पटना फिल्म महोत्सव का आयोजन 9 दिसंबर से 

महोत्सव में करीब 100 फिल्में दिखायी जायेंगी

 हिंदी,भोजपुरी, मगही,मैथिली समेत अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्में भी होंगी शामिल




रिजेंट के अलावा प्रतिष्ठित रवीन्द्र भवन में होंगे शो 

क्षेत्रीय फिल्‍मों के विकास में महत्‍वपूर्ण योगदान के लिए 11 लोग भी होंगे सम्मानित 

सिने प्रेमियों सात दिन के लिये 50 रूपये खर्च करने होंगे

\बिहार की राजधानी पटना में लगातार छह दिनो तक सिने प्रेमियो को अलग-अलग भाषाओं में नायाब चुनिंदा फिल्मो के जादू से सराबोर करने के बाद अब 09 दिसंबर से पटना फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमें बॉलीवुड के कई सितारे शिरकत करेंगे. बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड और कला संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा संयुक्त रूप आयोजित होने वाले सात दिवसीय फिल्म महोत्सव की शुरूआत 09 दिसंबर को होगी. बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गंगा कुमार ने महोत्सव की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्रीय फिल्म महोत्सव की कामयाबी के बाद सिने प्रेमियों के लिये पटना फिल्म महोत्सव का आयोजन हो रहा है. उन्होंने आशा जताई कि सिने प्रेमियों ने जिस तरह क्षेत्रीय महोत्सव को अपना प्यार दिया है उसी तरह का प्यार इस महोत्सव को भी मिलेगा. महोत्सव के माध्यम से बिहार के गौरव को लौटाने की कोशिश होगी.

patna film festival

गंगा  कुमार ने राज्य की भाषाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में मुख्यत: भोजपुरी, मैथिली, मगही, बज्जिका, अंगिका, भाषा बोली जाती है. महोत्सव में इन भाषाओं को केन्द्र में रखकर फिल्में दिखाई जायेंगी. उन्होंने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस साल महोत्सव का दायरा बड़ा है और यहां आने वाले सिने प्रेमी भी इसे महसूस करेंगे. प्रबंध निदेशक ने कहा कि विशेष ‘थीम ’ पर आयोजित क्षेत्रीय फिल्‍म महोत्सव का आयोजन काफी सफल रहा और इस तरह की नई शुरूआत से निश्चित तौर पर बिहार में फिल्‍मों के विकास को एक नई दिशा मिलेगी. उन्‍होंने राज्‍य के फिल्‍म प्रेमियों से विभिन्‍न भाषाओं और अलग-अलग तरीके फिल्‍में देखने की उम्‍मीद जताते हुये कहा कि बिहार अब होस्ट की भूमिका में है. गंगा  कुमार ने आयोजन स्थल की चर्चा करते हुए कहा कि महोत्सव का आयोजन राजधानी के सबसे बेहतरीन सिनेमा घरों में शुमार रिजेंट के अलावा प्रतिष्ठित रवीन्द्र भवन में किया जा रहा है जहां दर्शक बेहतरीन साउंड इफेक्ट्स के साथ फिल्मों को मजा ले सकेंगे. महोत्सव में करीब 100 फिल्में दिखायी जायेंगी जिनमें हिंदी ,भोजपुरी , मगही ,मैथिली समेत अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्में भी शामिल है . महोत्सव के लिए चयनित होने वाली फिल्मों की प्रक्रिया को लेकर पूछे गये प्रश्न के उत्तर में कहा कि चयनित सभी फिल्म एक निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत ही चुनी जायेगी जो पूरी तरह पारदर्शी होगी. फिल्मों के चयन का काम पूर्व आईएएस आर एन दास की अध्यक्षता में छह सदस्यीय ज्यूरी को सौंपा गया है जो फिल्मों का चयन कर जूरी समिति को सौंपेगी . जूरी समिति का प्रतिनिधत्व बॉलीवुड अभिनेत्री सारिका कर रही हैं . जूरी समिति 05 दिसंबर को महोत्सव में दिखायी जानी वाली फिल्मों का अंतिम चयन कर इसे आयोजकों को सौंपेगी.

गंगा  कुमार ने कहा कि महोत्सव के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई गयी है. इस प्रक्रिया के माध्यम से सिने प्रेमी आनलाईन रजिस्ट्रेशन करा सकते है. एक सप्ताह के लिए सिने प्रेमियों सात दिन के लिये 50 रूपये खर्च करने होंगे . प्रबंध निदेशक ने बताया कि महोत्सव के लिए रिजेंट में एक स्क्रीन जबकि रविन्द्र भवन में दो स्क्रीन उपलब्ध होंगे जहां विभिन्न वर्ग की करीब 12 से 15 फिल्में प्रतिदिन दिखायी जायेंगी . क्षेत्रीय फिल्म महोत्सव की तर्ज पर महोत्सव में फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद फिल्म से जुड़े हस्तियों के साथ सवाल-जवाब सत्र का भी आयोजित होगा. महोत्सव के मीडिया प्रभारी रंजन सिन्हा ने बताया कि महोत्सव के दौरान बिहार की क्षेत्रीय फिल्‍मों के विकास में महत्‍वपूर्ण योगदान के लिए 11 लोगों को सम्‍मानित किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि बॉलीवुड के शॉटगन सिन्हा शत्रुध्न सिन्हा ,विद्या बालन ,सोनाक्षी सिन्हा , प्रकाश झा ,उदित नारायण , मनोज वाजपेयी ,शेखर सुमन ,संगतकार जोड़ी आनंद-मिलिंद समेत कई नामचीन हस्तियों को आमंत्रित किया जा रहा है. इसके अलावा भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के महानायक कुणाल सिंह,पदमश्री शारदा सिन्हा,राकेश पांडे ,मोहनजी प्रसाद ,मनोज तिवारी , रवि किशन, निरहुआ और अखिलेन्द्र मिश्रा समेत कई लोगों महोत्सव में शिरकत कर सकते हैं .