तो जानिए कैसे होता है “एक होना”

एक को जानो,एक को मानो,एक हो जाओ : निरंकारी मिशन कोइलवर, 16 मार्च. पिछले दिनों शनिवार को विशेष सत्संग के उपलक्ष में प्रखंड के बिरमपुर के मैदान का साफ-सफाई के साथ-साथ जिलास्तरीय निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया. सत्संग की अध्यक्षता भकुरा के इंचार्ज प्रोफेसर शिवकुमार राय व संचालन गड़हनी शाखा के महात्मा मुरली मनोहर जोशी ने की. निरंकारी संत समागम में पीरो, चरपोखरी ,गड़हनी जितौरा,भकुरा,आरा,ख़्वासपुर,महुरहि सहित आसपास के जिला से विभिन्न संत महात्माओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. वीरमपुर में निरंकारी मिशन का एक अलग ही पहचान है. वीरमपुर के साथ-साथ पूरे विश्व में भी निरंकारी मिशन विख्यात है. अध्यक्षता कर रहे शिवकुमार ने बताया कि संत निरंकारी मिशन आपसी भाईचारा एवं शांति का संदेश देता है. मिशन का उद्देश्य है कि प्रत्येक मानव का कद्र दिल से करें ताकि भक्ति में विश्वास बन जाए साथ ही परमात्मा को सतगुरु के द्वारा जाना जा सके. परोपकार ही पुण्य का रास्ता हैं. यह शरीर नश्वर है और इसे मिट्टी में ही मिल जाना है. कहा भी गया है कि बैठा पंडित पढ़े पुराण, बिन देखे का करे बखान, तू कहे कागज़ की लेखी, मैं कहू आँखन की देखी ‘ मतलब जो ये पढ़ने-लिखने का ही सिलसिला है,जो वो सिर्फ वही तक सीमित है,एक जिसने ये ज्ञान की नज़र नही प्राप्त करी, उसके लिये तो सिर्फ वह अक्षर सिर्फ अक्षर तक ही रह जाते है. पर जिस तरह की वे कह रहे है, तू कहे कागज़ की लेखी- कि कागज़ में जो लिखा है तू तो वही बता रहा है, मै

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प्राण प्रतिष्ठा के लिए हुई जलभरी

गायत्री मन्दिर में प्राण प्रतिष्ठा हेतु जलभरी, सैकड़ो श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा कोइलवर/भोजपुर,01मार्च. भोजपुर जिला अंतर्गत कोइलवर नगर पंचायत स्थित वार्ड 3 के मिश्रटोला में नव निर्मित गायत्री मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा को लेकर एक भव्य कलश यात्रा कर जलभरी किया गया. इस यात्रा में सैकड़ो लोग शामिल हुए. यह कलश यात्रा नगर के वार्ड 3 स्थित नवनिर्मित गायत्री मन्दिर से शुरू होकर कोइलवर के पुल स्थित बाबा दिनेश्वर नाथ धाम के पास सोन नदी के गौरैया घाट पहुंची. जहां कलश में पवित्र जल भरने के बाद सभी लोग वापस मंदिर स्थल पहुंचे जहा निर्धारित स्थानों पर कलश स्थापित किये जाने के बाद यह यात्रा संम्पन्न हुई. सोमवार को इस नवनिर्मित गायत्री मंदिर में आचार्य धर्मेन्द्र जी व अमूल्य जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गायत्री मन्दिर में मां गायत्री का प्राणप्रतिष्ठा की जाएगी. इस यात्रा में मुख्य रूप से वार्ड पार्षद प्रभात कुमार सिंह, यादवेंद्र उर्फ विरमन्यु, राज कुमार, शिव कुमार सिंह के अलावा डॉ बिजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, हिमांशु पाठक, राजदीप सिंह, पंकज सिंह, बिनोद कुमार सिन्हा, नीरज कुमार सहित कई लोग शामिल थे. पटना नाउ ब्यूरो रिपोर्ट

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हनुमानजी की प्राण प्रतिष्ठा हेतु जलभरी, सैकड़ो श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

कोइलवर/भोजपुर (आमोद कुमार) | भोजपुर जिला अंतर्गत कोइलवर प्रखण्ड के गीधा औधौगिक क्षेत्र स्थित सिलेंडर प्लांट में नव निर्मित हनुमान मंदिर में हनुमानजी की प्राणप्रतिष्ठा को लेकर एक भव्य कलश यात्रा कर जलभरी किया गया. इस यात्रा में सैकड़ो लोग शामिल हुए. यह कलश यात्रा गीधा अधौगिक क्षेत्र से शुरू होकर बड़हरा के लेखनाम टोला गंगा घाट पहुंची. जहां कलश में पवित्र जल भरने के बाद सभी लोग वापस मंदिर स्थल पहुंचे जहा निर्धारित स्थानों पर कलश स्थापित किये जाने के बाद यह यात्रा संम्पन्न हुई. बुधवार को बने इस नवनिर्मित हनुमान मंदिर में आचार्य अरुण पांडेय द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान हनुमान की प्राणप्रतिष्ठा की जाएगी. इस यात्रा में मुख्य रूप से कम्पनी के GM राकेश सिंह, अरविंद सैनी, अश्वनी कुमार सिंह, धर्मेन्द्र झा, संदीप दुबे, अजय कुमार अंशुल, हीरा लाल राय, राकेश सिन्हा, बिनय कुमार, दीपक पाठक, आलोक सिंह, गोविन्द प्रसाद, सुखदेव कुमार, दिवाकर जी, उज्ज्वल, रवि शर्मा सहित कई लोग शामिल थे.

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बसंतपंचमी को निकली भगवान पार्श्वनाथ की भव्य रथयात्रा

आरा. बसंतपंचमी के पावन अवसर पर जैन समुदाय के द्वारा भगवान पार्श्वनाथ की भव्य रथयात्रा श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर से निकाली गयी. रथ पर भगवान के साथ सैकड़ो की संख्या में पुरुष-महिलाएं गाजे-बाजे के साथ शहर के धर्मन चौक, बिजली रोड, बड़ी चौक, गोपाली चौक होते हुये जेल रोड स्थित श्री 1008 दिगम्बर जैन चन्द्रप्रभु मंदिर पहुँचे. वहाँ भगवान जिनेन्द्र देव का भक्तिभाव से 108 कलशों से अभिषेक, पंचामृत अभिषेक, विशेष पूजन एवं शांतिधारा हुआ जिसमें शांतिधारा करने का सौभाग्य मिनाली-अभिषेक जैन को प्राप्त हुआ. इस रथयात्रा महोत्सव में सौभाग्यशाली पात्रों का चयन समिति द्वारा लक्की ड्रा के द्वारा किया गया था. जिसमें श्रीजी को विराजमानकर्ता अनुज कुमार जैन, सारथी विपुल कुमार जैन, कुबेर दिवांश जैन, प्रथम इंद्र-इंद्राणी मीनू-राकेश प्रसाद जैन एवं द्वितीय इंद्र-इंद्राणी के रूप में मिनाली-अभिषेक जैन को प्राप्त हुआ. अभिषेक के पश्चात गुरुदेव आचार्य श्री 108 विपुल सागर महाराज जी का स्वर्णिम 45 वां संयम दीक्षा दिवस मनाया गया. इस अवसर पर गुरुदेव का पाद-प्रक्षालन ब्र0 सुलोचना जैन एवं शास्त्र भेंट शील जैन जी को करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. दीक्षा दिवस के अवसर पर आचार्य गुरुदेव के संघ में आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर महाराज ने कहा कि जैन मुनि बनने के लिए कठिन साधना की जरूर होती है दीक्षा आसानी से नहीं मिलती इसके लिए सांसारिक सुखों का त्यागकर कठोर तप-साधना करना पड़ता है, वहीं मुनि श्री 108 भरतेश सागर महाराज ने उपस्थित जन-समूह को सम्बोधित करते हुये कहा कि हमने तो अपने दीक्षा गुरु का दीक्षा नही देखा पर आज उनके

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एक को जानो, एक को मानो, एक हो जाओ – निरंकारी मिशन

परोपकार ही पूण्य हैं:-नवल नववर्ष पर गड़हनी में सत्संग का आयोजन गड़हनी. गडहनी में बुधवार को नव वर्ष के मौके पर रामदहिन मिश्र उच्च विद्यालय का साफ-सफाई के साथ-साथ जिलास्तरीय निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया था. सत्संग की अध्यक्षता पटना क्षेत्र के क्षेत्रीय संचालक नवल किशोर सिंह व संचालन चरपोखरी शाखा के मुखी महात्मा शिवकुमार शर्मा ने की. निरंकारी संत समागम में पीरो, चरपोखरी,जितौरा,भकुरा, आरा,सहित आसपास के जिला के विभिन्न संत महात्माओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. गडहनी में निरंकारी मिशन का एक अलग ही पहचान है. गडहनी के साथ-साथ पूरे विश्व में भी निरंकारी मिशन विख्यात है. अध्यक्षता कर रहे नवल किशोर ने बताया कि संत निरंकारी मिशन आपसी भाईचारा एवं शांति का संदेश देता है. मिशन का उद्देश्य है कि मानव का कद्र दिल से करें ताकि मानवता जो है वह खिल उठे साथी ही परमात्मा को सतगुरु के द्वारा जाना जा सकता हैं. साथ ही परोपकार ही पुण्य का रास्ता हैं. यह शरीर नश्वर है और इसे मिट्टी में ही मिल जाना है. बैठा पंडित पढ़े पुराण, बिन देखे का करे बखान, तू कहे कागज़ की लेखी, मैं कहू आँखन की देखी ‘ कि मतलब जो ये पढ़ने-लिखने का ही सिलसिला है, जो वो सिर्फ वही तक सीमित है, एक जिसने ये ज्ञान की नज़र नही प्राप्त करी, उसके लिये तो सिर्फ वो अक्षर सिर्फ अक्षर तक ही रह जाते है,पर जिस तरह की वो कह रहे है, तू कहे कागज़ की लेखी- कि कागज़ में जो लिखा है तू तो वो ही बता रहा

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स्वामी रामनरेशाचार्य जी महाराज का पांच दिवसीय पटना प्रवास

पटना (प०ना० रिपोर्ट) | रामानंद संप्रदाय के प्रधान आचार्य स्वामी रामनरेशाचार्य जी महाराज पांच दिवसीय प्रवास पर 4 दिसम्बर को पटना आ रहे हैं. वे 5 दिसम्बर से राजधानी के राजेन्द्र नगर में सनातनी श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे. स्वामीजी के सत्संग की तैयारियां अंतिम चरण में है. जगदगुरु रामानंदाचार्य पद प्रतिष्ठित स्वामी रामनरेशाचार्य रामानंदी वैष्णवों की मूल आचार्यपीठ श्रीमठ, पंचगंगा घाट, काशी के वर्तमान पीठाधीश्वर हैं. इस पीठ को सगुण और निर्गुण रामभक्ति परंपरा और रामानंद संप्रदाय का मूल गादी होने का गौरव प्राप्त है. रामानंदाचार्य आध्यात्मिक मंडल, बिहार से जुड़े सतेन्द्र पांडेय के मुताबिक स्वामीजी का पटना प्रवास रामभाव प्रसार यात्रा के तहत हो रहा है. इसके निमित्त वे वैष्णव विश्व दर्शन फाउंडेशन के सभागार में निवास करेंगे तो राजेन्द्र नगर में गणपति उत्सव के सामने है. राजधानी के भक्त सुबह में आचार्यश्री का दर्शन, पूजन करेंगे. दोपहर में भंडारा होगा और सायं चार बजे से सत्संग का आयोजन होगा, जिसमें जगदगुरु रामानंदाचार्य के प्रवचनों का लाभ श्रद्धालु ले पाएंगे. रामालय ट्रस्ट के संयोजक हैं रामनरेशाचार्यजगदगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामनरेशाचार्य रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर बनाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हराव की पहल पर गठित रामालय ट्रस्ट के संयोजक रहे हैं. उस ट्रस्ट में द्वारा पीठ और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती और श्रृंगेरी पीठ शंकराचार्य स्वामी भारती तीर्थ जी भी थे. रामनरेशाचार्य जी ने राममंदिर आंदोलन से आम जन को जोड़ने के लिए देशव्यापी यात्राएं की थी. रामजन्मभूमि की मुक्ति के लिए बने रामजन्मभूमि न्यास के पहले अध्यक्ष शिवरामाचार्य थे, जो इनसे पहले श्रीमठ के पीठाधीश्वर थे.

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देव-दीपावली के मौके पर जगमगाया गड़हनी

गड़हनी. भारतीय संस्कृति में कार्तिक पूर्णिमा स्नान का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है इस दिन कई धार्मिक आयोजन पवित्र नदी में स्नान पूजन और कर्म दिनचारी का विधान वर्ष के 12 मास में कार्तिक मास आध्यात्मिक एवं शारीरिक ऊर्जा संचय के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है जिले के गड़हनी प्रखंड के गड़हनी बनास नदी घाट का नजारा इस कार्तिक पूर्णिमा की शाम बिल्कुल ही अलग देखने को मिली गाँव के  युवाओं की टोली ने बनास नदी घाट पर हजारों दीप प्रज्वलित कर समाज को आइना दिखाने का काम किया है  कि अब अपना पंचायत गड़हनी ना सिर्फ खुले में शौच मुक्त होगा बल्कि इस घाट पर प्रत्येक पूर्णिमा को गड़हनी के उन सभी  घरों से लोग दिए जलाने का काम किये जो छठ पूजा किया करते हैं बता दें कि गड़हनी नया बाजार से पुरानी बाजार जाने के क्रम में पडने वाले बनास नदी के घाट  पर लोग खुले में शौच करके गंदगी फैलाने का काम करते थे जब गड़हनी के युवाओं सक्रिय हुए तो खुलकर आगे आए और सुबह शाम निगरानी करना शुरू किया। निगरानी ऐसी जहां कल तक लोग खुले में शौच करते थे अब वहां सुबह शाम बैडमिंटन अन्य प्रकार के खेल खेले जा रहे है। युवाओं के साथ साथ बुद्धजीवियों का भी काफी सहयोग रहा है युवाओं के समर्थन में स्थानीय पत्रकार ने बिजली की व्यवस्था कराई जिसे वहां प्रकाशय हुआ,सुबह शाम निगरानी सशक्त हुई। हजारों युवाओं की टोली अपने अपने घर से दिए लेकर बनास नदी घाट पर जलाएं जिस का नजारा बनारस के घाट

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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा मे डुबकी क्यों?

आरा. कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर जिले भर के लोगों ने अलग-अलग घाटों पर गंगा में डुबकी लगा पूजा अर्चना की और सुख की कामना की. यह दिन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है. वैसे तो कार्तिक पूर्णिमा में गंगा मईया सहित सभी देवों के पूजा की जाती है, लेकिन भगवान विष्णु एवं शिव भगवान को विशेष तौर पर याद किया जाता है. शास्त्रों के अनुसार भगवान शंकर ने कार्तिक पूर्णिमा के ही त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध कर समाज को राक्षसी प्रवृत्ति से मुक्ति दिलाई थी, वही भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था और सब की रक्षा की थी. इतना ही नही सिखों के गुरु गुरुनानक देव का भी जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही हुआ था. गंगा में डुबकी क्यो? कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा के घाटों पर पैर रखने की जगह तक नही रहता है. सालों वीरान रहने वाला तट मेले में तब्दील हो जाता है. अब सवाल यह उठता है कि आखिर क्या होता है इस दिन को खास जो सभी गंगा स्नान के लिए दूर-दूर से जुटते हैं. ऐसा माना जाता है कि अति शुभ दिन होने के कारण गंगा में स्नान से पापों और दुःख से मुक्ति मिलती है. गंगा में स्नान करने से सुख समृद्धि और वैभव प्राप्त होता है. भोजपुर जिले के तमाम गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली. भक्ति भाव से स्नान के बाद गंगा मईया की पूजा अर्चना कर लोगों ने दीप भी दान किया. मां गंगा की पूजा अर्चना सिन्हा,केशवपुर घाट, एकौना घाट, महुली

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दरभंगा में मॉरीशस के कलाकार करेंगे रामायण का मंचन

दरभंगा सेंट्रल स्कूल में मॉरीशस के कलाकारों द्वारा संगीतमय रामायण का मंचन :- सीताराम की पुण्यभूमि मिथिला की धरती पर पहली बार मिथिला वासी मॉरीशस के सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू होंगे. खासकर बच्चे अभिभावक और नगरवासी इसके प्रति काफी उत्साहित हैं. वही विद्यालय के प्राचार्य ए॰ के॰ कश्यप ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है. उन्होंने बताया कि मिथिला धाम में मॉरीशस के कलाकारों का अंतर्राष्ट्रीय प्रथम मंचन होगा. कार्यक्रम दरभंगा सेंट्रल स्कूल वासुदेवपुर एन एच 57 पर अवस्थित 12 नवंबर दिन मंगलवार को 10:00 बजे से 11:30 बजे तक विद्यालय प्रांगण में आयोजित होगा.इस कार्यक्रम के संयोजक सह विद्यालय के प्रबंध न्यासी डॉक्टर कुमार अरुणोदय भी इस अवसर पर बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे. भारत मॉरीशस संस्कृतिक यात्रा के तहत ह्यूमन सर्विस ट्रस्ट मॉरीशस के तत्वधान में संगीतमय रामायण का मंचन किया जाएगा.

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12 वर्ष में ही गृह-त्यागने वाले तपस्वी का 25वां दीक्षा दिवस

सौरभसागर महाराज का 25 वां रजत दीक्षा दिवस धूमधाम से मना आरा.23 सितंबर. जिन पूजन संघठन, आरा ने श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर में संस्कार प्रणेता मुनि श्री 108 सौरभसागर महाराज का 25 वां रजत दीक्षा दिवस बड़े ही भक्तिभाव से द्वारा मनाया. प्रातःकाल जिनेन्द्र देव का पंचामृत अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा हुई. गुरुदेव सौरभ सागर महाराज को स्मरण करते हुए अर्घ्य सहित श्रीफल समर्पण,महाआरती एवं भजन की गई. दीक्षा दिवस के अवसर पर डॉ राकेन्द्र चन्द्र जैन ने बताया कि संस्कार प्रणेता मुनि श्री 108 सौरभसागर महाराज पुष्पगिरी प्रेणता परम् पूज्य आचार्य श्री 108 पुष्पदन्तसागर महाराज से दीक्षित है और 12 वर्ष के अल्पायु में ही गृह त्यागकर ब्रह्मचर्य व्रत को अपनाया ऐसे त्यागी, तपस्वी मुनि का 25 वां दीक्षा दिवस मनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. दीक्षा महोत्सव में जिन पूजन संघठन के आकाश जैन, अजय जैन अज्जू, रवीश जैन, सोनू जैन, अरुण जैन, मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन, प्रशांत जैन, प्रभा जैन, किरण जैन, रेशु जैन, इन्द्राणी जैन, सविता जैन, मंजुला जैन, दीप्ति जैन, मोनिका जैन, राजेश जैन, वार्ड पार्षद रेखा जैन उपस्थित थे. आरा से अपूर्वा की रिपोर्ट

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