हर घर तक पहुंचा भगवान महावीर का संदेश

कोरोना काल मे परिवार को किया एकजुट, श्रद्धा-भक्ति ने दी हर घर पर दस्तक आरा (भोजपुर),25 अप्रैल. कोविड संक्रमण के दौर में भी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती आज जिले में बड़े ही धूमधाम से मनाई गयी. इस बार की जयंती अबतक के जयंतियों से काफी अलग और सही मायने में देखा जाय तो सबसे ज्यादा प्रभावशाली,भक्ति और हर जन को सम्मिलित किये हुए था. अब आप यह सोच रहे होंगे कि ऐसा क्या था और अनोखा कैसे रहा आज का जयंती? दरअसल कोविड संक्रमण के इस दौर में बिहार में जहाँ 15 मई तक नाइट कर्फ्यू की वजह से मंदिर और सामुहिक जलसों में लोगों के मिलजुल पर रोक है. आमतौर पर कोई पर्व,त्योहार या जलसों में सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की भागीदारी और धूमधाम होती है. ऐसे जलसों में सबसे ज्यादा युवाओं की भागीदारी रहती है लेकिन बुजुर्ग अक्सर घरों में रहते हैं. कोरोना काल के कारण इस बार जैन समुदाय ने भगवान महावीर की जयंती सामूहिक न करके सभी लोगों को घर पर मनाने का फैसला लिया. इसका परिणाम यह हुआ कि सार्वजनिक स्थलों में जहां शहर के धर्मिक स्थलों पर भीड़ नही हुआ वही भगवान महावीर के प्रति श्रद्धा और उनके जयंती में हर घर के बुजुर्ग दम्पति भी शामिल हुए और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ अपने आराध्य की जयंती लोगों ने धूमधाम से मनायी. आपस मे परिवार वालों का एक साथ किसी अनुष्ठान में इतने व्यापक पैमाने पर बड़े दिनों बाद देखने को मिला. लोगों ने पूजा के बाद बड़ो का

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अनोखे अंदाज में आज मनेगी भगवान महावीर की जयंती

घर-घर गूंजेंगे भगवान महावीर के अमर सन्देश आरा (भोजपुर),25अप्रैल. कोविड महामारी को लेकर जहाँ सभी वर्क फ्रॉम होम और घर से बाहर लोग कम से कम निकल रहे हैं और जरूरी कामों को अंजाम दे रहे हैं ऐसे में कुछ लोग एंजाइटी के शिकार भी हो रहे हैं लेकिन क्रिएटिव और पॉजिटिव सोच रखने वाले ऐसी विपत्ति काल मे भी घरों में रहते हुए कैसे कोई पर्सनल या सामाजिक कार्य किया जाय इसको अंजाम देने में लगे हैं. ऐसे ही कार्यों में इन दिनों जैन समुदाय से जुड़े लोग लगे हुए हैं,जिनके लिए भगवान महावीर की जयंती मनाना एक चैलेंज के रूप में लिया है. इसबार वे कुछ अनोखे अंदाज में भगवान महावीर की जयंती कोविड नियमों के 100 प्रतिशत पालन के साथ बड़े ही रोचक तरीके से कर रहे हैं. जी हाँ आज रविवार है और भगवान महावीर की जयंती भी आज है. इसबार यह जयंती हर साल से ज्यादा व्यापक और भक्तिमय तरीके से मनाया जा रहा है. जी हाँ चौंकिए मत! बस यूं समझिए कि इस बार यह जयंती घर-घर मे मनाई जा रही है. न लोगों की भीड़ होगी, न सड़कों पर कोई भीड़ का आलम, लेकिन भगवान महावीर की जयंती पर भक्ति में लीन होंगे आज हर घरों में उनके अनुयायी! जी हाँ! कुछ इसी अंदाज में मनेगा आज जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती. जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्मकल्याणक महोत्सव बड़े ही भक्तिपूर्वक रविवार को मनाया जायेगा,लेकिन इस बार कोविड-19 महामारी के कारण गलियों में

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आज नहींं रिलीज होगा आरण्य चालीसा

आरण्य चालीसा पर कोरोना का कहर! चैत नवमी को रिलीज होने वाली आरण्य चालीसा स्थगित आरा की अधिष्ठात्री आरण्य देवी की आरती और चालीसा की हुई थी शूटिंग आरा,21 अप्रैल. कोरोना ने आम जन जीवन मेंं इस कदर तबाही ला दी है कि लोग अपनी दिनचर्या तक भी ठीक नहींं कर पा रहे हैं. मनुष्य का सामाजिक से धार्मिक परिवेश बदल चुका है. यहाँ तक कि अब देवी-देवताओं से जुड़े कार्यों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. मंदिर में भगवान तो पहले ही कैद हो चुके हैं. अब इनके भजन,चालीसा और आरती पर भी संकट के मेघ उमड़ रहे हैं. जी हाँ सुनने में आश्चर्य जरूर लग रहा होगा लेकिन यह यथार्थ है. शाहाबाद जनपद की अधिष्ठात्री,आरण्य देवी का चालीसा और आरती पिछले दिनों शूट किया गया था जिसका वीडियो नवमी को रिलीज होना तय हुआ था. लेकिन कोरोना की वजह से अब यह चालीसा और आरती अधर में लटक गया है. चैत नवमी को शक्ति की देवी का दिन माना जाता है और हिन्दू नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है. इसी पावन दिवस को ध्यान में रखकर निर्माता ने यह आरती माँ को समर्पित करने का प्लान किया था लेकिन वह फिलहाल कोरोना के कहर से स्थगित हो गया है. कोरोना से जबतक स्थिति सामान्य नहींं होती रिलीज की अगली डेट का अनुमान निर्माता नही बता पा रहे हैं. बता दें कि माँ आरण्य क्रिएशन के बैनर तले आरा की अधिष्ठात्री देवी माँ आरण्य का चालीसा और आरती के ऑडियो का निर्माण पिछले वर्ष ही जारी

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वासंतीय नवरात्र की पूरी जानकारी

13 अप्रैल से मां दुर्गा की आराधना का पर्व वासंती नवरात्र का शुभारंभ हो रहा है. मां भवानी इस बार कई खास योग और संयोग के साथ अपने भक्तों का कल्याण करने आई हैं. इस बार के वासंतीय नवरात्र की पूरी जानकारी आप वीडियो को देखकर प्राप्त कर सकते हैं. pncb

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32 वर्षों में 3000 से ज्यादा उपवास वाले सन्त का धर्मनगरी में हुआ आगमन

जैन संत अंतर्मन आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज जी ससंघ का हुआ मंगल प्रवेश आरा,8मार्च. 32 वर्षों में 3000 से ज्यादा उपवास की कठिनतम साधना वाले संत का धर्मनगरी में रविवार को आगमन हुआ. मंदिरों की धर्मनगरी आरा में, जैन आचार्य अंतर्मन श्री प्रसन्न सागर महाराज ससंघ का जैन धर्मावलंबियों के द्वारा भव्य मंगल प्रवेश रविवार को बड़े ही भक्तिपूर्वक हुआ. प्रातः समय बामपाली स्थित ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय में जिनेन्द्र प्रभु का अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा संपन्न हुआ. आचार्य ससंघ का नगर आरा स्थित श्री 1008 अतिशयकारी चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर के लिए मंगल विहार हुआ. जैन समाज के लोगों ने आचार्य ससंघ का भव्य आगवानी किया. शहर के चंदवा मोड़ से लेकर जेल रोड स्थित जैन मंदिर तक भक्तों ने गाजा-बाजा के साथ भव्य जुलूस निकाला गया. जुलूस में भक्तों ने जैन ध्वज लहराते, गुरुदेव का जयकारा लगाते, पुष्पवृष्टि करते हुये जैन मंदिर पहुँचे. वहीं आचार्य ससंघ का पाद-प्रक्षालन, मंगल आरती एवं भजन एवं धर्मसभा का आयोजन हुआ. उन्होंने धर्मसभा में भक्तों से कहा कि आरा बहुत ही पवित्र भूमि है यहां भगवान पार्श्वनाथ एवं भगवान महावीर के साथ अनेकों आचार्य एवं गुरुओं की विश्राम स्थली है, उन्होंने कहा कि आप सभी बहुत ही सौभाग्यशाली है कि इतने पवित्र भूमि परते है. श्री दिगम्बर जैन मुनि संघ के सचिव अजय कुमार जैन ने बताया कि अंतर्मन आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज के संघ में मुनि पीयूष सागर महाराज एवं ऐलक पर्वसागर महाराज है. ये संघ भारतवर्ष के विभिन्न शहरों से होते हुये धर्मनगरी आरा पहुँचे है. ये संघ

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14 या 15 जनवरी- आप कब मना रहे हैं मकर संक्रांति!

हर साल की तरह इस साल भी लोगों के मन में भ्रम है कि आखिर मकर संक्रांति किस दिन मनाएंं. इस वर्ष 14 जनवरी या 15 जनवरी को है मकर संक्रांति. तो ये पूरी जानकारी हम लेकर आए हैं आपके पास इस वीडियो के जरिए, जिसमें आपको मकर संक्रांति का महत्व और इस वर्ष किस दिन मकर संक्रांति मनाना चाहिए; यह पूरी जानकारी आपके लिए उपलब्ध कराई गई है नीचे दिए गए वीडियो में. pncb

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नए साल में किन राशि वालों को बरतनी है सावधानी है और किसकी होगी बल्ले-बल्ले

नया साल आ गया है. नए साल की शुरुआत के साथ ही लोगों के मन में यह सवाल है कि यह साल उनकी राशि के लिए कैसा रहेगा. पढ़ाई, नौकरी, विवाह से लेकर संपत्ति, घर और परिवार के लिए कैसा रहेगा वर्ष 2021. देखिए इस वीडियो में. pncb

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2021 में गृह प्रवेश मुहूर्त

क्या आप का भी सपना है नए साल में नए घर में प्रवेश का! आप गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त जानना चाहते हैं तो वर्ष 2021 में गृह निर्माण की शुरुआत और गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी हम आपको उपलब्ध करा रहे हैं एक वीडियो के जरिए. आप नीचे दिए गए वीडियो को क्लिक करके पूरी जानकारी पा सकते हैं. pncb

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छठ और सूर्योपासना के मायने

▪️आज जिसकी पूजा का दिन है, वह उन ऋषियों का सूर्य नहीं जिसने उसे सप्ताश्व, मार्तंड और पूषण जैसे वेदोक्त पर्यायों से पुकारा था। यह उन वैज्ञानिकों का सूर्य भी नहीं जो पृथ्वी से उसकी दूरी उसकी किरणों के यात्रा-समय में मापते हैं और अपनी भौतिक जिज्ञासा से प्रेरित होकर यह जान पाने में सफल हो गए हैं कि सूर्य तरल आग और अणुओं-परमाणुओं के बेहद नियंत्रित टूट की प्राकृतिक प्रयोगशाला है! यह उन पंडितों का भी दिन नहीं जिन्हें हम उनके कर्म से अधिक उनके काण्ड से जानते हैं. ▪️यह उन मनुष्यों का दिन है जिन्होंने रात की जानलेवा सुरंग में अपनों और अपने जैसों को खोया था. जिनके लिए आसमान में उगा सोने का गोला एक चमत्कार था और उसका चाँदी जैसी धूप में बदल जाना आकाश का पृथ्वी से प्यार। यह उन पुरखों का दिन है जिनके पास देह को गर्म करने के लिए आग तक नहीं थी।जंगली जाड़े की बेहद ठंडी रातों में तन-मन से ठंडे पत्थरों की गुफा में जीने भर ऊष्मा के लिए दूसरी मानव देह के सिवा और क्या रहा होगा उनके पास ? और क्या रहा होगा सूर्य की ऊष्मा के सिवा जब छोटे दिनों की ठंडी हवाएँ उनके नंगे बदन को चींथकर रख देती होंगी. तब किसे मालूम था कि पेड़ के पत्ते सूर्य के प्रकाश में अपने और अपने इर्द गिर्द बसे जीवों के लिए खाना बनाते हैं; और यह भी किसे पता था कि ऋतु के चक्र का रिंग मास्टर सूर्य ही है और पृथ्वी का गर्भाधान बीज मात्र

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शारदीय नवरात्र की पूरी जानकारी

दुर्गा पूजा कब से है. नवरात्र में कलश स्थापना 2020 में किस दिन होगी. शारदीय नवरात्र में मां की आराधना कैसे करें. इन तमाम सवालों के जवाब जानने हैं तो क्लिक कीजिए और सुनिए कैसे होती है कलश स्थापना और किस विधि से होती है मां की आराधना. कोरोना महामारी को लेकर इस वर्ष पटना सहित अन्य जगहों पर भी पंडाल और मूर्तियों का निर्माण नहीं हो रहा है. ज्यादातर जगहों पर कलश स्थापना कर मां की पूजा होगी और इस महामारी से लोगों को बचाने की प्रार्थना की जाएगी. OP Pandey

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