हत्या के विरोध में आरा-पटना रोड पर पांच घंटे तक प्रदर्शन और जाम, थानेदार निलंबित
आरा, 15 अक्टूबर. भोजपुर जिले में अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है. आरा शहर में गुरुवार की सुबह हथियारबंद अपराधियों ने कस्टम विभाग के सेवानिवृत्त असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी. अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाते हुए करीब से आठ गोलियां दागीं. इस वारदात के बाद इलाके में दहशत के साथ-साथ लोगों में भारी आक्रोश है. घटना के विरोध में आरा-पटना मुख्य मार्ग पर जाम लगाए जाने से यातायात भी प्रभावित हुआ.

घर से निकलते ही अपराधियों ने किया हमला
जानकारी के अनुसार, राम कुमार सिंह भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव के निवासी थे. सेवानिवृत्ति के बाद वह आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुरी मोहल्ले में रहते थे. गुरुवार की सुबह वह रोज की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए निकल रहे थे. इसी दौरान जैन कॉलेज के समीप उनके घर के पास हथियारबंद अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी.

बताया जा रहा है कि हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं. गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.

बेटे के सामने वारदात, हमलावर फरार
इस हत्याकांड का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि वारदात के समय मृतक के बेटे राजेश कुमार भी वहां मौजूद थे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह कार में बैठे थे, जबकि उनके पिता बाहर थे. इसी दौरान अपराधियों ने हमला कर दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की. घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया. पुलिस अब हमलावरों की पहचान और हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है.
जमीन विवाद से जुड़ा है मामला?
परिजनों ने हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई है. बेटे के मुताबिक, आरा के सिंगही मोड़ के पास जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. आरोप है कि जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही थी और इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी. परिजनों ने पूर्व में जानलेवा हमले होने की बात भी कही है. हालांकि, जमीन विवाद ही हत्या की वजह है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है.

भोजपुर पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि परिवार की ओर से जिनलोगों पर आरोप लगाया है उनमें से एक को डिटेन किया गया है। प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद की बात सामने आ रही है, मामले विस्तृत जांच की जा रही है।
सड़क जाम, पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी
हत्याकांड के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला. विरोध में आरा-पटना मुख्य मार्ग पर जाम लगाए जाने की खबर है. इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई. लोगों में अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग को लेकर नाराजगी है.

मामले में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के बीच संबंधित थानाध्यक्ष को निलंबित किए जाने की भी सूचना है. इस कार्रवाई के पीछे के आधिकारिक कारणों और निलंबन आदेश की विस्तृत जानकारी की पुष्टि की जानी बाकी है.
सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय थे राम कुमार सिंह
राम कुमार सिंह कस्टम विभाग से वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हुए थे. वह सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय थे और शाहाबाद क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जुड़े हुए थे. उनकी हत्या से परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल है.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पहले से विवाद और शिकायतों की बात सामने आने के बावजूद एक सेवानिवृत्त अधिकारी की हत्या कैसे हो गई? पुलिस के सामने अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी करने के साथ-साथ हत्या की असली वजह उजागर करने की चुनौती है.
PNCB
