जानिए, घी खाना क्यों शुरू करें

आज बहुत से लोग, विशेष रूप से युवा पीढ़ी, घी खाने के बिल्कुल खिलाफ है. ऐसा इसलिए है क्योंकि, उन्हें इस सुनहरे रंग के, स्वादपूर्ण और पोषक तत्व से भरपूर मक्खन के स्वास्थ्य लाभों के बारे में मालूम नहीं है. प्राचीन भारत में घी की खपत आयुर्वेद में देखी जा सकती थी. आयुर्वेद में इसे एक पवित्र औषधीय और पोषण से भरपूर तत्व माना जाता था. घी से होने वाले निम्नांकित लाभ बहुत कम लोगों को मालूम है: घी लैक्टोज से मुक्त है: कई व्यक्ति लैक्टोज (दुग्धशर्करा) को पचाने में सक्षम नहीं होते हैं, जो दूध में पाया जाने वाला एक प्रकार का आहार उत्पाद है. कम ही लोग जानते हैं कि दुनिया की कुल आबादी का एक बड़ा प्रतिशत लैक्टोज को पचा नहीं सकते है. ऐसे लोगों के लिए घी अत्यंत फायदेमंद खाने योग्य पदार्थ हैं. वे बिना किसी चिंता के घी का उपभोग कर सकते हैं. प्राचीन भारत में हमारी संस्कृति उन तरीकों से अवगत थी, जिससे हम किसी भी डेयरी के उत्पाद को आसानी से पचा सकते थे. दरसअल घी बनने की प्रक्रिया के दौरान दूध में से लैक्टोज हट जाती है जिससे घी रूपी मक्खन के तेल का शुद्धतम रूप हमलोगों को मिलता है जो हमारे शरीर के लिए अत्यंत पौष्टिक होता है. घी केसिन मुक्त है: केसिन दूध में एक तरह का प्रोटीन घटक होता है जिसके कारण ही दूध एलर्जी का कारण बनता है. केसिन प्रोटीन को “स्लो डाइजेशन प्रोटीन” भी कहा जाता है क्योकि यह शरीर में धीरे-धीरे रिलीज होता है. वैसे तो

Read more

पुलिस मुख्यालय के नए भवन का उद्घाटन

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | शुक्रवार 12 अक्टूबर को CM नीतीश कुमार ने जवाहर लाल नेहरु मार्ग, पटना स्थित नए पुलिस मुख्यालय का उद्घाटन किया. यह बिहार का प्रथम भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित भवन है. इस नए भवन का नाम “सरदार पटेल भवन” रखा गया है. इस भवन के उद्घाटन के साथ ही पुराने सचिवालय में वर्ष 1917 से चल रहा पुलिस मुख्यालय बेली रोड के इस नए भवन में शिफ्ट हो गया. इस अवसर पर CM ने बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम द्वारा नवनिर्मित 26 थाना भवनों सहित कुल 109 पुलिस भवनों का उद्घाटन एवं 46 पुलिस भवनों का शिलान्यास भी रिमोट के द्वारा किया. बिहार पुलिस मुख्यालय का नया पता-ठिकाना कल यानि 12 अक्टूबर से  आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नए भवन में पुलिस मुख्यालय के साथ-साथ आपदा प्रबंधन का भी काम होगा. आकस्मिक परिस्थिति में चीजों को यहां से नियंत्रित किया जा सकेगा तथा कहा कि यह भवन बेस-आईसोलेशन तकनीक से निर्मित है जिसके कारण 8 रिक्टर पैमाने से ऊपर आए भूकंप की तीव्रता में भी यह भवन सुरक्षित रहेगा. भवन के सबसे ऊपर में हेलिपैड का निर्माण कराया गया है ताकि आकस्मिक परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन के काम किए जा सकें. इस भवन के संबंध में लोगों के सामने एक प्रस्तुतीकरण भी दिया गया तथा इस भवन के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मुख्यालय पुराना सचिवालय में रहा है, जहां काफी असुविधा हो रही थी. इस कारण सरकार ने निर्णय किया था कि पटना के इस मुख्य मार्ग

Read more

सना आयी बोरवेल से बाहर, रेस्क्यू टीम को बधाई

मुंगेर में 100 फ़ीट गहरे बोरवेल में फंसी सना को सेना की मदद से सकुशल बाहर निकाल लिया गया है. सना के लिए सेना जहां कल शाम से ही उसे निकालने के लिए NDRF और SDRF की टीम के साथ मुस्तैद थी वही दुआओं के लिए बिहार ही नही बल्कि देश भर से प्रार्थना का दौर भी जारी था. लगभग 20 घण्टे के बाद सना को बाहर निकलने म रेस्क्यू टीम को सफलता मिली. इस दौरान स्थानीय लोग इस घटना के प्रत्यक्ष गवाह बने और सना के बाहर निकलते ही लोगों ने खुशी से सेना की इस रेस्क्यू की सफलता पर तालियां बजाकर अपना अभिवादन किया. सना आखिरकार बोरवेल से बाहर आ गयी. उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मुंगेर की 3 वर्षीय बच्ची सन्नो की सफल व सुरक्षित रेस्क्यू SDRF, NDRF और सेना की टीम को बधाई दी है. मोदी ने कहा है कि सन्नो की पूरी मुस्तैदी से इलाज का प्रशासन को निर्देश दिया गया है,अगर जरूरत पड़ी तो बच्ची को बेहतर इलाज के लिए पटना भी लाया जाएगा. मुख्यमंत्री सहित पूरी सरकार रेस्क्यू की पल-पल की खबर ले रही थी. मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से NDRF की टीम को हेलीकॉप्टर से बिहटा लाकर बिना देरी किये मुंगेर पहुंचाया गया. स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह तत्पर रहा, नतीजतन बच्ची की सकुशल रेस्क्यू संभव हो पाई है. पूरी रेस्क्यू टीम बधाई का पात्र है. भविष्य में ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो बोरवेल खोद कर खुला छोड़ देते है

Read more

महत्वपूर्ण डिजिटल उत्पाद बिहार में लांच

पटना (राजेश तिवारी) | आज की डिजिटल तकनीक ने आमलोगों को पहले से कहीं अधिक स्मार्ट व डिजिटल क्षमताओं से परिपूर्ण कर दिया है. लेकिन कई सॉफ्टवेयरों से उभरते खतरों के कारण स्मार्टफोन एवं कंप्यूटर सिस्टम को आये दिनों परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है. इनमें से डाटा चोरी एक प्रमुख खतरा है. इन सभी से निजात दिलाने के लिए जर्मनी का एक मशहूर ब्रांड WardWiz ने भारत में अपने पार्टनर WardWiz India Solutions Pvt.Ltd. के माध्यम से अपने प्रोडक्ट/सॉफ्टवेयर को आज बिहार में प्रस्तुत किया. ये सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के साथ-साथ स्मार्टफ़ोन उपभोक्ताओं के लिए काफी उपयोगी है. ये न केवल उपयोगकर्ताओं के डेटा को सुरक्षित रखते है बल्कि उन्हें स्पैम और धोखाधड़ी जैसे गतिविधियों से भी सुरक्षित रखते है. वार्डविज़ सिर्फ एक एंटी-वायरस ब्रांड नहीं है बल्कि यह वायरस सुरक्षा के साथ साथ सिस्टम के प्रदर्शन को बढ़ाने में भी मदद करता है. वर्तमान में, ब्रांड के पास तीन प्रकार के प्रोडक्ट्स हैं – Basic, Essential और Pro जो उपभोक्ताओं की उपयोगिता के अनुसार बनाएं गए हैं.  घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए एक प्रभावी समाधान, WardWiz Basic पैकेज में सभी मौलिक विशेषताएं शामिल हैं जो उपभोक्ताओं के सिस्टम को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं. वायरस, वर्म्स, ट्रोजन या रूटकिट से उत्पन्न होने वाले सुरक्षा मुद्दों के अलावा, Basic पैकेज में संपीड़ित फ़ाइल स्कैन, फ़ाइल एन्क्रिप्शन और रजिस्ट्री ऑप्टिमाइज़र जैसी सुविधाएं भी हैं. वार्डविज़ Basic पैकेज की सभी सुविधाओं के साथ, Essential WardWiz एंटीवायरस पैकेज में उन्नत विशेषताएं जैसे ह्युरिस्टिक स्कैन, लाइव अपडेट, रिकवर फाइलें और बहुत कुछ

Read more

पॉलीथिन के कारण ‘गया के DM’ हाई-कोर्ट तलब

विश्व धरोहर के इको सिस्टम पर हाई कोर्ट चिंतित, गया DM हुए तलब पटना हाईकोर्ट ने लिया प्रणय प्रियंवद की खबर पर संज्ञान पटना, 28 जून. अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर परिसर में पॉलीथिन के कारण विश्व धरोहर और ईको सिस्टम पर पड़ रहे प्रभाव को हाई कोर्ट ने गम्भीरता से लिया है. बताते चलें कि पॉलीथिन के इस्तेमाल से मन्दिर परिसर के अंदर स्थित मुचलिंद झील के इको सिस्टम को हो रहे नुकसान पर एक हिंदी दैनिक समाचारपत्र के पटना के प्रधान संवाददाता प्रणय प्रियंवद ने खबर प्रकाशित की थी जिसपर पटना हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गया के डीएम को 9 जुलाई को कोर्ट में हाज़िर होने का आदेश दिया है. महाबोधि मंदिर परिसर व उसके आसपास पॉलीथिन इस्तेमाल को रोकने के लिए एक निश्चित योजना के साथ गया डीएम को कोर्ट में हाज़िर होने को कहा गया है. न्यायमूर्ति डॉ रवि रंजन व न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने 23 जून को प्रकाशित एक हिंदी दैनिक समाचारपत्र की खबर को जनहित का मामला मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया और यह आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी. क्या है मामला ? बोधगया का महाबोधि मंदिर बिहार की पहली विश्व धरोहर है. यह अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है. जहाँ पूरे विश्व से पर्यटक आते हैं. महाबोधि मंदिर परिसर में स्थित मुचलिंद झील के बीच में बुद्ध की मूर्ति स्थापित है. मूर्ति में एक विशाल नाग की मूर्ति बुद्ध की रक्षा करता दिखता है. कहा जाता है कि बुद्ध जब ध्यान में

Read more

Breaking : इंटर 2018 परीक्षाफल अब एक दिन पहले

पटना (राजेश तिवारी) । बिहार इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2018 का परीक्षा फल अब 7 जून के बजाय 6 जून 2018 को जारी करने का निर्णय लिया है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि ऐसी सूचना प्राप्त हो रही है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक कक्षाओं में नामांकन हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 7 जून 2018 को रखा गया है. इसलिए बारहवीं की परीक्षार्थियों को दिल्ली विश्वविद्यालय में नामांकन हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिए इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2018 के परीक्षा-फल की तिथि में परिवर्तन किया गया है. यह अब 7 जून की बजाय 6 जून को ही परीक्षाफल प्रकाशित किया जाएगा.

Read more

सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा–2018

नई दिल्ली/पटना (पीआईबी रिपोर्ट) | संघ लोक सेवा आयोग 03.06.2018 (रविवार) को पूरे भारत में सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा – 2018 का आयोजन करने जा रहा है. अब तक 50% से अधिक उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट (https://www.upsc.gov.in) से अपना ई-प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं. जिन उम्मीदवारों ने अभी तक अपने ई-प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं किए हैं, उन्हें अंतिम समय की हड़बड़ी से बचने के लिए इसे तत्काल डाउनलोड कर लेने की सलाह दी जाती है. उम्मीदवारों को यह नोट कर लेना चाहिए कि परीक्षा के प्रारंभ होने के निर्धारित समय से 10 मिनट पहले ही अर्थात पूर्वाहन सत्र के लिए प्रातः 9:20 बजे और अपराहन सत्र में 2:20 बजे परीक्षा स्थलों पर प्रवेश बंद कर दिया जाएगा. प्रवेश बंद होने के उपरांत किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा स्थल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उम्मीदवारों को यह भी नोट कर लेना चाहिए कि उनके ई-प्रवेश पत्र में उल्लिखित परीक्षा स्थल को छोड़कर उन्हें किसी अन्य परीक्षा स्थल पर परीक्षा में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

Read more

प्रोबायोटिक्स – क्या और क्यों

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) । प्रोबायोटिक्स बैक्टेरिया हैं जो आंतों में जीवों के प्राकृतिक संतुलन (माइक्रोफ्लोरा) को बनाए रखने में मदद करते हैं. मानव शरीर में बैक्टीरिया की एक विस्तृत विविधता होती है जो हमारे शरीर के लिए या तो अच्छे होते हैं या खराब. बैक्टीरिया की सामान्य छवि यह है कि वे केवल हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन यह वास्तविक परिदृश्य नहीं है और कई प्रकार के अच्छे बैक्टीरिया भी हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए वास्तव में फायदेमंद हैं. प्रोबायोटिक्स स्वास्थ्य पूरक जीवित जीवाणु होते हैं जो आमतौर पर ठोस या तरल रूप में खाए जाते हैं. प्रोबायोटिक्स के सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक यह है कि वे एक कार्यात्मक और स्वस्थ पाचन तंत्र सुनिश्चित करने में सहायता करते हैं. प्रोबायोटिक्स  स्वास्थ्य लिए फायदेमंद क्यों हैं जब भी हम नियमित रूप से भारी एंटीबायोटिक दवाएं लेने जैसी गतिविधियों के कारण अच्छे बैक्टीरिया में गिरावट का अनुभव करते हैं, तो प्रोबायोटिक्स तस्वीर में आते हैं. प्रोबायोटिक्स वास्तव में एंटीबायोटिक दवाओं की वजह से बदलाव को उलट देते हैं और शरीर के अंदर अच्छे जीवाणु को बढ़ाते हैं. इसके अतिरिक्त, प्रोबायोटिक्स हमारे शरीर के अंदर अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के बीच एक उचित संतुलन बनाए रखने में भी मदद करते हैं. प्रोबायोटिक्स कितने प्रकार के होते हैं सभी प्रोबायोटिक्स को दो व्यापक समूहों में वर्गीकृत किया जाता है, लेकिन अपने लिए एक प्रोबायोटिक चुनने से पहले हमको हमेशा अपने डाइटिस्टियन से परामर्श करना चाहिए. लैक्टोबैसिलस – यह प्रोबायोटिक का सबसे आम रूप है, जो आमतौर पर किण्वित (fermented)

Read more

खून में आइरन की कमी

‘रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Center for Disease Control and Prevention)’ द्वारा प्रकाशित नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, लगभग 9% महिलायें खून में आइरन की कमी से पीड़ित हैं. हालांकि यह अनुपात अपेक्षाकृत कम है, लेकिन आइरन की कमी के कारण विभिन्न बीमारियां हो सकती हैं, जो इलाज के लिए बहुत मुश्किल भी हो सकती हैं.  इसलिए, आइरन की कमी के कारण हुए निम्नलिखित संकेतों को पढ़ें, समझें और जांच करें कि क्या आप उनमें से किसी से पीड़ित हैं – 1.थकावट लगना – मनुष्य की आंतरिक प्रणाली हीमोग्लोबिन के उत्पादन के लिए आयरन का उपयोग करती है, जो शरीर के सभी भागों में ऑक्सीजन ले जाने के लिए जिम्मेदार लाल रक्त कोशिकाओं में एक घटक है. इसलिए, जब खून में आयरन की मात्रा कम हो जाती है, तब पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन नहीं बनता है और सभी अंगों को आवश्यक मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलता है जिस कारण हम अधिकतर थका हुआ महसूस करते है. 2. फोकस करने में असमर्थता – लोहे की कमी वाले लोग अक्सर न्यूरोट्रांसमीटर के संश्लेषण में परिवर्तन से ग्रस्त होते हैं. इससे कार्यक्षमता और फोकस करने की क्षमता कम हो जाती हैं. इससे परिवार, दोस्त, किताब, संगीत या कुछ भी चीज जिससे हमें लगाव होता है, के प्रति उदासीनता की भावना भी विकसित हो जाती है. 3. सांस लेने में कठिनाई – लोहे की उचित आपूर्ति के बिना, शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है. इसके कारण कोई भी काम करते वक्त सांस लेने में कठिनाई महसूस होती है. 4. त्वचा में चमक का

Read more

कार्डियक अरेस्ट और कार्डियक अटैक – एक विश्लेषण

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) ।  श्रीदेवी की अचानक और अप्रत्याशित मौत की खबर पूरे राष्ट्र के लिए एक झटका है और उनकी मृत्यु ने लोगों के दिमाग में कई तरह के सवाल छोड़ दिए है. हालांकि, कई कारण हैं जो अटकलों के अधीन हैं और जिन्हें  उनकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जैसे कार्डियक अरेस्ट, दिल का दौरा और आकस्मिक डूबने के कारण मृत्यु. कार्डियक अरेस्ट और दिल का दौरा – दोनों दो चीजें हैं जिसे ज्यादातर लोग आमतौर एक समझते हैं, हालांकि, दोनों के बीच एक बड़ा अंतर है. कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक के बीच अंतर: कार्डियक अरेस्ट एक बहुत गंभीर स्थिति है क्योंकि यह बिना चेतावनी के या बिना किसी पूर्व संकेत के आता है. इसमें दिल बिलकुल से धड़कना बंद कर देता है. ऐसी स्थिति में तत्काल प्राथमिक चिकित्सा, व्यक्ति के जीवन को उसके जीवन और मृत्यु के बीच बहुत ही महीन अंतर से बचा सकती है. कार्डियक अरेस्ट में बिजली का झटका एक मरीज को पुनर्जीवित करने का सबसे अच्छा तरीका है और ये झटका कार्डियक अरेस्ट के कुछ ही मिनटों के भीतर दी जानी चाहिए. दूसरी ओर, एक व्यक्ति को दिल का दौरा तब पड़ता है जब उसकी धमनी में रुकावट होती है जो हृदय तक ऑक्सीजन-युक्त रक्त के प्रवाह को पहुंचने से रोकता है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कार्डियक अरेस्ट के विपरीत दिल के दौरे के लक्षण धीमी गति से चलते हैं और लंबे समय तक बने रहते हैं. दिल का दौरा, कार्डियक अरेस्ट के सामान्य कारणों में से

Read more