यात्रियों में खुशी की लहर | पटना एयरपोर्ट से शुरू हुई एयरपोर्ट एक्सप्रेस बस सेवा

परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला ने हरी झंड़ी दिखा कर किया फ्लैग ऑफपरिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा फ्लाइट शिड्यूल के अनुसार बसों का होगा परिचालनफिलहाल हर 45 मिनट पर एयरपोर्ट से खुलेंगी बसेंदो रूट पर चलेंगी बसें, आवश्यकता अनुसार बढ़ाई जाएगी बसों की संख्याएयरपोर्ट एक्सप्रेस बस में 65 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षितबस में जीपीएस, सीसीटीवी और ई टिकटिंग की है व्यवस्था 32 सीटर है बस, दिव्यांग, सिनियर सिटीजन और ट्रांसजेंडर के लिए भी आरक्षित हैं सीटेंगर्मी के दिनों में एसी बस शुरू करने के लिए भी किया जाएगा विचारएयरपोर्ट से गांधी मैदान और पटना जंक्शन का बस किराया 50 रुपया पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा पटना एयरपोर्ट से गुरुवार को एयरपोर्ट एक्सप्रेस बस सेवा शुरू की गई. नई बस सेवा का फ्लैग ऑफ परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला और परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने किया. एयरपोर्ट से दो मार्गों पर हर दिन बसों का परिचालन किया जाएगा. परिवहन विभाग मंत्री संतोष कुमार निराला ने कहा कि बिहार में परिवहन सेवा की स्थिति बेहतर हुई है. देश-विदेश से पटना एयरपोर्ट पर उतरने वाले यात्रियों को परिवहन निगम की बसों से उनके गंतव्य पर पहुंचाया जायेगा. इस मौके पर एयरपोर्ट डायरेक्टर आरएस लाहौरिया, इंडिगो एयरलाइंस के स्टेशन प्रबंधक रूपेश आदि उपस्थित थे. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि एयरपोर्ट से शहर के अन्य हिस्सों में आने-जाने के लिए अब कम खर्च करना होगा. सस्ते दरों पर एयरपोर्ट से उतर कर शहर में बस से सफर कर सकते हैं. फिलहाल दो

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जनवरी 24, बृहस्पतिवार, 2019 का आपका राशिफल और पञ्चाङ्ग

जनवरी 24, बृहस्पतिवार, 2019 का आपका राशिफल मेष – आज आप खुद को बुरी संगत में फंसा हुआ पएंगे जिससे आपकी छवि बिगड़ सकती है. अब आपको जरा संभल कर चलना चाहिए क्योंकि इंसान अपनी संगति से ही पहचाना जाता है. बुरे लोगों के साथ से आपको बहुत नुकसान हो सकता है. वृषभ – अपने मिञ के साथ हुई गलतफहमी को शीघ्र सुलझाएं. इस विषय पर और अधिक विवाद से आप दोनों के संबंधों को हानि होगी. अपने वचनों को चतुराई से चुनें और स्पष्टता से बोलें. आखिरकार, आप भी इस मित्रता को इस समय ओर इस प्रकार समाप्त नहीं करना चाहंगे.मिथुन – आज आप अपने घर की सजावट को एक नया रूप देना चाहेंगे. इससे आपको अपनी जिंदगी में भी नएपन का एहसास होगा. घर में किए गए ये परिवर्तन आपके अंदर के परिवर्तन को ही दर्शाएंगे. एक बात का ध्यान रखें कि आप सजावट के लिए केवल वो ही सामान खरीदें जिसकी आपको जरूरत है. फिजूलखर्ची से बचें.कर्क – आज उन विद्यार्थियों का मन मौज-मस्ती करने को करेगा जो कि अब तक कड़ी मेहनत कर रहे थे. आपने पढ़ाई में जो मेहनत की है उसका फल आपको सफलता के रूप में मिलेगा.सिंह – आज आप जरा अपनी बहस करने की आदत को काबू में रखें. आज आप शायद थोड़ा उत्तेजित हो जाएं व बहस में पड़ जाएं. शांत रहें और बस अपना काम करने में लगे रहें. अगर आप अपने इस उद्देश्य को पूरा कर लेंगे तो आपको अच्छा तो लगेगा ही साथ ही आपको मानसिक शांति भी

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रविवार 20 जनवरी, 2019 का पञ्चाङ्ग और आपका राशिफल

शनिवार 20 जनवरी, 2019 का पञ्चाङ्ग सूर्योदय – 06:41 सूर्यास्त – 17:20 चन्द्रोदय – 16:32 चन्द्रास्त – 06:32, जनवरी 20 तिथि – शुक्ल पक्ष चतुर्दशी – 14:19 तक पूर्णिमा नक्षत्र – आर्द्रा – 08:08 तक पुनर्वसु – 05:23 ., जनवरी 21 तक; तदुपरांत पुष्य नक्षत्र वार – रविवारसम्वत शक सम्वत – 1940 विलम्बी विक्रम सम्वत – 2075 विरोधकृत्शुभ समय अभिजित मुहूर्त – 11:39 से 12:22 अमृत काल – कोई नहीं रवि योग – कोई नहीं विजय मुहूर्त – 13:47 से 14:30 अशुभ समय राहुकाल – 16:00 से 17:20 गुलिक काल – 14:40 से 16:00दिशा शूल – पूर्वअग्निवास – पृथ्वी – 14 :26 तक; तदुपरांत आकाश में रविवार, जनवरी 20, 2019 का आपका राशिफल मेष – आज आप अपने दोस्तों के साथ खूब नाचने-गाने में व्यस्त रहेंगे. आपके दोस्त आज आपके घर भी आ सकते हैं उनका दिल से स्वागत करें. उनसे मिल कर आपका तनाव बिल्कुल खत्म हो जाएगा. उनके साथ मिल कर आप अपनी पुरानी यादें ताजा करेंगे जिससे आपके बहुत खुशी होगी.वृषभ – आज आपका मन अपने दोस्तों के साथ खूब मौज-मस्ती करने का करेगा. आज कल आपके रिश्तों में सुधार आ रहा है जिससे आपको बहुत खुशी मिल रही है. आज आप ज्यादा से ज्यादा समय अपने परिजनों या मित्रों के साथ बिताएं और अपने जीवन का मजा लें.मिथुन – आज आप सभी परेशानियों और चिंताओं को पीछे छोड़ कर अपने परिवार के साथ कुछ समय व्यतीत करना चाहेंगे. ये समय अपनों से अपने प्यार का इजहार करने के लिए शुभ है. ईश्वर का धन्यवाद करें कि आपका परिवार आपके साथ

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शनिवार 19 जनवरी, 2019 का पञ्चाङ्ग और आपका राशिफल

शनिवार 19 जनवरी, 2019 का पञ्चाङ्ग सूर्योदय – 06:41 सूर्यास्त – 17:19 चन्द्रोदय – 15:29 चन्द्रास्त – 05:31 ए.एम., जनवरी 20 तिथि – शुक्ल पक्ष त्रयोदशी – 17:34 पी.एम. तक चतुर्दशी नक्षत्र – मॄगशिरा – 10:32 ए.एम. तक आर्द्रा वार – शनिवार सम्वत शक सम्वत – 1940 विलम्बी विक्रम सम्वत – 2075 विरोधकृत् शुभ समय अभिजित मुहूर्त – 11:39 से 12:21 अमृत काल – 11:08 से 24:34 जनवरी 20 रवि योग – 10:32 से 06:41 जनवरी 20 विजय मुहूर्त – 13:47 से 14:29 अशुभ समय राहुकाल – 09:21 से 10:40 गुलिक काल – 06:41 से 08:01 दिशा शूल – पूर्व अग्निवास – आकाश – 17:34 तक पाताल शनिवार, जनवरी 19, 2019 का आपका राशिफल मेष – आज आपकी रोज की दिनचर्या बदल जाएगी. ये शायद आपके घर में शादी के समारोह की वजह से हो. आप इस समारोह में खूब मजा करेंगे और उन रिश्तेदारों से मिलेंगे जिन से आप बहुत दिनों से नहीं मिल पाए हैं.  वृषभ – आज विद्यार्थियों का मन किताबों से हट कर अपने दोस्तों के साथ मजे करने को करेगा. जो लोग रात दिन एक करके मेहनत कर रहे थे वो थोड़ा आराम कर सकते हैं. लेकिन अपनी पढ़ाई और मस्ती में संतुलन बना कर रखें.  मिथुन – आज आपका अपने परिवार के लोगों के साथ झगड़ा होने की प्रबल संभावना है. इसलिए जरा अपनी कथनी पर काबू रखें. अगर आप किसी करण उत्तेजित हो भी जाएं तो बात को समझते हुए अपने गुस्से पर काबू रखें. किसी बहस में पड़ने से आपकी सेहत पर भी

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खसरा रूबेला टीकाकरण अभियान का हुआ आगाज

गड़हनी (मुरली मनोहर जोशी की रिपोर्ट) | भोजपुर के गड़हनी प्रखंड में गड़हनी उर्दू मध्य विद्यालय के प्रांगण में खसरा रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत आज मंगलवार 105 बच्चों का टीकाकरण किया गया. गड़हनी स्वास्थ्य केन्द्र चिकित्सा प्रभारी डॉ० रीता शर्मा ने बताया कि 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को ये टीकाकरण किया जाता है, जिसमें आज कुल 105 बच्चों को टीका लगाया गया. बता दें, इस टीकाकरण से अंधापन, बहरापन, कम दिमाग व सहित कई रोगों का बचाव होता है. इसलिये सभी बच्चों का टीकाकरण करने का अभियान केंद्र सरकार ने चलाया है. इस टीकाकरण का उद्धाटन स्वास्थ्य प्रभारी डॉ०रीता शर्मा व गड़हनी मुखिया तस्लीम आरिफ़ ने संयुक्त रूप से फीता काट कर किया. इस मौके पर मैनेजर अनिल कुमार फैज आलम डॉ०ब्रजेश समेत स्वास्थ कर्मी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे.

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आधी रात के कौन हैं ये मसीहा, जो हरते हैं हाड़ कँपाती ठंड

यूनाइट हुए ‘क्षत्रियन’ करेंगे हर महीने सामाजिक कार्य मकर-संक्रांति को फिर बांटेंगे कम्बल आरा. अंधेरी रातों में सुनसान सड़कों पर… जी हां यह गाना तो आपने जरूर सुना होगा और इस गाने के साथ ही आपको शहंशाह की याद भी आयी होगी, जो आम लोगों की हिफाजत बदमाशों और लुटेरों से करता था. कुछ इसी अंदाज में पिछले दिनों आरा के युवाओं के एक झुंड देर रात शहर की सुनसान सड़कों पर हाड़ कपाने वाली इस पूस की रात में ठिठुरते,अपने आप में सिमटे हुए, बेचैन से पड़े, कहीं कोने में दुबके, गरीब और असहाय लोगों की मदद के लिए पहुंचे ‘क्षत्रियन.’ उन्होंने इन गरीबों और जरूरतमंदों को कंबल दे पूस की ठंड से उनका बचाव किया. मानवता के सेवा में निकले ‘क्षत्रियन’ इसी मसीहा से कम नहीं, जिन लोगों ने लगभग डेढ़ सौ लोगों का बचाव कंबल के जरिए ठंड से किया. कौन हैं ये क्षत्रियन ? हित नारायणन क्षत्रिय प्लस 2 विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र संघ का नाम ‘क्षत्रियन’ है जिन्होंने इस बैनर तले आरा शहर में देर रात गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच कम्बल वितरण का कार्यक्रम किया. बताते चलें कि पिछले बीते साल अक्टूबर में क्षत्रीय हाई स्कूल के ये पूर्ववर्ती छात्र पहली बार रियुनाइट हुए थे. उसके बाद यह दूसरा मौका है जब सभी मिलकर गरीबों के लिए कुछ कर रहे हैं. पूस की हाड़ कँपाती ठंड के बीच इस मौके पर क्षत्रियन परिवार ने 150 जरूरतमंद लोगों को ऑन स्पॉट जाकर कम्बल बांटे. टीम ने शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, रैन बसेरा,

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देशी मुर्गी विलायती बोल के चक्कर में पिछड़ रही है मगही

नई दिल्ली / पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | रविवार 6 जनवरी को विश्व पुस्तक मेला, प्रगति मैदान में कविता कोश द्वारा आयोजित “उत्तर भारतीय भाषा, बोली और साहित्य : एक परिचर्चा ” में मगही भाषा पर संवाद हेतु आमंत्रित नालंदा के युवा कवि संजीव कुमार मुकेश से जब यह सवाल किया गया कि मगही आज भोजपुरी और मैथिली से क्यों पिछड़ रही है. इस पर मुकेश ने कहा कि देशी मुर्गी विलायती बोल के चक्कर में मगही पिछड़ रही है. आज हम अपने स्टेटस को मेन्टेन करने के लिये घर में भी हिंदी तो छोड़िये अंग्रेजी को बोल चाल की भाषा बना रहे हैं. बच्चों से संवाद की भाषा भी अंग्रेजी बनती जा रही है. जबकि लोकभाषा में संवाद एक अपनापन पैदा करता है. किसी व्यक्ति तक कोई बात लोक भाषा में आसानी से दिल के करीब तक पहुंचाई जा सकती है, क्योंकि लोक भाषाएं दो व्यक्तियों को वैसे ही जोड़ती है जैसे माँ की कोख. यही कारण है कि बड़े बड़े मंचो से भी शुरुआत इस क्षेत्र की लोकभाषा के अभिवादन शब्दों के साथ खूब किया जा रहा है. मुकेश ने मगही के शुरुआती दौर से आज मगही में हो रहे समृद्ध साहित्यिक विकास की चर्चा की. इस अवसर अंगिका से प्रसून लतांत, अवधी से अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी, बज्जिका से हरि नारायण हरि, मैथिली से कैलाश मिश्र, ब्रज से श्रुति पुरी व भोजपुरी से विनय भूषण जी ने भाग लिया. कार्यक्रम का संचालन रश्मि भारद्वाज ने किया. इस अवसर पर सभी आमंत्रित कवियों साहित्यकारों को प्रतीक चिन्ह से कविता कोश के निदेशक ललित कुमार, संयुक्त

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7 खाद्य पदार्थ जो एक्सपायर नहीं होते !

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | हमारे आस-पास कई खाद्य पदार्थ हैं जो कुछ घंटों के बाद बासी या ख़राब हो जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं जो इस्तेमाल नहीं होने पर भी हमेशा या बहुत दिनों तक के लिए अच्छा रह सकते हैं या उन्हें फ्रीज या डिहाइड्रेट कर रखा जा सकता है. ऐसे ही हमारे आस-पास 7 खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो जल्द खराब नहीं होते हैं या कभी खराब नहीं होते. आइये जानते हैं वे कौन कौन से खाद्य पदार्थ हैं – 1. सफेद चावल : ऐसे कई शोधकर्ता हैं जिन्होंने पाया है कि पॉलिश किये हुए या सफेद चावल को 40 डिग्री फ़ारेनहाइट से कम तापमान वाले ऑक्सीजन मुक्त कंटेनरों में संग्रहीत कर लगभग 30 वर्षों तक इसके पोषक तत्व और स्वाद को बनाए रखा जा सकता है. वही दूसरी ओर ब्राउन राइस, जो चोकर की परत में प्राकृतिक तेलों की उपलब्धता के कारण छह महीने से अधिक ठीक नहीं रह पाता है. 2. शहद (हनी) : हनी यानि मधु यानि शहद अधिमानतः एकमात्र भोजन है जो एक परिपूर्ण रसायन है और मधुमक्खियों की करतूत के कारण हमेशा के लिए खराब नहीं होता। जब मधुमक्खियां फूलों पर बैठती हैं तो फूलों से निकाला गया पराग मधुमक्खियों के शरीर में मौजूद एंजाइमों के साथ मिल जाता है जो पराग की संरचना को बदल देता है. पराग आगे चलकर सरल शर्करा में टूट जाता है और मधुमक्खियों के छत्ते में जमा हो जाता है. शहद बनाने का प्रोसेस तथा शहद की सीलिंग, मुख्य रूप से शहद के

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महिला उद्यमिता का एक सुंदर उदाहरण है गौरैया क्रिएशन्स

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार में प्लास्टिक पॉलिथीन बन्द की घोषणा से प्रेरणा लेकर एक गृहिणी मोनिका प्रसाद ने पर्यावरण-संरक्षी यानि इको फ्रेंडली bags बनाने का उद्यम शुरू किया. गौरैया पक्षी भी आज खतरे में है जो भीषण पर्यावरण संकट का संकेत है. इस गौरैया को अपने प्रयास का प्रतीक चिह्न बनाकर उन्होंने अपने घर के खर्च से थोड़े थोड़े पैसे बचाकर यह उद्यम शुरू किया है. इसका इतना सुंदर response मिलेगा यह उन्होंने सोचा नहीं था. फिर जूट और सूती के तरह -तरह के झोलों का निर्माण शुरू हुआ. सिर्फ स्थानीय ही नहीं, बल्कि मुम्बई, दिल्ली और कोलकाता आदि शहरों से भी काफी डिमांड आयी. यहाँ तक कि कुछ ही महीनों में गौरैया इको फ्रेंडली बैग्स के खरीदार इजरायल और अमेरिका में भी हो गए हैं. मोनिका जी ने झोले सिलने का काम मोहल्ले और शहर की अन्य गृहिणियों को दिया जिससे उन्हें भी कुछ लाभ मिल सके. यह महिला उद्यमिता का एक सुंदर उदाहरण है कि एक एक गृहिणी भी घर की सारी जिम्मेवारी वहन करते हुए व्यवसायिक उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रख सकती है. इससे पूरे समाज को कई तरह से लाभ मिलता है और जागरूकता फैलती है. मोनिका जी का दृढ़ निश्चय है कि प्लास्टिक के विरुद्ध इस जंग में पूरी ताकत लगानी जरूरी है क्योंकि यह मानव जाति के अस्तित्व पर खतरा है. स्वयं के बचत के पैसों से करने के कारण बढ़ते डिमांड को पूरा करने में उन्हें चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है. पर सुंदर आकर्षक डिजाइन और आवश्यकता के

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जानिए, घी खाना क्यों शुरू करें

आज बहुत से लोग, विशेष रूप से युवा पीढ़ी, घी खाने के बिल्कुल खिलाफ है. ऐसा इसलिए है क्योंकि, उन्हें इस सुनहरे रंग के, स्वादपूर्ण और पोषक तत्व से भरपूर मक्खन के स्वास्थ्य लाभों के बारे में मालूम नहीं है. प्राचीन भारत में घी की खपत आयुर्वेद में देखी जा सकती थी. आयुर्वेद में इसे एक पवित्र औषधीय और पोषण से भरपूर तत्व माना जाता था. घी से होने वाले निम्नांकित लाभ बहुत कम लोगों को मालूम है: घी लैक्टोज से मुक्त है: कई व्यक्ति लैक्टोज (दुग्धशर्करा) को पचाने में सक्षम नहीं होते हैं, जो दूध में पाया जाने वाला एक प्रकार का आहार उत्पाद है. कम ही लोग जानते हैं कि दुनिया की कुल आबादी का एक बड़ा प्रतिशत लैक्टोज को पचा नहीं सकते है. ऐसे लोगों के लिए घी अत्यंत फायदेमंद खाने योग्य पदार्थ हैं. वे बिना किसी चिंता के घी का उपभोग कर सकते हैं. प्राचीन भारत में हमारी संस्कृति उन तरीकों से अवगत थी, जिससे हम किसी भी डेयरी के उत्पाद को आसानी से पचा सकते थे. दरसअल घी बनने की प्रक्रिया के दौरान दूध में से लैक्टोज हट जाती है जिससे घी रूपी मक्खन के तेल का शुद्धतम रूप हमलोगों को मिलता है जो हमारे शरीर के लिए अत्यंत पौष्टिक होता है. घी केसिन मुक्त है: केसिन दूध में एक तरह का प्रोटीन घटक होता है जिसके कारण ही दूध एलर्जी का कारण बनता है. केसिन प्रोटीन को “स्लो डाइजेशन प्रोटीन” भी कहा जाता है क्योकि यह शरीर में धीरे-धीरे रिलीज होता है. वैसे तो

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