बिहार बंद: ‘छात्रों से होगी बात लेकिन तोड़-फोड़ और हिंसा पर डायरेक्ट एक्शन’

बिहार बंद को महागठबंधन का समर्थन


पटना।। आइसा ने शनिवार 25 जुलाई को बिहार बंद बुलाया है. आइसा के बंद को राजद, वीआईपी, भाकपा माले और माकपा समेत कई दलों ने समर्थन दिया है. बंद को लेकर पटना जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी की है.




पटना समाहरणालय में प्रेसवार्ता करते डीएम कुंदन कुमार व एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बंद को लेकर कहा कि तोड़फोड़ करने वाले किसी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे. डीएम ने कहा कि हिंसा व तोड़-फोड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. एसपी ने कहा कि अब तक कुल 22 एफआईआर 60 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. डीएम-एसपी ने छात्र संगठनों के साथ बैठक की. डीएम ने अभिभावकों से बच्चों का सही मार्गदर्शन करने की अपील की. एसएसपी ने बताया कि पटना में हिंसा भड़काने के लिए दूसरे राज्यों और बाहरी शहरों से भी कई लोग आए थे. छिपकर राहगीरों, प्रेस प्रतिनिधियों को चोट पहुंचाई तथा गाड़ियों में तोड़फोड़ की.

चीफ सेक्रेट्री ने भी जारी किया है निर्देश

इससे पहले मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को चौबीसों घंटे जिलों की स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि राज्य सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

शुक्रवार को मुख्य सचिव ने नीट प्रदर्शनों के मद्देनजर अधिकारियों संग बैठक की और संवेदनशीलता, संवाद और कड़े सुरक्षा इंतजामों के निर्देश दिये. मुख्य सचिव ने कहा कि ध्यान रखा जाए कि निर्दोष छात्रों को कोई परेशानी न हो. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित बैठक में डीजीपी विनय कुमार भी थे.

डीजीपी विनय कुमार ने निर्देश दिया कि जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरणों की तैनाती सुनिश्चित की जाए.कुंदन कृष्णन ने छात्रों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने और स्थिति को संवाद के माध्यम से संभालने पर बल दिया.छात्रों और छात्र नेताओं से सीधे बातचीत करें. उनकी समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक सुनें.

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