29 और वस्तुएं GST से बाहर, 49 पर टैक्स घटा

29 वस्तुएं जीएसटी के दायरे से बाहर हो गई हैं. इनमें से ज्यादातर हस्तशिल्प से जुड़े उत्पाद हैं. इसके अलावा 49 अन्य वस्तुओं पर टैक्स घटा दिया गया है. दिल्ली में आज जीएसटी काउंसिल की 25वीं बैठक में ये निर्णय लिए गए. सबसे महत्वपूर्ण बात ये कि जल्द ही जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक होगी जिसमें पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में शामिल करने पर विचार होगा. बैठक के बाद वित्‍त मंत्री और परिषद के अध्‍यक्ष अरुण जेटली ने बताया कि जीएसटी रिटर्न फाइलिंग के सरलीकरण पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है. जेटली ने कहा कि जीएसटी परिषद की अगली बैठक में जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल करने की मंजूरी दी जाएगी. उन्‍होंने यह भी बताया कि अगली बैठक में पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने पर भी विचार किया जाएगा. जेटली ने बताया कि दस दिनों बाद परिषद की दोबारा बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस मुद्दे पर विचार विमार्श किया जाएगा. अगली बैठक वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये होगी. जेटली ने बताया कि अन्‍य 49 वस्‍तुओं पर टैक्‍स की दर को तर्कसंगत बनाते हुए उन पर टैक्‍स घटाया गया है. एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच वस्तुओं या माल की आवाजाही के लिए ई-वे बिल की अनिवार्यता का प्रावधान एक फरवरी से लागू होगा और 15 राज्य अपनी सीमा के अंदर ई-वे बिल को लागू करेंगे.

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वाणिज्य-कर विभाग का “जीएसटी ई-वे बिल” व्यवस्था पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

  पटना । बुधवार 10 जनवरी को वाणिज्य-कर विभाग द्वारा बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सहयोग से इसके सदस्यों तथा अन्य उद्यमियों को वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली में प्रस्तावित ई-वे बिल व्यवस्था से परिचित कराने के उद्देश्य से एक प्रशिक्षिण कार्यक्रम का आयोजन बीआईए प्रांगण में किया गया. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि भाग लिये. इस प्रशिक्षण कार्यशाला में वाणिज्य कर विभाग से प्रमोद कुमार गुप्ता (संयुक्त आयुक्त, वाणिज्य-कर), शंकर कुमार मिश्रा (संयुक्त आयुक्त, पश्चिमी डिवीजन, वाणिज्य-कर) के अतिरिक्त विभाग के अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया. उन्होंने ई-वे बिल के विभिन्न आयामों पर पावर प्वांट प्रजेंटेशन के माध्यम से भाग ले रहे उद्यमियों को अवगत कराया तथा उनके द्वारा पूछे गये प्रश्नों का जवाब भी दिया. प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि ई-वे बिल एक तरह से सेल्फ डिक्लेरेशन पद्धती पर कार्य करेगा जिसमें जेनरेट किए गये एक ही बिल पूरे देश भर में मान्य होगा. उसका उपयोग सामान लाने या भेजने दोनों में किया जा सकता है. इस व्यवस्था का एक उद्देश्य यह भी है कि कर वंचना को रोका जा सके. इस व्यवस्था का एक फायदा यह भी है कि व्यापारी को भौतिक रूप से बिल बनवाने या प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तर में जाने की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि सारी प्रक्रिया ऑनलाईन है. चेक पोस्ट की भी कोई व्यवस्था इस प्रणाली में नहीं है. जहां रूक कर परिवहन हो रहे समानों का तथा उससे सम्बन्धित बिल का जांचा जा सके. प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि ई-वे बिल व्यवस्था 1 फरवरी से

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कोई बच नहीं सकता, सही समय पर सही कर का भुगतान करें – घुमरिया

पटना । बिहार झारखण्ड के मुख्य प्रधान आयकर आयुक्त के.सी. घुमरिया ने कहा है की बिहार और झारखण्ड की कई कम्पनियाँ और सरकारी प्रतिष्ठान आयकर में टीडीएस की प्रक्रिया का सही रूप से पालन नहीं कर रही हैं जिसके कारन भी बिहार से आयकर रिटर्न कम दाखिल हो रहा है. आज पटना में टीडीएस के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित एक कार्यशाला के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा की बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान, निजी क्लिनिक और अन्य प्रतिष्ठान इस प्रक्रिया को नहीं अपना रहे हैं जबकि ये सभी इस दायरे में आते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार और झारखंड के कुल 46 व्यावसायिक व सरकारी  प्रतिष्ठान पर विभाग कार्यवाई करेगा. उन्होंने करदाताओं से समय पर टैक्स देने की अपील करते हुए कहा  की आज के इस डिजिटल युग में आप की हर लेन देन  पर विभाग की नज़र होती है और कोई इससे बच नहीं सकता इसलिए सही समय पर सही कर का भुगतान करें.         प्रेस कांफ्रेंस में बोलते के.सी. घुमारिया, मुख्य प्रधान आयकर आयुक्त, इनकम टैक्स, बिहार झारखण्ड   (ब्यूरो रिपोर्ट)

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जल्द होगा 10रू के इस नए नोट का दीदार

2000, 500,50 और 200 के नए नोट के बाद अब 10 रू के नए नोट जारी करने वाला है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. नए नोट महात्मा गांधी सीरीज के ही होंगे और इनपर RBI गवर्नर ऊर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे. RBI to shortly issue Rs.10 denomination banknotes. All the banknotes in the denomination of Rs.10 issued by RBI in the earlier series will continue to be legal tender. pic.twitter.com/2tSzRBNLuO — ANI (@ANI) January 5, 2018 RBI ने आज इसकी तस्वीरें भी जारी की हैं. 10 रुपये के नए नोटों का रंग चॉकलेट ब्राउन होगा इन पर कोर्णार्क के सूर्य मंदिर की तस्वीर होगी. ऐसा होगा 10रू का नया नोट नोट के अंदर 10 का अंक दिखेगा जो कि देवनागरी भाषा में भी लिखा होगा. नोट के बीच में महात्म गांधी की तस्वीर होगी. छोटे अक्षरों में ‘RBI’, ‘भारत ‘, ‘INDIA’ और ’10’ लि‍खा होगा. नोट की दाईँ ओर अशोक स्तम्भ का चिन्ह होगा. 10 के नोट पर स्वच्छ भारत का लोगो स्लोगन के साथ होगा. इसके साथ ही भाषा पैनल और कोणार्क के सूर्य मंदिर की तस्वीर होगी. नोट के पीछे देवनागरी में 10 लिखा होगा.

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अब 2000 रू तक का डिजिटल लेनदेन मुफ्त

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 2000 रूपये मूल्‍य तक के डेबिट कार्ड/भीम यूपीआई/एईपीएस का लेन-देन फ्री किया  प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 2000 रूपये मूल्‍य तक के सभी डेबिट कार्ड/भीम UPI/आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS) लेन-देन पर लागू मर्चेंट  डिस्‍काउंट रेट (MDR) दो वर्ष की अवधि के लिए सरकार द्वारा वहन करने की मंजूरी दे दी है.  यह 1 जनवरी, 2018 से प्रभावी होगा और इसकी बैंकों को अदायगी की जाएगी. वित्‍तीय सेवाओं के विभाग के सचिव, इलेक्‍ट्रोनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सचिव और भारतीय राष्‍ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के सीईओ को मिलाकर बनाई गई एक समिति ऐसे लेन-देन के औद्योगिक खर्च ढांचे को देखेगी, जिससे अदायगी के स्‍तरों का पता लगाने का आधार तैयार किया जाएगा. इस मंजूरी के परिणामस्‍वरूप 2000 रूपये से कम मूल्‍य के किसी भी लेन-देन के लिए उपभोक्‍ता और व्‍यापारी को एमडीआर के रूप में इस तरह के अतिरिक्‍त बोझ से परेशान नहीं होना पड़ेगा. इससे इस प्रकार के लेन-देन के लिए डिजिटल भुगतान मोड को लोग अधिक अपनाएंगे. चूंकि इस तरह के लेन-देन का प्रतिशत काफी अधिक है, इससे कम नकदी की अर्थव्‍यवस्‍था की दिशा में बढ़ने में मदद मिलेगी. अनुमान लगाया गया है कि 2000 रूपये से कम मूल्‍य वाले लेन-देन के संबंध में बैंकों को वित्‍त वर्ष 2018-19 में 630 करोड़ रूपये और वित्‍त वर्ष 2019-20 में 883 करोड़ रूपये की एमडीआर अदायगी की जाएगी. बिक्री के व्‍यापारी POS पर जब भुगतान किया जाता है, MDR की अदायगी व्‍यापारी द्वारा बैंक को की जाती है, इसे देखते हुए अनेक

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क्या आपने ट्राय किया आसान लोन का ये तरीका!

क्य आप भी अपनी किसी जरुरत के लिए लोन चाहते हैं और वो भी आसान तरीके से. तो आप यहां प्रयास कर सकते हैं. लोन यानि कर्ज लेकर उसे आसान किस्तों में चुकाने की व्यवस्था के साथ अगर लोन लेने की प्रक्रिया भी आसान हो तो क्या कहने. बड़े शहरों की तरह अब पटना में भी आसान लोन मिलना संभव हो पाएगा. दिल्ली बेस्ड स्टार्ट अप कंपनी ‘finheal.com’ बिहार के विकास और युवाओं को रोजगार देने के इरादे से अब पटना में भी ग्रैंड ओपनिंग कर रहा है. फिनहील का कहना है “एक टेबल पर लोन परोसेंगे”. कंपनी का वादा है 48 घंटे में जैसी जरूरत वैसा लोन, म्यूचुअल फण्ड, इंस्योरेंस और एडवाइजरी उपलब्ध कराना. पटना में खुलने वाले finheal ऑफिस के अंदर का दृश्य patnanow से बात करते हुए ‘finheal’ के CEO & Co Founder आदित्य शंकर ने कहा कि वे बिहार के आरा से हैं. वे नहीं चाहते कि बिहार के लोग फाइनेंस इंडस्ट्री की वजह से पिछड़ जाएं, इसलिए लोन उपलब्ध कराने के तरीके को ही चेंज कर दिया. अपने इसी स्टार्ट अप के कारण उनकी कंपनी ने काफी कम समय में ही अपनी अलग पहचान बना ली है. और अब वे इसे बिहार में लॉंच कर रहे हैं.  आदित्य शंकर ने बताया कि अपने प्लान से अब मात्र 48 घंटे में ही, वे बिना किसी भाग दौड़ और बिना परेशानी के हर तरह का लोन उपलब्ध कराएंगे और अगले तीन महीने में इसमें मात्र अप्लाई करने के 8 घंटे के अंदर उपलब्ध कराएंगे. इस तरह की अपने

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जानिए अब इडली-डोसा, चटनी और चश्मा-दूरबीन पर कितना लगेगा GST

GST काउंसिल की 23वीं बैठक के बाद आम लोगों के साथ व्यापारियों के चेहरे पर मुस्कुराहट देखने की उम्मीद जगी है. BIA यानि बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष के पी एस केशरी ने इसपर खुशी जताई है. केशरी ने कहा कि कंपोजीशन स्कीम की सीमा मौजूदा एक करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ करने से काफी राहत मिलेगी. वित्त सचिव हसमुख अढिया ने स्पष्ट किया कि कंपोजीशन स्कीम लेने वाले व्यापारियों को सिर्फ करयोग्य वस्तुओं के टर्नओवर पर ही एक फीसद जीएसटी देना होगा. बता दें कि आम लोगों और व्यापारियों की तकलीफ दूर करने के लिए GST काउंसिल ने शुक्रवार को डिटर्जेंट, फर्नीचर, शैंपू सहित 215 वस्तुओं पर GST घटाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया. साथ ही AC व गैर-AC रेस्तरां में खाने पर जीएसटी 18 से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया. GST की नई दरें 15 नवंबर से प्रभावी होंगी. हालांकि GST दरें घटाने से करीब 20 हजार करोड़ रुपये की राजस्व हानि होने का अनुमान है. देखिए कौन सी चीजें हो गईं सस्ती- इन वस्तुओं पर अब 18 की बजाय 5% GST लगेगा- पफ्ड राइस चिक्की, पी नट चिक्की, सीसम चिक्की, रेवड़ी, तिलरेवड़ी, खाजा, काजू कतली, ग्राउंडनट स्वीट गट्टा और कुलिया. चटनी पाउडर. फ्लाई एश इन वस्तुओं पर अब 12 की बजाय 5% GST लगेगा- नारियल का बुरादा. कपास के बुने हुए कपड़े. इडली और डोसा. तैयार चमड़ा और चमड़े से बने सामान. फिशिंग नेट और फिशिंग हुक. इन वस्तुओं पर अब 18 की बजाय 12% GST लगेगा- गाढ़ा किया हुआ दूध रिफाइंड सुगर और सुगर

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च्युइंग गम, चॉकलेट के साथ मेकअप किट भी हुआ सस्ता

आपने सही पढ़ा. GST दरों में आम लोगों को बड़ी राहत मिली है. गुवाहाटी में जीएसटी काउंसिल की 23वीं बैठक में 178 वस्तुओं को 28 फीसदी जीएसटी की श्रेणी से हटाकर 18 फीसदी की श्रेणी में लाने का फैसला हुआ. यानि अब केवल 50 वस्तुएं ही 28 % GST की कैटेगरी में बच गई हैं. इतना ही नहीं, कारोबारियों को भी कई तरह के तोहफे गुवाहाटी में हुई इस बैठक में मिल गए. जिनकी कोई कर देनदारी नहीं बनती थी, उन्हें देर से रिटर्न दाखिल करने पर अभी तक 200 रुपये जुर्माना देना पड़ता था. लेकिन सरकार ने अब उसे घटाकर केवल 20 रुपये प्रतिदिन कर दिया है. परिषद की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि रोजमर्रा की करीब 178 वस्तुओं पर कर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है. साथ ही AC और Non AC  दोनों रेस्तरां के लिए जीएसटी बराबर कर दिया गया है. दोनों को ही केवल 5 फीसदी जीएसटी देना होगा. इस समय गैर-वातानुकलित रेस्तरांओं में बिल पर 12 फीसदी और वातानुकूलित रेस्तरां में 18 फीसदी जीएसटी लगता है. सितारा होटलों पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा और इन्हें इनपुट क्रेडिट टैक्स का भी लाभ मिलेगा. GST परिषद ने वेट ग्राइंडर और बख्तरबंद गाडिय़ों पर भी कर 28 से घटाकर 12 फीसदी कर दिया है. जेटली ने कहा कि छह वस्तुओं पर GST 18 से घटाकर 5 फीसदी किया गया है जबकि 8 वस्तुओं पर इसे 12 से कम कर 5 फीसदी किया गया है. छह वस्तुओं पर इसे 5 फीसदी से

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GST काउंसिल से आ सकती है राहत की खबर

गुवाहाटी में GST काउंसिल की 23वीं बैठक का आज दूसरा दिन है. उम्मीद है कि रोजाना इस्तेमाल की कई चीजों पर टैक्स स्लैब 28 फीसदी से कम किया जा सकता है. GST  के खिलाफ सड़क पर कांग्रेस के प्रदर्शन-हंगामे के बीच मोदी सरकार GST पर कुछ बड़ी राहत का ऐलान कर सकती है.  गुवाहाटी की बैठक में 28 फीसदी टैक्स स्लैब में शामिल 200 से ज़्यादा आइटम्स में से 80 फीसदी आइटम्स पर टैक्स घटकर 18 फीसदी किए जाने की संभावना है. जानकारी के मुताबिक शैंपू, फर्नीचर, इलेक्ट्रिक स्वीच और प्लास्टिक पाइप पर टैक्स रेट कम किया जाएगा. इसके अलावा कंपोजीशन स्कीम के तहत 1 फीसदी छूट और नॉन एसी रेस्टोरेंट पर टैक्स घटाने पर भी फैसला संभव है. छोटे कारोबारियों को राहत देने के मकसद से कंपोजिशन स्कीम में भी बदलाव की तैयारी है. बता दें कि GST की दरें और नियमों पर अंतिम फैसला लेने की जिम्मेदारी GST  काउंसिल को दी गयी है. काउंसिल के अध्यक्ष वित्त मंत्री अरुण जेटली हैं जबकि वित्त राज्य मंत्री के साथ 29 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों, दिल्ली और पुडुडुचेरी के नामित मंत्री इसके सदस्य हैं. बिहार के डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री सुशील मोदी भी बैठक से पहले ही कई महत्वपूर्ण सामानों पर टैक्स की दर कम करने की संभावना जता चुके हैं.

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