‘ऑनलाइन परीक्षा नहीं देंगे शिक्षक, हर हाल में लेनी होगी ऑफलाइन परीक्षा’

सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं होने के बावजूद हर हाल में स्थानीय निकाय शिक्षक बने रहेंगे शिक्षक, हटाने की बात की तो होगी भीषण लड़ाई- बृजनंदन शर्मा पटना 4 फरवरी 2024.. बिहार के नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा देने के लिए ली जाने वाली सक्षमता परीक्षा के संदर्भ में अपर मुख्य सचिव केके पाठक की अध्यक्षता वाली कमेटी ने शनिवार को जो अनुशंसाएं की हैं उसका कड़ा विरोध करते हुए बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष बृजनंदन शर्मा ने संघ की ओर से जारी विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि केके पाठक की अध्यक्षता वाली कमेटी की अनुशंसाएं संविधान और शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2023 के कंडिका 3 का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि सरकार खुद ही नियम बनाती है और खुद ही उसे तोड़ती है. बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 के कंडिका 3 में सरकार ने स्पष्ट लिखा है कि वैसे स्थानीय निकाय शिक्षक जो नियम के तहत सक्षमता परीक्षा में शामिल या उत्तीर्ण नहीं होते हैं स्थानीय निकाय शिक्षक के रूप में बने रहेंगे यह नियमावली के अधिसूचना का हिस्सा है, इसके बावजूद केके पाठक की अध्यक्षता वाली कमेटी ने न जाने किस आधार पर यह अनुशंसा की है कि जो शिक्षक सक्षमता परीक्षा में तीन बार में उत्तीर्ण नहीं होंगे उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी. कमिटी की यह अनुशंसा ही नियम विरोधी एवं हास्यास्पद प्रतीत होता है. उन्होंने ऑनलाइन परीक्षा लिए जाने का विरोध करते हुए कहा कि शिक्षकों को कंप्यूटर की जानकारी नहीं है ना कोई उचित माध्यम से इन्हें प्रशिक्षित किया गया

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सवालों के घेरे में सक्षमता परीक्षा की शर्तें, उबाल पर नियोजित शिक्षकों की नाराजगी

पटना।। सक्षमता परीक्षा को लेकर बिहार में नियोजित शिक्षकों के बीच सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. शिक्षक संघों के प्रतिनिधि अब खुलेआम सक्षमता परीक्षा की शर्तों और शिक्षा विभाग की कमेटी की सिफारिश को लेकर अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं. अपर मुख्य सचिव केके पाठक की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है जिसमें सरकार से कमेटी ने सिफारिश की है कि अगर कोई नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा में शामिल नहीं होता है या तीन बार शामिल होकर भी सफल नहीं होता है तो उसे सेवा से हटा दिया जाएगा. अब इस बारे में सरकार के फैसले का इंतजार है. लेकिन इस पत्र के सामने आने के बाद नियोजित शिक्षकों की नाराजगी चरम पर है. शिक्षक संघ से जुड़े नेता सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकार ने विशिष्ट शिक्षक नियमावली को लेकर सुझाव मांगे थे तो उसे नियमावली में कहीं भी तीन जिलों के विकल्प देने की बात नहीं थी तो फिर यह तीन जिलों के विकल्प की बात अब कैसे हो रही है. इसके अलावा बिहार बोर्ड को सक्षमता परीक्षा लेने के लिए अधिकृत किया गया है. नियमानुसार परीक्षा के आयोजन के बाद शिक्षा विभाग के द्वारा जिलों के विकल्प की मांग हो सकती है लेकिन बिहार बोर्ड किस नियम के तहत जिलों का विकल्प देने की मांग कर रहा है. बिहार बोर्ड ने साक्षमता परीक्षा के आवेदन के लिए जो शर्तें रखी है वह भी इतनी जटिल हैं कि नियोजित शिक्षक उसमें उलझ कर रह जाएंगे. ऐसे में जाहिर तौर पर

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फरवरी महीना नियोजित शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण, नये मंत्री से बढ़ी उम्मीदें

पटना।। बिहार में लगभग 2 लाख से ज्यादा विद्यालय अध्यापकों की बीपीएससी के जरिए बहाली हो चुकी है. इन सब के बीच बिहार के सरकारी स्कूलों में कई वर्षों से कम कर रहे नियोजित शिक्षकों की उम्मीदें भी सरकार से लगी हुई थीं. सरकार ने यह घोषणा की थी कि सक्षमता परीक्षा के जरिए उन्हें भी राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा. शिक्षा विभाग ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को सक्षमता परीक्षा के आयोजन के जिम्मेदारी सौंपी है. सक्षमता परीक्षा को लेकर भी कई तरह के कयास लगाये जा रहे थे, जिन पर एक महत्वपूर्ण खबर पटना नाउ के जरिए आप तक पहुंचाई गई और पटना नाउ टीम को इस बात की खुशी है कि हम आपकी अपेक्षाओं पर खरे उतरे. फरवरी में ऑनलाइन मोड में परीक्षा की जानकारी सिर्फ पटना नाउ ने आपको दी थी. देखिए क्या लिखा था https://www.patnanow.com/sakshmta-pariksha-by-bseb/ में. परीक्षा को लेकर जारी गाइडलाइंस के अनुसार सक्षमता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 26 जनवरी से शुरू हो जाएगी. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 फरवरी तक चलेगी. इसी दौरान अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने के बाद डीपीओ स्थापना से अपने आवेदन को वेरीफाई करने के बाद बिहार बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा. सब कुछ सही रहा तो 26 फरवरी से 13 मार्च के बीच आयोजित होने वाली ऑनलाइन सक्षमता परीक्षा में आप शामिल हो पाएंगे. ऑनलाइन आवेदन करते समय आपको तीन जिलों का विकल्प भी देना होगा. वही कट ऑफ की बात करें तो सामान्य कोटी के अभ्यर्थियों के लिए 40 फीसदी जबकि दिव्यांग और महिलाओं

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16 से कम है उम्र तो कोचिंग में नहीं होगा एडमिशन

दिल्ली।। केंद्र सरकार ने कोचिंग क्लासेज पर बड़ा फैसला लिया है. गुरुवार 18 जनवरी 2024 को केन्द्र सरकार ने निजी कोचिंग संस्थानों के लिए गाइडलाइन जारी की है. नये गाइडलाइंस के अनुसार 16 साल से कम उम्र के विद्यार्थी कोचिंग क्लास नहीं जा सकते. सरकार ने कहा है कि इस नियम का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा. साथ ही कोचिंग संस्थान का रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है. केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कोचिंग क्लासेज की मनमानी पर रोक लगाते हुए एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है. इसके पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि हाल के दिनों में कोचिंग के बोझ तले बच्चों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है. इसके अलावा ज्यादातर कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए समुचित व्यवस्था नहीं होने की बात भी सामने आई है. कई कोचिंग संस्थानों में आग लगने की घटना भी हाल के दिनों में हुई है. इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से इस बात का इंतजार हो रहा था कि इन कोचिंग संस्थानों पर नकेल के लिए केंद्र सरकार सख्त गाइडलाइन जारी करे. केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस में कोचिंग संस्थान बिना रजिस्ट्रेशन के नहीं चल सकेंगे. गाइडलाइंस जारी होने के 3 महीने में नए और पुराने सभी कोचिंग संस्थानों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. इसके अलावा अगर कोई विद्यार्थी बीच में ही कोचिंग छोड़ देता है तो उसे बाकी फी लौटाना होगा. अगर विद्यार्थी ने होस्टल लिया है तो होस्टल फी भी उसे लौटाना होगा. कोचिंग में ग्रेजुएट से

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क्लिक करें और डाउनलोड करें Ctet एडमिट कार्ड

CTET का प्रवेश पत्र जारी हो गया है. 21 जनवरी को सीटेट परीक्षा होने वाली है जिसके लिए सीबीएसई ने ऑनलाइन एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. इसके पहले सीबीएसई ने कैंडिडेट के परीक्षा केंद्र के शहर के नाम जारी किए थे और आखिरकार अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र सहित प्रवेश पत्र जारी कर दिया गया है. click Below to download your Ctet Admit Card https://examinationservices.nic.in/ExamSysCTET/downloadAdmitCard/AuthCandCTET.aspx?enc=WPJ5WSCVWOMNiXoyyomJgHblUzXTXbmlihUdridY8ewrE8g3+rJOcHIYzD98UnYt सीबीएसई ने इस बार एडमिट कार्ड मैं कुछ सख्त निर्देश भी दिए हैं जिसके अनुसार अगर किसी कैंडिडेट के उत्तर के पैटर्न को दूसरे कैंडिडेट के पैटर्न के समान पाया जाता है तो उनका रिजल्ट रद्द हो सकता है. सीटेट परीक्षा में धांधली की शिकायत लगातार मिलती रही है और यही वजह है कि पहले ऑनलाइन मोड से होने वाली परीक्षा को फिर से सीबीएसई ने ऑफलाइन कर दिया और अब ऑफलाइन परीक्षा में भी सीबीएसई पूरी सावधानी बताते हुए सख्त निर्देश जारी कर रहा है. इस बार एक और बड़ा परिवर्तन सीटेट परीक्षा में देखने को मिलेगा. पेपर दो की परीक्षा पहली पारी में होगी जबकि पेपर एक की परीक्षा दूसरी पारी में होगी. pncb

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68वीं बीपीएससी में प्रियांगी टॉपर, तीन लड़कियां टॉप थ्री में

पटना।। बिहार लोक सेवा आयोग ने 68वीं लोक सेवा परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. 324 पदों के विरुद्ध 322 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं. आयोग की वेबसाइट पर जारी रिजल्ट के मुताबिक 817 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए कॉल किया गया था जिनमें से 767 अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू दिया और इनमें 322 अभ्यर्थियों को सफलता हाथ लगी है. बीपीएससी की इस सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा में एक बार फिर लड़कियों ने टॉप फाइव और टॉप 10 में लड़कों को पीछे छोड़ दिया. pncb

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हो जाइए तैयार, सक्षमता परीक्षा जल्द होने के आसार

पटना।। बिहार लोकसेवा आयोग ने विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा वन और विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा दो के सफल आयोजन के बाद टीआरई 2 के तहत विद्यालय अध्यापकों की पोस्टिंग भी शुरू कर दी है. बीपीएससी की कवायद पूरी होने के बाद नियोजित शिक्षक पिछले कुछ समय से सक्षमता परीक्षा के बारे में जानने को बेचैन थे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हाल में दोहरा चुके हैं कि जल्द ही साक्षमता परीक्षा आयोजित कर लगभग 3.60 लाख नियोजित शिक्षकों को भी राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाएगा. इन सबके बीच 15 जनवरी को आखिरकार शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है जिसके अनुसार सक्षमता परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को दी गई है. शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार के हस्ताक्षर से यह अधिसूचना संख्या 135 जारी हुई है. इस बात की चर्चा पहले से ही थी की फटाफट परीक्षा लेने और रिजल्ट देने में माहिर बिहार बोर्ड को यह जिम्मेदारी मिल सकती है. अब जानिए कब हो सकती है सक्षमता परीक्षा चुनावी वर्ष है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी बार-बार यह दोहरा रहे हैं कि बहुत जल्द नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाएगा. इसके लिए सक्षमता परीक्षा का आयोजन की बात भी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पाठक भी कह चुके हैं. अब जबकि बिहार बोर्ड को यह जिम्मेदारी दी गई है तो परीक्षा कब होगी इस बात को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं . तो आपको बता दें कि

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केन्द्र सरकार पर भड़के NIOS डीएलएड शिक्षक

पटना।। एनआईओएस से डीएलएड करने वाले शिक्षकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है. एनआईओएस डीएलएड शिक्षकों ने केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी और उनकी डिग्री के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया है. पटना में एक बैठक में शामिल हुए सरकारी और निजी स्कूलों में कार्यरत डीएलएड शिक्षकों ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने सही कदम उठाया होता तो हमें यह दिन देखना नहीं पड़ता. दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एनआईओएस से डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन की डिग्री पाने वाले अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस डिग्री को सामान्य डिग्री मानने से इनकार करने का आदेश जारी किया है. इसके बाद भविष्य में होने वाली नियुक्तियों में एनआईओएस डीएलएड डिग्री अमान्य हो गई है. यही नहीं वर्तमान में विभिन्न जगहों पर शिक्षक की नौकरी कर रहे एनआईओएस डीएलएड अभ्यर्थियों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है. एनआइओएस शिक्षकों का कहना है कि 7 साल पहले वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन करने का मौका सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को दिया था. केन्द्र सरकार के आह्वान पर ही लाखों शिक्षकों ने वर्ष 2017 से 2019 के बीच इस कोर्स पूरा किया. केन्द्र सरकार और एन आइओएस ने तब इस डिग्री को पूरी तरह सामान्य डिग्री करार दिया था. लेकिन पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ये डिग्री अमान्य हो गई है जिससे सारे शिक्षक आक्रोश में हैं. ये शिक्षक केन्द्र सरकार को

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‘बीपीएससी के बाद अब नियोजित शिक्षकों की है बारी’

96,823 नवनियुक्त शिक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में शामिल हुये मुख्यमंत्री पटना, 13 जनवरी 2024 ।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उच्च माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 11-12), माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9-10) एवं प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1-5) के कुल 96 हजार 823 नवनियुक्त शिक्षकों में से 12 शिक्षकों को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किया. राज्य सरकार ने शिक्षक नियुक्ति के दूसरे चरण में भी बड़े पैमाने पर नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र के रूप में तोहफा दिया है. भारत के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में एक ही विज्ञापन से 2 नवंबर 2023 को बिहार में 1 लाख 20 हजार 336 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जा चुका है. विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति के द्वितीय चरण में कुल चयनित 96,823 शिक्षकों में 51 प्रतिशत महिलायें नियुक्त हुई हैं. द्वितीय चरण में शिक्षकों की नियुक्ति के बाद अब बिहार में छात्र-शिक्षक का अनुपात 35:1 हो गया है जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक प्रभावी कदम है. इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति के दूसरे चरण में नवनियुक्त शिक्षकों के इस नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में उपस्थित आप सभी लोगों का मैं अभिनंदन करता हूं. आज पटना के इस ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सीमित संख्या में 26,935 नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जा रहा है. इसके साथ-साथ आज पूरे बिहार में जिला मुख्यालयों पर कुल 96,823 नवनियुक्त शिक्षकों के लिए नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया

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हजारों शिक्षकों को मिला नियुक्ति पत्र, राजद का दावा, बिहार ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

पटना 13 जनवरी 2024।। पटना के गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने हजारों शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपा. शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक 90000 से ज्यादा शिक्षकों को पूरे बिहार में आज नियुक्ति पत्र दिया गया है. इसके साथ ही पिछले ढाई महीने के अंदर लगभग 2 लाख शिक्षकों को बिहार में नौकरी मिल चुकी है. राष्ट्रीय जनता दल ने इस विश्व रिकॉर्ड बताया है. राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा है कि मात्र 72 दिनों के अन्दर ढाई लाख ( 2.5 लाख ) नियुक्ति पत्र देकर नीतीश कुमार और तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने विश्व कीर्तिमान बना कर एक नया इतिहास रचने का काम किया है. पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान भी आज फिर एक बार नये इतिहास का गवाह बना जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा छब्बीस हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया. बता दें कि बीपीएससी द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से नव चयनित 1,22,323 शिक्षकों को गत 2 नवम्बर 2023 को राजधानी पटना सहित राज्य के जिला मुख्यालयों पर नियुक्ति पत्र दिया गया था. राजद नेता ने कहा कि मात्र बहत्तर दिनों के अंतराल पर इतनी बड़ी संख्या में एक साथ नियुक्ति पत्र दिए जाने का अबतक कोई इतिहास नहीं है. राजद प्रवक्ता ने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राज्य भर में एक प्रकार से उत्सव का माहौल है. राज्य का शायद हीं कोई गांव बचा होगा

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