आनंद मठ के भव्य मंचन ने जगाई राष्ट्रभक्ति की भावना, वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों से गूंजा परिसर
केवड़िया,एकता नगर (गुजरात), 31 अक्टूबर ।लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में देशभर से लगभग 25 हजार लोगों के शामिल होने की व्यवस्था की गई है. इस राष्ट्रीय आयोजन में बिहार के 22 जिलों से करीब 1100 प्रतिभागी पहुंचे हैं. समारोह का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करना है.


राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह से एक दिन पूर्व शुक्रवार को NSD.(नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली) द्वारा तैयार नाटक ‘आनंद मठ’ का भव्य मंचन किया गया. नाटक के माध्यम से दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन में आनंद मठ की भूमिका, संन्यासियों के संघर्ष और उनके बलिदान की गाथा से परिचित कराया गया. इस प्रस्तुति ने भारतीय इतिहास के गौरवशाली अध्यायों को जीवंत करते हुए दर्शकों में देशभक्ति का संचार किया.

नाटक के भव्य मंचन में मंच पर और मंच के पीछे मिलाकर लगभग 300 कलाकारों एवं तकनीकी सहयोगियों ने अपनी भूमिका निभाई. लाइट और साउंड के विशेष प्रभावों ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया. दृश्यों, संवादों और तकनीकी संयोजन के जरिए स्वतंत्रता आंदोलन की भावना को दर्शकों के सामने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया. नाटक के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला और परिसर वंदे मातरम् तथा भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा.
प्रधानमंत्री ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशजों से की मुलाकात

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पांचवीं पीढ़ी के परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर बातचीत की. ‘वंदे मातरम्’ का राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है. ऐसे में राष्ट्रीय एकता दिवस के आयोजन में इस ऐतिहासिक विरासत का विशेष महत्व है.
एकता परेड में दिखेगी भारत की विविधता
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर एकता नगर में भव्य परेड का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागी शामिल होंगे. परेड के साथ विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने वाली आकर्षक झांकियां भी निकाली जाएंगी. इनके माध्यम से देश की विविधता में एकता, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय अखंडता का संदेश दिया जाएगा.


आयोजन के लिए लगभग 25 हजार लोगों की सहभागिता की व्यवस्था की गई है. वहीं, देश के 126 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों से करीब पांच हजार प्रतिभागियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. एकता परेड में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लगभग 10 हजार जवान भाग लेंगे. इसके अलावा विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए करीब 4700 कलाकार भी एकता नगर पहुंचे हैं.


राष्ट्रीय एकता दिवस का यह आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करने के साथ देशवासियों को एकता, अखंडता और समर्पण के सूत्र में बांधने का संदेश देगा. बिहार के प्रतिभागियों की भागीदारी और ‘आनंद मठ’ की प्रस्तुति ने इस आयोजन में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी विशेष स्थान दिया है.
PNCB
