29 जुलाई तक जहां मेरिट लिस्ट अपलोड नहीं, वहां तीसरे चरण में होगी काउंसलिंग

बिहार में प्राथमिक और मध्य विद्यालय में शिक्षकों के नियोजन के लिए काउंसलिंग का दूसरा चरण 2 अगस्त से 13 अगस्त के बीच होगा दूसरे चरण के लिए प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने नियोजन इकाइयों में गड़बड़ी की आशंका के मद्देनजर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है इसके तहत जिन नियोजन इकाइयों ने 29 जुलाई की मध्यरात्रि तक मेरिट लिस्ट जारी नहीं कि वहां ना सिर्फ कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी बल्कि उन नियोजन इकाइयों में तीसरे चरण में ही काउंसलिंग होगी. कॉन्सिलिंग की प्रक्रिया का पूर्ण अनुश्रवण करने लिए जिस प्रकार राज्य स्तर पर शिक्षा विभाग द्वारा नियंत्रण कक्ष (0612-2215181) की व्यवस्था की गयी है, उसी प्रकार हर जिले के लिए नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उक्त नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी के नाम एवं दूरभाष संख्या / मोबाईल नम्बर प्रकाशित किया जाए. यह व्यवस्था शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रत्येक कार्यदिवस पर 10:00 बजे पूर्वाह्न से 6:00 बजे अपराह्न तक संचालित रहेगी. नियंत्रण कक्ष से संबंधित पदाधिकारियों का नाम एवं दूरभाष संख्या / मोबाईल नम्बर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को दिनांक 30.07.2021 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. दिनांक 29.07.2021 की मध्यरात्रि तक प्रत्येक नियोजन इकाइयों के लिए मेरिट लिस्ट NIC के वेबसाईट पर अपलोड करने की कार्रवाई पूर्ण कर ली जाए. अन्यथा निर्धारित समय तक मेरिट लिस्ट अपलोड नहीं करने की स्थिति में संबंधित नियोजन इकाई के विरुद्ध यथोचित विधिसम्मत कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी. निर्धारित समय तक मेधा सूची अपलोड नहीं होने की स्थिति में उन नियोजन इकाइयों में कॉन्सिलिंग की कार्रवाई तृतीय चक्र में किया जाएगा.

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शिक्षा विभाग में बड़ा उलटफेर

बिहार सरकार ने शिक्षा विभाग में बड़ा उलटफेर किया है. बिहार में करीब 1,30,000 प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया चल रही है. और इसी बीच सरकार ने अपने दो बड़े अधिकारियों को बदल दिया है. इसके अलावा बिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक का भी तबादला कर दिया गया है. बिहार शिक्षा परियोजना के डायरेक्टर संजय कुमार सिंह को स्वास्थ्य विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है. जबकि डॉ रणजीत कुमार सिंह को प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पद से पंचायती राज विभाग भेजा गया है. उनकी जगह अमरेंद्र प्रसाद सिंह को प्राथमिक शिक्षा निदेशक बनाया गया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरवर दयाल सिंह का भी तबादला कर दिया गया है. राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक बनाया गया है. श्रीकांत शास्त्री को बिहार शिक्षा परियोजना का राज्य परियोजना निदेशक बनाया गया है. राजेश तिवारी

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25000 से ज्यादा पदों के लिए करें आवेदन

केंद्रीय कर्मचारी चयन आयोग ने प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को बढ़िया मौका दिया है. इस बार कर्मचारी चयन आयोग ने 25271 पदों पर बहाली के लिए वैकेंसी निकाली है. यह पूरे पद जीडी कांस्टेबल के लिए हैं. इनमें पुरुष कांस्टेबल के 22424 और महिला कांस्टेबल के 2847 पद हैं आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2021 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं . ssc.nic.in जानिए क्या कुछ है इस बहाली से संबंधित खास ऑनलाइन आवेदन फीस जमा करने की अंतिम तारीख 2 सितंबर है और चालान से फीस जमा करने की अंतिम तारीख 7 सितंबर है. इस प्रतियोगिता परीक्षा में जनरल इंटेलिजेंस ,रिजनिंग जनरल नॉलेज, जनरल अवेयरनेस, एलिमेंट्री मैथ और इंग्लिश हिंदी से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे जिसमें 4 पार्ट में 25 प्रश्न पूछे जाएंगे. परीक्षा की अवधि 90 मिनट होगी. प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक चौथाई अंक काटे जाएंगे. इस परीक्षा में क्वालीफाई करने वाले पुरुष उम्मीदवारों को 24:00 मिनट में 5 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी इसके अलावा 6:30 मिनट में 1 पॉइंट 60 मीटर की दौड़ भी लगानी होगी महिला उम्मीदवारों को 4 मिनट में 800 मीटर की दौड़ लगानी होगी और 8:30 मिनट में 1 पॉइंट 6 किलोमीटर की दौड़ भी महिलाओं को लगानी होगी.

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भ्रष्ट नियोजन इकाइयों पर कार्रवाई की तैयारी

बिहार में जिन जिन नगर निकाय, प्रखंड और पंचायत इकाइयों में शिक्षक नियोजन के लिए काउंसलिंग हुई है उन सभी के कार्यपालक पदाधिकारी, ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर और पंचायत सचिव शिक्षा विभाग के राडार पर हैं . शिक्षा विभाग इंटरनल इंक्वायरी करा रहा है क्योंकि नियोजन के वक्त ही शिक्षा विभाग को कई नियोजन इकाईयों के फर्जीवाड़े की रिपोर्ट मिल चुकी है. अभ्यर्थियों ने बकायदा फोटो और अन्य सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराई है. अपर मुख्य सचिव की मानें, जहां-जहां गड़बड़ी हुई है वहां काउंसलिंग कैंसिल होना तय है. ना सिर्फ काउंसलिंग में शामिल पंचायत सचिव और और अधिकारी बल्कि फर्जीवाड़े में शामिल अभ्यर्थियों पर भी एफ आई आर होगी. इस बार शिक्षा विभाग ने काफी पारदर्शी तरीका अपनाया है जिसमें कुछ भी छिपाना संभव नहीं है और यही वजह है कि सभी नियोजन इकाइयों को 20 जुलाई तक काउंसलिंग में चयनित उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक करने की का निर्देश दिया गया है. यह सूची एनआईसी की वेबसाइट पर अवश्य तौर पर प्रकाशित करनी होगी. इस बारे में शिक्षा विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी भी साफ तौर पर यह कह चुके हैं कि जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है उनके खिलाफ कार्रवाई तय है. जिन प्रखंड या पंचायतों से ज्यादा शिकायतें मिली है उनमें दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण, भोजपुर और पटना भी शामिल है. शिक्षक नियोजन का मामला वर्ष 2019 में शुरू हुआ जब सरकार ने 90762 पदों पर प्राथमिक और मध्य विद्यालय शिक्षकों के नियोजन की घोषणा की थी. लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार जुलाई महीने में काउंसलिंग

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हिन्दी रंगमंच में अभिनेता स्थायी नहीं -परवेज अख्तर

दुर्भाग्यवश हिन्दी रंगमंच में अभिनेता स्थायी नहीं है, जबकि यह उसी का माध्यम है चन्द रंगकर्मी ही औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर पाते हैं कितने प्रतिशत कलाकार संस्थानों से प्रशिक्षित होते हैं, 5% या उससे भी कम किसी व्यक्ति द्वारा कला-सृजन, उस व्यक्ति के रचनात्मक रुझान और उसकी नैसर्गिक* कला-प्रतिभा पर निर्भर करता है। कलात्मकता का प्रशिक्षण कदाचित सम्भव नहीं है। रंगमंच में प्रशिक्षण दरअसल शिल्प का ही होता है। फिर भी रंगमंच के क्षेत्र में सक्रिय कितने प्रतिशत कलाकार संस्थानों से प्रशिक्षित होते हैं, 5% या उससे भी कम। लेकिन प्रशिक्षण केन्द्र कुछ इस तरह का माहौल या हाइप बनाते हैं, गोया औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त नाट्यकर्मी ही रंगमंच के वास्तविक नायक हैं। जबकि वस्तुस्थिति यह है कि बहुत बड़ी संख्या में अप्रशिक्षित या अनौपचारिक रूप से प्रशिक्षित कलाकर्मी रचनात्मक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करते और अति-महत्वपूर्ण रचते हुए दिखते हैं और कला-जगत उनका उच्च-मूल्यांकन भी करता है। हालाँकि सभी कलाओं में शिल्प-के-प्रशिक्षण का अत्यधिक महत्व है; इसका विकल्प नहीं है लेकिन कितने हैं, जिन्हें औपचारिक प्रशिक्षण का अवसर मिल पाता है ? वैसे देखें, तो आप पाएँगे कि अप्रशिक्षित कोई होता नहीं। चन्द रंगकर्मी ही औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर पाते हैं; जबकि अधिकांश हिन्दी-नाट्यकर्मी, नाट्य-दल में अपनी सक्रियता के क्रम में अनौपचारिक रूप से प्रशिक्षित होते रहते हैं।कला प्रशिक्षण केन्द्र, वास्तव में ‘शिल्प’ या ‘क्राफ़्ट’ तथा ‘तकनीक’ का प्रशिक्षण देते हैं, कला अथवा कलात्मकता का नहीं। रंगमंच कला में, अंतर्शिल्पीय दक्षता की आवश्यकता होती है। नाट्य-शिल्प के अन्तर्गत स्टेज-क्राफ़्ट, लाइटिंग, म्यूजिक, मेक-अप, कास्ट्यूम, सीनिक-डिजाईन आदि-इत्यादि रंगमंच-कला के मुख्य-सर्जक अभिनेता और

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नियमित फिजिकल कोर्ट शुरू करने के लिए हाईकोर्ट से गुहार, सुझाये उपाय भी

आरा ।। अदालतों में एक सुरक्षात्मक तंत्र के माध्यम से अधिवक्ताओं के प्रवेश को सुनिश्चित और नियमित करते हुए न्यायालय कार्य शुरू करवाने के लिए बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति पटना के अधिवक्ता नितीश कुमार सिंह ने मननीय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा है. नीतिश कुमार सिंह सिवील कोर्ट,आरा सह शाहाबाद प्रमंडल के संगठन मंत्री भी हैं बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति के. उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि यह एक तथ्य है कि देश कोविड -19 के प्रसार के कारण बहुत भयावह दौर से गुजर रहा है. इन दिनों का अनुभव बहुत उत्साहजनक नहीं है, न्यायालय में अधिवक्ताओं के प्रवेश को रोक देने के बाद से, उच्च न्यायालय और जिला न्यायालयों में अधिसंख्य अधिवक्ताओं के बहुमत, जो कंप्यूटर के जानकार नहीं हैं जिसके कारण वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते हैं, जिससे माननीय से संपर्क करने में विफल रहे हैं. अधिसंख्य हाइकोर्ट अपने यहाँ फिजिकल सुनवाई करने जा रही है. बिहार में कोरोना के केसेज बहुत ही कम आ रहे हैं इस कारण, कुछ व्यापक मापदंडों और पर्याप्त सुरक्षा उपायों को पेश किया जा सकता है, जो कि अदालतों में एक सुरक्षात्मक तंत्र के माध्यम से अधिवक्ताओं के प्रवेश को चालू और नियमित किया जा सकता है. उन्होंने न्यायालय से अपील किया है कि न्यूनतम संभव कार्य को सुचारू रूप से शुरु कराया जाय जिससे कोर्ट से सम्बंधित सभी लोगों का काम चल सके. इसमें कोई संदेह नहीं है, घर में बेकार बैठना एक मजबूरी है, लेकिन इससे भी अधिक, मुकदमों के

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कुणाल बीडी राय इंटर कॉलेज के संस्थापक प्रो नवल किशोर राय का हार्ट अटैक से निधन, शिक्षाजगत में शोक

गड़हनी,13 जुलाई. प्रखंड के बँगवा गांव में स्थित कुणाल बीडी राय इंटर कॉलेज के संस्थापक प्रो० नवल किशोर राय की मृत्यु रविवार को हार्ट अटैक से हो गई. उनकी मृत्यु से शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई. मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई,सांस लेने में समस्या होने लगी,जिसके बाद सदर अस्पताल आरा में एडमिट किया गया. स्थिति सामान्य होने के बाद वापस घर आ गए. रविवार की रात हार्ट अटैक आया जिसके बाद आनन-फानन में पटना एम्स ले जाने के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई. कुणाल बीडी राय इंटर कॉलेज बंगवा शिक्षक संघ के नेता प्रो अविनाश कुमार ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रो नवल किशोर राय एक नेक दिल इंसान थे. सही को सही और गलत को गलत कहने में तनिक भी नहीं हिचकते थे. उनका इस तरह असमय चले जाने से पूरा महाविद्यालय परिवार शोकाकुल है. प्रो अमित कुमार, प्रो कुणाल कुमार सिंह,कस्यप कुमार,श्यामली राय, प्रो नरगिस बानो, प्रो विनय कुमार सिंह,विशाल कुमार, शिवानी कुमारी, रविशंकर सिंह, प्रो नाजनिम फातिमा, लव जी कुमार, विजेंद्र कुमार सत्यार्थी, राज शेखर , आरती कुमारी सहित सैकड़ों लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है. गड़हनी से मुरली मनोहर जोशी की रिपोर्ट

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गहमा-गहमी के बीच शिक्षक काउंसिलिंग सम्पन्न, BDO ने मीडियाकर्मियों को कैम्पस के बाहर ही रोका

गड़हनी,12जुलाई. स्थानीय प्रखण्ड के गड़हनी राम दहिन मिश्र प्लस टू विद्यालय के नवीन भवन के प्रांगण में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रारंभिक शिक्षक नियोजन 2019 – 21 से संबंधित अभ्यर्थियों का काउंसिलिंग प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी शम्भु नाथ सिंह के नेतृत्व मे सोमवार को किया गया. शिक्षा पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बलिगाँव पंचायत मे 4,बराप मे 4, इचरी मे 3, बडौरा मे 4, बागवाँ मे 2, हरपुर मे 2, काउप मे 2, इस प्रकार कुल 21 अभ्यर्थियों का काउंसिलिंग मार्क्स बेसिस पर होना था जिसमे 16 अभ्यर्थियों का चयन शिक्षा विभाग के आदेशानुसार किया जायेगा. काउंसिलिंग स्थल पर पुरे दिन अभ्यर्थियों के बीच गहमा-गहमी बना रहा. इस दौरान स्थानीय जन प्रतिनिधि के साथ-साथ पुलिस प्रशासन सहित स्थानीय निवर्तमान बीडीओ तेजबहादुर सुमन भी मौजूद रहे. मिली जानकारी के अनुसार कुछ अभ्यर्थी के देर से आने के कारण उनका काउंसिलिंग नही हो पाया. काउंसिलिंग पूर्ण होने के पश्चात निवर्तमान बीडीओ तेजबहादुर सुमन द्वारा काउंसिलिंग का अवलोकन किया गया. बीडीओ ने काउंसिल की शुरुआत में नियमावली का हवाला देते हुए मीडियाकर्मियों को काउंसिल कैम्पस से बाहर रहने की हिदायत दी. वही कैम्पस के बाहर कम मार्क्स व ज्यादा मार्क्स को लेकर बाजार गर्म दिखा. बताया जा रहा है कि कुछ अभ्यर्थियों के देर से आने के कारण उनकी काउंसिलिंग नहीं हो पायी. काउंसिलिंग पूर्ण होने के पश्चात जिला परिवहन पदाधिकारी चितरंजन कुमार द्वारा काउंसिलिंग का अवलोकन किया गया. गड़हनी से मुरली मनोहर जोशी की रिपोर्ट

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शिक्षण संस्थानों को लौटाने पड़ेंगे सामान्य महिला व SC/ST उम्मीदवारों से लिए गए शुल्क

जनहित याचिका पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई पटना, 12 जुलाई. जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है.अपने दिए फैसले में पटना हाईकोर्ट ने सामान्य महिला, SC और ST उम्मीदवारों से शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश,शिक्षण व अन्य लिए गए शुल्कों को एक सप्ताह के भीतर लौटाने का निर्देश राज्य के मुख्य सचिव को दिया है. बता दें कि जनहित याचिका रंजीत पंडित द्वारा दायर की गई थी जिसपर सुनवाई चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने की. याचिका में यह कहा गया कि महिला, SC, STउम्मीदवारों से स्नातकोत्तर स्तर तक प्रवेश, शिक्षण व अन्य शुल्क नहीं लिए जाने का निर्णय लिया गया था. याचिका के अनुसार यह निर्णय राज्य सरकार ने 24 जुलाई,2015 को लिया था, लेकिन राज्य सरकार के निर्णय का उल्लघंन करते हुए विश्वविद्यालयों व कालेजों ने इन श्रेणी के उम्मीदवारों से सभी प्रकार के शुल्क लिया. इस पर पटना हाईकोर्ट ने इन श्रेणी के उम्मीदवारों को सारे लिए गए शुल्कों को एक सप्ताह में लौटाने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है.  माननीय हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि आगे से इन श्रेणियों के उम्मीदवारों से प्रवेश, शिक्षण व अन्य किसी तरह के शुल्क स्नातकोत्तर स्तर तक नहीं लिए जाए. इस मामले पर अगली सुनवाई अगले सप्ताह बाद की जाएगी. PNCB

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विश्वविद्यालय में सोमवार से बढ़ेगी चहल-पहल

कैंपस हो रहा सैनिटाइज, नज़र अकादमिक काउंसिल की बैठक पर आरा,11 जुलाई. अनलॉक-4 के बाद अब विश्वविद्यालय सोमवार से खुलने जा रहा है. हालांकि अभी छात्रों की उपस्थिति 50 प्रतिशत ही रहेगी और कोरोना प्रोटोकॉल का भी पालन करना होगा. इसके लिए विवि प्रशासन ने कमर कस ली है. कैंपस को पूरे तरीके से साफ करके सैनिटाइज किया जा रहा है. कोरोना 2 में इस बार विवि के कुलसचिव सहित कई शिक्षक-कर्मचारी अपनी जान से हाथ धो बैठे. कोरोना को लेकर अभी भी विवि में दहशत का माहौल है. कई छात्र संगठनों और शिक्षकों ने विवि में विशेष कोरोना टीकाकरण कैम्प लगाने की मांग की है. 13 और 14 को अकादमिक कौंसिल और परीक्षा समिति तथा सिंडिकेट की प्रस्तावित बैठक पर सबकी नजरें टिकी होंगी. विवि में सम्बद्धता रद्द हुए कॉलेजों के छात्रों की डिग्री निर्गत करने का मामला गर्म रहने की उम्मीद है. ज्ञात हो कि कई छात्र विवि का चक्कर काट रहे हैं क्योंकि विगत कई सत्रों से छात्रों को अंक पत्र और डिग्री नहीं दी जा रही है. अब छात्रों की मुश्किल और भी बढ़ गयी है क्योंकि अब उन्हें पंजीकरण शाखा से भी सत्यापन करवाने के लिए दौड़ना पड़ रहा है. मगध विवि से आये प्रभारी कुलपति द्वारा वहां की इस व्यवस्था को यहां लागू करने से सभी में रोष है। इसके अलावा विवि में लंबित पड़े परीक्षाओं की तिथि घोषित करने की भी आशा है. आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

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