जमालपुर में पहली बार सजा अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता का मंच, भारत समेत चार देशों के पत्रकारों का जुटान
पत्रकारिता की चुनौतियों, विश्वसनीयता और जनसरोकार पर हुआ मंथन, कलम से बदलाव लाने वाली शख्सियतें सम्मानित
जमालपुर (मुंगेर)। जमालपुर की धरती रविवार को अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता के मंच में तब्दील हो गई। मारवाड़ी धर्मशाला रोड स्थित सिद्धिविनायक मैरिज हॉल परिसर में ऑल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन भारत की ओर से पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में देश-विदेश के पत्रकारों का जुटान हुआ। बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और भूटान से पहुंचे पत्रकार सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण रहे। इस दौरान लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका, पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और समाज के प्रति पत्रकारों की जिम्मेदारी पर गंभीर मंथन हुआ।

सम्मेलन का उद्घाटन राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह, मुंगेर विधायक कुमार प्रणय, मुख्य पार्षद पार्वती देवी सहित देश-विदेश से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकारों एवं अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष त्रिपुरारी कुमार मिश्रा ने की, जबकि संचालन अंशु अवस्थी ने किया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की रखवाली में मीडिया की भूमिका सबसे अहम है। पत्रकार सत्ता और समाज के बीच सवाल खड़े करने वाला मजबूत माध्यम हैं। उनकी कलम केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की आवाज को सामने लाने और व्यवस्था को जवाबदेह बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार सर्वोपरि होने चाहिए।
डिजिटल दौर में विश्वसनीयता सबसे बड़ी चुनौती
सम्मेलन में देश-विदेश से आए पत्रकारों ने वर्तमान पत्रकारिता की चुनौतियों और अपने अनुभव साझा किए। डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, सूचना के तेज प्रवाह, फेक न्यूज, विश्वसनीयता के संकट और पत्रकारों की सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि खबर की रफ्तार के साथ उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना आज पत्रकारिता की सबसे बड़ी कसौटियों में से एक है।
पत्रकारों ने इस बात पर भी जोर दिया कि पत्रकारिता का केंद्र समाज और आम आदमी की आवाज होनी चाहिए। गांव, गरीब, वंचित और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से सामने लाना ही जनपक्षधर पत्रकारिता की वास्तविक पहचान है।
नेपाल, बांग्लादेश समेत कई देशों के पत्रकार हुए शामिल
कार्यक्रम में नेपाल से शार्क जर्नलिस्ट फोरम के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट राजू लामा, बांग्लादेश के सेक्रेटरी जनरल मो. अब्दुर रहमान, मो. एम.के. सिद्दीकी सहित विदेशों से आए वरिष्ठ पत्रकारों ने सम्मेलन को संबोधित किया।
भारत की ओर से नई दिल्ली से सहारा समय डिजिटल के हेड वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश सिंह, पटना से राष्ट्रीय समाचार के बिहार हेड एवं श्रीराम कथा वाचक एस.के. राजीव जी महाराज, आकाशवाणी-दूरदर्शन के समाचार वाचक मोहम्मद खालिद रशीद, डॉ. अमरनाथ प्रसाद, अंशु अवस्थी, पी.के. आजाद, इंजीनियर मदन कुमार गुप्ता, काशी से रुपेश कुमार गुप्ता, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विजय यादव, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव, पंजाब से जरनेल सिंह, धनबाद से विवेक साहू, मुंबई से रत्नाकर मिश्रा सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने वर्तमान दौर में पत्रकारिता की दिशा और जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे।
मुंगेर जिले के स्थानीय समाचार पत्रों से जुड़े राणा गौरी शंकर सिंह, राजेश कुमार, रजनीश सिंह और वरिष्ठ पत्रकार विजय आनंद ने भी पत्रकारिता के समक्ष मौजूद चुनौतियों और बदलते स्वरूप पर विचार व्यक्त किए।
कलम और सामाजिक सरोकार के लिए हुआ सम्मान
सम्मेलन के दौरान अपनी लेखनी और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने वाली शख्सियतों को अतिथियों ने सम्मानित किया। सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण बना दिया। विभिन्न राज्यों और देशों से पहुंचे पत्रकारों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में आपसी संवाद और सहयोग को मजबूत करने की बात कही।
कार्यक्रम में ऑल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजीत सम्राट, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सुनील कुमार, नेशनल वाइस प्रेसिडेंट अंशु अवस्थी, डॉ. अमरनाथ प्रसाद, इंजीनियर मदन गुप्ता, बिहार प्रदेश महासचिव सुधांशु रंजन शुक्ला, प्रदेश सचिव रविंद्र शर्मा, बिहार प्रदेश अध्यक्ष के.एम. राज, महासचिव मो. इम्तियाज आलम, जिला अध्यक्ष त्रिपुरारी कुमार मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार, जिला सचिव दीपक विश्वास, जिला कोषाध्यक्ष आदित्य कुमार विकास सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जमालपुर में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन शहर को देश-विदेश के पत्रकारों से जोड़ने के साथ पत्रकारिता के सरोकारों पर संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना। सम्मेलन में सीमा और भाषा से परे लोकतंत्र, जनसरोकार और समाज के प्रति पत्रकारों की जिम्मेदारी को लेकर साझा संवाद देखने को मिला।
