सबका साथ और सबका विकास के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध है जीकेसी

जीकेसी महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक संपन्न कायस्थों को एकजुट होने और राष्ट्र निर्माण में कायस्थों की भूमिका को उन्नत करने की जरूरत : शिशिर सिन्हामुंबई, 26 जुलाई कायस्थों के सामाजिक- आर्थिक और राजनीतिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध अंतरराष्ट्रीय संस्था ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक संपन्न हो गयी.(जीकेसी) महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक जीकेसी महाराष्ट्र के अध्यक्ष शिशिर सिन्हा की अध्यक्षता में आहूत की गयी। इस दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद के अलावा ,रवि व्यास अध्यक्ष भाजपा मीरा-भायंदर जिला, भाजपा कॉर्पोरेटर विजय राय और सुश्री नीला सोन्स, शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के वैश्विक अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आलोक अविरल, जीकेसी युवा प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय प्रभारी और बॉलीवुड सिंगर प्रिया मल्लिक और जीकेसी की मुख्य वित्तीय अधिकारी निष्का रंजन मौजूद थी. राजीव रंजन प्रसाद ने लोगों को संबोधित करते हुये जीकेसी के सात मूलभूत सिद्धांत सेवा, सहयोग, संप्रेषण, सरलता, समन्वय, सकारात्मकता और संवेदशनीलता के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उन्हें अपने जीवन में आत्सात करने पर जोर दिया. उन्होंने कायस्थों के इतिहास और इस राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में लोगों को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि हाल के तीन चार दशकों में राजनीतिक दलों द्वारा कायस्थ की महिमा का अवमूल्यन किया गया है. हम सभी को मिलकर जीकेसी आगे बढ़ाने के लिए सोच और विचारधारा का ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जरूरत है. जीकेसी सबका साथ और सबका विकास के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं.श्री रवि व्यास- अध्यक्ष भाजपा मीरा-भायंदर

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शिक्षा विभाग में बड़ा उलटफेर

बिहार सरकार ने शिक्षा विभाग में बड़ा उलटफेर किया है. बिहार में करीब 1,30,000 प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया चल रही है. और इसी बीच सरकार ने अपने दो बड़े अधिकारियों को बदल दिया है. इसके अलावा बिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक का भी तबादला कर दिया गया है. बिहार शिक्षा परियोजना के डायरेक्टर संजय कुमार सिंह को स्वास्थ्य विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है. जबकि डॉ रणजीत कुमार सिंह को प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पद से पंचायती राज विभाग भेजा गया है. उनकी जगह अमरेंद्र प्रसाद सिंह को प्राथमिक शिक्षा निदेशक बनाया गया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरवर दयाल सिंह का भी तबादला कर दिया गया है. राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक बनाया गया है. श्रीकांत शास्त्री को बिहार शिक्षा परियोजना का राज्य परियोजना निदेशक बनाया गया है. राजेश तिवारी

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अब कचरा शुल्क ख़त्म करने की मांग उठी

चैम्बर द्वारा नगर निगम की ओर से लिए जानेवाले कचरा शुल्क को समाप्त करने का आग्रह बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज ने तारकिशोर प्रसाद, माननीय उप मुख्यमंत्री-सह-नगर विकास एवं आवास मंत्री आनन्द किशोर, प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, सीता साहु, माननीय मेयर एवं हिमांशु शर्मा, नगर आयुक्त से आग्रह किया है कि कचरा शुल्क लिए जाने के पटना नगर निगम के सशक्त स्थायी समिति के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए जिससे कि व्यवसायियों पर लगाए गए इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत मिल सके चैम्बर अध्यक्ष पी० के० अग्रवाल ने कहा कि यह सर्वविदित है कि नागरिकों को नगर निगम द्वारा प्रदान की जानेवाली सेवाओं यथा गृह कर, मल कर जल कर, शिक्षा कर स्वास्थ्य कर आदि की सुविधा प्रदान करने के बदले उक्त क्षेत्र में आनेवाले प्रत्येक निजी मकान या व्यवसायिक प्रतिष्ठान सभी से क्षेत्रफल या निर्माण के अनुसार निगम के द्वारा होल्डिंग टैक्स की वसूली की जाती है। उसके बावजूद व्यवसायिक प्रतिष्ठानों या घर घर से कूड़ा उठाने के लिए अतिरिक्त शुल्क लगाना अव्यवहारिक प्रतीत होता है। उन्होंने आगे बताया कि व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से घर-घर कूड़ा उठाने के लिए निगम के सशक्त स्थायी समिति के द्वारा अतिरिक्त शुल्क लिए जाने का निर्णय जन विरोधी है इस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए क्योंकि व्यवसायी पहले से ही सरकार की ओर से अधिरोपित कई प्रकार के करों के बोझ से दबे हैं। ऐसा लगता है कि सशक्त स्थायी समिति द्वारा एक निजी कंपनी को सभी व्यवसायिक संपत्ति धारकों से जबरन कचरा शुल्क वसूलने की छूट दी गई

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पूर्व मध्य रेल के 67 हजार से अधिक रेलकर्मियों ने लिया वैक्सीन

दानापुर मंडल में 100% टीकाकरण, शत-प्रतिशत रेलकर्मियों ने ली वैक्सीन हाजीपुर,14 जुलाई. कोरोना से लड़ने में रेलवे के कर्मचारियों ने कोरोना काल मे तो दिलेरी दिखाई ही है अब वे वैक्सिनेशन के जरिये इसे मिटाने में अपना योगदान शत-प्रतिशत दे रहे हैं. रेलवे ने अपने कर्मचारियों के लिए वैक्सिनेशन की विशेष अभियान चला रखी है जिसमें उसके कर्मचारी भरपूर सहयोग कर रहे हैं. कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए ट्रेनों के परिचालन सहित अन्य रेल गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहे इसके लिए रेल कर्मियों के व्यापक स्वास्थ्य हित में पूर्व मध्य रेल द्वारा मुख्यालय एवं पांचों मंडलों में कार्यरत रेलकर्मियों को कोविड-19 से बचाव हेतु एक अभियान के रूप में कोविड टीकाकरण चलाया जा रहा है. अब तक पूर्व मध्य रेल के 83 प्रतिशत रेलकर्मियों का टीकाकरण किया जा चुका है. दानापुर मंडल द्वारा टीकाकरण में उपलब्धि हासिल करते हुए मंडल के शत-प्रतिशत रेलकर्मियों को कोरोना की वैक्सीन दी जा चुकी है. अन्य मंडलों में भी टीकाकरण तीव्र गति से जारी है. वैक्सीनेशन की दिशा में योजनाबद्ध ढंग से कार्य करते हुए 13.07.2021 तक पूर्व मध्य रेल के कुल 81706 कर्मचारियों में से 67094 कर्मचारियों को विभिन्न रेलवे अस्पतालों में यह वैक्सीन दी गयी. इनमें मुख्यालय में कार्यरत 2306 अधिकारियों/कर्मचारियों में से 1642 रेलकर्मियों का कोविड टीकाकरण किया गया. मंडलों में भी वृहत् टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है.दानापुर मंडल में शत-प्रतिशत रेलकर्मियों का टीकाकरण कर लिया गया है. समस्तीपुर मंडल में 10425 रेलकर्मियों में से 7051, सोनपुर मंडल में 12997 रेलकर्मियों में से 11648, पंडित दीनदयाल उपाध्याय

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मेट्रो के लिए करना होगा 5 से 8 साल का इंतजार!

18 किलोमीटर सुरंग से होकर पटना मेट्रो गुजरेगी और 14 KM में बनेगा एलिवेटेड ट्रैक। भूमि अधिग्रहण ना होने और अतिक्रमण से आ रही है दिक्कतें पटना: मेट्रो डिपो और अन्य जगहों पर भूमि अधिग्रहण के कारण मेट्रो के काम दो वर्ष देर से चल रहे हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण में देरी से मेट्रो प्रोजेक्ट फिलहाल ग्रहण लगता दिख रहा है । कई इलाकों में अभी भूमि अधिग्रहण की रफ्तार फाइलों में दम तोड़ रही है। राजधानी पटना में मेट्रो ट्रेन अधिकांश इलाकों में 50 से 150 फ़ीट नीचे सुरंग से होकर गुजरेगी। सिर्ग सगुना मोड़ से गोला रोड और अंतरराज्जीय बस टर्मिनल पहाड़ी से कंकड़बाग के मलाही पकड़ी तक एलिवेटेड ट्रैक से गुजरेगी। पटना मेट्रो गोला रोड में सुरंग शुरू होगी, जो पाटलिपुत्र स्टेशन, बेली रोड होते पटना जंक्शन को जोड़ेने का काम करेगी ।एलिवेटेड ट्रैक की ऊंचाई औसतन 13 मीटर और सुरंग सतह से 150 फीट तक नीचे होगी।राजधानी पटना की घनी आबादी के बीच मेट्रो परियोजना की डिजाइन को इस तरह बनाया गया है कम से कम भूमि अधिग्रहण की जरूरत हो। अधिकांश इलाके में सरकारी भूमि की जरूरत है। सबसे अधिक करीब 75 एकड़ जमीन डिपो की जरूरत होगी। पटना मेट्रो के दो कारिडोर में दानापुर कैंट टू पटना जंक्शन करीब 17.933 किलोमीटर में करीब 10.54 किलोमीटर सुरंग से गुजरेगी। मात्र 7.39 किलोमीटर एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण होगा।कारिडोर -2 में पटना जंक्शन से आकाशवाणी, गांधी मैदान, पीएमसीएच, एनआइटी, मोइनुलहक स्टेडियम, राजेंद्र नगर टर्मिनल, भूतनाथ रोड, जीरो माइल होते अंतरराज्जीय बस टर्मिनल तक

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कहाँ है लघुकथा नगर

लघुकथा के पितामह डॉ. सतीशराज पुष्करणा अखिल भारतीय प्रगतिशील लघुकथा मंच” की स्थापना की पटना : “लघुकथा आंदोलन की शुरुआत करने वाले डॉ. सतीशराज पुष्करणा पटना में मेरे पड़ोसी हुआ करते थे। मैंने उनसे साहित्य के अनेक विधाओं के बारे में सीखा लेकिन लघुकथा नहीं लिख पाया। इसके पीछे की प्रेरणा भी सतीशराज पुष्करणा ही थे। वह हमेशा कहते थे जिस विधा में रुचि हो उस विधा में खुद को पारंगत करो।” उक्त बातें वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अवधेश प्रीत ने लेख्य-मंजूषा एवं अखिल भारतीय प्रगतिशील लघुकथा मंच के संयुक्त तत्वाधान आयोजित कार्यक्रम “शब्दांजली” में कहे। “शब्दांजली” कार्यक्रम पटना के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सतीशराज पुष्करणा जी को श्रद्दांजली सुमन अर्पित करने के लिए किया गया था। विगत 28 जून 2021 को सतीशराज पुष्करणा का निधन दिल्ली में उनके बेटी के आवास पर हुआ था।  पटना के आर ब्लॉक के इंजीनियर्स भवन में आयोजित इस कार्यक्रम लघुकथा के पितामह डॉ. सतीशराज पुष्करणा जी को याद करते हुए अवधेश प्रीत ने बताया कि पुष्करणा जी पटना में जहाँ रहते थे उस जगह का नाम ही उन्होंने “लघुकथा नगर” कर दिया था। उनके यहाँ आने वाली हर चिट्ठी पर यही पता अंकित रहता था।  अवधेश जी ने लघुकथा के क्षेत्र में कार्य करने वालों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आने वाले दिनों “लघुकथा का इतिहास पुष्करणा से पहले और पुष्करणा के बाद” का विमर्श होना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत में हॉल में उपस्थित सभी लोगों ने पुष्करणा जी के तस्वीर पर पुष्प चढ़ाए और उन्हें अपनी श्रद्दांजली अर्पित की। इस मौके वरिष्ठ पत्रकार

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“डिजिटल मीडिया आचार संहिता का उदेश्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कायम रखना”

पटना, 07 जुलाई, 2021 ।। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा डिजिटल मीडिया आचार संहिता 2021 का उद्देश्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कायम रखते हुए ओटीटी प्लेटफार्म पर प्रसारित होने वाली सामग्री के गुणवत्ता को बनाये रखना है. पत्र सूचना कार्यालय (पटना, लखनऊ, रांची एवं देहरादून) द्वारा डिजीटल मीडिया आचार संहिता 2021 पर एक विशेष ई-बैठक को संबोधित करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विक्रम सहाय ने यह बात कही. इस ई-बैठक में आचार संहिता के भाग-3 से जुड़े प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए सहाय ने बताया कि आचार संहिता का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं है. उन्होंंने बताया कि पिछले कुछ वर्षो में डिजिटल मीडिया की भूमिका काफी बढ़ी है और पिछले 6 वर्षो में इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल 43 प्रतिशत तक बढ़ चुका है. उन्होंने बताया कि ओटीटी प्लेटफार्म पर प्रसारित की जाने वाली सामग्री को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिसके मद्देनजर डिजिटल मीडिया आचार संहिता बनायी गयी है. इसके तहत न्यूज पोर्टल या ओटीटी प्लेटफार्म पर काम कर रहे लोगों के बारे में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सामान्य जानकारी एकत्रित करेगा. विक्रम सहाय ने बताया कि इन प्लेटफार्म पर भी देश के मौजूदा कानून लागू होंगे और इसका उद्देश्य ऐसी सामग्री के प्रसारण पर रोक लगाना है जो मौजूदा कानूनों का उल्लंघन करते हों. साथ-साथ ऐसी सामग्री के प्रसारण को विनियमित करना भी है जो महिलाओं के लिए आपत्तिजनक और बच्चों के लिए नुकसानदेह है. इसके लिए समाचार प्रकाशकों, ओटीटी प्लेटफार्म और कार्यक्रम प्रसारकों को अपने यहां एक शिकायत निवारण

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पटना, बक्सर और दरभंगा समेत इन जिलों में बदल गए शिक्षा पदाधिकारी

देखिए पूरी लिस्ट *जिला शिक्षा पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) के पद पर पदस्थापित अवधेश कुमार सिंह अपर सचिव, बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, पटना के पद पर ट्रांसफर *उप निदेशक, जन शिक्षा (अतिरिक्त प्रभार संयुक्त निदेशक (प्रशासन) राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद्, पटना) के पद पर पदस्थापित विजय कुमार हिमांशु को संयुक्त निदेशक (प्रशासन), राज्य शोध एवं प्रशिक्षण परिषद्, पटना के पद पर ट्रांसफर. *बिहार शिक्षा परियोजना परिषद्, पटना में पदस्थापित रामचन्द्र मंडल को क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक,मगध प्रमण्डल गया के पद पर ट्रांसफर. जिला शिक्षा पदाधिकारी, शेखपुरा के पद पर पदस्थापित नन्द किशोर राम को संयुक्त निदेशक, माध्यमिक शिक्षा के पद पर ट्रांसफर. *संयुक्त निदेशक प्राथमिक शिक्षा के पद पर पदस्थापित सत्यनारायण प्रसाद का संयुक्त निदेशक, जन शिक्षा के पद पर ट्रांसफर. *उप निदेशक, उच्च शिक्षा के पद पर पदस्थापित शाश्वतानन्द झा का संयुक्त निदेशक प्राथमिक शिक्षा के पद पर ट्रांसफर. *क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा के पद पर पदस्थापित श्री सत्येन्द्र झा का क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, भागलपुर प्रमण्डल, भागलपुर के पद पर ट्रांसफर. *बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड, पटना ( प्रतिनियुक्त अपर सचिव, बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, पटना) में पदस्थापित अशोक कुमार मिश्र का अगले आदेश तक अपने ही वेतनमान में क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, सारण प्रमण्डल, छपरा के पद पर ट्रांसफर हुआ. *बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड, पटना में पदस्थापित विजय कुमार झा का विशेष निदेशक, माध्यमिक शिक्षा के पद पर ट्रांसफर. *जिला शिक्षा पदाधिकारी, दरभंगा के पद पर पदस्थापित महेश प्रसाद सिंह का क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक,

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चीफ सेक्रेटरी को 3 महीने का एक्सटेंशन

बिहार के मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण अब सितंबर महीने तक अपने पद पर बने रहेंगे. जून में उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा था लेकिन बिहार सरकार की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण को 3 महीने का सेवा विस्तार दिया है. आपको बता दें कि आईएएस अधिकारी त्रिपुरारी शरण 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं. 30 जून को वे रिटायर हो रहे थे लेकिन 3 महीने का सेवा विस्तार मिलने के बाद अब वे सितंबर महीने तक अपने पद पर बने रहेंगे. कोविड-19 से पूर्व मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह का अप्रैल महीने में देहांत हो गया था. इसके बाद 1 मई को त्रिपुरारी शरण को बिहार का नया मुख्य सचिव बनाया गया था. pncb

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15 सितंबर तक बिहार के इस विभाग में होंगी 30 हजार नियुक्तियां

पटना, 01 जून।। बिहार में बड़े पैमाने पर बहाली की प्रक्रिया शुरू हो गई है. करीब तीस हजार पदों पर बहाली की ये प्रक्रिया 15 सितंबर तक पूरी कर लेने का लक्ष्य रखा गया है. दरअसल बिहार में कोरोना महामारी ने स्वास्थ्य विभाग की तमाम खामियों को उजागर कर दिया है. कोविड की दूसरी लहर ने राज्य में जिस तरह की तबाही मचाई है, उसे देखते हुए बिहार सरकार ने संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है. इसी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के खाली पड़े करीब तीस हजार डॉक्टर, नर्स और पारा मेडिकल स्टाफ के पदों पर बहाली हो रही है. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कोरोना के संभावित आने वाले तीसरे फेज से लड़ने के लिए विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत कार्ययोजना बनायी है. मंगल पांडेय ने बताया विभाग के द्वारा विभिन्न स्तरों पर सघन समीक्षा करते हुए भविष्य के लिए तैयारी की जा रही है। वर्ष 2021-22 में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कुल लगभग 30 हजार नियुक्तियां विभिन्न पदों पर की जाएंगीं. मंगल पांडेय ने बताया कि व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के लिए मानव बल की आवश्यकता है. इस क्रम में 6338 विशेषज्ञ एवं सामान्य चिकित्सक, 3270 आयुष चिकित्सक, जीएनएम (एनएचएम)- 4671 एवं एएनएम (एनएचएम)- 9233 की नियुक्ति 15 सितंबर 2021 तक कर लेने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही अन्य विभिन्न पदों पर लगभग 7 हजार नियुक्ति की प्रक्रिया को बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से पूरा करने का निर्देश दिया गया

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