नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर बरसे मुख्यमंत्री
लालू और तेजस्वी पर किया प्रहार
पटना।। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को सदन में बहुमत साबित कर दिया. फ्लोर टेस्ट के दौरान पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस भी देखने को मिली. सीएम सम्राट ने नीतीश कुमार के कार्यों को आगे बढ़ाने का दावा किया. साथ ही बिहार की जनता को थाना से लेकर ब्लॉक और अंचल तक करप्शन पर खुद नजर रखने का भरोसा दिलाया है. सदन में विश्वास मत के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी सरकार में थ्री सी यानी क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म पर कभी समझौता नहीं होगा.

बहुमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सत्ता किसी की बपौती नहीं है. कोई किसी की पाठशाला से नहीं आता है. मैं तो कहता हूं अगर लालू जी का मुझ पर अत्याचार नहीं होता तो आज मैं सीएम नहीं होता.
सीएम ने कहा कि अगर नीतीश कुमार का समर्थन नहीं होता तो लालू यादव भी सीएम नहीं बन पाते. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की इच्छा थी कि सम्राट चौधरी बिहार का सीएम हो, इससे इनकार नहीं करता हूं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ एनडीए के सभी दलों और नेताओं का उन्हें समर्थन प्राप्त है.
CMO की रहेगी नजर
करप्शन और भूमि विवाद की शिकायतों पर सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में भूमि विवाद को समाप्त करने के लिए पूर्व मंत्री दिलीप जायसवाल, विजय सिन्हा और संजय सरावगी ने कई कदम उठाए हैं और मैं भरोसा दिलाता हूं कि मैं थाना, अंचल और ब्लॉक स्तर पर खुद निगरानी रखूंगा.

तेजस्वी यादव ने किए तीखे वार
इससे पहले विश्वास मत पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बीजेपी और सम्राट चौधरी पर तीखे हमले किए. उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने नीतीश कुमार को फिनिश कर दिया. चुनाव में इन लोगों ने नारा लगाया था- ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’. इन लोगों ने नीतीश कुमार को ही 25 से 30 में खत्म कर दिया.
तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के “ओरिजिनल” नेताओं में प्रेम कुमार, नंदकिशोर यादव, विजय सिन्हा जैसे चेहरे शामिल हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद सम्राट चौधरी को दे दिया गया. यानि बीजेपी का कोई भी ओरिजिनल नेता सीएम नहीं बना. आरएसएस वाले नाराज हैं. तेजस्वी यादव ने कहा कि अभी जो सीएम हैं सम्राट चौधरी वह लालू यादव की पाठशाला से निकले हैं. डिप्टी सीएम विजय चौधरी कांग्रेस से आए हैं. वहीं दूसरे डिप्टी सीएम बिजेन्द्र यादव जनता दल से जुड़े थे. यानि भाजपा का कोई भी ओरिजिनल नेता तीनों में से किसी पद पर नहीं है.
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