जल ही जीवन है, इसका सदुपयोग करें : संजय

कोइलवर (आमोद कुमार) | “पानी को बर्बाद नहीं करे बल्कि जल संचयन के कुशल प्रबंधन एवं आधुनिक विकसित प्रणाली द्वारा पानी का सदुपयोग करे. जिससे सतही एवं भूगर्भ जल के स्तर को ठीक कर मानव जीवन के लिए सार्थक सदुपयोग किया जा सकता है”. ये बातें जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव संजय कुमार राकेश ने प्रखंड कार्यालय कोइलवर स्थित जनप्रतिनिधि भवन में एक कार्यक्रम के दौरान कही. जल संरक्षण का कार्य दो चरणों में किया जाना है – प्रथम चरण में 1 जुलाई से 15 सितंबर तथा द्वितीय चरण में 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक किया जाना है. वर्तमान स्थिति में अभी जल संरक्षण का कार्य के लिए कोइलवर एवं बिहिया प्रखंड को चयनित किया गया है. बैठक में जल संरक्षण से संबंधित तकनीकी विभागों द्वारा जल संरक्षण की अद्यतन स्थिति तथा भावी कार्य योजना, सोन नहर आदि के द्वारा संचालित जल संरक्षण के कार्यों के तहत तालाब, आहार, पाइन के निर्माण एवं उड़ाही, चापाकल के निर्माण एवं मरम्मति, ट्यूबवेल की स्थिति, नल जल की स्थिति आदि के बारे मे अवगत कराया गया. जल संरक्षण के तहत वृक्षारोपण कार्य को गति प्रदान करने हेतु वन विभाग एवं जीविका के सहयोग से कार्य कराने का निर्देश दिया गया. जल संरक्षण कार्य को गति प्रदान करने तथा इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने हेतु जन जागरूकता का कार्य जीविका दीदियों के द्वारा किए जाएंगे साथ ही जल सेना एवं जल रक्षक के रूप में कर्मियों की तैनाती की जाएगी तथा इस अभियान को जनमानस से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.




मौके पर जल शक्ति मंत्रालय के रामाकांत प्रसाद, केंद्रीय जल आयोग मैथन के उप निदेशक इंद्रजीत कुमार भी शामिल थे. बैठक में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा उपविकास आयुक्त शशांक शुभंकर, बीडीओ वीर बहादुर पाठक, सीओ संजीव कुमार, मुखिया श्वेता सिंह, सुरेंद्र यादव, चंद्रकिशोर राय, समेत सभी पंचायत के मुखिया उपस्थित थे.