बाढ़ की वजह से इस रेल रूट पर परिचालन बंद

पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण समस्तीपुर मंडल के समस्तीपुर दरभंगा रेलखंड के मध्य हायाघाट एवं थलवारा स्टेशन के बीच स्थित रेल पुल संख्या 16 (किमी 22 / 6-8) के निकट बाढ़ का पानी आ जाने के कारण यात्री सुरक्षा एवं संरक्षा के मद्देनजर थलवारा- हायाघाट रेलखंड से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों के परिचालन में निम्नानुसार बदलाव किया गया है : • परिचालन रद्द की गई स्पेशल ट्रेनें: (Cancellation) दिनांक 31.08.2021 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली वैसी ट्रेनें जिनका परिचालन रद्द किया गया है : 05550 पटना-जयनगर स्पेशल ट्रेन 2. 05554 जयनगर-भागलपुर स्पेशल ट्रेन 05593 समस्तीपुर-जयनगर स्पेशल ट्रेन 4. 05594 जयनगर- समस्तीपुर स्पेशल ट्रेन ट्रेनों का आंशिक समापन / प्रारंभ (Short Termination / Origination) 1. लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 30.08.2021 को प्रस्थान करने वाली 01061 लोकमान्य तिलक टर्मिनल-जयनगर स्पेशल ट्रेन का आंशिक समापन मुजफ्फरपुर में किया जाएगा. 2. मनिहारी से 31.08.2021 को प्रस्थान करने वाली 05283 मनिहारी-जयनगर स्पेशल ट्रेन का आंशिक समापन समस्तीपुर में किया जाएगा . अमृतसर से 30.08.2021 को प्रस्थान करने वाली 04650 अमृतसर-जयनगर स्पेशल ट्रेन का आंशिक समापन समस्तीपुर में किया जाएगा . 4. जयनगर से 01.09.2021 को प्रस्थान करने वाली 01062 जयनगर-लोकमान्य तिलक टर्मिनल स्पेशल ट्रेन जयनगर के बदले मुजफ्फरपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल के लिए प्रस्थान करेगी . जयनगर से 01.09.2021 को प्रस्थान करने वाली 04673 जयनगर-अमृतसर स्पेशल ट्रेन जयनगर के बदले समस्तीपुर से अमृतसर के लिए प्रस्थान करेगी . परिवर्तित मार्ग से चलायी जाने वाली ट्रेनें: (Diversion) 1. दरभंगा से

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बाढ़ से बिहार के 16.91 लाख लोग प्रभावित

बिहार में बाढ़ के कारण पटना समेत पंद्रह जिले प्रभावित हैं। इन जिलों के 82 प्रखंडों की 484 पंचायतों के 16.91 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।सरकार ने बाढ़ से अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है। राज्य में बाढ़ की विभीषका को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने कमर कस ली है। जारी रिपोर्ट के अनुसार पंद्रह जिलों मुजफ्फरपुर, दरभंगा, खगड़िया, सहरसा, पटना, वैशाली, भोजपुर, लखीसराय, भागलपुर, सारण, बक्सर, बेगूसराय, कटिहार, मुंगेर और समस्तीपुर के 82 प्रखंडों की 484 पंचायतें आंशिक अथवा पूर्ण रूप से प्रभावित हैं। 15 लाख से ज्यादा आबादी के सामने खाना पानी का संकट खड़ा हो गया है । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का सड़क मार्ग से दौरा किया और बाढ़ पीड़ितों के बीच जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने का आदेश भी दिया है।गंगा,सोन और कई अन्य नदियों में भी पानी आ जाने से राज्य के एक बड़े भूभाग से लोगों का सम्पर्क टूट गया है । सिर्फ भोजपुर में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है।

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पटना में गंगा-सोन के बाद उफनाई पुनपुन-दरधा ने दर्जनों गांवों को डुबोया

गौरीचक के बाढ़ प्रभावित गांव में जिला परिषद अध्यक्ष और एसडीओ का दौरा लखना में समुदाय किचन चालू कराने की मांग फुलवारी / पुनपुन (अजीत) ।। पुनपुन और गौरीचक में पुनपुन नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि की वजह से प्रखंड के कुछ गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. इससे उन गांवों का दूसरे जगहों से संपर्क भंग हो गया है.पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र अंतर्गत लखना पूर्वी पंचायत और आसपास के दर्जनों बाढ़ प्रभावित गांव में गुरुवार को जिला परिषद अध्यक्ष अंजू देवी और मसौढ़ी एसडीओ दल बल के साथ दौरा कर ग्रामीणों का हालचाल लिया. इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित गांवों में सामुदायिक किचन शुरू कराने की मांग की गई है. द्वारिक पासवान ने बताया कि बेलदारी चक, मुस्तफापुर, सोना चक , मुसना पर , छठु चक , अलावलपुर , बलुआ चक , उड़ान टोला , सपहुआ , रामगंज , लहलाद पुर, चँडासी ,पलांकि मुरीद चक, आहिया चक , मोहनपुर, फहीम चक मिरहाजी चक सर्राफाबाद आदि बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया गया. जानकारी के अनुसार पुनपुन प्रखंड की लखनपार पंचायत स्थित फहीमचक गांव के पास पुनपुन नदी के रिंग बांध से उपर रोड पर पानी बह रहा था. इसकी वजह से फहीमचक गांव पानी में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. वही बरावां पंचायत के छोटकी सपहुआं व बडकी संपहुंआ गांव में भी पानी प्रवेश कर गया है. इधर लखनपार गांव के ठीक सामने समकुरा के पास रिंग बांध की मिट्टी गुरूवार को गिर गई जिसे बाद में जलसंसाधन विभाग ने

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मुख्यमंत्री नीतीश ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा

बेगुसराय ,खगड़िया ,भागलपुर और मधेपुरा के बाढ़ प्रभावित इलाके का किया हवाई सर्वे पटना :- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सुबह बिहार के वैसे इलाकों का दौरा किया जहाँ बाढ़ के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है. मुख्यमंत्री ने आज बेगुसराय ,खगड़िया ,भागलपुर और मधेपुरा के बाढ़ प्रभावित इलाके का हवाई सर्वे किया और सर्वे के बाद अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में लोगों को यथा सम्भव मदद और बाढ़ राहत सामग्री उपलब्ध करने के निर्देश दिए . PNC

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राजधानी के न्यू बाईपास के पास किया सड़क जाम

पटना (स्वतंत्र पत्रकार मनोज चौधरी की रिपोर्ट) | एक ओर जहां समूचे प्रदेश में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और जल जमाव ने जनता के नाक में दम कर दिया है, वहीं स्थानीय लोगों द्वारा सरकार के खिलाफ आवाज उठना शुरू हो गया है. बुधवार को राजधानी के न्यू बाईपास पर दशरथ्था के पास स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उनका कहना था कि वर्तमान सरकार की ओर से इस प्राकृतिक आपदा से लड़ने के लिए कुछ इंतजाम नहीं किये गए थे. उनके अनुसार आसपास के इलाकों में बहुत जल जमाव होने से जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. प्रशासन की तरफ से उन्हें सहायता नहीं मिल पा रही है.

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बादशाह इंडस्ट्रीज और गुरुद्वारा की तरफ से राहत सामग्री वितरित

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार में जोरदार बारिश के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है. वही आम भी जनजीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है. राजधानी पटना के जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों को निकालने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. सोमवार को वायुसेना के हेलिकॉप्टर से खाने के पैकेट और अन्य आवश्यक सामग्री गिरायी जा रही है. सोमवार को पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि के नेतृत्व में एसडीआरएफ के दल ने तीन दिनों से पटना के राजेंद्र नगर इलाके में जलजमाव के कारण घर में फंसे उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और उनके परिवार के सदस्यों को नौका से सुरक्षित जगह पहुंचाया. बिहार की मशहूर लोकगायिका शारदा देवी को भी उनके परिवार के साथ उनके राजेंद्रनगर स्थित निवास से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जो बिना बिजली पानी अपने घर में पानी के बीच कैद हो गई थी. पानी जमाव के बीच बीमारियों का प्रकोप का डर बढ़ गया है. झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों की स्थिति और भी खराब है. जल से डूबे मुहल्लों, खासकर झुग्गी-झोपड़ियों में राहत सामग्री, दवा, खाद्य पदार्थ के वितरण की व्यवस्था शुरू कर दी गई है. प्रभावित इलाकों में जहां एक ओर प्रशासन अपनी पूरी ताकत लगा रहा है वही दूसरी तरफ गैर सरकारी एवं प्राइवेट संस्थाएं भी इस नेक काम में आगे आई हैं. इसी क्रम में बिहार की एक अग्रणी कंपनी जो अगरबत्ती बनाती है, बादशाह इंडस्ट्रीज ने गुरुद्वारा के साथ मिलकर कंकड़बाग के प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री बांटा. गुरुद्वारा ने अपने लंगर से 3000

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शारदा सिन्हा की गुहार | सुन ले नीतीश सरकार

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार एवं लोकगीतों की स्वर कोकिला शारदा सिन्हा आज पटना के राजेंद्रनगर में कंधे जितना पानी में डूबे अपने घर में बंद हैं. उन्हें न तो पानी नसीब हो रहा है और न ही उनके घर बिजली है. दरअसल उनके घर में कंधे जितना पानी भरा हुआ है. इस कारण वे घर से निकल नहीं पा रही हैं. अपने पति और अपने बेटे अंशुमान के साथ घर में एक तरह से कैद हो गई हैं. तीन दिनों से हो रहे भारी बारिश से नरक में तब्दील पटना शहर में हजारों लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं. पटना के लगभग सभी मुहल्लों और रोडों पर घुटने से लेकर डूबने तक पानी जमा है. बिजली, पानी, खाना, दवा वगैरह की समस्या उत्पन्न हो गई है. सोमवार को शारदा सिन्हा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट डाला है जिसमें उन्होंने लिखा – “मदद नही मिल पा रही है, NDRF की राफ्ट तक भी पहुँचना असंभव है. पानी महक रहा है.” उसके थोड़ी ही देर बाद उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया है और अपना दर्द व्यक्त किया है……..

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देखिए, रविवार को बिहार में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश

बारिश ने पटना समेत कई जिलों में तबाही मचा रखी है. पटना में तो जलप्रलय की स्थिति है. पूरी राजधानी डूब चुकी है. गंगा की लहरें भी अब उफान पर हैं. ऐसे में एक नया खतरा मंडरा रहा है. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है. रविवार को भी पूरे बिहार में बदरा खूब बरसे. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रविवार को सबसे ज्यादा 290 मिमी बारिश समस्तीपुर के रोसड़ा में दर्ज हुई. मौसम विभाग ने सोमवार को भी पटना, गया और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है.

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ये नेचर का दिया दिक्कत है | Nitish Kumar | लोग धैर्य और हिम्मत से काम लें

मुख्यमंत्री ने राज्य में मूसलाधार बारिश से उत्पन्न स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक कीइस परिस्थिति में लोगों को अपने मन और हौसले को बुलंद रखना पड़ेगाप्रशासन हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिये तत्परएनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम जलजमाव वाले क्षेत्रों में तैनातपटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | रविवार 29 सितम्बर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरदार पटेल भवन में आपदा प्रबधन विभाग स्थित अपने कक्ष में राज्य में मूसलाधार बारिश से उत्पन्न स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक की. मूसलाधार बारिश के कारण पटना मे जलजमाव वाले क्षेत्रों में लोगों को हो रही परेशानी से निजात दिलाने के लिये किये जा रहे राहत कार्यों के बारे में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने जानकारी दी. उन्होने बताया कि राजेन्द्र नगर एरिया में छात्र-छात्राओं को छात्रावासों से बाहर निकाला गया है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को जलजमाव वाले क्षेत्रों में तैनात किया गया है. ग्राउंड फ्लोर के लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेजा जा रहा है. लोगों को बाहर निकालने के लिये विशेष प्रयास किये जा रहे हैं. दूध की जरूरतों को पूरा करने के लिये 6 जगहों पर सुधा का बूथ खुले रखने का इंतजाम किये गये हैं. पीने के पानी के लिये 50 टैंकर की व्यवस्था की गयी है. दो लाख पीने के पानी के बोतल के इंतजाम किये गये हैं. 6 स्कूलों में रिलीफ कैम्प का इंतजाम किया जा रहा है और वहाॅ खाने की व्यवस्था भी की जा रही है. बैठक के बाद पत्रकारों से की बातचीतमुख्यमंत्री ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि पर्यावरण के

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पटना पर मंडराता बाढ़ का खतरा | क्या इंद्रपुरी डैम का पानी बनेगा संकट

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार में लगातार हो रही बारिश से आफत आई हुई है. बारिश तो बारिश, यहां नदियों में उफान का डर भी है. एक तरफ जहां दक्षिण बिहार की नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, वहीं चक्रवातीय दबाव झारखंड, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में बना हुआ है. इन कारणों से प्रमुख नदियों का जल स्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है. गंगा की सहायक नदियों सोन, पुनपुन और फल्गु में भी उफान आ गया है. इस कारण पटना पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. रविवार को इंद्रपुरी बराज से छोड़ा गया पानी पटना पहुंचने से पूरे प्रशासन में हड़कम्‍प मच गया है. आपात की किसी भी स्थिति के लिए प्रशासन ने हेल्‍पलाइन नंबर भी जारी कर दिए हैं.इंद्रपुरी बराज का पानी रविवार को पटना पहुंचाइंद्रपुरी बराज से शनिवार रात आठ बजे करीब तीन लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया, जो रविवार को पटना पहुंचने लगा है. इससे पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. अभी तो पटना के पास गंगा नदी में ज्यादा पानी नहीं है, किंतु अगर इसकी सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि होती है तो पटना शहर की परेशानी बढ़ सकती है. जल संसाधन विभाग के मुताबिक इंद्रपुरी बराज से शाम आठ बजे अप स्ट्रीम में 1.60 लाख क्यूसेक और डाउन स्ट्रीम में डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. यह इस साल के अधिकतम रिकार्ड से करीब 50 लाख क्यूसेक ज्यादा है. मनेर के पास सोन पहले से ही खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर

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