हिलसा के पास बस दुर्घटना, 4 मरे 15 घायल

नालंदा (ब्यूरो रिपोर्ट)। नालंदा जिला के हिलसा अनुमंडल अंतर्गत चिकसौरा में एक अनियंत्रित बस के खाई में पलट जाने से चार यात्रियों की मौत हो गई. इस दुर्घटना में लगभग 15 यात्री घायल हो गए. लोग हादसे की वजह बस के ड्राइवर का गलत ढंग से ओवरटेक करना बता रहे है. घटना के बाद बस ड्राइवर मौके से फरार हो गया जिसे पुलिस तलाश कर रही है. दुर्घटनाग्रस्त बस मां शेरावाली ट्रैवल्स की बताई जा रही है. ज्ञातव्य है इस रूट पर लगभग लोकल बसें ही चलती हैं और इन बसों के ड्राइवर अपनी बसें बहुत बेतरतीब ढंग से चलाते हैं. यह हादसा भी गलत ढंग से ओवरटेक के कारण हुआ है. बताया जा रहा है कि बस करीब 24 फ़ीट गहरे खाई में जा गिरी है. मिली जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव का कार्य जारी है. कुछ घायलों को पीएमसीएच रेफर किया गया है. बस के खाई में गिरने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए और गाड़ी से लोगों को बाहर निकाला. घायलों को इलाज़ के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दुर्घटना से आक्रोशित लोगों ने बस में जमकर तोड़फोड़ की उसके बाद बस को आग के हवाले कर दिया है. स्थानीय लोगों ने घटनास्थल पर पहुंचे अग्निशामक वाहन पर भी जमकर रोड़ेबाजी की. दुर्घटना से आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन किया है. लोगों का कहना है कि इस रूट में ड्राइवर ओवर स्पीड में बस चलाते हैं जिसपर प्रशासन कोई कार्रवाई

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‘भगवान बुद्ध के संदेश पहले से ज्यादा उपयोगी और प्रासंगिक’

शासन की सभी प्रणालियों में लोकतांत्रिक शासन प्रणाली सबसे अनुपम है. भगवान बुद्ध भी लोकतांत्रिक शासन प्रणाली की प्रशंसा करते थे. वे वैशाली के प्रथम लोकतांत्रिक गणराज्य से काफी स्नेह रखते थे. राजगीर में विश्व शांति स्तूप के 48वें वर्षगांठ समारोह में भाग लेने पहुंचे बिहार के गवर्नर सत्यपाल मल्लिक ने कहा कि भारत का संविधान भी भगवान बुद्ध के इसी आदर्श पर आधारित है. भगवान बुद्ध के संदेश पहले की अपेक्षा अब और ज्यादा उपयोगी एवं प्रसांगिक हो गए हैं.  विश्व में शांति सद्भाव प्रेम एवं भाईचारे पर आधारित समाज के निर्माण के लिए भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलना बेहद जरूरी है. राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक ने कहा कि भगवान बुद्ध के संदेशों का सम्राट अशोक ने अनुकरण किया एवं सदाचरण तथा अहिंसा पर आधारित शासन प्रणाली की स्थापना कर पूरे विश्व के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया. राज्यपाल ने कहा कि बौद्ध धर्म के लिए राजगीर एक महत्वपूर्ण स्थल है. भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम चातुर्मास यही बिताया था. ये भगवान बुद्ध की प्रिय स्थली रही है. बौद्ध धर्म की प्रथम संगीति भी यही हुई थी जिसमें बौद्ध धर्म एवं दर्शन पर विशेष चर्चा हुई थी. उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने कर्म पर विशेष बल दिया था. उन्होंने स्व अनुशासन एवं बुद्धिवादी चिंतन के लिए लोगों को प्रेरित किया था. आज के समय में भगवान बुद्ध के बताए राह पर चलना भाई बेहद जरूरी हो गया है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार बुद्धिस्ट सर्किट के विकास के लिए

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