देश का दूसरा केंद्र होगा भौतिक प्रतिमान केंद्र : नीतीश




कोसी बेसिन विकास परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन है भौतिक प्रतिमान केंद्र

कोसी तटबंध के पुनर्स्थापन एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का सीएम ने निरीक्षण किया

बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई की योजनाओं के लिए बन रहा है केंद्र

भौतिक प्रतिमान केंद्र का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करें

108.93 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा भौतिक प्रतिमान केंद्र का निर्माण

अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुपौल जिले के वीरपुर में बिहार कोसी बेसिन विकास परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन भौतिक प्रतिमान केंद्र का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने इन स्थलों का भ्रमण कर चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ली. इस दौरान उन्हें बताया गया कि दिसंबर तक निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि भौतिक प्रतिमान केंद्र का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करें. यह जब बनकर तैयार होगा तो अपने आप में विशिष्ट होगा. भौतिक प्रतिमान केंद्र के शुरू होने से बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई की योजनाओं के लिए नदियों से जुड़े जरूरी अध्ययन को कम समय में पूरा किया जा सकेगा. अब इसके लिए पुणे जाने की जरूरत नहीं होगी. इससे होने वाले खर्च में भी बचत होगी. यहां नदियों के हाइड्रोलिक गुणों का अध्ययन किए जाने से बिहार के साथ-साथ दूसरे राज्यों को भी फायदा होगा.

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता (फ्लड), वीरपुर ने मुख्यमंत्री को डायग्राम के माध्यम से निर्माणाधीन कैंपस प्लान की जानकारी दी. उन्होंने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि आपकी परिकल्पना के अनुरूप बिहार के परिप्रेक्ष्य में जल संसाधन के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से यहां उच्च कोटि के भौतिक प्रतिमान केंद्र (फिजिकल मॉडलिंग सेंटर) की स्थापना की जा रही है. नदियों के हाइड्रोलिक गुणों के अध्ययन के लिए यह पुणे के सेंटर वाटर एंड पावर रिसर्च स्टेशन के बाद भारत का दूसरा संस्थान होगा.

जल विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में इस तरह का उन्नत संस्थान दुनिया के गिने-चुने देशों में ही है. 108.93 करोड़ रुपये की लागत से इस भौतिक प्रतिमान केंद्र का निर्माण कार्य कराया जा रहा है. शुरू में यहां कोसी नदी से संबंधित अध्ययन किया जाएगा लेकिन बाद में बिहार एवं पड़ोसी राज्यों की अन्य नदियों से जुड़े डाटा इकट्ठा कर उनके जल संचयन और प्रवाह क्षमता आदि की जानकारी जुटाई जाएगी. इस केंद्र में कोसी नदी का भौतिक प्रतिमान, कोसी बराज का प्रतिमान मुख्य रूप से रहेगा. साथ ही बिहार के अन्य नदियों हेतु चार अदद मॉडल ट्रे का निर्माण किया जा रहा है, जिससे अन्य सभी नदियों का भी मॉडलिंग कार्य किया जा सकेगा.

निरीक्षण के पश्चात् मुख्यमंत्री ने पूर्वी कोसी तटबंध के पुनर्स्थापन एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया. इस दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि स्पर का सुरक्षात्मक एवं पुनर्स्थापन कार्य पी.वी.सी० कोटेड गैबियन बॉक्स में बोल्डर डालकर किया जा रहा है ताकि तटबंध सुरक्षित रहे.  निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, सहरसा प्रमंडल के आयुक्त गोरखनाथ, कोसी क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक शिवदीप लांडे, सुपौल के जिलाधिकारी कौशल कुमार, पुलिस अधीक्षक अमरकेश डी, सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे.

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