जिला अभिलेखागार मामले में प्रशासन कितना सख्त ?

कब होंगे गिरफ्तार जिला अभिलेखागार पर हमला करने वाले?

2 दिन बाद भी नहीं हुई  कार्रवाई




आरा, 4 अप्रैल. कानून ने अपने तीखे तेवर दिखाते हुए वकालतखाने पर हमला के आरोपी को 24 घंटे में तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन शाहबाद का इकलौता अभिलेखागार जहां भारत बंद के दौरान 2 अप्रैल को भारी तोड़फोड़ की गई थी, उस मामले में अब तक कोई गिरफ्तार नहीं किया गया. बंद समर्थकों ने 2 अप्रैल को सैकड़ों की संख्या में जिला अभिलेखागार में घुस तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था.

बता दे कि जिला अभिलेखागार पूरे शाहबाद का इकलौता अभिलेखागार है जहाँ न सिर्फ भोजपुर बल्कि पूरे शाहाबाद से संबंधित कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखा गया है. जिसमें कुंवर सिंह के इतिहास से संबंधित और उससे भी पुराने अभिलेखों को भी सुरक्षित रखा गया है. भीम सेना और उसके समर्थकों ने बंदी के दौरान दरवाजे खिड़कियां और उसमें लगे कांच को लाठी-डंडों से तोड़ दिया था. अंदर काम कर रहे कर्मचारी डर के मारे छुप गए और उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को इसकी सूचना दी थी,लेकिन जब तक पुलिस आई उपद्रवी भाग चुके थे.
वकालतखाने में तोड़फोड़ के बाद की कार्रवाई में तेजी वकील प्रमोद राय द्वारा किए गए FIR के बाद आई तो क्या यह माना जाए कि जिला अभिलेखागार जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील भवन में तोड़फोड़ के बाद भी कोई कार्रवाई FIR के इंतजार में अटका पड़ा है? प्रशासन सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए भी अबतक FIR का ही इंतजार कर रही है?

क्योंकि 2 दिनों के बाद किसी पर भी कार्रवाई ना होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. फिर तो सवाल यह भी है कि इतनी संख्या में सुरक्षा के लिए बनाए गए प्रशासनिक तामझाम का क्या काम जब वो एक्शन ही न दिखाए. अब देखना यह लाजमी होगा कि पुलिस खुद से FIR दर्ज कर इस मामले में भी कानून का डंडा घुमा कोई संज्ञान लेती है या यूं ही मामले को रफा-दफा करती है.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट