यह नही पता था कि इसके लिए वे पुरस्कार के लिए भी चयनित किये जायेंगे. उन्होंने मजदूर दिवस पर मिले इस पुरस्कार के बाद सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा भी है कि मुझे मेरी मजदूरी मिल गयी. उनकी सहजता इसी से समझी जा सकती है कि ग्लैमर की इस दुनिया मे रहने के बाद भी वे अपने आपको एक वर्कर ही मानते है. बताते चलें कि सत्यकाम भोजपुर के मुख्यालय आरा के रहने वाले हैं. गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसे फ़िल्म में अभिनय के बाद वर्ल्ड में सुर्खियां बटोरने वाले सत्यकाम आरा में रंगमंच से अपनी शुरुआत की थी. थियेटर से फिल्मों तक पहुँचे सत्यकाम के पास अभी आधे दर्जन से ऊपर फ़िल्म हैं जो निर्माणाधीन है. इसमें एक महेश भट्ट की फ़िल्म मार्कशीट भी है. बिहार के लाल सत्यकाम के इस उपलब्धि पर जिलावासी ही नही बिहारवासी प्रफ्फुलित हैं.

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नहीं रहे इरफान खान

इस वक्त की बड़ी खबर मुंबई से आ रही है. बॉलीवुड एक्टर इरफान खान का निधन हो गया है. मंगलवार को तबीयत खराब होने के बाद मुंबई स्थित कोकिलाबेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. उनके मौत के बाद कई बॉलीवुड कलाकारों ने शोक जताया है. इरफान की मौत के बारे में सबसे पहले डायरेक्टर शूजीत सरकार ने खबर दी है. सरकार ने ट्वीट किया कि मेरा प्यारा दोस्त इरफान. तुम लड़े और लड़े और लड़े. मुझे तुम पर हमेशा गर्व रहेगा. हम दोबारा मिलेंगे. ओम शांति. इरफान खान को सलाम. कुछ दिन पहले मां की हुई थी मौत कुछ दिन पहले ही इरफान की मां सईदा बेगम का निधन हो गया था. लॉकडाउन के कारण वह अंतिम संस्कार में वह शामिल भी नहीं हो पाए थे. उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही मां का अंतिम दर्शन किया था. अपनी बीमारी के बारे में खुद बताया था इमरान खुद अपने बीमारी के बारे में बताया था कि मुझे पता चला है कि मुझे न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर हो गया है. इसे स्वीकार कर माना मुश्किल है लेकिन मेरे आसपास जो लोग हैं, उनका प्यार और उनकी दुआओं ने मुझे शक्ति दी है. कुछ उम्मीद भी बंधी है. फिलहाल बीमारी के इलाज के लिए मुझे देश से दूर जाना पड़ रहा है लेकिन मैं चाहूंगा कि आप अपने संदेश भेजते रहें. इसके बाद वह इलाज कराने विदेश चल गए थे. वह लंबे वक्त तक विदेश में रहकर इलाज करा चुके हैं. इसके बाद देश आए. वह रूटीन चेकअप के लिए कोकिलाबेन हॉस्पिटल जाते

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कोरोना के एहतिहातन 31 मार्च तक सारे शूटिंग रदद्

स्वास्थ्य आपात से निपटने के लिए IMPPA, WIPFA, IFTPC, IFTDA, और FWICE ने लिया संयुक्त निर्णय मुंबई,16 मार्च. कोरोना के दहशत से मचे कोहराम के बीच जागरूकता जहाँ बड़े पैमाने पर किया जा रहा जिसमे सरकारी और गैर संगठनों ने एक दूसरे का हाथ थाम लिया है. कोविड-19 से बचाव के तौर पर एतिहात बरतते हुए जहां स्कूल कॉलेज और कोचिंग जैसे शिक्षण संस्थानों को सरकार के आदेश से बंद कर दिया गया है वही मायानगरी मुंबई में फिल्म, सीरियल, गेम शो और वेब सीरिज जैसे तमाम मनोरंजन के कार्यक्रमों की शूटिंग पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है. यह कदम कोरोना वायरस से बचाव के लिए एतिहातन उठाया गया है. गौरतलब है कि हॉलीवुड के 63 वर्षीय टॉम हैंक्स और उनकी पत्नी रीता विल्सन को ऑस्ट्रेलिया में शूटिंग के दौरान ही कोरोना के शिकार हुए थे. रविवार को IMPPA, WIPFA, IFTPC, IFTDA, और FWICE ने संयुक्त रूप से तत्कालिक मीटिंग बुलाकर आगामी 19 मार्च से 31 मार्च तक किसी प्रकार के मनोरंजन कार्यक्रमों की शूटिंग को स्थगित करने का निर्णय लिया है. सभी संगठनों ने सरकार द्वारा उठाये गए सभी कदम की सराहना की है और फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोगों को 31 मार्च तक शूटिंग को रद्द करने की अपील की है. सभी संगठन 30 मार्च को पुनः एक बार मीटिंग कर उस समय की स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद शूटिंग स्टार्ट करने की तिथि की घोषणा करेंगे. पटना नाउ ब्यूरो रिपोर्ट

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रंगनगरी आरा हुआ रंगमय, कलाकारों से पटा शहर

17 राज्यों के कलाकारों ने निकाला रँगजुलूस, रंग बिरंगी वेशभूषा और कलाओं ने सबको मोहा आरा, 5 मार्च. जैन स्कूल शताब्दी समारोह सह भोजपुर नाट्य महोत्सव 2020 चौथे दिन शहर में भारत के 17 राज्यों से आयी नाट्य दलों ने रंगयात्रा निकाला जो जैन स्कूल से होते हुए गोपाली चौक, जेल रोड, शिवगंज, बस पड़ाव भिखारी ठाकुर नुक्कड़ स्थल के पास पहुँचा. जहाँ देश के कोने कोने से आये कलाकारों ने भिखारी ठाकुर के के मूर्ति पर माल्यार्पण किया और वहाँ से पुनः शिवगंज आते हुए मठिया, महावीर टोला, शहीद भवन और V-मार्ट होते हुए जैन स्कूल आकर समाप्त हुआ. रँगजुलूस का नेतृत्व आरा रंगमंच के कलाकरों के साथ जैन स्कूल कमिटी और श्री आदिनाथ ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने भी किया. इस रँगजुलूस मे मुंबई से आई भोजपुरी अभिनेत्री व टेली कलाकार श्यामली श्रीवास्तव ने जब आगन्तुक कलाकारों के साथ पैदल मार्च कर उनके कदम से कदम मिलाया तो देखने वाले हैरान हो गए. बता दें श्यामली आरा की ही बेटी है और आरा के रंगमंच पर उन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत की थी. जैन स्कूल शताब्दी समारोह सह भोजपुर नाट्य महोत्सव 2020 के चौथे दिन के कार्यक्रम का उद्घाटन रितेश कुमार सिंह प्रदेश सचिव युवा जदयू, मुख्य अतिथि अमित केसरी समाजसेवी, विशिष्ट अतिथि डॉ पी सिंह सर्जन, बचपन प्ले स्कूल डायरेक्टर अभिमन्यु सिंह, विशिष्ट अतिथि मनोज सिंह ( एन आर आई समाजसेवी भारतीय संघ दुबई के उपाध्यक्ष) व उदय सिंह (गन्ना आयुक्त बिहार) ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. अपने सम्बोधन में उद्घाटनकर्ता रितेश कुमार सिंह

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भोजपुरी के मशहूर अभिनेता-निर्देशक ‘बेलू’ के पिताजी ने दुनिया को अलविदा कहा

नही रहे ‘बेलू’ के पिता कृष्णदेव प्रसाद, चरित्रवन में हुआ दाह-संस्कार आरा,6 जनवरी. भोजपुरी फिल्मों के जाने-माने अभिनेता व निर्देशक विष्णु शंकर बेलू के पिताजी कृष्ण देव प्रसाद का निधन 4 जनवरी के शाम में हो गया. वे 74 वर्ष के थे. कुछ दिनों से उनकी तबियत नासाज थी जिसका इलाज चल रहा था. हालांकि वे शारीरिक तौर पर बहुत ही फिट थे. उनका अंतिम संस्कार 5 जनवरी को आरा से बक्सर चरित्रवन में किया गया और स्नान-दान रामरेखा घाट पर किया गया, जिसमें भोजपुरी के कई जाने-माने लोग शामिल हुए. 1946 में आरा में जन्में कृष्ण देव प्रसाद ने जैन स्कूल से प्रारम्भिक शिक्षा और फिर बाद में महाराजा कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की थी. वे स्कूली दिनों में NCC के कैडेट भी रहे और स्कूल के सांस्कृतिक झांकियों में हिस्सा लेते थे. सरकारी नौकरी के कई अवसर मिलने के बाद भी अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र होने की वजह से इन्हें बाहर जाने का बिल्कुल अवसर नही मिला और इन्होंने व्यवसाय को माध्यम बनाते हुए अपने कठिन परिश्रम से अपनी एक ख़ास पहचान बनाई. महादेवा रोड स्थित अपने घर मे ही इन्होंने मिठाई की दुकान खोली और मिठाइयों की अपनी विशेष स्वाद की वजह से शहर के चर्चित दुकानों में पहचान बनाई. वे ईश्वर में अटूट आस्था रखते थे प्रतिदिन घंटो पूजा करते थे. महादेवा स्थित बुढ़वा महादेव की हर रोज लगभग ये पूजा और दर्शन करते थे. घूमना इन्हें बेहद पसंद था और अपने शहर आरा से विशेष लगाव भी. वे अपने पीछे 1 बेटा(विष्णु शंकर

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इको पार्क को मिला नया प्रवेश द्वार

बच्चे करेंगे राजधानी जलाशय का दीदार सीएम नीतीश कुमार ने राजधानी वाटिका के नये प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने राजधानी वाटिका का भ्रमण किया और राजधानी वाटिका के बारे में अधिकारियों के साथ विमर्श किया. दरअसल जिस जगह वर्तमान में इको पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार है वो रास्ता सचिवालय के लिए मुख्य रास्ता है. इको पार्क के कारण इस रास्ते में अक्सर जाम लगता था और यहां पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं थी. नये प्रवेश द्वार के पास पार्किंग के पर्याप्त इंतजाम रहेंगे. राजधानी वाटिका के नये एन्ट्री गेट के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने सचिवालय तालाब परिसर का भ्रमण किया. मुख्यमंत्री ने सचिवालय तालाब का नामकरण ‘राजधानी जलाशय’ के रूप में किया. आज से सचिवालय तालाब ‘राजधानी जलाशय’ के नाम से जाना जायेगा. भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने तालाब के पास सोलर पम्प लगाने, और वृक्ष लगाने के साथ-साथ राजधानी जलाशय परिसर के सौंदर्यीकरण के लिये अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश भी दिये. राजधानी जलाशय परिसर में सिर्फ बच्चों का प्रवेश होगा. बच्चों का प्रवेश भी ग्रुप में और ट्रेंड गाइड के साथ होगा. गाइड वन विभाग द्वारा प्रशिक्षित होंगे, जो बच्चों को पक्षियों, हरियाली एवं पर्यावरण से संबंधित विस्तृत जानकारी देंगे. इस परिसर में पक्षियों की कुछ विशेष प्रजाति को संरक्षित करने की व्यवस्था की गयी है. कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री, भवन निर्माण मंत्री, मुख्य सचिव और वन, पर्यावरण एवं जलवायु विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह भी मौजूद थे.

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आज भोजपुरी निर्माताओ निर्देशकों की पसंद, चांदनी सिंह

पटना (पटना नाउ ब्यूरो) | भोजपुरी फिल्म जगत में चांदनी सिंह अपने अभिनय से सुर्खियों में बनी हुई है और निर्माताओ निर्देशकों की पसंद है. गौरतलब है कि चांदनी सिंह का अभिनय बहुत ही लाजवाब है जिसके कारण आज उन्हें लगातार फिल्मे मिल रही है. बात अगर चांदनी के शुरूआती दौर की करे तो जब वे आई थी, तब वो एल्बम में काम करती थी. इसके बावजूद उन्होंने मेहनत करना बंद नही किया तथा लगातार मेहनत करती रही. उनके उसी मेहनत और कमाल के कारण आज वे अभिनय से पॉपुलर अभिनेत्री है और लगातार अपनी फिल्मों में व्यस्त चल रही है.अभी हाल ही चांदनी ने प्रमोद प्रेमी जी के साथ एक फिल्म कम्पलीट की है. ईसके पहले उन्होंने यश कुमार की फिल्म “वचन” को पूरा किया और अरविन्द अकेला ‘कल्लू’ की एक फिल्म को भी कम्पलीट किया. जल्द ही वो निर्देशक धीरू यादव की फिल्म “वचन” के गाने को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश जाने वाली है जिसमे उनके साथ यश कुमार,निधि झा लुलिया है.

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