दरभंगा में मॉरीशस के कलाकार करेंगे रामायण का मंचन

दरभंगा सेंट्रल स्कूल में मॉरीशस के कलाकारों द्वारा संगीतमय रामायण का मंचन :- सीताराम की पुण्यभूमि मिथिला की धरती पर पहली बार मिथिला वासी मॉरीशस के सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू होंगे. खासकर बच्चे अभिभावक और नगरवासी इसके प्रति काफी उत्साहित हैं. वही विद्यालय के प्राचार्य ए॰ के॰ कश्यप ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है. उन्होंने बताया कि मिथिला धाम में मॉरीशस के कलाकारों का अंतर्राष्ट्रीय प्रथम मंचन होगा. कार्यक्रम दरभंगा सेंट्रल स्कूल वासुदेवपुर एन एच 57 पर अवस्थित 12 नवंबर दिन मंगलवार को 10:00 बजे से 11:30 बजे तक विद्यालय प्रांगण में आयोजित होगा.इस कार्यक्रम के संयोजक सह विद्यालय के प्रबंध न्यासी डॉक्टर कुमार अरुणोदय भी इस अवसर पर बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे. भारत मॉरीशस संस्कृतिक यात्रा के तहत ह्यूमन सर्विस ट्रस्ट मॉरीशस के तत्वधान में संगीतमय रामायण का मंचन किया जाएगा.

Read more

12 वर्ष में ही गृह-त्यागने वाले तपस्वी का 25वां दीक्षा दिवस

सौरभसागर महाराज का 25 वां रजत दीक्षा दिवस धूमधाम से मना आरा.23 सितंबर. जिन पूजन संघठन, आरा ने श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर में संस्कार प्रणेता मुनि श्री 108 सौरभसागर महाराज का 25 वां रजत दीक्षा दिवस बड़े ही भक्तिभाव से द्वारा मनाया. प्रातःकाल जिनेन्द्र देव का पंचामृत अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा हुई. गुरुदेव सौरभ सागर महाराज को स्मरण करते हुए अर्घ्य सहित श्रीफल समर्पण,महाआरती एवं भजन की गई. दीक्षा दिवस के अवसर पर डॉ राकेन्द्र चन्द्र जैन ने बताया कि संस्कार प्रणेता मुनि श्री 108 सौरभसागर महाराज पुष्पगिरी प्रेणता परम् पूज्य आचार्य श्री 108 पुष्पदन्तसागर महाराज से दीक्षित है और 12 वर्ष के अल्पायु में ही गृह त्यागकर ब्रह्मचर्य व्रत को अपनाया ऐसे त्यागी, तपस्वी मुनि का 25 वां दीक्षा दिवस मनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. दीक्षा महोत्सव में जिन पूजन संघठन के आकाश जैन, अजय जैन अज्जू, रवीश जैन, सोनू जैन, अरुण जैन, मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन, प्रशांत जैन, प्रभा जैन, किरण जैन, रेशु जैन, इन्द्राणी जैन, सविता जैन, मंजुला जैन, दीप्ति जैन, मोनिका जैन, राजेश जैन, वार्ड पार्षद रेखा जैन उपस्थित थे. आरा से अपूर्वा की रिपोर्ट

Read more

जहां विघ्नहर्ता हरते हैं विघ्न

जहाँ सिर्फ फूलों से सजा है गणपति का मंदिर फूलों से पटा सिद्धिविनायक मंदिर, विघ्नहर्ता के द्वार पहुँचे लाखो लोग मुंबई, 2 सितंबर. देश मे आज से गणेश चतुर्थी की पूजा प्रारम्भ हो गयी है जिसे पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है. देवताओं में विघ्नहर्ता के नाम से जाने जाने वाले भगवान गणेश की पूजा सभी देवाताओं की पूजा से पहले की जाती है और इसकी भव्यता महाराष्ट्र में अलग ही दिखती है. हर घर मे भगवान गणपति की पूजा अर्चना की जाती है. लेकिन सिद्धिविनायक मंदिर में गणपति का दर्शन अलग ही महत्व रखता है. मुंबई के प्रभादेवी इलाके में स्थित इस मंदिर की स्थापना 1801 में हुई थी. इस मंदिर को एक मशहूर बिल्डर ने बनवाया था. इस मंदिर में ऐसी मान्यता है कि भक्तों की मनोकामना पूरी होती है. मंगलवार के दिन खास भीड़ होती है. लोग अपने घरों से खाली पैर मनोकामना पूर्ण होने के बाद यहाँ आते अक्सर दिखते हैं. गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर को बड़े ही भव्य रूप में सजाया गया है. सूर्यमुखी,डहेलिया,ट्यूलिप, गुलाब और गेंदा के फूलों से मंदिर का हर कोना अपने अनोखे रउआ से आनेवाले लोगों को आकर्षित कर रहा है. मंदिर के भीतरी मंडप का एरिया हो या पिलर या दिवाल सभी फूलों से सजकर तैयार हैं. दर्शन के लिए भले सुबह से भरी भीड़ सुबह की आरती के लिए इक्कठी दिखी. वैसे तो आम दिनों में भी यहाँ देश विदेश से श्रद्धालुओ का तांता लगा रहता है लेकिन गणेश चतुर्थी के वक्त दस दिनों तक भीड़

Read more

अद्भुत जलमंदिर महोत्सव का दूसरा दिन…

जल मंदिर महोत्सव के दूसरे दिन निकली भव्य कलश यात्रा 108 महिलाओं ने उठाया दिव्य कलश आरा,24 अगस्त. त्रिदिवसीय भगवान महावीर स्वामी जल मंदिर जीणोद्धार महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को प्रातःकाल जिनेन्द्र देव की भक्तिभाव से पंचामृत अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा हुई जिसमें शांतिधारा करने का सौभाग्य सीमा-मनोज जैन एवं प्रभा-राकेन्द्र चन्द्र जैन को प्राप्त हुआ. विधान में जैन धर्म के सभी 24 तीर्थंकरों के माता-पिता, यक्ष-यक्षिणी, क्षेत्रपाल के गुणों का स्मरण करते हुये श्रीफल सहित अर्ध्य समर्पित किया गया. संगीतकार संतोष जैन के सु-मधुर संगीत एवं प्रतिष्ठाचार्य पं० नरेश कुमार जैन ‘शास्त्री’ के विशेष मंत्रोच्चार से इंद्र-इन्द्राणी झूम उठे तथा उन्होने भाव नृत्य किया. विधान के बाद मंत्रोच्चारित पवित्र जल को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई,जिसमे108 जैन महिलाओं ने भाग लिया. कलश यात्रा श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर, जेल रोड से निकलकर शिवगंज स्थित श्री 1008 भगवान महावीर स्वामी जल मंदिर पहुँची जहाँ महिलाओं ने जीणोद्धार द्वारा निर्मित नवीन वेदियों का शुद्धि, पवित्र जल एवं विशेष मन्त्रो द्वारा किया. साथ ही यक्ष-यक्षिणी की नवीन प्रतिमाओं का संस्कार आरोपण एवं क्षेत्रपाल जी का शुद्धिकरण हुआ. कार्यक्रम की समाप्ति पर साधर्मी वात्सल्य की व्यवस्था थी जिसे भक्तों ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण किये. सायंकालीन कार्यक्रम में महाआरती, भजन, शास्त्र प्रवचन, प्रश्नमंच, एवं संस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित था. जिसमें महाआरती करने का सौभाग्य आकृति जैन एवं अखण्ड जैन को प्राप्त हुआ. कार्यक्रम में समिति के डॉ शशांक जैन, विजय जैन, अजय जैन, डॉ राकेन्द्र चन्द्र जैन, मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन, धीरेन्द्र चन्द्र जैन, बिभु जैन, राजेश जैन, भावेश जैन, सर्वेश जैन,

Read more

क्या आपने देखा है जल मंदिर महोत्सव ?

त्रिदिवसीय भगवान महावीर स्वामी जल मन्दिर महोत्सव आज से शुरू आरा. 23 अगस्त. जल मंदिर का नाम सुनते ही उसकी सुंदरता की कल्पना दिमाग में घूमने लगती है और लगता है कि एक बार ऐसे रमणीय जगह पर घूमने जरूर जायें. लेकिन ऐसे मंदिरों पर जब महोत्सव हो तो इसकी खूबसूरती की कल्पना और लाज़मी हो जाती है. क्या आपने कभी ऐसे महोत्सव को देखा है? अगर नही तो इस बार जरूर देखिये भोजपुर जिला मुख्यालय में स्थित जल मंदिर महोत्सव को जिसमे भगवान महावीर कि मुर्ति स्थापित है. श्री 1008 दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर के अधीनस्थ श्री 1008 भगवान महावीर स्वामी जल मंदिर जीणोद्धार महोत्सव त्रिदिवसीय कार्यक्रम बहुत ही उत्साह के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. शुक्रवार की सुबह देव, शास्त्र, गुरु की आज्ञा प्राप्त कर, ध्वजारोहण का कार्यक्रम पं० नरेश कुमार जैन ‘शास्त्री’ हस्तिनापुर के मंत्रोच्चारण बीच शशि-शैलेन्द्र कुमार जैन व नम्रता-शशांक जैन के परिवार द्वारा किया गया. ध्वजारोहण के पश्चात मण्डप शुद्धि सौधर्म इंद्र-इंद्राणी छवि-अंशु जैन, ईशान इंद्र-इंद्राणी सीमा-मनोज जैन, महेंद्र इंद्र-इंद्राणी शालिनी-सर्वेश जैन, यज्ञनायक इंद्र-इंद्राणी मंजुला-आदेश जैन के द्वारा बड़े ही श्रद्धा एवं भक्तिपूर्वक सम्पन्न किया गया. जिनेन्द्र देव का भव्य पंचामृत अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा करने का सौभाग्य शील जैन, छवि जैन आरा एवं हेमलता जैन बैंगलोर निवासी को प्राप्त हुआ. आज के विधान में संगीतकार सन्तोष जैन एण्ड पार्टी भरतपुर के संगीतमय धुन के बीच विशेष मंत्रोच्चार के साथ भावपूर्वक अर्ध्य इंद्र-इंद्राणियों के द्वारा विधान मंडल पर चढ़ाये गये. विधान के पश्चात साधर्मी वात्सल्य (भोजन) की व्यवस्था राजेश्वरी जैन जी के परिवार द्वारा किया

Read more

रक्षा बंधन पर वैदिक रक्षा सूत्र बांधे | जाने क्या है शुभ मुहूर्त | राशि अनुसार बांधे राखी

पटना (ब्यूरो) | श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करती हैं. वहीं भाई भी जीवन भर अपनी बहनों को रक्षा का वचन देते हैं. यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का अनुपम उदाहरण है. इस बार यह त्योहार 15 अगस्त को है.बहनों को इस पर्व का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार रहता है. वहीं भाई भी बहनों के घर आने की बाट जोहते हैं. जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है तो वे यह कामना करती हैं कि उसके भाई के जीवन में कभी कोई कष्ट न हो, वह उन्नति करें और उसका जीवन सुखमय हो. वहीं भाई भी इस रक्षा सूत्र को बंधवाकर गौरवांवित अनुभव करते हैं और जीवन भर अपनी बहन की रक्षा करने की कसम खाता है. यही स्नेह व प्यार इस त्योहार की गरिमा को और बढ़ा देता है. रक्षा बंधन के पर्व पर अपने भाई को वैदिक विधि – वैदिक रक्षा सूत्र बांधे . वैदिक रक्षा सूत्र वैदिक रक्षा सूत्र बनाने की विधि: – इसके लिए 5 वस्तुओं की आवश्यकता होती है(1) दूर्वा (घास)(2) अक्षत (चावल)(3) केसर(4) चन्दन(5) सरसों के दाने .इन 5 वस्तुओं को रेशम के कपड़े में लेकर उसे बांध दें या सिलाई कर दें, फिर उसे कलावा में पिरो दें, इस प्रकार वैदिक राखी तैयार हो जाएगी . इन पांच वस्तुओं का महत्त्व –(1) दूर्वा – जिस प्रकार दूर्वा का एक अंकुर

Read more

निकली माता की अलौकिक 201वीं खप्पड़ डोली

फुलवारीशरीफ में निकली माता की अलौकिक 201वीं खप्पड़ डोलीमहामारी से लोगों की जान बचाने के लिए 201 साल से निकाली जा रही माता कीडोलीआगे आगे खप्पड़ में जलता हुआ आग लेकर दौड़े पुजारी और उनके पीछे दौड़ा 61 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का जन सैलाबतलवार, भाला त्रिशूल आदि पारंपरिक हथियार लिए लगाते रहे माता के जयकारेजय माता दी के नारों से गूंजती रही चारो दिशाएँआधे घंटे में पूरी की परिक्रमाफुलवारीशरीफ (अजीत कुमार की रिपोर्ट) | रविवार को पटना के फुलवारीशरीफ में एक अभूतपूर्व एवं अनुशासन से लवरेज रोमांचित कर देने वाला अलौकिक 201वां माता की खप्पड़ डोली निकली. इस दृश्य को देखकर शहरवासी गौरवान्वित हो रहे थे. इस वर्षो पुरानी पुरखो के जमाने से चली आ रही परम्परा को निभाने में मुस्लिम भाइयो ने हिन्दू समुदाय के साथ बढ़ चढ़ कर सहयोग दिया. संध्या के साढ़े सात बजते ही माता के मंदिर के पुजारी जीतमोहन पंडित सबसे आगे-आगे हाथ में जलता हुआ खप्पर लेकर निकले. पूजारी जी के दौड़ते ही उनके पीछे हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब हाथों में पारंपरिक हथियार, तलवार, भाला त्रिशूल लिए माता के जयकारे लगाते खप्पड़ दौड़ परिक्रमा शुरू कर देते हैं. जय माता दी के जयकारे से चारों दिशाएं गूंजने लगती हैं. करीब 61 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का सैलाब अपने शहर के दो सौ साल पुरानी आस्था और परम्परा को आज भी जिस उत्साह से निभा रहे थे. उसका स्वरूप देख लोग आश्चर्यचकित थे. आस्था की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही थी. यह दृश्य किसी को भी एक बार रोमांचित करने के लिए

Read more

नागपंचमी पर साल में एक बार, उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर महादेव का लाइव दर्शन करें

आज श्रावण मॉस की शुक्ल पंचमी अर्थात नागपंचमी है. उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में सिर्फ एक दिन नागपंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) पर ही दर्शनों के लिए खोला जाता है. ऐसी मान्यता है कि नागराज तक्षक स्वयं मंदिर में रहते हैं. नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक का देखें उज्जैन से नागचंद्रेश्वर का लाइव विडियो….नागचंद्रेश्वर मंदिर, उज्जैन से साल में सिर्फ एक बार यहाँ प्रसारण देखें – http://dic.mp.nic.in/ujjain/mahakal/fbng.html

Read more

17 जुलाई को इस दौरान रहेगा आंशिक चन्द्रग्रहण

17 जुलाई को होने वाला आंशिक चन्द्रग्रहण भारत में देखा जा सकेगा. चन्द्रग्रहण भारतीय समयानुसार 1 बजकर 31 मिनट से शुरू होगा और 4 बजकर 30 मिनट पर खत्म हो जाएगा. इस अवधि में चन्द्रमा पर पृथ्वी की छाया धीरे-धीरे बढ़ती जाएगी और सबसे ज्यादा आंशिक चन्द्रग्रहण 3 बजकर 1 मिनट पर देखा जा सकेगा. इस दौरान चन्द्रमा का आधे से थोड़ा ज्यादा हिस्सा पृथ्वी की छाया से पूरी तरह ढंक जाएगा. केन्द्र सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के सुदूर उत्तर-पूर्वी हिस्से को छोड़कर भारत के अन्य सभी स्थानों से पर आंशिक चन्द्रग्रहण देखा जा सकेगा. इसे ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका तथा दक्षिणी अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों, सुदूर उत्तरी स्केंडिनेविया को छोड़कर पूरे यूरोप तथा पूर्वोत्तर को छोड़कर समूचे एशिया में भी देखा जा सकेगा. आंशिक चन्द्रग्रहण 2 घंटा 59 मिनट तक रहेगा।

Read more

हनुमान जन्मोत्सव पर करें ये उपाय

उज्जैन (पं अजय दूबे) | शास्त्र अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है जो इस बार 19 अप्रैल 2019 शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा. इस दिन हनुमान जी से जो भी कामना की जाए निश्चित रूप से पूर्ण होती है कुछ आसान और घरेलू उपाय जिसे हनुमान जन्मोत्सव के दिन करके कष्टों से मुक्ति पाई जा सकती है.यह दिन हनुमान जी की पूजा का सबसे बड़ा दिन माना जाता है. इस दिन अगर कोई भी व्‍यक्‍ति सच्‍चे मन से हुनमान जी की अराधना करे तो उसे काफी लाभ पहुंचता है. मान्‍यता है कि इस दिन किये गए खास उपाय व्‍यक्‍ति को विशेष फल प्रदान करते हैं. इस दिन अगर आप हनुमान जी के मंदिर में लाल रंग का चोला चढ़ाते हैं तो उसका भी खास लाभ होता है. श्री हनुमान को सिंदूर अत्यंत प्रिय है. उनकी पूजा से पहले आप उन्‍हें सिंदूरी का लेप लगा सकते हैं. इससे जीवन में सकारात्‍मकता आती है. हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाने से एवं मूर्ति का स्पर्श करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. आइये जानते हैं हनुमान जन्मोत्सव के दिन किन उपायों को करने से भक्‍त का जीवन बदल सकता है. 5 देसी घी के रोटी का भोग हनुमान जन्मोत्सव पर लगाने से दुश्मनों से मुक्ति मिलती है. कारोबार में वृद्धि के लिए हनुमान जन्मोत्सव पर सिंदूरी रंग का लंगोट हनुमानजी को पहनाइए. हनुमान जी के मंदिर जाएं, उन्हें केसरी रंग का चोला चढ़ाएं और बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं. सिर से 8 बार नारियल वारकर हनुमान

Read more