नीतीश हैं प्रेरणा – जदयू में शामिल हुए नरेंद्र सिंह ने कहा

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बृहस्पतिवार 21 फरवरी को समाजसेवी नरेंद्र सिंह ने आज पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित मिलन समारोह में जनता दल यू की सदस्यता ली. जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने नरेंद्र सिंह को सदस्यता दिलाई. सदस्यता ग्रहण करने के बाद नरेंद्र सिंह ने जनता दल यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह का आभार किया. इस समारोह में नरेंद्र सिंह के साथ-साथ नेहा सूर्यवंशी, बीरेंद्र कुमार सिंह, अनिरूद्ध कुमार उर्फ अनिल कुमार और लवकुश शर्मा को भी सदस्यता दिलाई गई.नरेंद्र सिंह ने कहा कि अब तक वे एक व्यवसाय के साथ – साथ सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं. बचपन से ही समाज के सभी वर्गों की सेवा करने की इच्छा‍ रही है. लेकिन आज यह पहला मौका है, जब किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़े हैं. उन्हों ने कहा कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 15 वर्षों के कार्यों से प्रेरित हैं और यही वजह है कि उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और निर्णय लिया है कि वे नीतीश कुमार के जनहित के कार्यों में एक सिपाही की तरह सहयोग करेंगे. साथ ही सरकार की योजनाओं को गरीबों तक पहुंचायेंगे, चाहे वो सवर्ण गरीब हो या दलित. मास लेवल पर लोगों की सेवा करने के लिए कोई न कोई राजनीतिक दल के साथ जुड़ना जरूरी है, इसलिए नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में काम करने के लिए राजनीति में शामिल हो रहे हैं. पहले बिहारी कहना अपमान समझा जाता था, मगर नीतीश कुमार

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नीतीश कुमार इसमें स्पष्ट दोषी और सीधे संलिप्त है – तेजस्वी यादव

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मगलवार को दिल्ली में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया. इस प्रेसवार्ता के माध्यम से उन्होंने कुछ मुख्य बिंदु उठाये जो निम्न प्रकार हैं – मुजफ्फरपुर कांड में शुरू से ही बिहार सरकार द्वारा और स्थानीय प्रशासन के द्वारा बहुत कुछ छुपाने का प्रयास बिहार की जनता साफ-साफ देख पा रही थी. बार बार शिकायतों के बावजूद बिहार भर के शेल्टर होम, अल्प आवास गृहों, अनाथालयों व बालिका गृहों से मुजफ्फरपुर कांड की ही तरह शिकायतें आ रही थी. गया, पटना, गोपालगंज, भागलपुर जैसे राज्य के सभी बालिका गृहों से शिकायतों व अफवाहों का बाज़ार गर्म हुआ जिन्हें बार-बार जानबूझकर अनसुना करके ठंडे बस्ते में डाला जा रहा था. जो बार बार गाँधी जी को याद करने का ढोंग करते हैं उनके नैतिकता का कथा बाँचते सफेद कुर्ते पर लाल रंग के दाग ही दाग हैं. देश भर की बच्चियाँ उनसे सवाल पूछ रही हैं जिनसे वह भाग नहीं सकते. अभी 16 फ़रवरी को मुज़फ़्फ़रपुर पास्को कोर्ट ने मुज़फ़्फ़रपुर बलात्कार कांड में दोषी और जेल में बंद एक डॉक्टर अश्विनी की तथ्य आधारित अपील पर बिहार के माननीय मुख्यमंत्री से संबंधित मामला सीबीआई को जाँच के लिए अग्रेसित किया है. नीतीश कुमार स्पष्ट दोषी और सीधे संलिप्त है क्योंकि नीतीश कुमार ने प्रथम दृष्ट्या इस मामले को सिरे से ख़ारिज कर हमारी सीबीआई जाँच की माँग को ठुकराया था? उन्हें किस बात का डर था? जब हमने मुजफ्फरपुर बालिका गृह का दौरा कर वहाँ बच्चियों के साथ किए गए डरावने

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प्रेमचंद मिश्रा ने गांधी सेतु सुपर स्ट्रक्चर के निर्माण में घपलेबाजी का लगाया आरोप

पटना (राजेश तिवारी की रिपोर्ट) | महात्मा गांधी सेतु पर सुपर स्ट्रक्चर के निर्माण में बरती जा रही अनियमितता के संबंध में सोमवार को कांग्रेस विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने विधान परिषद में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सरकार पर जमकर हमला बोला. मिश्रा ने कहा कि महात्मा गांधी सेतु पर सुपर स्ट्रक्चर के निर्माण कार्य में अनुबंध कॉन्ट्रैक्ट के द्वारा निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता वाले स्टील का प्रयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अनुबंध के अनुसार स्ट्रक्चर में जंग प्रूफ और अधिक ताकतवर स्टील का उपयोग करना है जबकि परियोजना के 70% लागत यानि 1000 करोड़ रुपए की 70000 मैट्रिक टन सामान्य और गैर जंगप्रूफ स्टील की खरीद की जा रही है. ऐसा करना अनुबंध का उल्लंघन है. इस बाबत जब दो अधिकारी, तत्कालिक कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार सिंह एवं एग्जीक्यूटिव रेसिडेंट इंजीनियर आई०एन०मिश्रा ने जंग प्रूफ स्टील ना होने पर लिखित विरोध दर्ज किया तो दोनों को सेतु पुल निर्माण कार्य से ही हटा दिया गया. विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने आगे बताया कि अनुबन्ध के अनुसार सुपर स्ट्रक्चर को टुकड़ों टुकड़ों सेगमेंट में काटना है जबकि पुल की आधी से अधिक लंबाई के मलबे को नदी में गिराया जा रहा है जो अनुबंध के विपरीत है. सेतु के एक लेन को नवंबर 2018 तक ही पूरा हो जाना चाहिए था परंतु कार्य की प्रगति को देखते हुए लगता है कि अभी काफी और समय लगेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि सेतु निर्माण कार्य का कोई पर्यवेक्षण व मॉनिटरिंग नहीं हो रहा है जो अत्यंत ही

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रालोसपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने जेडीयू ज्वाइन किया

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | आज दिनांक 18 फरवरी 2019 दिन सोमवार को बिहार प्रदेश कार्यालय में जदयू के प्रधान महासचिव सह सांसद आरसीपी सिंह, विद्यानंद विकल, छोटू सिंह सहित कई गणमान्य लोगों के उपस्थिति में रालोसपा के प्रदेश उपाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ने अपने सैकड़ो साथियों के साथ जदयू की सदस्यता ग्रहण की. सदस्यता के दौरान कौशल कुमार सिंह ने बताया कि नशा, बाल-विवाह, दहेज-विवाह जैसे सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अभियान तथा सात निश्चय कार्यों के द्वारा पंचायत स्तर पर विकास से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संरक्षण में कार्य करने का संकल्प लेते हुए जनता दल यूनाइटेड पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. रालोसपा दिन व दिन दिशा विहिन हो बिखरती चली जा रही है. बताते चले कि समाजसेवी कौशल कुमार सिंह बांका जिले के धरैया थाना अंतर्गत गौरा गाँव के रहने वाले हैं. उनकी शिक्षा-दीक्षा गाँव व भागलपुर तथा जमशेदपुर शहर में हुई है. कौशल कुमार सिंह आज राज्य एवं जिले में युवा उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाई है. युवाओं के बीच में वो आइकॉन हैं जिनका मानना है कि आज खेती किसानी घाटे का सौदा बन गई है और गाँवो से युवाओं का अन्य राज्यों की ओर पलायन तथा जाती की राजनीति को बढ़ावा दिया गया है. अब यह बहुत जरूरी हो गया है कि हम संकीर्ण मानसिक सोच से आगे बढ़े और कृषि संकट समाधान के प्रति एक समग्र सोच विकसित करें. इन्होंने बांका जिला क्षेत्रों में लगभग 10 वर्षो से लगातार सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य करते रहे हैं.

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सीएम के खिलाफ सीबीआई जांच की खबर गलत

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | नीतीश के खिलाफ सीबीआई जांच की खबर गलत साबित हुई. शनिवार को अचानक मीडिया के माध्यम एक खबर फैली. इस खबर में यह बताया गया कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित दो आईएएस अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई ने जांच के आदेश दिए हैं. यह आदेश इस केस को देख रही विशेष पोक्सो कोर्ट द्वारा सीबीआई को दिया गया. बाद में यह मामला महज एक कन्फूजन निकला ( देखें ऊपर का वीडियो…… ……) जब केस में आरोपी के मुजफ्फरपुर कोर्ट के अधिवक्ता शरद सिन्हा ने इस मामले को विस्तार से बताया. अधिवक्ता शरद सिन्हा के अनुसार विशेष पोक्सो कोर्ट इस तरह का आदेश जारी कर ही नहीं सकता है. बात दरअसल यह थी कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में गिरफ्तार आरोपी डॉ. अश्विनी ने अपने वकील के जरिए शेल्टर होम के संचालन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका की जांच के लिए अर्जी दाखिल की थी. अश्विनी ने आरोप लगाया कि मामले में सीबीआई तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रही थी, जिसमें मुजफ्फरपुर के पूर्व डीएम धर्मेंद्र सिंह, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अतुल कुमार सिंह समेत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका पर जांच होनी थी. गौरतलब है, नाबालिग लड़कियों को ड्रग्स का इंजेक्शन देने के आरोप में डॉ०अश्विनी को पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था.

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पहले दी श्रद्धांजलि, फिर जलाया पाकिस्तान के PM का पुतला

कोइलवर. श्रीनगर के पुलवामा में आतंकियों द्वारा किये गए कायराना हरकत पर पूरा देश गमगीन है. केरिपुब के 44 जवानों की शहादत पर आक्रोश चरम पर है. इधर इस कायराना हरकत के बाद नगर पंचायत कोइलवर के कार्यालय में शहीद शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया. नगर कार्यपालक पदाधिकारी रवि प्रकाश और मुख्य पार्षद विनोद कुमार की अगुवाई में नगर पंचायत के पार्षदों और कर्मियों ने मौन धारण कर व पुष्पांजलि अर्पित शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गयी. मुख्य पार्षद विनोद कुमार ने कहा कि इस दुख की घड़ी में नगर पंचायत कोइलवर शहीदों के प्रति कृतज्ञ है और देश एवं उसके सैनिकों के साथ मजबूती से खड़ा है. इधर शाम पांच बजे शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने नगर पंचायत के प्रबुद्धजनों ,समाजसेवियों,युवा और छात्राओं ने कैंडल मार्च निकाला. सैकड़ों की संख्या में नौजवानों, प्रबुद्धजनों जनप्रतिनिधियों ने कैंडल और तिरंगे के साथ पूरे नगर में मार्च किया. कोइलवर चौक से मियांचक,बाजार मोहल्ला,आज़ाद कला मंदिर,खेतारी मुहल्ला,पैठनटोली, यज्ञशाला,ब्लॉक रोड थाना मोड़ रेलवे स्टेशन होते हुए मार्च शहीद कपिलदेव चौक स्थित इनके प्रतिमा पर पहुंचा. जहाँ मार्च में शामिल लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर शहीदों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी. आंखों में आक्रोश और दिल मे गुस्से का गुबार लिए मार्च कर रहे लोगो के दर्द साफ झलक रहा था. श्रद्धांजलि के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का पुतला जलाया गया. इस दौरान लोगो का आक्रोश फुट पड़ा औऱ पुतले पर लात घूसों की बरसात कर दी. इस दौरान भारत माता की जय,अब नही बस और नही,पाकिस्तान मुर्दाबाद ,देश

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तेजप्रताप के बाउंसर्स विधानमंडल परिसर में

पटना (राजेश कुमार की रिपोर्ट) | बिहार विधानमंडल की सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक देखने को मिला जब बुधवार सुबह में कुछ बाउंसर्स सदन परिसर में नजर आये. दरअसल ये बाउंसर्स आर जे डी विधायक तेज़ प्रताप यादव के थे जो तेज प्रताप यादव के साथ विधान सभा परिसर में घुस आये थे. विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने जब तेज प्रताप यादव विधानसभा के अंदर चले गए तो उनके 6 निजी सुरक्षाकर्मी यानि बाउंसर्स बेरोकटोक विधानसभा परिसर में घूमते नजर आये. मीडियाकर्मी इन निजी सुरक्षाकर्मियों से जब बात करने की कोशिश की तो ये इधर उधर छिपते नजर आये. इस मामले के खुलासे के बाद बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि जांच के बाद मामले में कार्रवाई होगी. वहीं जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी इस पर कुछ कहा.

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2 लाख करोड़ का बिहार बजट 2019-20 : प्रमुख योजनाएं

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए बिहार के उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा मंगलवार को 2 लाख करोड़ का बजट विधानसभा में पेश किया गया. 2019 में लोकसभा चुनाव होने के कारण विधानमंडल का यह सत्र अल्प अवधि का है. 15 फरवरी को लेखानुदान संबंधी प्रस्ताव पर वाद-विवाद के बाद मतदान होगा और इस संबंध में चार माह के खर्च के लिए विनियोग विधेयक पारित कराया जायेगा.आइये जानते हैं मोदी के 2019-20 के बजट में कौन कौन सी योजनाओं का प्रावधान हैं – कृषि विभाग • अनियमित मॉनसून तथा कम वर्षा होने के कारण राज्य के 24 FCजिलों के 280 प्रखण्डों को सूखाग्रस्त घोषित करते हुए वहाँ के किसानों को सिचिंत क्षेत्र के लिए 13,500 रू० प्रति हेक्टेयर तथा असिचिंत क्षेत्र के लिए 6,800 रू० प्रति हेक्टेयर की दर से कृषि इनपुट अनुदान की राशि का ऑनलाइन भुगतान किया गया. इसके तहत 16 लाख किसानों से प्राप्त आवेदनों के विरूद्ध 13.40 लाख किसानों के बैंक खाते में कुल आवंटित राशि 1430 करोड़ रू० के विरूद्ध 901 करोड़ रू० अंतरित किया गया. • वर्ष 2018-19 में सिंचाई के लिए 350 रू० प्रति एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान को बढ़ाकर 500 रू० प्रति एकड़ प्रति सिंचाई कर दी गई है. इस वर्ष धान फसल के लिए 3 सिंचाई के बदले 5 सिंचाई तथा रबी मौसम में गेहूँ के लिए 3 के स्थान पर 4 एवं मक्का के लिए 2 के स्थान पर 3 सिंचाई के लिए डीजल अनुदान की स्वीकृति दी गयी. • वर्ष 2018-19

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बिहार का विकास दर पूरे देश में सर्वाधिक

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने सोमवार को विधान मंडल में राज्य का 13वां आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 पेश किया. इस रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार का विकास दर एक वर्ष पूर्व के 9.9 प्रतिशत से बढ़कर 2017-18 में 11.3 प्रतिशत हो गया जो पूरे देश में सर्वाधिक है. राज्य का राजस्व अधिशेष (सरप्लस) 2013-14 के 6,441 करोड़ रु.से दूने से भी अधिक बढ़कर 2017-18 में 14,823 करोड़ रु.हो गया. वर्ष 2013-14 से 2017-18 के बीच राज्य का अपना कर राजस्व 19,961 करोड़ रु. से बढ़कर 23,742 करोड़ रु. हो गया. 2017-18 में बिहार में प्रति व्यक्ति आय 31,316 रु.रहा. हवाई यात्रा करने वालों की संख्या 2016-17 के करीब 21 लाख से बढ़कर 2017-18 में 31.11 लाख (50%बढ़ा ). वाहनों की खरीद 2011-12 के 4.40 लाख से बढ़कर 2017-18 में 11.18 लाख (तीन गुना) जिसमें 9.30 लाख सिर्फ दो पहिया वाहन हैं. शहरी क्षेत्र में प्रति 100 व्यक्ति 221 मोबाइल कनेक्शन और ग्रामीण क्षेत्र में यह प्रति 100 व्यक्ति 44 मोबाइल कनेक्शन है. बिहार में औसत आयु (लाइफ एक्सपेक्टेंसी) 2006-10 की अवधि के 65.8 वर्ष से बढ़कर 2012-16 की अवधि में 68.7 वर्ष हो गई.

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‘संसदीय परंपरा और नैतिकता के विरूद्ध है ये बजट’

केंद्रीय बजट को लेकर बिहार में विपक्ष ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि अंतरिम बजट के नाम पर मोदी सरकार ने गैरसंवैधानिक पूरा बजट पेश किया है. जो भी घोषणाएँ है उन्हें आगामी सरकार ने लागू करना है। यह जनता के साथ छलावा है. अगर जनता की इतनी ही फ़िक्र थी तो विगत 5 साल से क्या पकौड़े तल रहे थे? तेजस्वी यादव ने कहा कि अंतरिम बजट में पूरी तरह से दूरदर्शिता का अभाव है, चुनावी भाषण से अधिक कुछ नहीं, अपनी योजनाओं का बखान और अपने कार्यकाल के बाहर के सपने ही दिखाए गए- किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को मुनाफे की ओर ले जाने का कोई रोडमैप नहीं दिखा. कृषकों की आय को दुगना करना इस सरकार के पूरे कार्यकाल में एक जुमला ही सिद्ध हुआ. सिंचाई और किसानों के लिए बिजली की बात, उर्वरकों व खादों के बढ़ते दामों से निपटने के बात को नजरअंदाज कर दिया गया. फसल बीमा योजना की विफलता को भी सफलता सिद्ध करने की ज़िद में सरकार. ₹500/माह की राशि किसानों के साथ एक मजाक है. शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्रों की पूर्णतः अनदेखी की गई है। रोजगार के सृजन जैसे गम्भीर मुद्दे पर बजट विज़न विहीन है. दलित, पिछड़ों व अन्य कमज़ोर वर्गों के उत्थान, उनके लिए स्कॉलरशिप योजना इत्यादि का कोई उल्लेख नहीं. OROP के तथाकथित समाधान से पूर्व सैनिक नाखुश फिर भी सरकार कर रही है अपनी वाहवाही.

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