बिहार सरकार ने लाया सख्त पेपर लीक पर लगेगा CCA

अपशब्द लिखे तो एक साल तक जेल. सीसीए के तहत होगी कार्रवाई

पटना,21 जुलाई. बिहार सरकार ने डिजिटल अपराध, सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता और पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम 2024 (सीसीए) में संशोधन सहित कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार का कहना है कि बदलते अपराध के स्वरूप और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए कानून को और प्रभावी बनाया गया है.




सोशल मीडिया पर गाली-गलौज की तो होगी जेल

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी के खिलाफ अभद्र भाषा, गाली-गलौज, अपमानजनक टिप्पणी या ट्रोलिंग करने वालों पर अब सीसीए के तहत कार्रवाई होगी. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर छह महीने से लेकर एक वर्ष तक की जेल हो सकती है. सरकार ने ऐसे लोगों को असामाजिक तत्वों की श्रेणी में रखते हुए सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया है.

पेपर लीक पर भी सख्त शिकंजा

राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक जैसे मामलों को भी सीसीए के दायरे में लाने का निर्णय लिया है. अब पेपर लीक गिरोह से जुड़े लोगों पर सीधे इस कानून के तहत कार्रवाई होगी. इसके साथ ही आर्थिक अपराध और साइबर ठगी के मामलों में भी कड़े दंड का प्रावधान किया गया है.

अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए संशोधन

सरकार के अनुसार वर्ष 2024 में बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम लागू होने के बाद डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग, साइबर अपराध, पेपर लीक और नए प्रकार के संगठित अपराध तेजी से सामने आए हैं. इसी कारण पुलिस मुख्यालय ने कानून की कुछ धाराओं में संशोधन का प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब मंजूरी दे दी गई है.

सरकार का मानना है कि तेजी से हो रहे शहरीकरण, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार, विज्ञान एवं तकनीक के बढ़ते उपयोग और डिजिटल माध्यमों पर बढ़ती निर्भरता के कारण अपराध का स्वरूप बदल रहा है. संशोधित कानून पुलिस को ऐसे मामलों में अधिक प्रभावी और स्पष्ट कानूनी अधिकार देगा.

132 साल पुराना जेल कानून खत्म

कैबिनेट ने ब्रिटिश काल से लागू 132 वर्ष पुराने जेल कानून को समाप्त करने का भी फैसला लिया है. इसके तहत द प्रिजन्स एक्ट. 1900, द ट्रांसफर ऑफ प्रिजन्स एक्ट. 1950 और द प्रिजन एक्ट. 1984 को समाप्त कर बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक. 2026 को मंजूरी दी गई है.

नए सुधारात्मक कानून का उद्देश्य जेल प्रशासन को आधुनिक बनाना और कैदियों के सुधार एवं पुनर्वास की व्यवस्था को मजबूत करना है.

मुजफ्फरपुर में बनेगा वास्तुकला एवं अभियांत्रण विश्वविद्यालय

कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक (सिविल) अभियांत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इसके लिए संबंधित विधेयक बिहार विधानमंडल में पेश किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे वास्तुकला और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा छात्रों को आधुनिक शोध और उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे.

बिहार अभियांत्रण विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन

राज्य मंत्रिमंडल ने बिहार अभियांत्रण विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक. 2026 को भी मंजूरी दी है. संशोधन के तहत विश्वविद्यालय के कुलपति का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर कुलाधिपति उन्हें अधिकतम तीन वर्ष तक पद पर बने रहने की अनुमति दे सकेंगे. पहले यह अवधि अधिकतम एक वर्ष थी.

अग्निवीरों को वनरक्षी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण

सरकार ने सेना से लौटने वाले अग्निवीरों को वन एवं पर्यावरण विभाग में वनरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का भी निर्णय लिया है. इस फैसले का उद्देश्य अग्निवीरों को सेवा समाप्ति के बाद रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है.

सरकार का कहना है कि इन सभी फैसलों से राज्य में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को और मजबूत बनाया जाएगा. साथ ही डिजिटल अपराध, साइबर ठगी, पेपर लीक और सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.

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