पटना पहुंचे लालू, 30 अगस्त तक करना होगा सरेंडर

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को आज मुंबई के एशियन हार्ट हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई जहां वे इलाजरत थे. इसके बाद वे शनिवार दोपहर पटना वापस आ गए. मुंबई से लालू दोपहर बाद 1.40 में पटना पहुंचें उनके आने के बाद तय होगा कि वो कब सरेंडर करेंगे.
ज्ञातव्य है, झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को चारा घोटाले के दोषी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की अस्थायी जमानत बढ़ाने से इंकार कर दिया और केंद्रीय जांच ब्यूरो के मामलों को संभालने से पहले 30 अगस्त तक आत्मसमर्पण करने को कहा है.




इसके पूर्व शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अदालत में लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई. इसमें कहा गया कि उनका शुगर कंट्रोल नहीं हो रहा है. उन्हें हर दिन 70 इंसुलिन दिया जा रहा है. फिश्चुला (मलद्वार में घाव) के ऑपरेशन के बाद संक्रमण हो गया है. जिसके इलाज के लिए उन्हें मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया है. सब कुछ सही रहा तो उनका तीन ऑपरेशन किया जाना है. इस कारण उनकी प्रोविजनल बेल की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाए. लालू की ओर से कहा गया कि उन्होंने कभी भी हाई कोर्ट से मिली प्रोविजनल बेल का दुरुपयोग नहीं किया है.
कोर्ट के आदेश पर सीबीआइ की ओर से लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट दाखिल की गई, जिसमें कहा गया कि लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट पर कोई विवाद नहीं है. इस रिपोर्ट में कहीं भी उनके जीवन पर संकट की बात नहीं कई गई है. मेडिकल रिपोर्ट में उनको अस्पताल में भर्ती होने की बात नहीं कही गई है बल्कि उनके मेडिकल मोनिटरिंग की बात कही गई है. वहीं, लालू प्रसाद सेल्फ रेफरल पर मुंबई स्थित अस्पताल में भर्ती हुए हैं. लालू की तबीयत में सुधार हो रहा है जिसकी मोनिटरिंग अब रिम्स में भी हो सकती है. इस कारण उनकी प्रोविजनल बेल की अवधि नहीं बढ़ाई जानी चाहिए. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने प्रोविजनल बेल की अवधि बढ़ाने से इन्कार करते हुए लालू को सरेंडर करने का निर्देश दिया.
कहां भेजे जायेंगे लालू – रिम्स या जेल
लालू प्रसाद को अब रांची के सीबीआइ की विशेष कोर्ट में 30 अगस्त तक सरेंडर करना है. कोर्ट के अनुसार सरेंडर करने के बाद उनकी स्थिति के अनुसार रिम्स या जेल भेजा जा सकता है. अदालत ने कहा कि रिम्स में भर्ती रहने के दौरान आपात स्थिति में रिम्स के चिकित्सक एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के चिकित्सक से परामर्श ले सकते हैं.