लॉक डाउन के दौरान सील हुई दुकाने, PR बांड भरवाया 

लॉक डाउन के दौरान आरा में मनमाने ढंग से दुकाने खोलने वालों पर बड़ी कार्रवाई, दुकाने हुई सील

आरा,25मार्च. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जारी लॉक डाउन के दौरान जारी किए गए जीवनपयोगी 12 वस्तुओं के अलावे खोली गई दुकानो पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद हड़कम्प मचा हुआ है. लॉक डाउन को मजाक के तौर पर लेने वालों पर इस कार्रवाई के बाद शहर में फालतू तर्कों और बहस करने वालों पर लगाम लग गया है और वे सरकार द्वारा जारी आदेश का पालन कर रहे हैं.
सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने मंगलवार को आरा शहर के चंदवा एवं सपना सिनेमा के समीप स्थित हार्डवेयर, पेंट, सीमेंट छड़, खैनी एवं पान के होलसेल, तथा स्पेयर पार्ट्स के दुकानों को सील किया. उक्त कार्रवाई जिला में व्याप्त लॉक डाउन को सुनिश्चित करवाने को लेकर की गई. दुकानदारों से PR बांड भी भरवाया गया.




जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने मंगलवार को भी भोजपुर के चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों के साथ बैठक की और सदस्यों को बताया कि खाद्य सामग्री की कोई कमी नही होगी एवम उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. सदस्यो ने कहा कि जिला में लॉक डाउन को प्रभावी बनाने के लिए वे दुकानदारों से अनुरोध करेंगे कि सुबह 5 बजे से 10 बजे तक एवम शाम में 4 बजे से 7 बजे तक राशन दुकानों को खोलें ताकि एक ही समय मे खरीददारों की भीड़ को रोक जा सके. बताते चलें कि सोमवार को भी DM भोजपुर ने एक बैठक कर उक्त बातों कही थी.

बता दे कि सोमवार को जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु लॉक डाउन के संबंध में विस्तृत निर्देश दिया था. उस दौरान सभी को जीवनपयोगी 12 चीजों को इससे अलग रखने का निर्देश दिया गया था. इन आवश्यक चीजों में दवा, फल, सब्जी, दूध, राशन की दुकानें शामिल है. साथ ही बैंक, उस प्रकार की फैक्ट्री जहां खाद्य सामग्रियों का निर्माण होता है को खुला रखने का निर्देश दिया गया था. छिटपुट दुकानें जैसे चाय,पान की दुकान सब्जियों के ठेले,सैलून इत्यादि को पूरी तरह से बंद रखने का निर्देश दिया गया था. ऐसे बाजार अथवा आयोजन जहां पर भीड़ लगने की संभावना है उन्हें भी पूरी तरह से बंद रखने का निर्देश दिया गया था. ढाबा, होटल और रेस्टोरेंट में जाकर खाना खाना बंद रखने परंतु होम डिलीवरी जारी रखने का निर्देश था.  महत्वपूर्ण कार्यों में जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न कोषांगों के संबंध में जानकारी दी गई जिसमें  ट्रैकिंग कोषांग, आइसोलेशन कोषांग, हेल्पलाइन एवं कन्फर्म केस कोषांग के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए थे.

इसके साथ ही संक्रमित व्यक्तियों के पहचान के लिए विशेष रूप से बाहर से गांव अथवा शहर में पधारे हुए व्यक्तियों जिनमें संक्रमण की संभावना है उन पर नजर बनाए रखने के लिए 5 सदस्यीय दल का गठन 1 दिन में करने का निर्देश दिया गया था. ऐसे दल में आंगनवाड़ी सेविका,आशा,वार्ड सदस्य,एक शिक्षक एवं संबंधित पंचायत के मुखिया होंगे. कोरोना संबंधी बीमारी के संबंध में अफवाहें फैलाने, झूठी खबरें डालने वालों या किसी को डराने वालों पर IPC की सुसंगत धारा के तहत कार्रवाई  करने का निर्देश भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पुलिस अधीक्षक ने सभी थानों को दिया था. साथ ही संक्रमित होने की संभावना वाले वैसे व्यक्तियों जिसके घर में उसे isolation में रखने की सुविधा उपलब्ध नहीं है वैसे व्यक्तियों को पंचायत स्तर पर एक सरकारी विद्यालय में उन्हें रखने की व्यवस्था का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया था.