एम्स RDA ने राष्ट्रपति से की हस्तक्षेप की अपील
दिल्ली पुलिस 250 से अधिक वीडियो खंगालने में जुटी
नई दिल्ली. नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए बड़े प्रदर्शन के बाद राजधानी में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, पुलिस कार्रवाई और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर नए घटनाक्रम सामने आए हैं. एम्स के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और नागरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. वहीं दिल्ली पुलिस हिंसा से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी है, जबकि सफदरजंग अस्पताल ने सोनम वांगचुक का ताजा मेडिकल बुलेटिन जारी किया है.

राष्ट्रपति को पत्र लिखकर RDA ने उठाए पांच बड़े सवाल
एम्स RDA ने अपने पत्र में कहा कि जंतर-मंतर पर हुई घटनाओं और उससे जुड़ी वायरल तस्वीरों एवं खबरों ने चिकित्सा समुदाय को गंभीर रूप से चिंतित किया है. संगठन ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करते हुए पांच प्रमुख मांगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.


RDA की प्रमुख मांगों में जंतर-मंतर की घटनाओं की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित अत्यधिक बल प्रयोग की जांच, नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की संवैधानिक स्वतंत्रता की रक्षा, दोषी पाए जाने पर जवाबदेही तय करने तथा अस्पताल में भर्ती व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने और चिकित्सीय नैतिकता व मरीज की स्वायत्तता की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग शामिल है.
एसोसिएशन ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का जवाब संयम, पारदर्शिता और जवाबदेही से दिया जाना चाहिए. अनावश्यक बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं माना जा सकता.
दिल्ली पुलिस ने जांच की रफ्तार बढ़ाई
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच अब तेज कर दी गई है. दिल्ली पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो, ड्रोन कैमरों और पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों से मिले 250 से अधिक वीडियो की बारीकी से जांच कर रही है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन फुटेज के आधार पर हिंसा, तोड़फोड़ और कानून व्यवस्था भंग करने में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सोनम वांगचुक का मेडिकल बुलेटिन जारी
उधर, सफदरजंग अस्पताल ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर नया मेडिकल बुलेटिन जारी किया है. अस्पताल के मुताबिक उनका इलाज बीएमसी और सफदरजंग अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है.

मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, उनके सभी महत्वपूर्ण शारीरिक मानक (वाइटल पैरामीटर) फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन ब्लड शुगर सामान्य से कम बना हुआ है. जांच में एनीमिया और श्वेत रक्त कोशिकाओं (ल्यूकोसाइट्स) की कमी भी पाई गई है.
डॉक्टर फिलहाल उन्हें ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) और मुंह के जरिए पोटेशियम सप्लीमेंट दे रहे हैं. अस्पताल ने यह भी स्पष्ट किया कि कई बार चिकित्सकीय सलाह दिए जाने के बावजूद सोनम वांगचुक ने नसों के माध्यम से तरल पदार्थ और ग्लूकोज लेने से इनकार किया है.
केजरीवाल करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस, अस्पताल भी जाएंगे
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट के जरिए जानकारी दी है कि वे इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इसके बाद लोगों से मुलाकात करेंगे और सफदरजंग अस्पताल जाकर सोनम वांगचुक का हालचाल भी जानेंगे.
14 साल बाद राजधानी में इतना बड़ा प्रदर्शन
गौरतलब है कि संसद मार्च और जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर राजधानी दिल्ली में बीते 14 वर्षों का सबसे बड़ा जनप्रदर्शन देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर टकराव हुआ. बैरिकेडिंग तोड़ी गई, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज भी किया गया. इस दौरान कई लोग घायल हुए. पूरे घटनाक्रम के बाद अब राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है.



इस बीच, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की संभावना भी बनी हुई है. वहीं जांच एजेंसियां हिंसा के हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं, जबकि विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है.
PNCB
