विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के विरोध में वीकेएसयू शिक्षकों का प्रदर्शन,

250 शिक्षकों ने किया धरना

आरा,25 जुलाई। बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के विरोध में शनिवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (वाकूटा) के आह्वान पर शाहाबाद क्षेत्र के सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के लगभग 250 शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. शिक्षकों ने प्रस्तावित विधेयक को उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की.

धरना-सभा को संबोधित करते हुए वाकूटा के महासचिव डॉ. शशि भूषण राय समेत विभिन्न महाविद्यालयों से आए शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को प्रभावित करेगा और वर्षों से स्थापित स्वस्थ एवं स्थिर शैक्षणिक वातावरण को अस्थिर कर देगा. वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालयों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप CBCS और FYUP पाठ्यक्रम लागू किए जा रहे हैं. ऐसे समय में विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक एवं संरचनात्मक व्यवस्था में व्यापक बदलाव करना नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन में भी बाधा उत्पन्न करेगा.




शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक का प्रतिकूल प्रभाव शिक्षकों, विद्यार्थियों और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा. उन्होंने सरकार से मांग की कि विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए या इसे लागू करने से पहले राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षाविदों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए.

धरना-सभा में उपस्थित शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी न्यायोचित मांगों की अनदेखी करती है, तो वाकूटा लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपने आंदोलन को और व्यापक करेगा.

विरोध-प्रदर्शन में शाहाबाद क्षेत्र के विभिन्न अंगीभूत महाविद्यालयों के बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे. संगठन ने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.

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