बिलौटी पुलिस फायरिंग की होगी न्यायिक जांच, आयोग ने आम लोगों से मांगे साक्ष्य

17 जून की पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए गठित आयोग ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति,

27 अगस्त तक फोटो, वीडियो और लिखित बयान भेजने की अपील

आरा, 1 अगस्त. भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच अब औपचारिक रूप से शुरू हो गई है. कई लोगों के बयान भी लिये गए हैं और सभी बिंदुओं पर गहन अध्ययन के साथ न्याय के लिए तफ्तीश जारी है इस बीच सत्य को पारदर्शी और धरातल पर लाने के लिए जनता से भी जांच समिति ने पब्लिक के पास उपलब्ध साक्ष्यों की भी मांग सार्वजनिक रूप से की है. इस मामले में गठित भोजपुर पुलिस फायरिंग न्यायिक जांच आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आम लोगों से घटना से जुड़े साक्ष्य और जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है.

आयोग ने बताया कि बिहार के राज्यपाल के आदेश पर सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है. आयोग घटना की पृष्ठभूमि, घटनाक्रम, प्रत्यक्ष एवं परोक्ष परिस्थितियों के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई की वैधता और आवश्यकता की भी जांच करेगा. आवश्यकता पड़ने पर जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी.

आयोग ने कहा है कि जिस किसी व्यक्ति, संगठन या संस्था के पास घटना से संबंधित फोटो, वीडियो, ऑडियो, दस्तावेज या अन्य साक्ष्य हों, वे शपथपत्र के साथ अपना लिखित बयान आयोग को उपलब्ध करा सकते हैं.




साक्ष्य डाक, ई-मेल या व्यक्तिगत रूप से 27 अगस्त 2026 तक आयोग के पटना या भोजपुर (आरा) स्थित कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं. आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुनवाई की तिथि, समय और स्थान की सूचना बाद में सभी संबंधित पक्षों को अलग से दी जाएगी.

गौरतलब है कि बिलौटी गांव में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ है. अब न्यायिक जांच शुरू होने के बाद इस पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल की उम्मीद बढ़ गई है.

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