सत्र से पहले महागठबंधन की बैठक से परहेज क्यों!

28 जुलाई से बिहार विधनमंडल का मॉ़नसून सत्र शुरू हो रहा है. बिहार के इतिहास में इस बार ये सत्र ऐतिहासिक होने जा रहा है जब सरकार के भविष्य पर अनिश्चितता छाई हुई है. ना तो सीएम और ना ही डि्टी सीएम सदन में एक साथ बैठने की स्थिति में हैं क्योंकि दोनो के बीच तल्खी की बातें सार्वजनिक हैं.

यही नहीं, सत्र से पहले राजद और जदयू अपने-अपने विधायक दल की बैठक बुधवार को कर रहे हैं लेकिन महागठबंधनव की संयुक्त बैठक की कोई चर्चा नहीं है. इसका सीधा फायदा विपक्षी दल बीजेपी को मिलता दिख रहा है. बीजेपी ने पहले ही तेजस्वी के इस्तीफे को लेकर मॉनसून सत्र नहीं चलने देने की चेतावनी दी है. अब अगर सत्र के दौरान बीजेपी तेजस्वी के इस्तीफे की मांग करती है या फिर इसपर चर्चा की मांग करती है तो क्या सरकार की तरफ से जदयू या नीतीश कोई जवाब देने की हालत में होंगे.




 इन सब को देखते हुए बुधवार से लेकर आने वाले कुछ दिन बिहार की राजनीति में अहम होने वाले हैं. बता दें कि बुधवार 26 जुलाई को राजद और जदयू, दोनों ही दलों ने अपने-अपने विधानमंडल दल की बैठक बुलाई है. दोपहर 12.30 बजे से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर राजद विधानमंडल दल की बैठक आयोजित है तो सीएम नीतीश कुमार के आवास पर शाम 5.30 बजे से जदयू विधानमंडल दल की बैठक होगी. जदयू ने पहले यह बैठक 27 जुलाई को निर्धारित किया था.

राजद ने बैठक में अपने सभी विधायकों व विधान पार्षदों को अनिवार्य रूप से आने का संदेश भिजवाया है. राजद विधायक ललित यादव ने बताया कि बैठक का मुख्य एजेंडा मॉनसून सत्र है. वैसे संभव है कि कई अन्य राजनीतिक मसलों पर भी विशेष चर्चा हो.

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राजद जहां तेजस्वी के इस्तीफे से साफ इनकार कर चुका है वहीं जदयू भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर देना चाहता है. जदयू ने तेजस्वी प्रसाद यादव से उनके ऊपर लगे आरोपों पर बिन्दुवार स्पष्टीकरण की मांग की थी, जो अब तक नहीं दिया गया.

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इधर बीजेपी विधायक दल की बैठक आज सुशील मोदी के आवास पर होगी. जिसमें सत्र के दौरान की रणनीति पर चर्चा होगी. बीजेपी तेजस्वी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर रही है.

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