बिगड़ रही अनशनकारियों की सेहत, भाई बीरेन्द्र समर्थन में उतरे
सहायक प्राध्यापक अभ्यर्थियों का ऐलान- लिखित फैसला होने तक नहीं टूटेगा अनशन, आंदोलन को मिल रहा लगातार समर्थन
पटना,8अगस्त. सहायक प्राध्यापक भर्ती नियमावली में संशोधन, अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने, पीएचडी को उचित वेटेज देने और डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग को लेकर पटना में चल रहा अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आज पांचवें दिन भी जारी है.

पांच दिनों से अन्न त्यागकर अनशन पर बैठे कुमुद पटेल, अभिषेक मेहता और बिक्कु सिंह प्रधान की तबीयत लगातार बिगड़ने की बात आंदोलनकारियों की ओर से कही जा रही है। इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने से अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल नौकरी पाने की मांग नहीं, बल्कि बिहार के हजारों शोधार्थियों और योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य और अधिकारों की लड़ाई है। अभ्यर्थियों ने सरकार से तत्काल वार्ता कर उनकी मांगों पर लिखित निर्णय लेने की मांग की है.
आंदोलन को विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों, शिक्षकों, छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों का समर्थन मिल रहा है। इससे पहले मनेर विधायक भाई वीरेंद्र भी अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दे चुके हैं और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर चुके हैं।
संघर्ष समिति ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार मांगों पर ठोस और लिखित फैसला नहीं लेती, आमरण अनशन जारी रहेगा।
