रंगोली, चित्रकला और ज्ञान प्रतियोगिता से दिया जल संरक्षण का संदेश
सहजानंद ब्रह्मर्षि महाविद्यालय में ‘आओ गंगा को जानें’ संगोष्ठी, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए युवाओं ने भरी हुंकार
आरा,25 अक्टूबर. गंगा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और जीवन का आधार है. इसकी निर्मल धारा को बचाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है. इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शनिवार को सहजानंद ब्रह्मर्षि महाविद्यालय, आरा में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और ज्ञान के जरिए गंगा संरक्षण का अलख जगाया.

जिला प्रशासन भोजपुर की पहल पर स्वच्छता ही सेवा विशेष अभियान-2026 के अंतर्गत जिला गंगा समिति, भोजपुर की ओर से गंगा ज्ञान प्रतियोगिता एवं ‘आओ गंगा को जानें’ विषय पर जल संरक्षण और स्वच्छता संगोष्ठी आयोजित की गई. कार्यक्रम में चित्रकला, समूह रंगोली और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने गंगा की स्वच्छता, जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया.

रंगों में गंगा संरक्षण, ज्ञान में पर्यावरण की चिंता
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की रचनात्मकता देखने को मिली. चित्रकला और समूह रंगोली के माध्यम से प्रतिभागियों ने जल संरक्षण, स्वच्छता और नदियों को प्रदूषण से बचाने की जरूरत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया. सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों ने गंगा नदी, पर्यावरण और जल संरक्षण से जुड़े विषयों पर अपनी जानकारी और समझ का प्रदर्शन किया.
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान करने की व्यवस्था की गई. आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जोड़ना भी रहा.
‘गंगा की स्वच्छता सामूहिक जिम्मेदारी’
संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक धरोहर है. इसकी स्वच्छता और अविरलता बनाए रखना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है. नदियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के साथ जल का विवेकपूर्ण उपयोग करना भी समय की आवश्यकता है.

विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक बनें तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें. वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि छोटे-छोटे प्रयासों से जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाया जा सकता है.
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, भोजपुर के निदेशक, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, सहजानंद ब्रह्मर्षि महाविद्यालय के प्राचार्य, जिला जल एवं स्वच्छता समिति के प्रतिनिधि, जिला परियोजना पदाधिकारी, जिला गंगा समिति, भोजपुर के जिला समन्वयक, आईटीसी के प्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
स्वागत भाषण में जिला समन्वयक ने कार्यक्रम के उद्देश्यों और गंगा संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम का संचालन एवं नेतृत्व जिला परियोजना पदाधिकारी, जिला गंगा समिति, भोजपुर अमित कुमार सिंह ने किया. वहीं, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन कर आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया.
विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने संभाली आयोजन की कमान
कार्यक्रम को सफल बनाने में कैंपस एंबेसडर नीतीश कुमार, निशांत कुमार तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के श्रम सेवक सचिन कुमार, आदित्य कुमार, अंजली कुमारी, खुशी कुमारी, रुपाली कुमारी, हिमांशी कुमारी, अमन कुमार, बिट्टू कुमार, सुधांशु कुमार सहित अन्य महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
कार्यक्रम ने दिया स्पष्ट संदेश: गंगा की रक्षा केवल किसी एक विभाग या संस्था का काम नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक का संकल्प होना चाहिए. जल बचेगा, नदियां स्वच्छ रहेंगी और पर्यावरण सुरक्षित होगा, तभी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित रह सकेगा.
