शिक्षकों से जुड़ी वर्तमान की सबसे महत्वपूर्ण खबर का विश्लेषण
पटना।। बिहार के शिक्षा विभाग ने (संचिकापत्र संख्या- 33/2026-797 दिनांक 21-07-2026) बिहार राज्य शिक्षक स्थानान्तरण नियमावली 2026 के क्रियान्वयन हेतु मानक संचालन प्रक्रिया जारी कर दी है.

1. प्रक्रिया का आधार
- यह पत्र 25.06.2026 की अधिसूचना संख्या-656 के तहत बनी बिहार राज्य शिक्षक स्थानान्तरण नियमावली 2026 को लागू करने के लिए है।
- सभी कार्य ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होंगे।
2. पात्रता एवं शर्तें
- न्यूनतम सेवा: पहले चरण में नियमावली की कंडिका 3(ix) वाली 5 वर्ष की सेवा शर्त शिथिल रहेगी, सिर्फ आवेदन देने के लिए।
- अपात्र: जो शिक्षक/प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षक परिवीक्षा अवधि में हैं, वे स्थानान्तरण के पात्र नहीं।
- सेवा गणना: सेवा अवधि की गणना के लिए कट-ऑफ डेट 31 मार्च 2026 होगी।
- पिछले स्थानांतरित: पिछले 2 वर्षों में स्थानांतरित शिक्षक भी इस चरण में आवेदन कर सकते हैं।
- आयु सीमा: जिनकी आयु 31 मार्च 2026 को 58 वर्ष पूरी हो चुकी है, उन्हें समायोजन के लिए चिह्नित नहीं किया जाएगा। हालांकि अगर वे चाहें तो समायोजन में शामिल हो सकते हैं.
3. शिक्षक आवश्यकता का आंकलन
- आंकलन सत्र 2025-26 के नामांकन के आधार पर होगा।
- RTE 2009 के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में प्रति कक्षा 1 शिक्षक का मानक रखा जाएगा। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में 1 प्रधान शिक्षक का पद अतिरिक्त रहेगा।
- कक्षा 6 से 8 के लिए अधिकतम 12 शिक्षक तक का प्रावधान हो सकता है।
4. स्थानान्तरण की प्रक्रिया
- क्रम: पहले समायोजन/समानुपातीकरण → फिर पारस्परिक स्थानान्तरण → अंत में सामान्य स्थानान्तरण।
- अधिशेष शिक्षक:
- 5 वर्ष या अधिक से एक ही विद्यालय में हैं तो अधिशेष माने जाएंगे।
- पोर्टल पर 30 विद्यालयों तक विकल्प दे सकते हैं।
- अंतर-जिला/अंतर-प्रमंडल के लिए 5-5 जिला/प्रमंडल का विकल्प।
- सामान्य स्थानान्तरण: जिला/प्रमंडल के अंदर और अंतर-जिला/अंतर-प्रमंडल दोनों के लिए अधिकतम 30 विकल्प।
5. अन्य महत्वपूर्ण बातें
- सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल इस प्रक्रिया से अलग रहेंगे।
- आवेदन सिर्फ ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ही मान्य होंगे।
- गंभीर बीमारी/दिव्यांगता के दावे केवल सक्षम चिकित्सा प्राधिकार के प्रमाण-पत्र पर मान्य।
- समान अंक की स्थिति में गृह प्रखंड/गृह जिला वाले को प्राथमिकता।
- विभाग को कभी भी प्रक्रिया में संशोधन का अधिकार सुरक्षित है।

शिक्षा विभाग की इस अधिसूचना से स्पष्ट है कि पहले समायोजन और उसके बाद पारस्परिक ट्रांसफर होगा. इसके बाद बची हुई सीटों का आंकलन करते हुए अन्य श्रेणी के शिक्षकों को ट्रांसफर का मौका मिलेगा. अब समायोजन को विस्तार से समझते हैं ..
- समायोजन की मुख्य शर्तें
A. कौन अधिशेष माने जाएंगे?
- ऐसे शिक्षक/प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षक जो 31.03.2026 तक 5 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही विद्यालय में पदस्थापित हैं.
- ऐसे शिक्षक जिनकी आयु 31.03.2026 को 58 वर्ष पूरी हो चुकी है, उन्हें समायोजन के लिए चिह्नित नहीं किया जाएगा.
B. प्रक्रिया की शर्तें
- पहला चरण: स्थानान्तरण प्रक्रिया में सबसे पहले समायोजन/समानुपातीकरण किया जाएगा। इसके बाद ही पारस्परिक और सामान्य स्थानान्तरण होंगे।
- ऑनलाइन विकल्प: अधिशेष शिक्षकों को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपने जिला/प्रमंडल के अंदर अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प देना होगा।
- अंतर-जिला/प्रमंडल: यदि जिला/प्रमंडल के अंदर पद खाली नहीं है तो अंतर-जिला के लिए 5 जिला और अंतर-प्रमंडल के लिए 5 प्रमंडल तक का विकल्प दे सकते हैं।
- पद रिक्ति: जिस विद्यालय में पद रिक्त होगा या शिक्षक की आवश्यकता होगी, वहीं अधिशेष शिक्षकों को समायोजित किया जाएगा।
C. अन्य महत्वपूर्ण शर्तें
- परीक्षाधीन अपात्र: जो शिक्षक परीक्षा अवधि में हैं उनका समायोजन नहीं होगा।
- सेवा गणना: सेवा अवधि की गणना के लिए कट-ऑफ तिथि 31 मार्च 2026 है।
- पिछला स्थानान्तरण: पिछले 2 वर्षों में स्थानांतरित हुए शिक्षक भी इस चरण में आवेदन/समायोजन के पात्र हैं।

समायोजन का मकसद “जरूरत वाले स्कूलों में शिक्षक भेजना” है. इसके लिए पहले 5+ साल से एक जगह पर रुके और अधिशेष शिक्षकों की पहचान होगी, फिर उन्हें पोर्टल के जरिए विकल्प लेकर आवश्यकता वाले स्कूलों में भेजा जाएगा.
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