आरा की साधना को मिला नूरफ़ातिमा सम्मान

भोजपुर की रंगकर्मी साधना श्रीवास्तव को मिला नूर फातिमा सम्मान पटना ;’प्रयास’ संस्था, एकता मंच और बिहार आर्ट थिएटर के संयुक्त सहयोग से नूर फातिमा जयंती समारोह नूर फातिमा अवार्ड से सम्मानित किया गया । प्रयास संस्था ,एकता मंच और बिहार आर्ट थियेटर प्रति वर्ष रंगकर्म और पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े एक-एक हस्ताक्षर को नूर फातिमा अवार्ड से सम्मानित भी करता आ रहा हैं ।भोजपुर आरा की रहने वाली साधना श्रीवास्तव का लगाव बचपन से ही नाटकों के प्रति था । घर में सांस्कृतिक वातवरण रहने से इन्होंने नाटक और अभिनय के क्षेत्र में ही अपना कैरियर बनाना शुरू किया। इनकी बड़ी बहन श्यामली श्रीवास्तव भी भोजपुरी फिल्मों और टीवी सीरियल में काम करती हैं। इन्होंने स्व.श्याम मोहन अस्थाना के भी कई नाटकों में काम किया है और दर्शकों को अपने अभिनय से मंत्रमुग्ध किया है। कालिदास रंगालय में आयोजित सम्मान समारोह में इन्हें नूर फातिमा सम्मान से सम्मानित किया गया। इस मौके पर नाबार्ड के डा.सुनील कुमारपूर्व आईएएस – शिवनंदन सहाय,प्रयास के महासचिव – मिथलेश सिंह, और वॉइस प्रेसीडेंट – श्यामल अहमद बांके बिहारी,कमांडेंट – मुन्ना कुमार उपस्थित रहे । आपको बता दें कि साधना ने संजय उपाध्याय के साथ विदेशिया ,श्री धर और मनोज कुमार सिंह के साथ भी कई नाटकों में भूमिका निभाई है जिन्हें राष्टीय स्तर के नाट्यप्रतियोगिताओं में कई बार बार विशेष सम्मान मिल चुका है। इंटर यूनिवर्सिटी डांस और गायन प्रतियोगिता में भी इन्हें प्रथम पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।साधना नाटक के साथ साथ शार्ट फिल्मों में भी नजर आती हैं।उनका लक्ष्य

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20 दिवसीय अभिनय कार्यशाला का समापन

20 दिवसीय वर्कशॉप का हुआ समापन 9 अगस्त को होगी प्रस्तुति ,50 बच्चे कर रहे थे शिरकत बच्चों द्वारा बनाई गई तीन शार्ट फ़िल्म भी दिखाई जाएंगी आरा। संरक्षिका स्व.नंदनी सिन्हा की स्मृति में आयोजित 20 दिवसीय निःशुल्क अभिनय कार्यशाला का समापन शुक्रवार को हुआ। इस दौरान कार्यशाला के समापन पर निदेशक रवींद्र भारती ने कहा कि 20 दिनों की अभिनय कार्यशाला में बच्चों ने जो कार्य कर के दिखाया है, उससे लगता है उनके अंदर प्रतिभा बहुत है। फ़िल्म थिएटर या फिर टेलीविजन माध्यमों में बच्चे अच्छा काम करेंगे। भोजपुर समेत बक्सर और रोहतास से आये बच्चों ने कार्यशाला में एक्टिंग के साथ साथ अनुशासन, संगीत, नृत्य और गायन के कार्य को सीखाहै। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद सर्दियों के मौसम में बड़े पैमाने पर एक कार्यशाला की जाएगी। हृतिक मिश्रा ने बताया कि मुझे वर्कशॉप करके बहुत ही अच्छा लगा। मुझे यहां कुछ नया सीखने को मिला। मुझे एक्टिंग के नए नए गुर सीखने का मौका मिला है। मुझे यहां आकर अच्छा लगा। वहीं प्रशिक्षण ले रहे छात्र शुभम दुबे ने बताया कि मुझे यहां एक्टिंग के साथ म्यूजिक के बारे में भी जानने को मिला है। वर्कशॉप में मुझे बहुत अच्छा लगा। सबसे खास चंद्रभूषण पांडेय का क्लास लगा था। क्योंकि उन्होंने सबसे पहले बताया कि एक अभिनेता के लिए रोड ही उसके लिए विवि होती है। वो जो कुछ भी सीखता है, यहां से ही सीखता है और मुझे वर्कशॉप में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि दो सालों से लॉकडाउन के

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रंगमंच की संरक्षिका नन्दनी सिन्हा का श्राद्धकर्म संपन्न

शुरू होगा NSRT(नन्दनी सिन्हा रेपर्टरी थियेटर) आरा, 15 मार्च. वरिष्ठ रंगकर्मी व पत्रकार रविन्द्र भारती की माताश्री नन्दनी सिन्हा का श्राद्धकर्म सम्पन्न हुआ. 75 वर्षीय नन्दनी सिन्हा का पिछले दिनों निधन क्रोनिक अटैक के कारण हो गया था.वे रंगमंच की सच्ची संरक्षक थीं. वे शहर के प्रमुख रंग संस्थान अभिनव एवं ऐक्ट की संरक्षिका थी. नन्दनी सिन्हा के श्राद्धकर्म पर शहर के रंगकर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. बारिश के बाद भी उन्हें श्रद्धाजंलि देने वालों का तांता लगा रहा. यह उनके व्यक्तित्व का कमाल था कि वे सभी कलाकारों के दिल मे मातृत्व की एक मूर्ति की तरह थीं. अभिनव एवं ऐक्ट से जुड़े कलाकारों के साथ आरा रंगमंच,भोजपुरी कला संरक्षण मोर्चा,प्रभाव क्रिएटिव सोसायटी,यवनिका,भोजपुरी शोध एवं विकास ट्रस्ट,सर्जना,अम्बा, नेशनल साइंटिफिक रिसर्च एन्ड सोशल एनालिसिस ट्रस्ट जैसे तमाम संस्थानों के कलाकारों की उपस्थिति देखने को मिली. इस मौके पर वरिष्ठ रंगकर्मी रविन्द्र भारती ने कहा कि उनकी माँ को रंगमंच से काफी लगाव था और वे कलाकारों की मदद के लिए हर तरह से तैयार रहती थीं. इसलिए अभिनव एवं ऐक्ट उनके सम्मान में NSRT(नन्दनी सिन्हा रेपर्टरी थियेटर) की शुरुआत करेगा. इसके तहत इस रेपर्टरी में चुने जाने वालों को संस्थान की ओर से आर्थिक मदद दी जाएगी. इस रेपर्टरी को संचालित करने में नाट्य गुरु चन्द्रभूषण पांडेय के साथ संजय शाश्वत व कई अन्य लोग शामिल होंगे. श्राद्धकर्म में वरिष्ठ रंगकर्मी चन्द्रभूषण पांडेय,अशोक मानव,भास्कर मिश्रा, कृष्णेन्दू, शैलेन्द्र सच्चु, आलोक सिंह,आलोक सिन्हा, प्रेमजीत, रौशन कुमार,रौशन , रजनीश कुमार, उज्ज्वल नारायण,गुंजन,ओंकार रमण आदित्य, अमित वर्मा, विकास कुमार,सुमित वर्मा, डब्लू

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