VKSU कैम्पस से बिना इजाजत काटे गए 6200 पेड़, वन विभाग मौन

विश्वविद्यालय के अस्तित्व बचाने को लेकर 20 को बनेगी मानव श्रृंखला

कृषि विभाग की जमीन विश्वविद्यालय को देने की मांग




अवैध ढंग से पेड़ों की कटाई और बिना परमिट निर्माण का मामला भी गूंजा

आरा, 13 फरवरी. वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय के भोजपुरी विभाग के सभागार में पिछले दिनों शिक्षकों, छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बौद्धिक जनों की एक संयुक्त बैठक संपन्न हुई जिसमें शाहाबाद के एकमात्र विश्वविद्यालय के अस्तित्व पर गहराए संकट और प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई पर मंथन किया गया.

बैठक की शुरुआत करते हुये भोजपुरी विभागाध्यक्ष दिवाकर पाण्डेय ने विश्वविद्यालय की जमीन को तीन भागों में खंडित किये जाने से उत्पन्न संकट से सभी को अवगत कराया. सीनेटर डॉ विनोद कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कई साल के संघर्ष के बाद यहाँ विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी मगर एक अविवेकपूर्ण जिद ने विश्वविद्यालय को तीन भागों में बांटने की जो योजना बनायीं है उससे आने वाले समय में विश्वविद्यालय अव्यवहारिक होकर बंद हो जायेगा.

उन्होंने कहा कि अगर जीरो माईल स्थित जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनता है तो बदले में सरकार पुनर्विचार करते हुए बगल में कृषि विभाग परिसर की स्काडा वाली जमीन विश्वविद्यालय को दे वरना एक बार फिर जनांदोलन तय है. सीनेटर संतोष तिवारी ने बताया कि हड़बड़ी में जिस तरीके से बिना वर्क आर्डर निर्गत किये 6200 पेड़ अवैध तरीके से काटे गये और पुणे की एक कम्पनी को करोड़ों का काम सौंपा गया यह मंशा खतरनाक है. उन्होंने वन विभाग द्वारा की गयी आपत्ति को आधार बनाकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री से काम रुकवाने की अपील की है.

युवा जदयू के जयंत यादव ने इस पूरे प्रकरण को शर्मनाक बताते हुए छात्रहित के विरुद्ध बताया तथा इसे करोड़ों की राशि का बंदरबांट करार दिया. छात्र नेता और आरएसएस के प्रमुख सूरज सिंह परमार ने कहा कि सभी छात्रों, अभिभावकों और विश्वविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों का आह्वान करते हुए एकजुट होने की अपील छात्रनेता कृष्णा तिवारी ने कहा कि सभी चाहते हैं कि मेडिकल कॉलेज बने जरुर मगर भव्य बने ना कि विश्वविद्यालय की जमीन को काटकर छोटे स्तर का बने.

सामाजिक कार्यकर्त्ता विजय मेहता ने आह्वान किया कि प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई का विरोध सामाजिक और न्यायिक स्तर दोनों तरीके से अंतिम दम तक होगा. जमीन के मुद्दे पर अनशन करने वाले अनिरुद्ध सिंह ने भी कहा कि मेडिकल कॉलेज का विरोध नहीं हो रहा मगर विश्वविद्यालय के तीन टुकड़े करना तो सही नहीं है. भोजपुरी छात्र संघ के रवि प्रकाश सूरज ने कहा कि तीन टुकड़ों में विश्वविद्यालय की जमीन और अवैध ढंग से पेड़ों की कटाई का मामले पर याचिका दायर हो रही है फैसला आने तक बिना वर्क आर्डर के काम कर रही कम्पनी को काम बंद करना होगा.

अध्यक्षीय भाषण में प्रो बलिराज ठाकुर ने चेताने के अंदाज़ में कहा कि अगर विश्वविद्यालय के अस्तित्व पर संकट खड़ा हुआ तो शाहाबाद के हर जनप्रतिनिधि के अस्तित्व पर भी जनता संकट खड़ा कर देगी. शाहाबाद क्रांति और शिक्षा की उर्वर भूमि है और हम विश्वविद्यालय को खंडहर होते नहीं देख सकते.

बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह तय हुआ कि आन्दोलन के अगले चरण में अवैध ढंग से पेड़ों की कटाई और कम्पनी द्वारा साईट पर निर्माण कार्य शुरू करने के विरोध में आगामी 20 फरवरी को मानव श्रृंखला बनाकर विरोध किया जायेगा. साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों से मिलकर मेडिकल कॉलेज के बदले कृषि विभाग की जमीन को विश्वविद्यालय को दिए जाने की अपील की जाएगी.

बैठक में सीनेटर प्रो अलाउद्दीन अज़ीज़ी, जगजीवन कॉलेज की डॉ माधुरी कुमारी. प्रो देवेन्द्र प्रसाद सिंह, डॉ अजय कुमार मिश्र, ओम प्रकाश दूबे , अखिल भारतीय विद्यार्थी परिश्स्द के छोटू सिंह, सोहित सिन्हा, भोजपुरी छात्र संघ के स्यंदन सुमन के अलावा कई छात्र संगठनों से जुड़े छात्र अमित कुमार गौतम. सुशील कुमार, रवि रंजन, अभिषेक प्रीतम, शशि शेखर सिंह, अंकुर कुशवाहा, अमरजीत, अरविन्द कुमार आदि ने भी अपने विचार रखे.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

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