शाहजहाँपुर रंग महोत्सव का शानदार आगाज

पहले दिन ही प्रस्तुत 4 नाटकों और 7 नृत्यों ने दर्शको का दिल मोहा शाहजहाँपुर,17 दिसम्बर. पांचवे शाहजहांपुर रंग महोत्सव का शुभारंभ रविवार को शानदार रंग उत्सव के प्रदर्शन से हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत संध्या लगभग 6:00 बजे हुई जिसमें देश के कई भागों भागों से पहुंचे कलाकारों ने हिस्सा लिया. दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया. शास्त्रीय नृत्य से कार्यक्रम की शुरुआत हुई. उसके बाद 7 नृत्य और 4 नाटकों की प्रदर्शन की गई, जिसकी प्रस्तुति शानदार रही. कार्यक्रम में कांगड़ा से उत्तम कुमार,मध्य प्रदेश के द्वारिका दहिया,रविंद्र जी, ललिता कुंजू, किरण कश्यप निर्णायक के रूप में पहुंचे हैं जो नाटक और नृत्य का निर्णय करेंगे. निर्णायक मंडल में पहुंचे लोग राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और शास्त्रीय नृत्य के चर्चित नाम है. नाटक की शुरुआत दिल्ली से आई टीम ने “अत्याचारी औरत” नाटक से की. वहीं मानसी गुरुकुल आर्ट, शाहजहांपुर ने “इंकलाब जिंदाबाद” की प्रस्तुति से काकोरी-कांड की शहादत में शामिल लोगों की जीवनी को जीवंत प्रस्तुति की. तीसरे नंबर पर आरा बिहार से पहुंचे संस्कार कला आश्रम की प्रस्तुति “तेतू” ने मनोशारीरिक शैली में अपने नाटक से दर्शकों पर अपना विशेष प्रभाव छोड़ा. आखरी और चौथे नंबर पर प्रस्तुत नाटक “अरे शरीफ लोग” ने प्रेक्षागृह में उपस्थित दर्शकों हंसा-हंसा कर लोटने पर मजबूर कर दिया. इस नाटक की प्रस्तुति राजस्थान की अलवर से आई टीम ने की. शाहजहांपुर से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

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बड़ी राहत: दिव्यांगों के लिए हर हफ्ते लगेगा विशेष कोर्ट

आरा (सत्य प्रकाश की रिपोर्ट) | राज्य विषाक्तता आयुक्त, बिहार पटना शिवाजीकुमार की अध्यक्षता में चलंत न्यायालय का आयोजन स्थानीय धनपुरा अवस्थित जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र पर संपन्न हुआ जिसमें दिव्यांग जनों के अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत दिव्यांग जनों के अधिकारों की सुरक्षा, संरक्षण हेतु समस्याओं का समाधान किया गया. इस अवसर पर राज्य निशक्तता आयुक्त ने कहा कि सरकार दिव्यांग जनों के हितो एवं अधिकारों की सुरक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही उनके विकास एवं कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. इसलिए उनकी शिकायतों एवं समस्याओं का वांछित समाधान आवश्यक है ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके तथा उन्हें सरकार की जनकल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके. चलंत न्यायालय में सुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा विकलांगता प्रमाणीकरण, रोजगार, राशन कार्ड, पेंशन, तिपहिया साइकिल, ऋण, ड्राइविंग लाइसेंस आदि से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए जिस पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की गई तथा उनके शिकायतों का निवारण किया गया. इस अवसर पर विभिन्न विभागों के कई जिला स्तरीय अधिकारी गण उपस्थित थे जिन्होंने अपने अपने विभागों के द्वारा दिव्यांग जनों के हित में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी लोगों को दी तथा उनके आवेदन पर संज्ञान लेते हुए त्वरित निष्पादन का प्रयास किया गया. चलंत न्यायालय में दिव्यांग जनों की भारी उपस्थिति पाया गया तथा लोगों में भारी उत्साह देखा गया. लोग विहित प्रपत्र में आवेदन भर कर जमा करते देखे गए. जिला में संचालित इस तरह के न्यायालय के आयोजन से दिव्यांगजन काफी खुश नजर आए तथा अपने अपने समस्याओं का निदान

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डॉक्टर पूरी जवाबदेही, समर्पण और निष्ठा से कार्य करें – जिलाधिकारी, भोजपुर

आरा (सत्या की रिपोर्ट) | पीड़ित मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा तथा पुण्य का कार्य है. इसलिए गरीब मरीजों के हित में सभी डॉक्टर पूरी जवाबदेही, समर्पण और निष्ठा से कार्य करें तथा स्वास्थ्य योजनाओं का जनहित में व्यापक प्रचार-प्रसार कर गरीब मरीजों को लाभान्वित करें – यह बातें जिलाधिकारी संजीव कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोइलवर के औचक निरीक्षण के क्रम में कही. निरीक्षण के क्रम में रोस्टर के अनुसार डॉक्टर नीलम एवं डॉक्टर अंजू सिंहा अनुपस्थित पाई गई. उनसे कारण पृच्छा  करने का निर्देश दिया गया. जिलाधिकारी ने मरीजों से पूछताछ के क्रम में पाया कि मरीजों को अस्पताल की दवा नहीं दी जाती है तथा बाहर से दवा क्रय करना होता है. दवा वितरण कार्य में अनियमितता को देखते हुए जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को फोन कर डॉक्टरों की टीम के साथ कोइलवर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जांच कर इस आशय का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि  स्टॉक में जो दवा नहीं रहता है उसकी आपूर्ति हेतु जिला स्वास्थ्य समिति को प्रति वेदित करें अथवा रोगी कल्याण समिति की राशि से क्रय  करना सुनिश्चित करें. यद्यपि सिविल सर्जन के नेतृत्व मे डाक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया है. जिलाधिकारी ने डॉक्टरों का रोस्टर एवं मोबाइल नंबर फ्लेक्स के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शित करने को कहा. जांच कक्ष के निरीक्षण में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाँ. उमेश कुमार द्वारा बतलाया  गया कि  हीमोग्लोबिन, एचआईवी, डायबिटीज एवं बलगम की जांच होती है. जिलाधिकारी ने ओपीडी मैं इलाज करानेवाले सभी मरीजों की

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हीरो के एनकाउंटर होने तक…..

आरा (सत्या की खास रिपोर्ट) । नाम मनीष उर्फ हीरो, काम- रंगदारी के लिए किसी को भी मौत के घाट उतार देना और गोलियों से भून डालना. कुछ ऐसा ही था भोजपुर पुलिस और एसटीएफ की गोलियों का शिकार बने मनीष का प्रोफाइल. कम समय में ही जिले में खौफ और आतंक का पर्याय बन चुके इस अपराधी को पुलिस ने ढेर कर चैन की सांस ली है. हीरो का नाम भोजपुर समेत आसपास के जिलों में बड़ी तेजी से फैल रहा था और उसके गैंग में नौजवान शामिल हो रहे थे. इसे भी पढ़े      हीरो का एनकाउंटर।।। भोजपुर पुलिस ने एसटीएफ की मदद से मंगलवार की शाम कुख्यात अपराधी मनीष सिंह उर्फ हीरो को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया. इस दौरान पुलिस ने उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया जो कि बनारस के जीवीएम मॉल में हुई शूटआउट की घटना के आरोपी थे और फरार चल रहे थे. पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में हीरो का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा. दरअसल पुलिस हीरो की टोह में कई दिनों से लगी थी. इसी दौरान ये सूचना मिली कि हीरो अपने 4 गुर्गों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए भोजपुर के ही पीरो की ओर जा रहा है. पुलिस ने रास्ते में तत्काल घेराबंदी की तो हीरो और उसके गैंग ने गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की और हीरो को मार गिराया. पुलिस ने उसके दो साथी कुंदन और अभिषेक को

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कुख्यात हीरो का एनकाउंटर

आरा (राकेश कुमार तिवारी की रिपोर्ट) | भोजपुर के लिए आतंक बन चुके मनीष उर्फ हीरो को पुलिस STF ने पीरो के जीतौरा बाजार के समीप बरांव गांव में एक मुठभेड़ के दौरान मार गिराया. हीरो के अपने सहयोगियों के साथ जीतौरा में आने की सूचना मिली थी. सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी की। हीरो गैंग की तरफ से फायरिंग होने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. इस एनकाउंटर में हीरो मारा गया. पुलिस ने हीरो के साथ चल रहे कुछ अन्य अपराधकर्मियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है. पहले भी मनीष उर्फ हीरो कोर्ट परिसर से पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा था. बाद में उसने आरा शहर में आतंक फैलाने के लिए एक ही दिन में गोलीबारी की लगातार कई घटनाओं को अंजाम दिया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी. इसके बाद उसने व्यवसायियों में आतंक फैला कर रंगदारी वसूलने के लिए कई अन्य घटनाओं को अंजाम दिया था. हीरो हर घटना के बाद अपना विजिटिंग कार्ड छोड़ कर जाता था ताकि दहशत पैदा हो सके. पिछले तीन महीनों से पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके हीरो को पुलिस ने कई बार घेरा मगर हर बार वह बच निकलता था. एसपी आदित्य कुमार ने हीरो के मारे जाने की पुष्टि की है.

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4G युग में भी इस गांव को नहीं मयस्सर है एक अदद पुल

‘विकास’ के ‘पुल’ की आस में एक गांव शादी के लिए लड़की वाले तो दूर मरीज के लिए डॉक्टर तक नहीं आ पाते इस गाँव “विकास के माने का होला? हम ढेर मनी जगह जानत बानी जहाँ एक गो पुल नइखे हई मोबाइल, इंटरनेट, 3G, 4G, ये G और वो G…” ये बातें जिला मुख्यालय से महज 20 किमी की दूरी पर अवस्थित गड़हनी पंचायत के एक दुकान पर कुछ ग्रामीणों की गुफ्तगू की है जहाँ तीखे तेवर में लोग बात कर रहे थे. दरअसल यह बहस गड़हनी के तीनघरवा टोला को लेकर हो रही थी जहाँ आज भी विकास के इस फास्ट युग मे गाँव जाने के लिए नदी पार कर जाना ही एकमात्र विकल्प है. जीवन को सरल और आसान बनाने के लिए तकनीकी युग ने कम्प्यूटर के एक क्लिक के जरिए हमारी जरूरतों को तो जरूर हाजिर करने के लिए विकल्प दे दिए लेकिन आजादी के 70 वर्ष बाद भी सचमुच यह गाँव न सिर्फ विकास को मुँह चिढ़ाता है बल्कि सूबे के मुखिया और विकास पुरुष काहे जाने वाले नीतीश कुमार के सात निश्चयों की भी पोल खोलता है जिसमें उन्होंने हर घर तक पक्कीकरण की बात कही थी. “पटना नाउ” ने ही सबसे पहले इस अविकसित गाँव की खबर को उजागर किया था जहाँ के वीडियो ने कहा था कि वो इस गाँव मे पूल लाने के लिए अधिकारियों को जरूर खबर करेंगे. बरसात के दिनों में तो यह तीनघरवा टोला गढहनी से कट जाता है. लेकिन बरसात कि कौन कहे हर मौसम में ही

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