राजधानी के न्यू बाईपास के पास किया सड़क जाम

पटना (स्वतंत्र पत्रकार मनोज चौधरी की रिपोर्ट) | एक ओर जहां समूचे प्रदेश में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और जल जमाव ने जनता के नाक में दम कर दिया है, वहीं स्थानीय लोगों द्वारा सरकार के खिलाफ आवाज उठना शुरू हो गया है. बुधवार को राजधानी के न्यू बाईपास पर दशरथ्था के पास स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उनका कहना था कि वर्तमान सरकार की ओर से इस प्राकृतिक आपदा से लड़ने के लिए कुछ इंतजाम नहीं किये गए थे. उनके अनुसार आसपास के इलाकों में बहुत जल जमाव होने से जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. प्रशासन की तरफ से उन्हें सहायता नहीं मिल पा रही है.

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बादशाह इंडस्ट्रीज और गुरुद्वारा की तरफ से राहत सामग्री वितरित

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार में जोरदार बारिश के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है. वही आम भी जनजीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है. राजधानी पटना के जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों को निकालने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. सोमवार को वायुसेना के हेलिकॉप्टर से खाने के पैकेट और अन्य आवश्यक सामग्री गिरायी जा रही है. सोमवार को पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि के नेतृत्व में एसडीआरएफ के दल ने तीन दिनों से पटना के राजेंद्र नगर इलाके में जलजमाव के कारण घर में फंसे उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और उनके परिवार के सदस्यों को नौका से सुरक्षित जगह पहुंचाया. बिहार की मशहूर लोकगायिका शारदा देवी को भी उनके परिवार के साथ उनके राजेंद्रनगर स्थित निवास से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जो बिना बिजली पानी अपने घर में पानी के बीच कैद हो गई थी. पानी जमाव के बीच बीमारियों का प्रकोप का डर बढ़ गया है. झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों की स्थिति और भी खराब है. जल से डूबे मुहल्लों, खासकर झुग्गी-झोपड़ियों में राहत सामग्री, दवा, खाद्य पदार्थ के वितरण की व्यवस्था शुरू कर दी गई है. प्रभावित इलाकों में जहां एक ओर प्रशासन अपनी पूरी ताकत लगा रहा है वही दूसरी तरफ गैर सरकारी एवं प्राइवेट संस्थाएं भी इस नेक काम में आगे आई हैं. इसी क्रम में बिहार की एक अग्रणी कंपनी जो अगरबत्ती बनाती है, बादशाह इंडस्ट्रीज ने गुरुद्वारा के साथ मिलकर कंकड़बाग के प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री बांटा. गुरुद्वारा ने अपने लंगर से 3000

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शारदा सिन्हा की गुहार | सुन ले नीतीश सरकार

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार एवं लोकगीतों की स्वर कोकिला शारदा सिन्हा आज पटना के राजेंद्रनगर में कंधे जितना पानी में डूबे अपने घर में बंद हैं. उन्हें न तो पानी नसीब हो रहा है और न ही उनके घर बिजली है. दरअसल उनके घर में कंधे जितना पानी भरा हुआ है. इस कारण वे घर से निकल नहीं पा रही हैं. अपने पति और अपने बेटे अंशुमान के साथ घर में एक तरह से कैद हो गई हैं. तीन दिनों से हो रहे भारी बारिश से नरक में तब्दील पटना शहर में हजारों लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं. पटना के लगभग सभी मुहल्लों और रोडों पर घुटने से लेकर डूबने तक पानी जमा है. बिजली, पानी, खाना, दवा वगैरह की समस्या उत्पन्न हो गई है. सोमवार को शारदा सिन्हा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट डाला है जिसमें उन्होंने लिखा – “मदद नही मिल पा रही है, NDRF की राफ्ट तक भी पहुँचना असंभव है. पानी महक रहा है.” उसके थोड़ी ही देर बाद उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया है और अपना दर्द व्यक्त किया है……..

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देखिए, रविवार को बिहार में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश

बारिश ने पटना समेत कई जिलों में तबाही मचा रखी है. पटना में तो जलप्रलय की स्थिति है. पूरी राजधानी डूब चुकी है. गंगा की लहरें भी अब उफान पर हैं. ऐसे में एक नया खतरा मंडरा रहा है. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है. रविवार को भी पूरे बिहार में बदरा खूब बरसे. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रविवार को सबसे ज्यादा 290 मिमी बारिश समस्तीपुर के रोसड़ा में दर्ज हुई. मौसम विभाग ने सोमवार को भी पटना, गया और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है.

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ये नेचर का दिया दिक्कत है | Nitish Kumar | लोग धैर्य और हिम्मत से काम लें

मुख्यमंत्री ने राज्य में मूसलाधार बारिश से उत्पन्न स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक कीइस परिस्थिति में लोगों को अपने मन और हौसले को बुलंद रखना पड़ेगाप्रशासन हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिये तत्परएनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम जलजमाव वाले क्षेत्रों में तैनातपटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | रविवार 29 सितम्बर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरदार पटेल भवन में आपदा प्रबधन विभाग स्थित अपने कक्ष में राज्य में मूसलाधार बारिश से उत्पन्न स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक की. मूसलाधार बारिश के कारण पटना मे जलजमाव वाले क्षेत्रों में लोगों को हो रही परेशानी से निजात दिलाने के लिये किये जा रहे राहत कार्यों के बारे में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने जानकारी दी. उन्होने बताया कि राजेन्द्र नगर एरिया में छात्र-छात्राओं को छात्रावासों से बाहर निकाला गया है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को जलजमाव वाले क्षेत्रों में तैनात किया गया है. ग्राउंड फ्लोर के लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेजा जा रहा है. लोगों को बाहर निकालने के लिये विशेष प्रयास किये जा रहे हैं. दूध की जरूरतों को पूरा करने के लिये 6 जगहों पर सुधा का बूथ खुले रखने का इंतजाम किये गये हैं. पीने के पानी के लिये 50 टैंकर की व्यवस्था की गयी है. दो लाख पीने के पानी के बोतल के इंतजाम किये गये हैं. 6 स्कूलों में रिलीफ कैम्प का इंतजाम किया जा रहा है और वहाॅ खाने की व्यवस्था भी की जा रही है. बैठक के बाद पत्रकारों से की बातचीतमुख्यमंत्री ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि पर्यावरण के

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पटना पर मंडराता बाढ़ का खतरा | क्या इंद्रपुरी डैम का पानी बनेगा संकट

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार में लगातार हो रही बारिश से आफत आई हुई है. बारिश तो बारिश, यहां नदियों में उफान का डर भी है. एक तरफ जहां दक्षिण बिहार की नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, वहीं चक्रवातीय दबाव झारखंड, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में बना हुआ है. इन कारणों से प्रमुख नदियों का जल स्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है. गंगा की सहायक नदियों सोन, पुनपुन और फल्गु में भी उफान आ गया है. इस कारण पटना पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. रविवार को इंद्रपुरी बराज से छोड़ा गया पानी पटना पहुंचने से पूरे प्रशासन में हड़कम्‍प मच गया है. आपात की किसी भी स्थिति के लिए प्रशासन ने हेल्‍पलाइन नंबर भी जारी कर दिए हैं.इंद्रपुरी बराज का पानी रविवार को पटना पहुंचाइंद्रपुरी बराज से शनिवार रात आठ बजे करीब तीन लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया, जो रविवार को पटना पहुंचने लगा है. इससे पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. अभी तो पटना के पास गंगा नदी में ज्यादा पानी नहीं है, किंतु अगर इसकी सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि होती है तो पटना शहर की परेशानी बढ़ सकती है. जल संसाधन विभाग के मुताबिक इंद्रपुरी बराज से शाम आठ बजे अप स्ट्रीम में 1.60 लाख क्यूसेक और डाउन स्ट्रीम में डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. यह इस साल के अधिकतम रिकार्ड से करीब 50 लाख क्यूसेक ज्यादा है. मनेर के पास सोन पहले से ही खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर

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भारी बारिश से कई ट्रेनें रद्द तो कई का रुट हुआ डायवर्ट

शुक्रवार देर रात से पटना में जारी भारी बारिश के कारण पटना जंक्शन पर रेल ट्रैक पर करीब एक फीट तक पानी जमा हो गया. जिसके कारण दीनदयाल उपाध्याय(डीडीयू) जंक्शन से पटना तक ट्रेन परिचालन बाधित हो गया. पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि जलजमाव के कारण कई ट्रेनें रद्द हुई हैं जबकि कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया. CANCELLATION OF TRAINS 53213/53214 Patna – GAYA PASS. 53211 Patna-Sasaram passenger JCO 28.09.19 53212 Sasaram-Patna JCO -29.09.19 63326/63327 Patna- Islampur passenger 63252 GAYA – Patna passenger 63282 Patna – Patliputra passenger 63244/63247 Patna – Gaya passenger 63253/63258/63259 Patna – Gaya passenger 13249 Patna-Bhabhua road JCO 28.09.19 is cancelled. 13250 Bhabhua road-Patna JCO 28.09.19 is cancelled. 53231 Tilaiya-Danapur JCO 28.09.19 is CancelledJC12. 53232 Danapur-Tilaiya JCO 28.09.19 is Cancelled. SHORT TREMINATE/SHORT ORIGINATE 63264 (journey commenced on) 28/09/19 short terminate at Danapur 63213 (journey commenced on) 28/09/19 Sattar terminate at Danapur 63283 (journey commenced on) 28/09/19 SHORT TERMINATE AT Patliputra THEN 63280 SHORT ORIGINATE EX Patliputra 63211 Jasidih-Patna (journey commenced on). 28.09.19 short terminate at Guljarbag & 63272 PatnaMokama PNBE journey commenced on 29.07.19 short orignate EX Gulzarbag 63250 (journey commenced on) 28/09/19 GAYA – Patna short terminate AT Parsa Bazar & 63257 PNBE Gaya short originate EX Parsabazar 6.. 63228 (journey commenced on) 28/09/19 Dindayal Upadhyay Patna short Terminate at Danapur & 63223 Patna-Danapur short originate Danapur. 13331 (journey commenced on) 28/09/19 Dhanbad Patna short terminate in Eastern Railway AND RETURN AS PASS/Special TO Dhanbad. 22843 Bilaspur Patna

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29 को इन जिलों के लिए अलर्ट जारी

28 सितंबर को पटना समेत कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया. पटना में तो इस बार बारिश ने कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. हर तरफ पानी ही पानी दिख रहा है और समाचार लिखे जाने तक भारी बारिश जारी है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक फिलहाल भारी बारिश से पटना समेत पूरे बिहार को राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं. 29 सितंबर को सुपौल, अररिया, किशनगंज, बांका, समस्तीपुर, मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, भागलपुर, खगड़िया, वैशाली और मुंगेर जिले में मौसम विभाग ने भारी बारिश (21 सेमी से ज्यादा) का रेड अलर्ट जारी किया है. जबकि सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, बेगूसराय, भोजपुर, बक्सर, जमुई, मधुबनी और मुजफ्फरपुर में भारी बारिश (12-20 सेमी) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं पटना, शेखपुरा, लखीसराय, नालंदा, नवादा, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज और सीवान में भी भारी बारिश(7-11 सेमी) का येलो अलर्ट जारी किया गया है. शनिवार को कहां कितनी बारिश हुई- Rainfall Report till 5.30pm (28.09.2019)Gaya 63.6 mm Patna 60.1mm Bhagalpur 24.1mmPurnea 25.4 mm

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अलर्ट: कई जिलों में सरकारी स्कूल 30 तक बंद

बिहार के दरभंगा, मोतिहारी, बेतिया और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में अगले दो दिन तक भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है. इसे देखते हुए इन जिलों में सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है. हालांकि स्कूलों में शिक्षकों को उपस्थित रहना है.

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समस्याएं बहुत हैं, क्या-क्या बताऊं | गांव से बाहर जा नहीं पा रहे हैं

भोजपुर/आरा (ब्यूरो रिपोर्ट) | जनसमस्या समाधान केन्द्र (24×7 हेल्पलाईन) बबुरा के निदेशक डा० अनिल कुमार सिंह “अनल” ने बाढ़ पीड़ित बडहरा क्षेत्र का भ्रमण अपनी टीम के साथ किया. कई गांवों , टोलों तक पहुंचने का कोई साधन नहीं था परन्तु प्रशासन द्वारा तुरंत नावें उपलब्ध कराई गई. डा० सिंह द्वारा जब लोगो से उनकी समस्याओं के सम्बंधित जानकारी लिया तो लोगों ने बताया कि समस्याएं बहुत हैं, क्या-क्या बताऊं. गांव से बाहर जा नहीं पा रहे हैं. बाढ की स्थिती के कारण सारा कारोबार ठप्प है. भोजन की समस्या के अलावा, बिमारी की समस्या भी मुंह बाये खडी है. इधर बाढ पीडित लोग सरकार से तत्कालिक सहायता की आशा कर रहे हैं पर उन्हे अभी तक किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है. किसानों की हजारों हेक्टेयर कृषी भूमि जलमग्न होने के कारण उनका भारी नुक्सान तो हुआ ही हैं साथ में आने वाले समय में कोई फसल‌ नहीं होने के कारण उन्हे अत्यधिक आर्थिक विपन्नता का सामना करना पडेगा. डा० अनिल कुमार सिंह “अनल” द्वारा सभी की समस्याओं का पूर्णत: निराकरण कराने का आस्वासन दिया गया. लगभग सभी पंचायतों के सैकडों बाढ पीडित ऐसे हैं जिनका नाम प्रशासन द्वारा जारी लिस्ट में नही है, डा० अनल द्वारा उनके नाम को भी शामिल करने के लिये प्रशासन से उचित संशोधन करने के लिये आग्रह किया गया और यह आस्वासन दिया गया कि वह सम्पूर्ण भोजपुर के किसानों और आम जनता की हक की आवाज उठाने के लिये तत्पर हैं. प्रशासन के कदमों की तत्परता की बात भी लोगों को

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