RJD विधान पार्षद से 2.5 लाख घूस लेते सेंट्रल GST के असिस्टेंट कमिश्नर रंगे हाथों गिरफ्तार

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | राजद के विधान पार्षद सुबोध राय के जाल में बृहस्पतिवार 27 जून को एक असिस्टेंट कमिश्नर फंस गये. जी हाँ, ये कमिश्नर पटना में GST डिपार्टमेंट में पोस्टेड हैं और इनका नाम चन्दन पांडेय है. इन्हें सुबोध राय ने सीबीआई की टीम द्वारा रंगे हाथ ढाई लाख रूपये घूस लेते पकड़वाया. दरअसल, सेंट्रल GST के असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात चंदन पांडेय राजद के विधान पार्षद सुबोध राय से लगातार घूस की डिमांड कर रहे थे. राजद के विधान पार्षद सुबोध राय, जो पेशे से एक कारोबारी भी हैं, पर असिस्टेंट कमिश्नर चन्दन पांडेय ने टैक्स में गड़बड़ी का आरोप लगाया था. इसको ठीक करने के लिए उन्होंने सुबोध राय से घूस की मांग की. बहुत सोचने के बाद सुबोध राय ने इसकी खबर सीबीआई, पटना को दी. इस पर सीबीआई के अधिकारियों ने एक प्लान बनाया जिसमें घूसखोर सहायक कमिश्नर को रंगे हाथों गिरफ्तार करना था. बृहस्पतिवार को सीबीआई की टीम ने MLC सुबोध राय को खास नोट दिए. इन नोटों के साथ सुबोध राय खुद असिस्टेंट कमिश्नर चंदन पांडेय के दफ्तर पहुंच गए. जैसे ही सुबोध राय ने पैसे असिस्टेंट कमिश्नर के हाथों में दिए तथा उन्होंने पैसे अपनी जेब में रखे, सीबीआई की टीम ने धावा बोल कर असिस्टेंट कमिश्नर चंदन पांडेय को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई की टीम ने GST असिस्टेंट कमिश्नर को ढाई लाख रूपये के साथ धर दबोचा.सीबीआई की टीम असिस्टेंट कमिश्नर चन्दन पांडेय को अपने साथ ले गयी तथा उनसे पूछताछ की जा रही है. चंदन

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फिर से कुर्सी पर काबिज हो गए…

कोइलवर/भोजपुर (आमोद कुमार) | कोइलवर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद कुर्सी बचाने में पूरी तरह से सफल रहे. जी हां कोइलवर नगर पार्षद विनोद कुमार फिर से कुर्सी पर काबिज हो गए हैं. नगर पंचायत कोईलवर के मुख्य पार्षद अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे. मुख्य पार्षद को हटाने के लिए 8 वोट की जरूरत थी लेकिन विपक्ष में 6 ही वोट पड़े जिस कारण बिहार नगरपालिका अधिनियम 25 के उपधारा 4 के तहत मुख्य पार्षद अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे. मालूम हो कि नगर पंचायत कोइलवर में 14 पार्षद है. नगर पंचायत कोईलवर के मुख्य पार्षद विनोद कुमार सदन में बहुमत पेश किया. मालूम हो नगर पंचायत मुख्य पार्षद विनोद कुमार पर आधा दर्जन पार्षदों ने उनके कार्य से अंसन्तुष्ट होकर अविश्वास लाया था. जिसको लेकर 18 जून को बैठक अयोजियत की गई थी. लेकिन उक्त तिथि को बिहार नगर पालिका अधिनियम 50 के प्रावधान के तहत कोरम के अभाव मे बैठक को स्थगित कर 22 जून को पुनः बैठक के लिए तिथि का निर्धारण किया गया था. जिसे लेकर नगर कार्यालय के सेंटर हॉल में मुख्य पार्षद आज बहुमत पेश किया. इस मामले पर राजनीतिक से जुड़े लोगों की राय माने तो मुख्य पार्षद अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे. 6 के मुकाबले 8 वोट मिला. इधर मुख्य पार्षद विनोद कुमार के विश्वास मत प्राप्त कर दुबारा कुर्सी पर काबिज होते ही समर्थकों ने बधाई दी.

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बिहार में 8 नए मंत्रियों ने ली शपथ, नीतीश-मोदी ने आपसी मनमुटाव से किया इंकार

पटना (निखिल वर्मा की रिपोर्ट) | रविवार को नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया जिसमें आठ नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई. नए मंत्रियों में शपथ लेने वालों में श्याम रजक, बीमा भारती, अशोक चौधरी, लक्ष्मेशवर राय, नरेंद्र यादव, राम सेवक कुशवाहा, नीरज कुमार और संजय झा शामिल हैं. इनमें से चार पहली बार मंत्री बने हैं. आज के नए मंत्रिमंडल विस्तार में 75% पिछड़े वर्ग को भागीदारी दी गई है. संजय झा भाजपा से जेडीयू में आए हैं. वहीं नीरज कुमार 2008 से लगातार एमएलसी रहे हैं. बीमा भारती अति पिछड़ा वर्ग से आती हैं. रविवार सुबह 11.30 बजे राजभवन में मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया. राजभवन में आठ नए मंत्रियों ने पद व गोपनीयता की शपथ ली. बाद में उनके विभागों की भी घोषणा कर दी गई है: श्याम रजक – उद्योग विभाग, डा. अशोक चौधरी – भवन निर्माण, नरेंद्र नारायण यादव – कानून मंत्री, बीमा भारती – गन्ना उद्योग विभाग, संजय झा – जल संसाधन मंत्री, नीरज कुमार – सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, रामसेवक सिंह – समाज कल्याण विभाग, लक्ष्मेश्वर राय – आपदा प्रबंधन. शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा नेता व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी, भाजपा नेता व मंत्री नंद किशोर यादव, आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे तथा अन्य नेता उपस्थित रहे. आज के मंत्रिमंडल विस्तार की खास बात यह रही कि इस विस्तार में एनडीए के घटक दलों बीजेपी तथा एलजेपी से किसी को जगह नहीं मिली. बहरहाल, नीतीश कुमार तथा सुशील मोदी ने संयुक्त रूप से बताया कि उनकी इस

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मोदी सरकार पार्ट 2 की कमान है इनके हाथों में

अमित शाह को गृह, राजनाथ को रक्षा और निर्मला को मिला वित्त मंत्रालय का प्रभार पटना, 31 मई. गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में दूसरी बार  प्रधानमंत्री की शपथ लेने के बाद मोदी सरकार ने जीते हुए योग्य सांसदों को कैबिनट की कमान देते हुए उन्हें विभिन्न मंत्रालयों सहित उस विभाग की कमान सौंप दी है. प्रधानमंत्री के शपथ के बाद उन्होंने भी शपथग्रहण कर नए मिले विभागों की कमान संभाल ली है. कैबिनेट राज्य मंत्री के अलावे राज्य मंत्री, व स्वतंत्र प्रभार में कुल मिलाकर 57 विभागों का बंटवारा किया गया है, जिसमें बिहार के 6 नेता भी शामिल हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में बिहार के शपथ लेने नेताओं में रविशंकर प्रसाद, रामविलास पासवान, अश्विनी चौबे, गिरिराज सिंह, आर.के. सिंह और नित्यानंद राय शामिल हैं. ये हैं 24 कैबिनेट मंत्री 1. राज नाथ सिंह – रक्षा मंत्री. 2. अमित शाह – गृह मामलों के मंत्री. 3. नितिन जयराम गडकरी – सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री; तथासूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री. 4. डी.वी. सदानंद गौड़ा – रसायन और उर्वरक मंत्री. 5. निर्मला सीतारमण – वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री. 6. रामविलास पासवान -उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री. 7. नरेंद्र सिंह तोमर – कृषि और किसान कल्याण मंत्री; ग्रामीण विकास मंत्री तथा पंचायती राज मंत्री. 8. रविशंकर प्रसाद -कानून और न्याय मंत्री; संचार मंत्री; तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री. 9. हरसिमरत कौर बादल – खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री. 10. थावर चंद गहलोत – सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री. 11. डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर – विदेश मंत्री. 12. रमेश पोखरियाल निशंक – मानव संसाधन विकास मंत्री 13. अर्जुन मुंडा – जनजातीय मामलों के मंत्री. 14. स्मृति जुबिन ईरानी – महिला और बाल विकास

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महागठबंधन की प्रेस कांफ्रेंस में बोले तेजस्वी

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट)| पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर आज महागठबंधन की बैठक सम्पन्न हुई. इसमें लोकसभा चुनाव में महागठबंधन की जबरदस्त हार पर समीक्षा हुई. इसके बाद तेजस्वी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. यहां उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में जनता ने हमें नकारा नहीं है. हमारा मनोबल नहीं गिरा है. अगले चुनाव में जनता के बीच रहकर NDA को धूल चटाने का काम करेंगे. तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव में हार-जीत तो चलती रहती है. हम लोग हौसला नहीं हारेंगे बल्कि मजबूती से एकजुट रह कर मुकाबला करेंगे. एनडीए पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि जनता के मुद्दों पर लड़ाई लड़ते हुए, इन नेताओं ने लोगों को भ्रमित किया. एक षडयंत्र कर लोगों को गुमराह किया गया. तेजस्वी यादव ने आहे कहा कि लोकसभा चुनाव में लोगों की लड़ाई और आवाज को दबाया गया. उन्होंने कहा कि चुनाव में कौन हारा, कौन हारा ये बातें होती रहती हैं. लेकिन यह अंत नहीं है, आगे की लड़ाई बाकी है. ये हार कोई अंतिम हार नहीं. बिहार विधानसभा चुनाव के मुद्दे अलग होते हैं. एकजुट रह कर जनता के बीच जाएंगे और अपनी बातों को रखेंगे.

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JDU का कुनबा बढ़ा, रालोसपा के MLA-MLC अब JDU के हुए

लोकसभा में पार्टी के सफाये के बाद अब बिहार विधानमंडल से भी रालोसपा का पत्ता साफ हो गया है. विधायक ललन पासवान और सुधांशु शेखर के साथ संजीव श्याम सिंह अब विधिवत जदयू के सदस्य हो गए हैं. बिहार विधानसभा के स्पीकर विजय चौधरी ने तीन सदस्यों की अर्जी को स्वीकार करते हुए उनके जदयू में विलय को मंजूरी दे दी. 24 मई को ही इन विधायकों ने विलय की अर्जी दी थी. बता दें कि रालोसपा ने एनडीए से 2014 के लोकसभा चुनाव में 3 सीटों पर चुनाव लड़ा था और तीनों पर उनकी जीत हुई थी. 2019 चुनाव में महागठबंधन में शामिल रालोसपा ने पांच सीटों पर चुनाव लड़ा और पांचों पर उनकी हार हुई. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा काराकाट और उजियारपुर से चुनाव लड़े और दोनो जगहों से हारे. ऐसे में अब लोकसभा के साथ बिहार विधानमंडल से भी पार्टी का कोई प्रतिनिधि नहीं बचा है. JDU में शामिल इन तीन नेताओं के मंत्री बनने की चर्चा भी जोरों पर है.

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आर के सिंह ने किया आचार संहिता का उलंघन, क्या दर्ज होगा केस ?

आरा,23 मई. आचार संहिता उलंघन को लेकर आरा के भाजपा प्रत्याशी राजकुमार सिंह, एवं राघवेंद्र प्रताप सिंह को अनुमंडल पदाधिकारी सदर, आरा ने एक नोटिस जारी कर 24 घण्टे के भीतर जवाब मांगा. यह जवाब 19 मई को संध्या को किये गए एक आम सभा को लेकर मांगा गया है. जिला प्रशासन के अनुसार मुफ्फसिल थाना,आरा के नजदीक स्थित भाजपा नेता राघवेन्द्र प्रताप सिंह के आवास पर संध्या 6 बजे एक आम सभा का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 200 लोग शामिल हुए. इस आम सभा को भाजपा प्रतायशी राज कुमार सिंह ने संबोधित भी किया जिसे प्रशासन ने आचार संहिता का उलंघन माना है. जिला दंडाधिकारी भोजपुर द्वारा भेजे गए ज्ञापांक 224(10/5/19)के अनुसार उस दिन संपूर्ण भोजपुर जिले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू की गई थी. साथ ही आदेश की कंडिका एक में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है कि किसी भी व्यक्ति, राजनीतिक दल, संगठन, के द्वारा राजनीतिक प्रयोजन से संबंधित किसी भी प्रकार की सभा ,जुलूस ,धरना ,प्रदर्शन तथा ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग बिना किसी सक्षम पदाधिकारी के पूर्व अनुमति के आयोजित नहीं किया जाएगा तथा अनुमति की शर्तो के प्रतिकूल कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा. इसके बावजूद भी राजकुमार सिंह एवं राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा सभा का आयोजन किया गया तथा आदर्श आचार संहिता के साथ- साथ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 का भी उल्लंघन किया गया. फलस्वरूप उक्त दोनों व्यक्तियों से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण की मांग की गई है. पत्र में कहा गया है कि क्यों नहीं लोकसभा

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उपेन्द्र कुशवाहा के गीदड़ भभकी से जनता डरने वाली नहीं – मोर्चा

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | राष्ट्रीय सामाजिक न्याय मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह वरिष्ठ भाजपा नेता उपेन्द्र चैहान, उपाध्यक्ष अमिताभ कुमार सिंह एंव राष्ट्रीय प्रवक्ता नीलमणि पटेल ने आज एक बयान जारी कर रालोसपा सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा द्धारा एग्जिट पोल से सम्बंधित परिणाम आने पर खून खराबे की धमकी दिये जाने वाले बयान की कड़ी शब्दों मेंनिन्दा करते हुए कहा कि “संगत से गुण होत है,संगत से गुण जाए, बास-फास मिश्री एक भाव बिकाए”. रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा जब एनडीए के पार्ट थे तो उनकी मनोस्थिति ठीक-ठाक थी किन्तु जैसे ही राजद के पाले मे गये कि लालू प्रसाद की भाषा बोलने लगे. बिहार की जनता उपेन्द्र कुशवाहा के इस गीदड़ भभकी से डरने वाली नही है. स्वयं और महागठबंधन की करारी हार देखकर उपेन्द्र कुशवाहा बौखला गये है. मोर्चा के नेताओ ने अपने बयान मे कहा कि लोकसभा चुनाव मे जनता का मनोभाव शायद उपेन्द्र कुशवाहा पढ नही सके. यही कारण है कि आज चुनाव परिणाम आने से पूर्व एनडीए की जीत सामने देखकर वे पूरी तरह से घबड़ाये हुए है. उन्होंने रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा को किसी के झासे मे नहीं रहने को कहा क्योंकि जिस महागठबंधन का दामन उन्होंने थामा है उसका इस चुनाव मे बुरा हस्न होने वाला है. राजद, कांग्रेस जैसे दलो का जब इस चुनाव मे कोई वजूद नही रहा तो रालोसपा किस खेत की मूली है. इसलिए महागठबंधन मे जाकर लालू जी की भाषा बोलने से कुशवाहा जी को कोई लाभ मिलने वाला नही है उल्टा जनता के बीच हास्य का पात्र बनेंगे वो.

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महागठबंधन को Exit Poll की आड़ में बड़ी धांधली की आशंका

गलत Exit poll की आड़ में है बड़ी धांधली की आशंका : महागठबंधनदेश में भारी बहुमत के साथ बनेगी UPA की सरकारबिहार की सारी सीटों पर महागठबंधन की होगी रिकार्ड जीतपटना (ब्यूरो रिपोर्ट)। लोकसभा चुनाव 2019 के मतदान के बाद आये Exit Poll को महागठबंधन के सभी दलों ने सरासर गलत बताते हुए कहा कि इस झूठे Exit Poll की आड़ में बड़ी धांधली की आशंका है. होटल मौर्या में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मंगलवार को राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा, विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी, राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र पूर्वे, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा और हम पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष बीएल वैश्‍यंत्री ने संयुक्त रूप से कहा कि आज देश में जो माहौल बनाया जा रहा है वो खतरनाक है. देश के कई हिस्सों से EVM पकड़े जाने की खबरें आ रही है. इसमें 20 लाख EVM गायब है, जिसका ब्‍यौरा चुनाव आयोग के पास नहीं है. यह देश के लोकतंत्र के लिए खतरनाक है. उन्‍होंने मतगणना के दौरान होने वाली गड़बड़ी को लेकर महागठबंधन के कार्यकर्ताओं और आम जनता से सतर्क रहने की अपील की. उन्‍होंने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद जिस तरह Exit Poll आये और सोशल मीडिया से लेकर मीडिया के हर माध्यम में EVM मशीन को लेकर देश भर से आ रही खबरें इस बात की ओर इशारा करती है कि इस बार एनडीए की जमीन खिसक चुकी है. इसलिए चुनाव जीतने के लिये उनकी ओर

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वो कौन है जिसने रात के अंधेरे में बांटा “भाजपा हटाएं” का पर्चा

आचार संहिता का हुआ उलंघन, चुनाव से 8 घँटे पहले बंटे पर्चे आरा,18 मई. 19 मई 2019 को होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर जहां 24 घण्टे पहले सभी पार्टियों का चुनाव-प्रचार थम चुका है वैसे में आरा में आज रात लगभग 11 बजे रात में चुनाव से महज 8 घण्टे पूर्व जसवा(जनमुक्ति संघर्ष वाहिनी) के कार्यकर्ता को एक पार्टी विशेष के विरोध में पर्चे बांटते देखा गया. चुनाव में कड़े नियमों और सख्ती के बाद भी यह दुःसाहस भरा कार्य कानून के विरोध है. वोटरों को रातों रात अपने पक्ष में मोड़ने के उद्देश्य से ऐसे कार्य किये जाते है. अब दिलचस्प सवाल यह कि जनमुक्ति संघर्ष वाहिनी किसी पार्टी विशेष का विरोध खुद कर रही है या किसी के कहने पर? मध्यरात्रि के समय गोला मुहल्ले के पास खड़े युवकों ने जब पर्चे लेने से इनकार करते हुए इसे चुनाव आचार संहिता का उलंघन बताया तो ‘जसवा’ के कार्यकर्ता ने यह कहते हुए पर्चा थमा दिया कि आपको जो मन करे इस पर्चे के साथ कीजिये. मेरा काम है पर्चा बाँटना अब आप इसे पढ़िए या फेंक दीजिये. मेरा काम है पर्चा बाँटना अब आप इसे पढ़िए या फेंक दीजिये. हालांकि पर्चा बांटने वाले संगठन से कोई उम्मीदवार चुनाव मैदान में खड़ा तो नही है लेकिन एक पार्टी विशेष का विरोध पुरजोर तरीके से पर्चे पर किया गया है. अब देखना यह होगा कि इसपर चुनाव आयोग क्या करवाई करती है. आरा से ओ पी पांडेय व सत्य प्रकाश सिंह की रिपोर्ट

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