मतदानयुक्त ईवीएम स्ट्रांगरूम में पूरी तरह सुरक्षित – निर्वाचन आयोग

नई दिल्ली / पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | मीडिया के एक वर्ग में ऐसी शिकायतें आ रही हैं जिनमें कहा गया है कि स्ट्रांगरूम में रखी हुई मतदानयुक्त ईवीएम को कथित रूप से बदलने का प्रयास किया गया है. भारत के निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सभी खबरें और आरोप पूरी तरह झूठे सच्चाई से परे है. मीडिया पर वायरल हो रहे दृश्यों का चुनाव के दौरान इस्तेमाल ईवीएम से कोई लेना-देना नहीं है. निर्वाचन आयोग की तरफ से प्रेस विज्ञप्ति में निम्नलिखित बातें कही गई हैं – मतदान समाप्त होने के बाद मतदानयुक्त सभी ईवीएम और वीवीपैट को कड़ी सुरक्षा में निर्धारित स्ट्रांगरूम में लाया गया है, जिन्हें उम्मीदवारों और निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में दोहरे तालों से सील किया गया है. स्ट्रांगरूम के स्टोरेज और सीलिंग की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई है. मतगणना पूरी होने तक लगातार सीसीटीवी कवरेज की जाएगी. प्रत्येक स्ट्रांगरूम की केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) द्वारा 24 घंटे पहरेदारी की जा रही है. साथ ही उम्मीदवार अथवा उनके मनोनीत एजेंट 24 घंटे स्ट्रांगरूम में मौजूद हैं.मतगणना के दिन उम्मीदवारों/एजेंटों और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के साथ स्ट्रांगरूमों को खोला जाएगा. ईवीएम की गणना करने से पहले मतगणना एजेंटों को पतों के टैग, सीलें और ईवीएम की क्रम संख्या दिखाई जाएगी ताकि उनके समक्ष वास्तविक मतदान में इस्तेमाल मशीन की सत्यता और प्रामाणिकता साबित की जा सके.चुनाव की घोषणा होने के बाद से आयोग के साथ हुई 93 बैठकों में से अनेक में कई मौकों पर राजनीतिक दलों

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पुलवामा मामले पर मांगा गया वोट आयोग के निर्देशों के उल्लंघन है – मतंग सिंह

प्रधानमंत्री पर चुनाव आयोग के निर्देशों के उल्लंघन का आरोपपुलवामा मामले पर मांगा गया वोट – मतंग सिंहपटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन किया है. सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि किसी भी परिस्थिति में राजनीतिक दल सेना का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के दौरान नहीं करेंगे, साथ ही पुलवामा घटना पर भी कोई राजनीतिक फायदे अथवा चुनावी फायदे के लिए बयान नहीं देंगे लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में चुनाव आयोग के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में पुलवामा आतंकी हमले में शहीदों के नाम पर वोट मांगा है. साथ ही उन्होंने कहा कि ये हैरानी की बात है कि देश मे सुरक्षा में चूक होने के कारण जवानों और आम जनता की जान जा रही हैं, तब भी प्रधानमंत्री देश की सुरक्षा और मजबूत करने के बजाय खुद की तारीफ करने में लगे हैं. विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि पुलवामा में उन्होंने हमारे चालीस जवानों को शहीद किया था. हमले के बाद उसी क्षेत्र में अब तक बयालीस आतंकी ठिकाने लगाये जा चुके हैं. ये हमारे काम करने का तरीका है. मतंग सिंह ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री खुलेआम चुनाव आयोग के निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और चुनाव आयोग अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका है.

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‘एक साथ हो सकते हैं चुनाव’

चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने हों तो इसके लिए सभी राजनीतिक दलों की सहमति जरूरी है. आयोग ने कहा कि वो इसके लिए तैयार है. चुनाव आयुक्त OP रावत ने कहा कि चुनाव आयोग का हमेशा से नजरिया रहा है कि एक साथ चुनाव कराने से निवर्तमान सरकार को आदर्श आचार संहिता लागू होने से आने वाली रूकावट के बगैर नीतियां बनाने और लगातार कार्यक्रम लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा. बता दें कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा विधानसभाओं के चुनाव वर्ष 2019 के मध्य में अगले आम चुनाव के साथ होने हैं. OP रावत ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने पर निर्वाचन आयोग से 2015 में अपना रुख बताने को कहा गया था. उन्होंने कहा कि संविधान और जनप्रतिनिधित्व कानून में जरूरी बदलाव करने के बाद ही एक साथ चुनाव कराना मुमकिन हो सकेगा. मौजूदा कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार किसी राज्य की विधानसभा या लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पहले तक चुनाव कराए जा सकते हैं.

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