कानून के तीखे तेवर में सरपट हुई कार्रवाई

24 घटे के भीतर वकालतखाने में तोड़फोड़ का आरोपी गिरफ्तार
वकालतखाने पर हमला पड़ा भारी पूर्व जिप उपाध्यक्ष शैलेंद्र गिरफ्तार

आरा, 4 अप्रैल. 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान भीम सेना का समर्थन करने वाले पूर्व जिप उपाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार को वकालतखाना में हुए तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल दिया.




गिरफ्तार पूर्व जिप उपाध्यक्ष शैलेन्द्र के साथ नवादा थाना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार

जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष व राजद समर्थक शैलेंद्र कुमार को नवादा थाना के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार ने पुलिस बल के साथ उसके आवास से गिरफ्तार किया. पूर्व पार्षद तरारी के अठपा गांव का निवासी है. शैलेन्द्र को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया.

बता दें कि भारत बंद के दौरान बंद समर्थक शैलेंद्र के नेतृत्व में कई लोग वकालतखाना व जिला विधिक सेवा प्राधिकार के दफ्तर में घुसकर तोड़फोड़ किए थे. शैलेन्द्र पर फायरिंग के भी आरोप लगाए गए थे. घटना के बाद मंगलवार को सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने बैठक की थी जिसमें निर्णय लिया गया था कि उपद्रवियों पर कार्रवाई नहीं होने पर वे हड़ताल करेंगे. लेकिन कानून ने अपने तीखे रुख अपनाते हुए गुंडागर्दी करने वालों पर 24 घण्टे के अंदर गिरफ्तार कर नकेल कस दिया.

वकालत खाने में हमला कर एक दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं की कुर्सी टेबल और टाइपराइटर तोड़ने के आरोपी शैलेंद्र पर FIR करने वाले वाले अधिवक्ता प्रमोद राय कांग्रेस के महत्वपूर्ण पदाधिकारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता है. जिनका दिल्ली और बिहार के कई वरीय कांग्रेसी नेताओं से गहरा सम्बन्ध है. प्रमोद राय बार एसोसिएशन के सहायक सचिव भी हैं.

वकालत खाने में वकीलों और सरकारी परिसर में तोड़फोड़ करने वाले शैलेंद्र पर जान से मारने की नियत से फायरिंग करने, मारपीट, नोटरी कागजात और मुहर छीनने जैसे गम्भीर आरोप है, जिसे लेकर पुलिस ने हत्या के प्रयास, मारपीट, समेत 8 धाराएं लगाई है. गिरफ्तार पूर्व जिप उपाध्यक्ष शैलेंद्र ने कहा कि मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है. मैं लालू का असली सिपाही हूँ जो दलितों की लड़ाई लड़ता हूँ. दलितों और पिछड़ों के अधिकार को छीनने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन कोर्ट पर उन्हें पूर्ण विश्वास है.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट