आज मेडिकल साइंस में रिर्सच का काफी महत्व – रस्तोगी

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | राजधानी के अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन (Anup Institute of Rehabilitation) के द्वारा लंच एंड लर्न कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को सेमिनार हॉल में किया गया. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दिल्ली के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ आशीष रस्तोगी थे. इस सेमिनार का मुख्य विषय मेडिकल रिसर्च था, इस विषय पर सेमिनार के आयोजन के दौरान कई चिकित्सकों ने इसमें हिस्सा लिया. इसमें मेडिकल रिसर्च के महत्व तथा सरकार के नियमों पर प्रकाश डाला गया. इस अवसर पर प्रसिद्ध आर्थो सर्जन डॉ०आशीष सिंह ने बताया कि आज के समय में मेडिकल साइंस में रिर्सच का काफी महत्व हो गया है. उन्होंने बताया कि आज देश के सभी बड़े अस्पतालों में हर मरीजों के केस स्टडी के डाटा को रिसर्च के लिए रखा जाता है, ताकि आने वाले समय में कई आसाध्य रोगों के निदान में इसकी सहायता ली जा सके. वही दूसरी ओर पद्मश्री डॉ०आर. आर. सिंह ने भी सेमिनार में आयें चिकित्सकों एवं इथिक्स कमेटी सदस्यों का आभार दिया. साथ ही इस लंच एंड लर्न कार्यक्रम में मेडिकल रिसर्च महत्व को समझाया. इस अवसर पर डॉ०जे. के. जैन, डॉ० सुशील सिंह, डॉ० किशोरी सिंह सहित कार्यक्रम में उपस्थित रहे. कार्यक्रम को सफल बनाने में खुशबू एवंअमित सिन्हा ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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इको पार्क को मिला नया प्रवेश द्वार

बच्चे करेंगे राजधानी जलाशय का दीदार सीएम नीतीश कुमार ने राजधानी वाटिका के नये प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने राजधानी वाटिका का भ्रमण किया और राजधानी वाटिका के बारे में अधिकारियों के साथ विमर्श किया. दरअसल जिस जगह वर्तमान में इको पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार है वो रास्ता सचिवालय के लिए मुख्य रास्ता है. इको पार्क के कारण इस रास्ते में अक्सर जाम लगता था और यहां पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं थी. नये प्रवेश द्वार के पास पार्किंग के पर्याप्त इंतजाम रहेंगे. राजधानी वाटिका के नये एन्ट्री गेट के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने सचिवालय तालाब परिसर का भ्रमण किया. मुख्यमंत्री ने सचिवालय तालाब का नामकरण ‘राजधानी जलाशय’ के रूप में किया. आज से सचिवालय तालाब ‘राजधानी जलाशय’ के नाम से जाना जायेगा. भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने तालाब के पास सोलर पम्प लगाने, और वृक्ष लगाने के साथ-साथ राजधानी जलाशय परिसर के सौंदर्यीकरण के लिये अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश भी दिये. राजधानी जलाशय परिसर में सिर्फ बच्चों का प्रवेश होगा. बच्चों का प्रवेश भी ग्रुप में और ट्रेंड गाइड के साथ होगा. गाइड वन विभाग द्वारा प्रशिक्षित होंगे, जो बच्चों को पक्षियों, हरियाली एवं पर्यावरण से संबंधित विस्तृत जानकारी देंगे. इस परिसर में पक्षियों की कुछ विशेष प्रजाति को संरक्षित करने की व्यवस्था की गयी है. कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री, भवन निर्माण मंत्री, मुख्य सचिव और वन, पर्यावरण एवं जलवायु विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह भी मौजूद थे.

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सरस मेला 1 दिसंबर से गांधी मैदान में, प्रवेश होगा निःशुल्क

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | देसी अंदाज में आयोजित सरस मेला आधुनिक समाज में भी अपनी एक अलग पहचान बना रहा है. मेला में बिकने वाले उत्पाद और उनके प्रति लोगों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और यह बात का प्रमाण है कि लोग आधुनिकता से दूर गांव की ओर लौट रहे हैं. अपने घरों को संवारने के लिए लोग ग्रामीण शिल्प और उत्पाद को ही तरजीह दे रहे हैं. सरस मेले में लोगों का सबसे बड़ा रुझान ग्रामीण शिल्प कला की ओर तरफ है. वर्तमान समय में बिहार ग्राम सरस मेला राष्ट्रीय मेला के स्वरूप में प्रदर्शित हो रहा है. सरस मेला ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार द्वारा निर्धारित कैलेंडर के तहत देश की लगभग प्रत्येक राज्य की राजधानी में प्रतिवर्ष आयोजित होता है. राजधानी पटना में भी इसका आयोजन कई वर्षों से होता रहा है. वर्ष 2014 से ही इसके आयोजन की जिम्मेदारी बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति जीविका की है. बिहार ग्राम सरस मेला इस साल 2019-20 का प्रथम संस्करण ज्ञान भवन, पटना में 2 सितंबर से 11 सितंबर तक आयोजित हुआ. मेला में बिहार समय देश राज्यों के स्वयं सहायता समूह से जुड़े महिलाओं और अन्य सरकारों द्वारा निर्मित उत्पादक आकृतियों की बिक्री से प्रदर्शनी 110 स्टॉलों से हुई. एक बार फिर इसी साल जीविका सरस मेला का आयोजन 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक गांधी मैदान पटना में हो रहा है, जिसमें 400 स्टॉल विभिन्न विभागों के 50 और जीविका दीदियों के लिए 50 का निर्माण प्रस्तावित है. इस मेला में स्टाल के माध्यम से

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20 नवंबर रात्रि 10.00 बजे से बदल जाएगी यहां की ट्रैफिक व्यवस्था

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | मंगलवार को समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में पटना DM कुमार रवि की अध्यक्षता में ट्रैफिक व्यवस्था के संबंध में बैठक की गई. इसमें निर्णय लिया गया कि कोईलवर पुल से आरा की ओर बड़ी वाहनों के परिचालन को दिनांक – 20 नवंबर को रात्रि 10.00 बजे से प्रतिबंधित किया जाना है. आरा से कोईलवर पुल होते हुए बड़े वाहन को पटना तक आने की अनुमति रहेगी. पटना से कोईलवर पुल होते हुए आरा की तरफ कोई भी भारी वाहन नहीं ले जा सकता है. कोईलवर पुल होते हुए दोनों तरफ से छोटी वाहनों के परिचालन पर कोई रोक नहीं रहेगी. इस प्रकार बिहटा से कोईलवर तक बड़ी वाहनों के लिए सड़क वन-वे होगा. इन सभी नियमन को भोजपुर जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर लागू करने का निर्देश पुलिस अधीक्षक पश्चिमी को दिया गया. कोईलवर आरा की ओर से बालू के ट्रकों को पटना होकर आने की अनुमति नहीं जानी है. बल्कि पूर्व की भांति बालू वाले ट्रक बिना कोईलवर पुल पार किए वीर कुंवर सिंह सेतु होते हुए छपरा एवं उत्तर बिहार की ओर जायेगी.> दिनांक-20.11.2019 से सिर्फ रात 10.00 बजे से सुबह 05.00 बजे तक भारी वाहनों को जेपी सेतु से उत्तरी बिहार जाने के लिए परिचालन की अनुमति दी जाती है. जेपी सेतु पर भारी वाहनों के लिए वन-वे ट्रैफिक होगा. सभी बड़े वाहन उत्तरी बिहार से जेपी सेतु होते हुए पटना नहीं आना है. अतः जेपी सेतु पर दंडाधिकारी एवं बल, एम्बुलेंस, क्रेन प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया. > गया की

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पटना में Anara Gupta अभिनेत्री | मच्छरदानी का किया वितरण

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | राजधानी पटना में पिछले महीने आई आपदा से पीडि़त लोगों से मिस जम्मू रहीं अभिनेत्री अनारा गुप्ता ने मुलाक़ात की तथा अपनी संस्थाा ए जी फाउंडेशन के तहत उनके बीच मच्छड़दानी का वितरण किया. उन्होंने पटना के राजेंद्र नगर स्थित वैशाली गोलंबर पर सैकड़ों जरूरतमंद लोगों के बीच मच्छड़दानी का वितरण किया ताकि वे जलजमाव के बाद डेंगू, मलेरिया के मच्छड़ों से खुद को बचा सकें एवं बीमार न हों. अनारा ने आगे भी जरूरत मंद लोगों की सहायता करने की बात कही. इस दौरान अनारा ने बताया कि हम टीवी और न्यूज पेपर में पटना की हालत देख रहे थे. हमें काफी दुख हुआ कि इतना बड़ा शहर महज दो दिन की बारिश में कैसे डूब गया. मैं वहां से कुछ कर नहीं पा रही थी, लेकिन तब भी मैंने पेटीएम से मदद भेजी थी. लेकिन फिर भी मन विचलित था. बाद में मुझे पता चला कि जलजमाव खत्म होने के बाद जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. खास कर डेंगू और मलेरिया के केस बहुत ज्यादा आ रहे हैं. तो मुझे लगा कि लोगों को इससे बचाने के लिए मच्छड़दानी का वितरण करना चाहिए. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि उन्हें पटना के मार्केट में मच्छड़दानी नहीं मिली, तब उन्होंने इसे ऑर्डर देकर बनवाया.अनारा ने कहा कि इस संकट के लिए जिम्मेवारी कहीं न कहीं सरकार की ही बनती है. ऐसा तो है नहीं कि शहर का स्तर बहुत नीचे पर है. यहां का ड्रेनज सिस्टम ठीक नहीं है. हर साल पटना

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पटना जल जमाव त्रासदी | गिरी कइयों पर गाज | क्या इससे निकलेगा समाधान

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) |  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में पिछले दिनों पटना में अतिवृष्टि से जलजमाव से संबंधित समीक्षा बैठक की. बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने बताया कि 27 सितम्बर को 98 मि0मी0, 28 सितम्बर को 151.9 मि0मी0 तथा 29 सितम्बर को 91.6 मि0मी0 यानि तीन दिनों में कुल 341.5 मि0मी0 वर्षा हुयी. उन्होंने जलजमाव से उत्पन्न परिस्थिति, उसके कारणों एवं तात्कालिक समाधान एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना की विस्तृत प्रस्तुति मुख्यमंत्री के समक्ष दी. प्रधान सचिव वित्त सह पटना जिले के प्रभारी सचिव एस0 सिद्धार्थ ने जलजमाव के दौरान किये गये निरीक्षण एवं सर्वे की जानकारी दी. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य उदय कांत मिश्रा ने पटना शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षापात के उतार-चढ़ाव संबंधी जानकारी दी ताकि जलजमाव के समाधान के लिये बनायी जाने वाली कार्ययोजना में इसका भी ध्यान रखा जाय. पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि ने भी जलजमाव के दौरान किये गये राहत कार्यों की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना में जलजमाव के कारण लोगों को काफी परेशानी हुयी है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसके लिये कुछ दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की है, जिसमें बुडको के एक चीफ इंजीनियर, 2 सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर, 6 एक्सक्यूटिव इंजीनियर, 1 एक्सक्यूटिव इंजीनियर मैकेनिकल, एक असिस्टेंट इंजीनियर मैकेनिकल के विरूद्ध शो काॅज नोटिस जारी किया गया है. एक एक्सक्यूटिव इंजीनियर को एडमिनिस्ट्रेटिव ग्राउण्ड पर ट्रांसफर किया गया है. नमामि गंगे प्रोजेक्ट के एल० एण्ड टी० कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को शो काॅज

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शारदा सिन्हा की गुहार | सुन ले नीतीश सरकार

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार एवं लोकगीतों की स्वर कोकिला शारदा सिन्हा आज पटना के राजेंद्रनगर में कंधे जितना पानी में डूबे अपने घर में बंद हैं. उन्हें न तो पानी नसीब हो रहा है और न ही उनके घर बिजली है. दरअसल उनके घर में कंधे जितना पानी भरा हुआ है. इस कारण वे घर से निकल नहीं पा रही हैं. अपने पति और अपने बेटे अंशुमान के साथ घर में एक तरह से कैद हो गई हैं. तीन दिनों से हो रहे भारी बारिश से नरक में तब्दील पटना शहर में हजारों लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं. पटना के लगभग सभी मुहल्लों और रोडों पर घुटने से लेकर डूबने तक पानी जमा है. बिजली, पानी, खाना, दवा वगैरह की समस्या उत्पन्न हो गई है. सोमवार को शारदा सिन्हा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट डाला है जिसमें उन्होंने लिखा – “मदद नही मिल पा रही है, NDRF की राफ्ट तक भी पहुँचना असंभव है. पानी महक रहा है.” उसके थोड़ी ही देर बाद उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया है और अपना दर्द व्यक्त किया है……..

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पटना पर मंडराता बाढ़ का खतरा | क्या इंद्रपुरी डैम का पानी बनेगा संकट

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार में लगातार हो रही बारिश से आफत आई हुई है. बारिश तो बारिश, यहां नदियों में उफान का डर भी है. एक तरफ जहां दक्षिण बिहार की नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, वहीं चक्रवातीय दबाव झारखंड, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में बना हुआ है. इन कारणों से प्रमुख नदियों का जल स्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है. गंगा की सहायक नदियों सोन, पुनपुन और फल्गु में भी उफान आ गया है. इस कारण पटना पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. रविवार को इंद्रपुरी बराज से छोड़ा गया पानी पटना पहुंचने से पूरे प्रशासन में हड़कम्‍प मच गया है. आपात की किसी भी स्थिति के लिए प्रशासन ने हेल्‍पलाइन नंबर भी जारी कर दिए हैं.इंद्रपुरी बराज का पानी रविवार को पटना पहुंचाइंद्रपुरी बराज से शनिवार रात आठ बजे करीब तीन लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया, जो रविवार को पटना पहुंचने लगा है. इससे पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. अभी तो पटना के पास गंगा नदी में ज्यादा पानी नहीं है, किंतु अगर इसकी सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि होती है तो पटना शहर की परेशानी बढ़ सकती है. जल संसाधन विभाग के मुताबिक इंद्रपुरी बराज से शाम आठ बजे अप स्ट्रीम में 1.60 लाख क्यूसेक और डाउन स्ट्रीम में डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. यह इस साल के अधिकतम रिकार्ड से करीब 50 लाख क्यूसेक ज्यादा है. मनेर के पास सोन पहले से ही खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर

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भारी बारिश से कई ट्रेनें रद्द तो कई का रुट हुआ डायवर्ट

शुक्रवार देर रात से पटना में जारी भारी बारिश के कारण पटना जंक्शन पर रेल ट्रैक पर करीब एक फीट तक पानी जमा हो गया. जिसके कारण दीनदयाल उपाध्याय(डीडीयू) जंक्शन से पटना तक ट्रेन परिचालन बाधित हो गया. पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि जलजमाव के कारण कई ट्रेनें रद्द हुई हैं जबकि कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया. CANCELLATION OF TRAINS 53213/53214 Patna – GAYA PASS. 53211 Patna-Sasaram passenger JCO 28.09.19 53212 Sasaram-Patna JCO -29.09.19 63326/63327 Patna- Islampur passenger 63252 GAYA – Patna passenger 63282 Patna – Patliputra passenger 63244/63247 Patna – Gaya passenger 63253/63258/63259 Patna – Gaya passenger 13249 Patna-Bhabhua road JCO 28.09.19 is cancelled. 13250 Bhabhua road-Patna JCO 28.09.19 is cancelled. 53231 Tilaiya-Danapur JCO 28.09.19 is CancelledJC12. 53232 Danapur-Tilaiya JCO 28.09.19 is Cancelled. SHORT TREMINATE/SHORT ORIGINATE 63264 (journey commenced on) 28/09/19 short terminate at Danapur 63213 (journey commenced on) 28/09/19 Sattar terminate at Danapur 63283 (journey commenced on) 28/09/19 SHORT TERMINATE AT Patliputra THEN 63280 SHORT ORIGINATE EX Patliputra 63211 Jasidih-Patna (journey commenced on). 28.09.19 short terminate at Guljarbag & 63272 PatnaMokama PNBE journey commenced on 29.07.19 short orignate EX Gulzarbag 63250 (journey commenced on) 28/09/19 GAYA – Patna short terminate AT Parsa Bazar & 63257 PNBE Gaya short originate EX Parsabazar 6.. 63228 (journey commenced on) 28/09/19 Dindayal Upadhyay Patna short Terminate at Danapur & 63223 Patna-Danapur short originate Danapur. 13331 (journey commenced on) 28/09/19 Dhanbad Patna short terminate in Eastern Railway AND RETURN AS PASS/Special TO Dhanbad. 22843 Bilaspur Patna

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सरकारी गाड़ियों के ड्राइवरों को दी जाएगी सड़क सुरक्षा की ट्रेनिंग

– विभागीय मंत्री से लेकर अधिकारियोें व पदाधिकारियों के ड्राइवरों को मिलेगी ट्रेनिंग – ड्राइवर यातायात नियमों को जानें इस बारे में विशेष तौर से किया जाएगा प्रशिक्षित – नियमों का उल्लंघन करने पर क्या-क्या हो सकती है कार्रवाई और किन किन कागजातों को साथ  रखना है अनिवार्य इस बारे में दी जाएगी जानकारी – परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि ट्रेनिंग के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले  ड्राइवरों पर की जाएगी कार्रवाई – मुख्य सचिवालय से लेकर सभी विभागीय मंत्री व पदाधिकारियों के ड्राइवरों को ट्रेनिंग किया गया है अनिवार्य सरकारी गाड़ियां चलाने वाले सभी ड्राइवरों को सड़क सुरक्षा नियमों से अवगत कराते हुए उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। गाड़ी चलाते समय किन किन नियमों का पालन करना है. गाड़ी चलाने के दौरान कौन-कौन से कागजात साथ में रखना अनिवार्य है तथा किस नियम के उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई की जा सकती है. इन तमाम बातों की जानकारी उन्हें ट्रेनिंग देकर बताई जाएगी. इसके लिए जागरुकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. परिवहन विभाग सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि सरकारी गाड़ियां चलाने वाले सरकारी व प्राइवेट सभी तरह के ड्राइवरों को नए मोटर व्हीकल (संशोधन) अधिनियम 2019 की जानकारी दी जाएगी साथ ही उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी के लिए एक दिवसीय विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. यह ट्रेनिंग हर ड्राइवर के लिए अनिवार्य होगा. ट्रेनिंग के बाद भी यातायात नियमों का उल्लंघन किये जाने पर वैसे ड्राइवरों से जुर्माना वसूला जाएगा. प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार से की जा रही है.

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