बागियों ने बिगाड़ा खेल, MLC उपचुनाव में NDA की नैया डूबी
MLA चुनाव के बाद अब विधान परिषद चुनाव में भी नाराज़ नेताओं ने बदल दिया पूरा समीकरण
आरा, 14 मई। बक्सर-भोजपुर MLC उपचुनाव में राजद प्रत्याशी सोनू राय ने चुनावी बाजीगर बन शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक गलियारों के तमाम कयासों पर विराम लगा दिया। कांटे की टक्कर वाले इस त्रिकोणीय मुकाबले में सत्ता पक्ष, विपक्ष और एक बागी निर्दलीय उम्मीदवार के बीच सियासी संघर्ष चरम पर था। चुनाव के दौरान आंकड़ों की हेराफेरी, धनबल और मैनेजमेंट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। राजनीतिक दिग्गजों से लेकर आम जनता तक यही चर्चा थी कि MLC चुनाव धनकुबेरों का खेल होता है, जहां पैसों की ताकत ही जीत तय करती है। आरोप-प्रत्यारोप और शब्दों के वार के बीच जब मतगणना का परिणाम सामने आया तो सारे अनुमान ध्वस्त हो गए और सोनू राय ने मैदान फतह कर यह साबित कर दिया कि हर चुनाव सिर्फ धनबल से नहीं, जनसमर्थन और रणनीति से भी जीता जाता है।

बक्सर-भोजपुर विधान परिषद उपचुनाव का परिणाम एक बार फिर यह साबित कर गया कि राजनीति में सबसे बड़ा खतरा विपक्ष नहीं, बल्कि अपने ही “बागी” होते हैं। गुरुवार को राजकीय कन्या प्लस टू विद्यालय में हुई मतगणना में राजद उम्मीदवार सोनू कुमार राय ने NDA प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद को शिकस्त देते हुए जीत दर्ज कर ली। शुरुआती रुझानों में कन्हैया प्रसाद आगे जरूर दिखे, लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, समीकरण पूरी तरह बदलता चला गया।

12 मई 2026 को हुए मतदान में कुल 97.96 प्रतिशत वोट पड़े थे। कुल 5,335 वैध मतों में जीत के लिए 2,668 वोटों की आवश्यकता थी। प्रथम वरीयता मतों की गिनती में ही राजद प्रत्याशी सोनू कुमार राय ने 2,486 वोट हासिल कर बढ़त बना ली, जबकि कुल मत 2507 मिले, वही NDA समर्थित उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को 2153 मत मिले। दोनों के बीच 354 वोटों का अंतर रहा। वही अन्य उम्मीदवारों में मनोज उपाध्याय 636, लालू प्रसाद यादव को 30, कन्हैया प्रसाद 25 और निरंजन कुमार राय को 12 मत मिले।

लेकिन इस चुनाव की सबसे बड़ी कहानी “बागी फैक्टर” बनकर उभरी। जदयू के नाराज़ नेता मनोज कुमार उपाध्याय ने निर्दलीय मैदान में उतरकर 636 वोट हासिल कर लिए।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि इन वोटों का बड़ा हिस्सा NDA उम्मीदवार के खाते में जाता तो परिणाम पूरी तरह पलट सकता था। यही वजह रही कि सत्ता पक्ष की उम्मीदें धीरे-धीरे ध्वस्त होती चली गईं।
दरअसल यह पहली बार नहीं है जब बागियों ने सत्ता समीकरण बिगाड़ा हो। हाल ही में सम्पन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भी कई सीटों पर ऐसे ही हालात देखने को मिले थे। पार्टी के लिए तीन-तीन दशक तक एक साधारण कार्यकर्ता की तरह जमीन पर मेहनत करने वाले नेताओं को जब टिकट वितरण में नजरअंदाज कर दिया गया, तो कई नेता निर्दलीय ही चुनावी अखाड़े में उतर पड़े। परिणाम यह हुआ कि कई जगहों पर आधिकारिक प्रत्याशियों के वोट कट गए और खेल पूरी तरह बिगड़ गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजद को भी कई तय मानी जा रही सीटों पर इसी अंदरूनी नाराजगी का नुकसान उठाना पड़ा था।


ठीक वैसा ही दृश्य अब MLC उपचुनाव में भी देखने को मिला। जिस चुनाव को अक्सर धनबल, जोड़तोड़ और खरीद-फरोख्त का अखाड़ा माना जाता रहा है, वहां इस बार “नाराज़ कार्यकर्ता” सबसे बड़ा फैक्टर बन गया। सत्ता पक्ष का संगठनात्मक गणित और चुनावी प्रबंधन उस समय धराशायी हो गया जब अपने ही लोग मैदान में उतरकर वोटों का बंटवारा कर गए।
मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पूरे काउंटिंग सेंटर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। स्कूल के मुख्य द्वार से लेकर मतगणना हॉल तक 33 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। जिला निर्वाची पदाधिकारी सह डीएम के नेतृत्व में डीडीसी गुंजन सिंह समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहीं थीं, जबकि विधि-व्यवस्था की कमान ADM डॉ. शशि शेखर के पास थी।
जीत के बाद राजद के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने सोनू राय को बधाई देते अपने सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा – भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव में राजद प्रत्याशी श्री सोनू राय ने NDA उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी है। राजद प्रत्याशी के जीतने पर सभी कार्यकर्ताओं, मतदाताओं और नेताओं को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद।
हम शुरू से कह रहे है अगर आज देश-प्रदेश में Machine की बजाय बैलेट पेपर यानि मतपत्र से चुनाव हो तो BJP-NDA कहीं भी नहीं टिकेगी। बिहार चुनाव में पोस्टल बैलेट पेपर में हम लोगों ने 150 से अधिक सीटें जीती थी लेकिन तंत्र-यंत्र-षड्यंत्र और छल-कपट से हरा दिया गया था।
आजकल मतगणना के दिन भी देर रात 1-2 बजे तक चुनाव परिणाम घोषित किए जाते है। पूर्व में मतपत्रों की गिनती में भी इतना ही समय लगता था। तो क्यों नहीं लोकतांत्रिक पारदर्शिता और जनतंत्र में जनविश्वास कायम रखने के लिए अब EVM की बजाय बैलेट पेपर से ही चुनाव कराया जाए। और हाँ, हम हमेशा जीतने के बाद भी EVM से मतदान कराने के पक्षधर नहीं रहे है।
पुन: फिर जीत की बधाई। #TejashwiYadav #RJD



इधर जीत के बाद राजद के चर्चित नेता व पूर्व MLA प्रत्याशी रामबाबू सिंह ने कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनाव ने लोकतंत्र की असली ताकत दिखा दी। उन्होंने जीत के लिए बधाई देते हुए सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। वही राजद के युवा नेता दीपू राणावत ने जीत का सेहरा लोक के माथे मढ़ दिया। उन्होंने कहा कि जनता जिसे चाहती है उसे ही जीत मिलता है।

बधाईयों का तांता लगातार मिलता रहा जिसमें प्रदेश महासचिव मनोज सिंह, भाजपा माले नेता व अधिवक्ता अमित कुमार गुप्ता ने सोनू राय को जीत की बधाई देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है।


जीत के बाद सोनू राय ने नगर का भ्रमर कर जनता का आभार व्यक्त किया। उनके साथ राजद नेता और गाड़ियों का काफिला काफी देर तक भ्रमर करता रहा।
