भोजपुरी लोकगीतों से गूंजा संभावना स्कूल
शारदीय नवरात्र पर संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में आयोजित हुआ ‘अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम, देवी गीतों और डांडिया से भक्तिमय हुआ माहौल
आरा, 15 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र के अवसर पर शहर के शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में गुरुवार को ‘अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान विद्यालय की करीब 400 छात्राओं ने समूहों में बंटकर एक साथ डांडिया और भोजपुरी लोक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी. छात्राओं के साथ शिक्षिकाओं ने भी डांडिया में उत्साहपूर्वक भाग लिया. देवी गीतों, लोक नृत्य और डांडिया की प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया.

कार्यक्रम के दौरान ‘जय माता दी’ और ‘मां आरण्य देवी’ के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा. छात्राओं की सामूहिक प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और नारी शक्ति की झलक देखने को मिली.
कार्यक्रम का शुभारंभ उप प्राचार्य ऋषिकेश ओझा, एकेडमिक इंचार्ज अरविंद ओझा, परीक्षा प्रभारी राजेश रमन, वरीय शिक्षिका रेणु प्रकाश वर्धन सहित अन्य वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने संयुक्त रूप से किया. इसके बाद मां दुर्गा का पूजन और माल्यार्पण किया गया.
विजय की कामना के लिए होती है मां दुर्गा की आराधना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक बच्ची मां दुर्गा का स्वरूप है. हमारी संस्कृति और संस्कार ही हमारी पहचान हैं. जब विजय की कामना होती है, तब मां दुर्गा की आराधना की जाती है. भारत की विशेषता अनेकता में एकता है और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में दशहरा मनाया जाता है. मां दुर्गा की आराधना के माध्यम से ही हमारी भावनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों की अभिव्यक्ति होती है.

इसके बाद छात्राओं ने ‘जय अंबे गौरी’ आरती की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया. छात्राओं ने ‘बाड़ी छोट शीतल मैया’, ‘निमिया के डार मैया’ और ‘दर्शनला छिछिआई भूखे नव-नव’ जैसे देवी गीतों एवं भजनों से दर्शकों को भावविभोर किया.
वहीं, ‘डांडिया रंग बा’, ‘आए तेरे भवन’ और ‘हे राम सबसे’ जैसे गीतों पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. सामूहिक डांडिया की प्रस्तुति कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही.
भोजपुरी लोक संस्कृति और कला का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी कला यात्रा ‘सर्जना न्यास’ की ओर से उद्घाटनकर्ता को डांडिया भेंट कर सम्मानित किया गया. इस पहल के माध्यम से लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया.

कार्यक्रम का संचालन वरीय शिक्षक अरविंद कुमार ओझा, छात्रा साक्षी राज और सुहानी दुबे ने किया. गीत-संगीत की जिम्मेदारी शिक्षक धर्मेंद्र कुमार, अमितेश रंजन और महेंद्र शर्मा ने संभाली. नृत्य की कोरियोग्राफी शिक्षक चिंटू कुमार ने की, जबकि मंच की साज-सज्जा कला शिक्षक संजीव कुमार और विष्णु शंकर ने की.
मां दुर्गा की आरती ‘जय अंबे गौरी’ की प्रस्तुति प्रियांशी सिंह, मीनाक्षी पांडेय, सौम्या सिंह, सलोनी कुमारी, अर्पिता केसरी, अनन्या केसरी, सिक्षम, वंदना कुमारी, अर्चना चौधरी, श्रेयांनी, कृतिका कुमारी, प्रतिज्ञा सिंह, तपस्या भारद्वाज, सारिका सिंह, श्रेया, सृष्टि, ज्ञानी, वैष्णवी सिंह और अर्पिता कुमारी ने दी.
डांडिया नृत्य में आर्या, शिवांगी, प्रिंसी, निकिता, मनीषा, विद्या, सभ्यता, सभांगी, अशी, संस्कृति, इशिका, सुप्रिया, निधि और अदिति ने भाग लिया. वहीं, एक अन्य डांडिया प्रस्तुति में आर्या, प्राची, मानवी, शिवांगी, अदिति, एंजेल, श्रुति और मनीषा ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया.
कार्यक्रम में छात्राओं की सामूहिक भागीदारी, भोजपुरी लोकगीतों और पारंपरिक डांडिया के संगम ने नवरात्र के उत्सव को यादगार बना दिया.
