मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में सफलता अर्जित करने की तैयारी कैसे करें

भागलपुर (ब्यूरो रिपोर्ट) । शनिवार 7 अप्रैल को भागलपुर के अलीगंज स्थित करियर प्वाइंट में इसके निदेशक डॉ. मधुरेंद्र कुमार, सेंटर हेड रविकांत घोष, मैथ के फैकल्टी सत्यप्रकाश, कैमेस्ट्री के फैकल्टी गौरव कुमार, फिजिक्स के फैकल्टी विवेक कुमार और बायोलॉजी के फैकल्टी चंद्रभूषण मणि ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इसका विषय था कि छात्र कब और किस तरह से तैयारी करें ताकि पहले प्रयास में ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में सफल हो सके.
करियर प्वाइंट के निदेशक डॉ. मधुरेंद्र कुमार ने बताया कि मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में सफलता अर्जित करने के लिए इसकी तैयारी 10वीं बोर्ड परीक्षा देने के तुरंत बाद बिना इसके रिजल्ट का इंतजार किये शुरू कर देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि तैयारी जितनी जल्द शुरु होगी, सफलता की गारंटी उतनी ही मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि अकसर बिहार में ये परिपाटी रही है कि अभिभावक 10वीं बोर्ड के बाद 11वीं में अपने बच्चे का एडमिशन काफी देर से कराते हैं, जिसका खामियाजा छात्रों को उठाना पड़ता है. 11वीं में देर से एडमिशन कराने से छात्रों का बेशकीमती समय बर्बाद हो जाता है और बाद में बच्चे सिलेबस को पूरा नहीं कर पाते हैं. जिस कारण बच्चे मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते है. नतीजा बच्चे असफल हो जाते हैं. 10वीं बोर्ड का रिजल्ट प्राय: मई के अंत में या जून के पहले सप्ताह में घोषित होता है. यदि बच्चे ये तय कर चुके हैं कि तैयारी मेडिकल की करनी है या इंजीनियरिंग की, तो रिजल्ट का इंतजार किए बिना 11वीं से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुट जाना चाहिए. इससे बच्चों का सिलेबस पूरा हो जाता है और बाद में सिलेबस को रिवीजन करने का पर्याप्त समय भी मिल जाता है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए करियर प्वाइंट के निदेशक डॉ. मधुरेंद्र कुमार ने मीडिया को बताया कि 23 अप्रैल से मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए नया बैच शुरू हो रहा है.

 




आईआईटी और नीट के साथ 12वीं बोर्ड की परीक्षा की तैयारी
करियर प्वाइंट भागलपुर के सेंटर हेड रविकांत घोष ने बताया कि मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा के लिए 11वीं और 12वीं के एनसीईआरटी के सिलेबस को ही मुख्य आधार माना जाता है. इसलिए एनसीईआरटी की सिलेबस को पूरी तरह से बच्चे जितना आत्मसात कर कॉन्सेप्ट को क्लियर करेंगे, उनका आधार उतना ही मजबूत होगा. करियर प्वाइंट के सभी फैकल्टी का इन्हीं बातों पर फोकस होता है और बच्चों को बेहतर तरीके से एनसीईआरटी के सिलेबस को काफी साइंटीफिक तरीके से पढ़ाई जाती है. 12वीं बोर्ड के लिहाज से भी एनसीईआरटी के बेसिक ही काफी महत्वपूर्ण होते हैं. बच्चे बोर्ड परीक्षा अच्छे तरीके से पास करे, इसके लिए करियर प्वाइंट सब्जेक्टिव और डिस्क्रीप्टिव टेस्ट भी लेता है. प्रत्येक महीने में दो बार सब्जेक्टिव और कॉप्टीटेटिव के लिए दो बार टेस्ट लिए जाते हैं.
बिहार बोर्ड के छात्रों के लिए विशेष प्रीपेटरी क्लास की सुविधा
सेंटर हेड रविकांत घोष ने बताया कि बिहार बोर्ड के हिंदी माध्यम के छात्रों को आईआईटी और मेडिकल के लिए करियर प्वाइंट के फैकल्टी द्वारा एक महीने की प्रीपेटरी क्लास की सुविधा दी जा रही है, जिससे उन्हें अंग्रेजी माध्यम के टर्म और सवालों को समझने में आसानी होगी. इस प्रीपेटरी क्लास का मुख्य उदेश्य है कि वैसे छात्र जो अंग्रेजी भाषा में कमजोर हैं और इस करण वे आईआईटी और मेडिकल में करियर बनाने के बदले सामान्य सर्विसेस की और रुख करते हैं. बिहार बोर्ड के ऐसे छात्रों के लिए लिए करियर पॉइंट स्पेशल क्लास करवाएगी. ताकि वे छात्र भी सीबीएसई और आईसीएसई के छात्रों के बराबर आ सकें. इस एक महीने के बाद वो काफी सहजता से आईआईटी और मेडिकल के सवालों को सॉल्व करने में सक्षम हो जायेंगे. इसके अंतर्गत करियर प्वाइंट की निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं –
90 प्रतिशत तक छात्रवृति (टेस्ट में प्राप्त नंबर के आधार पर), गरीब और मेधावी छात्रों को .
                        आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों को सुविधा.
                        करियर प्वाइंट भागलपुर कुछ छात्रों को पढ़ाई और हॉस्टल की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त में उपलब्ध करा रहा है.
                        पूरे भागलपुर में छात्रों को लाने, ले जाने के लिए वैन की सुविधा उपलब्ध है.
                        देश के सर्वश्रेष्ठ फैकल्टी द्वारा तैयार किया हुआ स्टडी मैटेरियल्स उपलब्ध.
                        अलग-अलग सब्जेक्ट के अनुभवी फैकल्टी की पूरी टीम उपलब्ध है, जो करियर प्वाइंट कोटा के स्थायी टीचर हैं.