कल पूर्व-मध्य रेलवे लेगा ब्लॉक

ब्लॉक की वजह से 7 ट्रेनें रद्द,16 री शिड्यूल, 2 का शार्ट टर्मिनेशन, 1 का मार्ग परिवर्तन के साथ 3 नियंत्रित कर चलेगी ट्रेन गोरखपुर, 03 जून. पूर्व-मध्य रेलवे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मंगलवार 04 जून 2019 को ब्लॉक लेने की सूचना जारी की है. यह ब्लॉक पूरे दिन पूर्व-मध्य रेलवे के सोनपुर-छपरा ग्रामीण रेल खण्ड पर सीमित ऊँचाई के सब-वे (एल.एच.एस.) के निर्माण कार्य हेतु किया जाएगा. इस ब्लॉक के कारण कुछ गाड़ियों को रद्द, मार्ग परिवर्तन, शार्ट टर्मिनेशन/शार्ट ओरिजिनेशन, रि-शिड्यूलिंग तथा नियंत्रण निम्नवत किया गया है. रद्द की गई गाड़ियां 05 जून,2019 को सीतामढ़ी से प्रस्थान करने वाली 14005 सीतामढ़ी-आनन्द विहार टर्मिनस लिच्छवी एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 04 जून,2019 को पाटलिपुत्र से प्रस्थान करने वाली 12529 पाटलिपुत्र-लखनऊ जं0 एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 04 जून,2019 को लखनऊ से प्रस्थान करने वाली 12530 लखनऊ-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 03 जून,2019 को आनन्द विहार टर्मिनस से प्रस्थान करने वाली 14006 आनन्द विहार टर्मिनस-सीतामढ़ी लिच्छवी एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 04 जून,2019 को 55008/55007 गोरखपुर-पाटलिपुत्र-गोरखपुर सवारी गाड़ी रद्द रहेगी. 03 जून,2019 को 50012 गोरखपुर-सीवान सवारी गाड़ी रद्द रहेगी. 04 जून,2019 को 55022 सीवान-समस्तीपुर सवारी गाड़ी रद्द रहेगी. मार्ग परिवर्तन की जाने वाली गाड़ियां 04 जून,2019 को दरभंगा से प्रस्थान करने वाली 12565 दरभंगा-नई दिल्ली एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग मुजफ्फरपुर-छपरा-गोरखपुर के स्थान पर परिवर्तित मार्ग मुजफ्फरपुर-पनियहवा-गोरखपुर के रास्ते चलेगी. शार्ट टर्मिनेशन/शार्ट ओरिजिनेशन 03 जून,2019 को ग्वालियर से प्रस्थान करने वाली 11124 ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस 04 जून,2019 को छपरा में टर्मिनेट होगी. 04 जून,2019 को बरौनी से प्रस्थान करने वाली 11123 बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस छपरा से प्रस्थान करेगी. रि-शिड्यूल ट्रेनें

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150 साल बाद अपने वतन लौटेगी इस फ़िल्म से ‘भोजपुरी’

भोजपुरी का ट्रेंड ही नही टेस्ट भी बदलेगा “पपीहरा” Patna now special पटना, 2 जून. पोर्न का हब बने भोजपुरी फिल्मों से दूर हुए पारिवारिक दर्शकों के लिए एक अच्छी ख़बर है. अगर आप भोजपुरी फिल्मों को देखने से हाय-तौबा कर चुके हैं, अश्लीलता की वजह से उसे थियेटर में परिवार के साथ देखना नही पसंद करते हैं लेकिन आपके दिल में आज भी भोजपुरी के प्रति लगाव है तो घबराइए नही इस साल अपने पूरे परिवार को थियेटर में भोजपुरी फ़िल्म पपीहरा दिखाने के लिए ले जा सकते हैं. हमारा 100 प्रतिशत दावा है कि आप फ़िल्म देखने के बाद दूसरे परिवारों को भी पूरे परिवार के साथ देखने का सुझाव देंगे. भोजपुरी को पुनः घर-घर तक सम्मान दिलाने के उद्देश्य से युवा निर्माता देवेंद्र सिंह और निर्देशक शीनू मोहंती ने एक टीम बनाई और रच डाली फ़िल्म निर्माण की पटकथा. देवेंद्र भोजपुर के रहने वाले हैं जबकि शीनू जमशेदपुर के रहने वाले हैं और मुम्बई में फिलहाल रहते हैं. प्रचार तंत्र से दूर पहले फ़िल्म को शूट किया और फिर एडिट ताकि काम बोले और उसे देखने के बाद लोग गर्व करें. एक माह पूर्व भोजपुरी फीचर फिल्म पपीहरा की पोस्टर रिलीज़ विश्व भोजपुरी सम्मलेन दिल्ली में की गई. फ़िल्म का पोस्टर जिसने देखा टकटकी निगाहों से देखते रह गए. पपीहरा भोजपुरी फिल्मों की भीड़ से कुछ अलग प्रयास है. पपीहरा एक पूर्ण पारिवारिक कहानी पर बनी फिल्म है. इस फिल्म में भारतीय कलाकारों के आलावा विदेशी कलाकारों ने भी काम किया है. फिल्म में अभिनेत्री इरिना ब्लांच

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मोदी सरकार पार्ट 2 की कमान है इनके हाथों में

अमित शाह को गृह, राजनाथ को रक्षा और निर्मला को मिला वित्त मंत्रालय का प्रभार पटना, 31 मई. गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में दूसरी बार  प्रधानमंत्री की शपथ लेने के बाद मोदी सरकार ने जीते हुए योग्य सांसदों को कैबिनट की कमान देते हुए उन्हें विभिन्न मंत्रालयों सहित उस विभाग की कमान सौंप दी है. प्रधानमंत्री के शपथ के बाद उन्होंने भी शपथग्रहण कर नए मिले विभागों की कमान संभाल ली है. कैबिनेट राज्य मंत्री के अलावे राज्य मंत्री, व स्वतंत्र प्रभार में कुल मिलाकर 57 विभागों का बंटवारा किया गया है, जिसमें बिहार के 6 नेता भी शामिल हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में बिहार के शपथ लेने नेताओं में रविशंकर प्रसाद, रामविलास पासवान, अश्विनी चौबे, गिरिराज सिंह, आर.के. सिंह और नित्यानंद राय शामिल हैं. ये हैं 24 कैबिनेट मंत्री 1. राज नाथ सिंह – रक्षा मंत्री. 2. अमित शाह – गृह मामलों के मंत्री. 3. नितिन जयराम गडकरी – सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री; तथासूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री. 4. डी.वी. सदानंद गौड़ा – रसायन और उर्वरक मंत्री. 5. निर्मला सीतारमण – वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री. 6. रामविलास पासवान -उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री. 7. नरेंद्र सिंह तोमर – कृषि और किसान कल्याण मंत्री; ग्रामीण विकास मंत्री तथा पंचायती राज मंत्री. 8. रविशंकर प्रसाद -कानून और न्याय मंत्री; संचार मंत्री; तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री. 9. हरसिमरत कौर बादल – खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री. 10. थावर चंद गहलोत – सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री. 11. डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर – विदेश मंत्री. 12. रमेश पोखरियाल निशंक – मानव संसाधन विकास मंत्री 13. अर्जुन मुंडा – जनजातीय मामलों के मंत्री. 14. स्मृति जुबिन ईरानी – महिला और बाल विकास

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आर के सिंह ने किया आचार संहिता का उलंघन, क्या दर्ज होगा केस ?

आरा,23 मई. आचार संहिता उलंघन को लेकर आरा के भाजपा प्रत्याशी राजकुमार सिंह, एवं राघवेंद्र प्रताप सिंह को अनुमंडल पदाधिकारी सदर, आरा ने एक नोटिस जारी कर 24 घण्टे के भीतर जवाब मांगा. यह जवाब 19 मई को संध्या को किये गए एक आम सभा को लेकर मांगा गया है. जिला प्रशासन के अनुसार मुफ्फसिल थाना,आरा के नजदीक स्थित भाजपा नेता राघवेन्द्र प्रताप सिंह के आवास पर संध्या 6 बजे एक आम सभा का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 200 लोग शामिल हुए. इस आम सभा को भाजपा प्रतायशी राज कुमार सिंह ने संबोधित भी किया जिसे प्रशासन ने आचार संहिता का उलंघन माना है. जिला दंडाधिकारी भोजपुर द्वारा भेजे गए ज्ञापांक 224(10/5/19)के अनुसार उस दिन संपूर्ण भोजपुर जिले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू की गई थी. साथ ही आदेश की कंडिका एक में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है कि किसी भी व्यक्ति, राजनीतिक दल, संगठन, के द्वारा राजनीतिक प्रयोजन से संबंधित किसी भी प्रकार की सभा ,जुलूस ,धरना ,प्रदर्शन तथा ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग बिना किसी सक्षम पदाधिकारी के पूर्व अनुमति के आयोजित नहीं किया जाएगा तथा अनुमति की शर्तो के प्रतिकूल कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा. इसके बावजूद भी राजकुमार सिंह एवं राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा सभा का आयोजन किया गया तथा आदर्श आचार संहिता के साथ- साथ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 का भी उल्लंघन किया गया. फलस्वरूप उक्त दोनों व्यक्तियों से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण की मांग की गई है. पत्र में कहा गया है कि क्यों नहीं लोकसभा

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वो कौन है जिसने रात के अंधेरे में बांटा “भाजपा हटाएं” का पर्चा

आचार संहिता का हुआ उलंघन, चुनाव से 8 घँटे पहले बंटे पर्चे आरा,18 मई. 19 मई 2019 को होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर जहां 24 घण्टे पहले सभी पार्टियों का चुनाव-प्रचार थम चुका है वैसे में आरा में आज रात लगभग 11 बजे रात में चुनाव से महज 8 घण्टे पूर्व जसवा(जनमुक्ति संघर्ष वाहिनी) के कार्यकर्ता को एक पार्टी विशेष के विरोध में पर्चे बांटते देखा गया. चुनाव में कड़े नियमों और सख्ती के बाद भी यह दुःसाहस भरा कार्य कानून के विरोध है. वोटरों को रातों रात अपने पक्ष में मोड़ने के उद्देश्य से ऐसे कार्य किये जाते है. अब दिलचस्प सवाल यह कि जनमुक्ति संघर्ष वाहिनी किसी पार्टी विशेष का विरोध खुद कर रही है या किसी के कहने पर? मध्यरात्रि के समय गोला मुहल्ले के पास खड़े युवकों ने जब पर्चे लेने से इनकार करते हुए इसे चुनाव आचार संहिता का उलंघन बताया तो ‘जसवा’ के कार्यकर्ता ने यह कहते हुए पर्चा थमा दिया कि आपको जो मन करे इस पर्चे के साथ कीजिये. मेरा काम है पर्चा बाँटना अब आप इसे पढ़िए या फेंक दीजिये. मेरा काम है पर्चा बाँटना अब आप इसे पढ़िए या फेंक दीजिये. हालांकि पर्चा बांटने वाले संगठन से कोई उम्मीदवार चुनाव मैदान में खड़ा तो नही है लेकिन एक पार्टी विशेष का विरोध पुरजोर तरीके से पर्चे पर किया गया है. अब देखना यह होगा कि इसपर चुनाव आयोग क्या करवाई करती है. आरा से ओ पी पांडेय व सत्य प्रकाश सिंह की रिपोर्ट

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ऐसा कोई सगा नही,पलटु चाचा ने जिसको ठगा नही : तेजस्वी

संविधान बचाने व बेरोजगारी भगाने वाला है यह चुनाव अंतिम चुनावी सभा में महागठबंधन ने निकाली भड़ास भोजपुर के गड़हनी में केन्द्र व बिहार सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी गड़हनी. वर्तनान चुनाव में बेरोजगारी, शिक्षा, किसानों व गरीबों की समस्या सबसे बड़ा मुद्दा है. लेकिन भाजपा के लोग असल मुद्दे को इस चुनाव से दुर रखे हैं. इसी आरा में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार की बोली लगायी थी. आज तक एक भी वादे पुरे नहीं किये. पल्टू चाचा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने का वादा किये थे. यह पहला चुनाव है कि आपके नेता हमारे पिता लालू यादव हमारे बीच नहीं हैं. लेकिन उनके विचार हमारे और आपके साथ हैं. हमलोगों का कर्तव्य बनता है कि लालू जी के विचार को आगे बढाना है. उक्त बातें भोजपुर के गड़हनी स्थित खेल मैदान में माले के प्रत्याशी राजू यादव के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुये बिहार के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कही. तेजस्वी ने कहा कि भाजपा वाले हमारे पिता और आपके नेता लालू यादव से डरता था अब तो हमसे भी डरने लगा है. आरक्षण को खत्म करने की तैयारी कर ली गयी है. संविधान के साथ ये लोग खिलवाड़ कर रहे हैं. देश की जांच एजेंसियों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है. नीतीश कुमार पर चुटकी लेते हुये कहा कि बचपन में फिल्म देखते थे चाची 420 लेकिन अब हकिकत में चाचा 420 बन गये हैं हमारे पल्टू चाचा. भाजपा में जाते ही सारे पाप

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वह ‘गाँव’ जहाँ एक ही चापाकल से चलता है काम…

एकौना- जहां एक चापाकल से पूरे गांव का काम चलता है आरा, 14 मई. गंगा से गंगोत्री तक पिछले पांच सालों में 4 बार पैदल और साइकिल से यात्रा कर चुके प्रख्यात कवि, लेखक और पत्रकार निलय उपाध्याय निरन्तर जल को लेकर चिंतित हैं. उनकी यात्राएँ प्रकृति को उसके मूल रूप में लाने के लिए है. उन्होंने अभी हाल में भोजपुर के संगम बिंदगांवा से लेकर बक्सर तक गंगा के तटीय इलाकों का भ्रमण किया और आर्सेनिक की समस्या को लेकर लोगों की समस्याओं से रूबरू हुए और लोगों को जागरूक किया. उनकी इस यात्रा से मिले अनुभवों को हम आपके सामने हर दिन लाने की कोशिस करेंगे. आज जानिए भोजपुर में बसे उस गांव की दास्तान जहां पूरे गांव का काम मात्र एक चापाकल के भरोसे ही चलता है.. patna now Exclusive समय से हम एकौना आ गए। एक मोटर सायकिल और तीन लोग। सडक ठीक थी और कहीं कहीं इतनी खराब कि कहना मुश्किल।उपर से समान और आर्सेनिक का पर्चा भी। राह में पर्चा बांटते आए। जो मिला बात करते आए। हर जगह आर्सेनिक का हाल पूछते आए। एक ही किस्सा दुहराया जाता। बर्तन में रात भर पानी छोड दो तो पीला हो जाता है। इस पानी से कपडा साफ़ नहीं होता। इलाज कराने गए तो कैंसर निकल गया। और अंत में आप ही बताईए न हम क्या करे? पेड पौधों में नेताओं की तरह गजब की हरियाली थी मगर अभिशप्त। खेत कटने के बाद खलिहान लदे थे और दाने भी पुष्ट थे पर आरसेनिक का शाप उन्हें

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मौत को दावत देता पुल

मौत का दावत दे रहा गड़हनी का बनास नदी पुल, जानता में भारी आक्रोश गड़हनी.14 मई. नही है किसी का ध्यान,पुल पार करते हैं ग्रमीण हथेली पर रख कर अपना जान. जी हाँ भोजपुर के गड़हनी बनास नदी पर सन 1996 में ग्रामीणों के सहयोग से बना यह पुल आज लोगों के लिए खतरा साबित हो रहा है.1996 के पूर्व ग्रामीणों ने चंदा कर पाया ढलवाया, फिर बहुत प्रयास के बाद विधायक शिवानन्द तिवारी के अनुशंसा पर सुनिश्चित रोजगार योजना के तहत महज एक लाख इक्यावन हजार रुपये से पुल की ढलाई हुई एवं लोहा का पाइप का रेलिंग लगा. वर्ष 1995 में ग्रामीणों ने चंदा के पैसा से पुल के पाया का निर्माण कराया, एवं उस पर बिजली का पोल रख कर आना- जाना शुरू हुआ था. गड़हनी गाँव एवं मुख्य सड़क को जोड़ने वाला यह पुल नया बाजार के समीप बनास नदी पर बना है जहाँ से सीधे गड़हनी पुरानी बाजार, शिव मंदिर तक,तीनघरवा,सिहार, बरघारा आसानी से पहुँचा जा सकता है जो आज खतरों से लबरेज है. पुल का ऊपरी हिस्सा,रेलिंग पूरी तरह पिछले कई वर्षों से ध्वस्त है. पुल पर रेलिंग न होने के चलते अक्सर हादसा होते रहता है चाहे गर्मी का मौसम हो या बरसात का, लेकिन इस पुल के ऊपर किसी भी जनप्रतिनिधि या प्रसाशन का ध्यान नही है. पिछले दिन निवर्तमान सांसद आर० के० सिंह ने लोहे के पाइप का रेलिंग लगवाया, लेकिन बरसात के बाढ़ में वह भी बह गया. ग्रमीणों ने नदी से रेलिंग निकाल कर आधा अधूरा पुल पर रेलिंग

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आरा में वोट बहिष्कार !

2 सालों से जल-जमाव की समस्या से परेशान वार्ड 15 की जनता ने अजीज आकर लिया निर्णय आरा, 14 मई. लोकतंत्र का आधार जनता को माना जा जाता है और यही जनता जिसे चुनती है वही नेता और मंत्री बन बनता है, लेकिन विडंबना देखिए कि जीतने के बाद अपने वादों से मुकर जाते जनता द्वारा चुने गए जब प्रतिनिधि तो जनता भी चुनाव महापर्व के आते ही उन्हें सबक सिखाती है वोट बहिष्कार कर. ऐसी ही सबक आरा के कश्यप नगर निवासियों ने सिखाने ठानी है. आरा के चंदवा स्थित वार्ड नंबर 15, में पड़ता है कश्यप नगर. सड़क पर गुजरते ही आपको एक बोर्ड दिखेगा जिसपर वोट-बहिष्कार की बातें लिखी हुई है. यह बोर्ड राहगीरों का अनायास ही ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है. कारण है लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व का बहिष्कार. लोगों की माने तो मुहल्ले में विगत 2 वर्षों से नाली और रोड की स्थिति नरकीय बनी हुई है. मुहल्ले वासियों ने इस समस्या को दूर करने के लिए जनप्रतिनिधि से लेकर नगर निगम तक कई बार गुहार भी लगाई, लेकिन ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हुई. रोड से लेकर मुहल्ले तक जलजमाव व बजबजाती नालियों से नरकीय स्थिति ज्यों का त्यों आज भी बनी हुई है. इसलिए चुनाव आते हैं मोहल्ले वासियों ने यह ठान लिया कि जब तक उनके इस समस्या का निजात नही होता वे 19 मई को होने वाले चुनाव में वोट का बहिष्कार करेंगे. अपने इस निर्णय को लोगो ने सार्वजनिक रूप से एक बोर्ड बनाकर लगा दिया

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ब्राह्मणों ने भरी हुंकार, कहा- ‘जय परशुराम’

ब्राह्मणों का महाजुटान परशुराम जन्मोत्सव मनाने आरा पहुँचे पूरे शाहाबाद के ब्राह्मण आरा.14 मई. वोट की राजनीति के लिए गोलबंद होते दिनों-दिन जातिगत समीकरण ने आपसी सामाजिक मूल्यों को दरकिनार कर दिया है. एक खास वर्ग को अपना वोटर चुन उन्हें हर पार्टियाँ लुभाने में लगी है. ऐसे में वे वोटर जो जाति से ज्यादा विकास और समाज को जोड़ने का काम करते हैं, वे भी गोलबंद हो अपनी भूमिका तय करने की नीति बना रहे हैं. अपनी सामाजिक उपस्थिति का परिचय कुछ ऐसा ही कर ब्राह्मणों ने पिछले दिनों अपनी ताकत का एहसास परशुराम जयंती के मौके पर आरा में कराया. हालांकि यह आयोजन पिछले 4-5 वर्षों से लगातार किया जा रहा है. विगत 12 मई को ब्राह्मण महासभा, शाहाबाद ने शहर के चंदवा स्थित ग्रीन हेवेन रिसोर्ट में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव समारोह धूमधाम से मनाया. समारोह की अध्यक्षता ब्राह्मण महासभा,शाहाबाद के अध्यक्ष अंजनी तिवारी व संचालन गुड्डू ओझा ने किया. कार्यक्रम में पूरे शाहाबाद से ब्राह्मणों ने भारी संख्या में अपनी भागीदारी निभायी. कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना से हुई से हुई जिसमें ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की. उसके बाद उपस्थित ब्राह्मणों ने गगनभेदी स्वर में जय परशुराम की जयघोष से हुंकार भरा. कार्यक्रम में शालिग्राम दुबे, हरे कृष्ण उपाध्याय, राधा बिहारी ओझा (पूर्व विशेष सचिव बिहार सरकार), नंद कुमार ओझा, प्रोफेसर यूएस परशुराम पांडेय, समाजसेवी गंगाधर पांडेय,डॉ. ओपी राजेंद्र, दिनेश्वर ओझा मुख्य अतिथि थे. कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों और ब्राह्मणों को अंग वस्त्र, भगवान परशुराम का कैलेंडर व जनेऊ

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