पटना: बिहार में मतदाता सूची को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार विनोद सिंह गुंजियाल ने राज्य सरकार को पत्र जारी कर सभी संबंधित पदाधिकारियों के स्थानांतरण / पदस्थापन पर रोक लगा दी है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, दिनांक 01.01.2027 की अर्हता तिथि के आधार पर निर्वाचक सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण, 2027 कराया जा रहा है. निर्वाचन सूची के प्रारूप प्रकाशन की तिथि – 12.11.2026 निर्धारित है. आयोग ने निर्देश दिया है कि प्रारूप प्रकाशन से पूर्व निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) / सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) के रिक्त पदों पर पदस्थापन किया जाए.
कब तक रहेगी रोक?
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार –
निर्वाचक सूची के प्रारूप प्रकाशन के उपरांत निर्वाचक सूची के अंतिम प्रकाशन तक निर्वाचक सूची से संलग्न पदाधिकारियों यथा प्रमंडलीय आयुक्त, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, मतगणना केंद्र स्तरीय पदाधिकारियों के पदस्थापन/स्थानांतरण पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा, यथा विशेष परिस्थिति में यह आयोग के पूर्वानुमोदन के पश्चात् ही किया जा सकेगा.
मतलब साफ है – 12.11.2026 (प्रारूप प्रकाशन) से लेकर अंतिम प्रकाशन तक – BLO, BLO Supervisor, ERO, AERO, DEO, Commissioner सहित निर्वाचक सूची से जुड़े किसी भी अधिकारी का ट्रांसफर नहीं होगा. अगर बहुत जरूरी हुआ तो भी भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति लेनी पड़ेगी. जाहिर है कि इसका सीधा असर बिहार के शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग पर पड़ेगा. हजारों शिक्षक लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे थे. ऐसा इसलिए क्योंकि बड़ी संख्या में शिक्षक ही बीएलओ और सुपरवाइजर की भूमिका निभा रहे हैं.
क्यों लगाया गया बैन?
Special Summary Revision होना है और कोई अधिकारी नहीं बदलेगा ताकि वोटर लिस्ट का काम समय पर और बिना गड़बड़ी के पूरा हो सके.