सूर्योदय के अर्घ्य के साथ ही छठ महापर्व का हुआ समापन

आरा,31 अक्टूबर. लोक आस्था का महापर्व छठ, 36 घण्टे के सूर्योपासना के बाद सोमवार के सुबह के अर्घ्य के साथ ही समाप्त हो गया.

ऐसे हुआ उदय भगवान भास्कर का सुबह में
हल्की धुंध के साथ सूर्य और व्रतियों का नजारा

स्वच्छता,सुचिता और आपसी प्रेम के अनूठे संगम के साथ हमेशा की तरह इस बार भी यह पर्व लोगों के बीच कई संदेश छोड़ गया. कहीं घाटों पर बढ़े जल की वजह से चिंतित लोगों और गंदगी के अंबार की अड़चन से छठ मनाने की उनकी परेशानियां ऐसे छूमंतर हो गयी जैसे कोई जादू हो गया. इसमें प्रकृति, जिला प्रशासन से लेकर आम स्थानीय लोगों के सहयोग की महती भूमिका रही.




यातायात व्यवस्था के तत्परता से भिड़े दिखे सुरक्षकर्मी

लोगों ने अपने कामों को खुद करने पर ज्यादा फोकस किया वहीं वर्तमान में जिलाधिकारी, SDO, DDC, SP, से लेकर अन्य अधिकारियों की टीम भी काफी सक्रिय रही जिसकी वजह से घाटों की सफाई से लेकर वहाँ के आवागन तक की व्यवस्था सुचारू रूप से रहा.

रमना के केलक्ट्रिएट घाट पर अस्तचगामी सूर्य के इन्तजार में व्रती
रमना के केलक्ट्रिएट घाट पर सूर्य की उपासना करते व्रती
रमना के केलक्ट्रिएट घाट पर सूर्य की उपासना में रत व्रती
कृष्णा नगर घाट पर हवन के बाद व्रती

शहर दीवाली से ज्यादा रहा जगमग

आमतौर पर प्रकाश पर्व पर दीपावली मनाया जाता है लेकिन छठ के दौरान शहर की साजो-सजावट ऐसी थी मानो दीपावली अब मन रही हो. पूरा शहर, गली मोहल्ला से लेकर घाटों तक दीए की रौशनी और रंग बिरंगी अनगिनत डिजाइन की लाइटों से शहर जगमगा रहा था. गली हो या मोहल्ला,घाट तक जाने का रास्ता या तालाब तक हर जगह स्थानीय कलाकारों और आम जनों की अद्भुत परिकल्पना ने चलने वाले सभी पथो पर अपनी कल्पना की लकीरों से रंगोली का निर्माण किया था जो देखने में बेहद ही सुंदर अप्रतिम छटा बिखेर रहे थे.

कृष्णा नगर स्थित गांगी के किनारे व्रती
घाट से गाँव की ओर जाते ग्रामीण

हर बार की तरह मठिया मोड़ के पास सैकड़ों दियों के साथ ॐ आकार की आकृति को सजाया गया था जहाँ लोगों की भीड़ सेल्फी लेने के लिए लगी हुई थी. वही चौक से DT रोड, शिवगंज से सपना सिनेमा रोड, महावीर टोला रोड, नवादा से गुमटी और मिशन स्कूल से चंदवा तक रोड दुल्हन की तरह दिख रही थी.

व्रतियों के बीच स्टाल बना चाय बांटते सामाजिक कार्यकर्ता
व्रतियों के बीच स्टाल बना चाय बांटते सामाजिक कार्यकर्ता
जिनके माथे पर दौरा था उन्हें भी ऐसे दिया प्रसाद
घर जाते व्रतियों को प्रसाद देते स्थानीय कार्यकर्ता

हर घाटों के पास स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ इस बार मेयर प्रत्याशी के चुनाव में खड़े लोगों ने भी जहाँ पोस्टरों और बैनरों के जरिए अपनी हाजिरी बनाई वही कुछ लोगों ने व्रतियों के लिए अर्घ्य का दूध,चाय, खीर और हलवा बाँटा. इस दौरान प्रशासन को भी लोगों के बीच काफी मुस्तैदी से चुस्त-दुरुस्त देखा गया जिससे आवागमन सुचारु रूप से चलता रहा.

DM और SDO आवास दुल्हन की तरह सजा

छठ के मौके पर जिलाधिकारी का आवास हर बार सुंदर तरीके से सजाया जाता है. कारण आवास के अंदर स्थित एक तालाब है जो स्थानीय लोगों के लिए छठ के दौरान खोल दिया जाता है जहाँ लोग छठ पर्व मनाते हैं. इस बार पहली बार रंग-बिरंगी रौशनी और रंगोली के निर्माण के साथ SDO आवास दुल्हन की तरह सजाया गया था.

SDO आवास में बना तालाब भी सुंदर तरीके से सजाया और रंगरोगन किया गया था. सड़क से आवास के अंदर स्थित तालाब तक का रास्ता सीरीज लाइट से बेहद खूबसूरती के साथ सजाया हुआ था. रंगोली का निर्माण SDM आरा (भोजपुर) के विशेष आमंत्रण पर, चित्रकार कौशलेश कुमार के निर्देशन में मुकेश कुमार चौधरी, अमन राज, रतन देवा एवं अमन के सहयोग से बनाया गया था. बता दें कि आरा के रहने वाले कौशलेश देश के जाने माने चित्रकार हैं और देशभर में अपनी अनोखी पेंटिंग की स्टाइल की वजह से पॉपुलर हैं जो बनारस में केंद्रीय विद्यालय(BHU) में शिक्षक हैं. अपने शहर के लिए और भोजपुरी कला के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.

गोढना रोड बाईपास के पास स्थित तालाब के पास नजारा
गोढना रोड बाईपास के पास स्थित तालाब के पास नजारा
चंदवा स्थित सूर्यमन्दिर तालाब के पास अर्घ्य देते व्रती
चंदवा स्थित सूर्यमन्दिर
चंदवा स्थित सूर्यमन्दिर का मनोरम दृश्य
कृष्णा घाट से घर की ओर जाते व्रती
रमना के पास कलेक्ट्रिएट घाट पर उमड़ी भारी भीड़

आरा शहर के स्थानीय घाटों कलेक्ट्रिएट घाट,पुलिस लाइन,SDO निवास,DM निवास, मझौवा,बलबतरा,चंदवा, कृष्णा नगर,गोढना रोड,नहर, अहीपुरवा, धरहरा, गांगी से लेकर गंगा के किनारे स्थित विभिन्न घाटों तक छठव्रतियों ने भगवान भास्कर की उपासना धूमधाम से की. सभी जगह पर्याप्त व्यवस्था के बीच हर्षोल्लास के साथ लोगों ने छठ मनाया और सवार के दूसरे अर्घ्य के साथ ही इस महापर्व का समापन हो गया.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

pic : zorean

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