कलिंग इंस्टीच्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (के.आई.आई.टी.) ने वर्ष 2020 का ‘दी अवार्ड्स एशिया’ जीता

कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (के.आई.आई.टी.) डीम्ड विश्वविद्यालय ने 17 नवंबर 2020 को टाइम्स हायर एजुकेशन (टी.एच.ई.) द्वारा घोषित ‘द अवार्ड्स एशिया’ जीता है. के.आई.आई.टी., को ‘वर्कप्लेस ऑफ द ईयर’ (वर्ष का कार्यस्थल) वर्ग में विजेता घोषित किया गया है, इस तरह का मान्यता प्राप्त करने वाला यह भारत का एकमात्र संस्थान है. अपने कर्मचारी और छात्रों के लिए, विशेष रूप से शुरुआती प्रगति या तरक्की एवं अपनी उदारतापूर्ण वचनबद्धता के लिए इसे यह पहचान मिली है. के.आई.आई.टी. को अपने विकेंद्रीकृत शासन के लिए जाना जाता है, जिसमें प्रमुख कर्मचारियों को पर्याप्त स्वायत्तता प्रदान की जाती है और उनके कार्यों को पूरा करने की शक्ति प्रदान की जाती है. यह एकमात्र स्व-वित्तपोषित विश्वविद्यालय है जो परिवारवाद के वर्चस्व से ऊपर है. सभी वरिष्ठ अधिकारी सुप्रसिद्ध शिक्षाविद हैं और उन्हें चुने जाने की प्रक्रिया पारदर्शितापूर्ण है. कर्मचारी-वर्ग एवं फैकल्टी के सभी सदस्यों ने इसका सारा श्रेय अपने संस्थापक, डॉ अच्युता सामंता को दी है. डॉ. सामंता ने वित्तीय और प्रशासनिक दोनों पहलुओं में स्वतंत्रता के साथ बेझिझक काम करने पर बहुत महत्व दिया है. उन्होंने एक माहौल और कार्यसुधारक-प्रणाली बनाई है जहां फैकल्टी और कर्मचारी उन्मुक्त मन से अपना कार्य कर सकते हैं. परिणामस्वरूप, के.आई.आई.टी. अपनी स्थापना के समय से ही छात्रों, माता-पिता, कर्मचारीवर्ग एवं पर्यावरण के अनुकूल परिसर रहा है. यह निर्णायकमण्डल कई अनुभवी व्यक्तित्च को लेकर बनाया गया है, जिन्होंने देश के सैकड़ों संस्थानों का मूल्यांकन किया और छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों के बीच गहन सर्वेक्षण करने के उपरांत ही के.आई.आई.टी. को विजेता घोषित किया. pncb

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प्रो. अच्युता सामंता को वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया का अध्यक्ष चुना गया

कंधमाल संसदीय क्षेत्र के सांसद और के.आई.आई.टी. के संस्थापक प्रो. अच्युता सामंता, भारतीय वॉलीबॉल संघ {वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया (वी.एफ.आई.)} के अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने गए. वह वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के इस सर्वोच्च प्रतिष्ठित पद के लिए चुने जाने वाले ओडिशा के पहले व्यक्ति हैं. अब प्रो. सामंता को ओलंपिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया का सदस्य होने का अधिकार मिला है. यह न केवल ओडिशा वॉलीबॉल एसोसिएशन के लिए एक महान सम्मान है, अपितु ओडिशा के लिए भी गौरव की बात है. ओडिशा वॉलीबॉल एसोसिएशन ने प्रो. सामंता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है और भविष्य में किये जाने वाले प्रयासों के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की है. प्रो. सामंता के अतिरिक्त, पंजाब के राज कुमार को कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है, जबकि 9 अन्य को वी.एफ.आई. (वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया) के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है. राजस्थान के अनिल चौधरी वी.एफ.आई. के महासचिव के रूप में निर्विरोध चुने गए हैं. नवनिर्वाचित निकाय का कार्यकाल 2020 से 2024 तक है. प्रो. सामंता ने उन्हें अध्यक्ष चुने जाने के लिए वी.एफ.आई. (वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया) को धन्यवाद दिया. प्रो समांता ने कहा कि वह महासंघ को एक नई बुलंदियों तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करेंगे. pncb

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प्राथमिक शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

बिहार समेत पूरेेे देश में प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. यह बदलाव शिक्षकों की योग्यता से जुड़ा है और इस बदलाव की शुरूआत कर दी है पटना हाई कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले ने. 4 नवंबर को एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने बड़ा निर्णय दिया है. हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया में B.Ed डिग्री और D.El.Ed डिग्री वाले अभ्यर्थियों में कोई फर्क नहीं हो सकता जब तक कि इस बारे में कोई कानून नहीं बनाया गया हो. क्या है पूरा मामला! बिहार में प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 90000 से ज्यादा पदों के लिएछठे चरण की नियोजन की प्रक्रिया पिछले साल जुलाई महीने में शुरू हुई थी इसमें आवेदन करने वाले अभ्यर्थी B.ed और D.El.Ed दोनों थे लेकिन 22 नवंबर 2019 को आवेदन प्रक्रिया खत्म होने के बाद 17 दिसंबर 2019 को बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने एक मेमो आर्डर निकाल कर यह स्पष्ट किया कि प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन में डीएलएड डिग्री धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी. शिक्षा विभाग के इस ऑर्डर के खिलाफ B.Ed डिग्री वाले अभ्यर्थी पटना हाईकोर्ट चले गए. उनका कहना था कि एनसीटीई ने B.ed और डीएलएड डिग्री के लिए प्राथमिकता जैसा कोई शब्द का उपयोग नहीं किया है. इसके अलावा, किसी भी आवेदन प्रक्रिया की बीच में कोई भी विभाग कोई नया आदेश नहीं निकाल सकता है ना ही कोई परिवर्तन कर सकता है, इसलिए इस 17 दिसंबर 2019 के आदेश को

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फुलवारी की बेटी ने किया कमाल

पटना के फुलवारीशरीफ की तुबा अफशां को नीट परीक्षा में 720 में 641 नंबर मिले हैं. तुबा  ने अपनी प्रारंभिक स्कुल की शिक्षा कैंब्रिज पब्लिक स्कूल फुलवारी शरीफ से की जबकि मैट्रिक में 10सीजीपीए और इंटर में 92 प्रतिशत नंबर लाकर स्कुल का नाम रौशन किया था. नीट में बिहार से 83,038 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, इसमें 46,327 सफल हुए. घर के सभी लोगों के चेहरे पर खुशिया ही खुशियां हैं. वहीं उसकी मां ईशरत प्रवीण ने बताया कि मेरी बच्ची रोजना 20-22 घंटे पढ़ाई करती थी जिसका परिणाम आज उसे देखने को मिला आगे कहा कि मेहनत करने से ही फल मिलता है और मेहनत का फल बहुत मीठा होता है. वहीं पिता अमरीरूद्दीन अंसारी जो कि पीएचईडी इस्लामपुर में जुनियर इंजिनियर के पद पर कार्यरत हैंं. यह खबर जब ईसापुर के फेडरल कालोनी के लोगों को पता चला तो लोगों द्वारा बधाई देने का सिलसिला जारी है वहीं वार्ड नंबर 26 के वार्ड पार्षद मो नईम ने कहा कि सभी बच्चे एवं बच्चियां इसी तरह से मेहनत करें और कामयाबी हासिल करें जिससे कि उनहें समाज में इज्जत कि नजर से देखा जा सके. तुबा अफशां ने कहा कि वह  कार्डियोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल कर दिल से जुड़ी बीमारियों का इलाज करेगी साथ ही साथ गरीबों के लिए निःशुल्क ईलाज करने कि बात कही.मां को दिया सफलता का श्रेयमां ईशरत प्रवीण ने बताया कि वह शुरुआत से ही  पढ़ाई में काफी अच्छी रही. अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को देते हुए तुबा ने कहा कि आज उनकी

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अमेरिका ने दी इस प्राचार्य को D. Lit की मानद उपाधि

आरा,डीएवी, धनुपरा, के प्राचार्य संजय सिन्हा को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका’ ने वर्ष 2019 की ‘डी.लिट.’ की मानद उपाधि प्रदान की है. इसके लिए सर्वपल्ली राधाकृष्णन सोसायटी, मुंबई ने इनके नाम का अनुमोदन किया था. इस उपाधि के मिलने के बाद स्थानीय बी.एस.डीएवी. प.स्कूल, मील रोड परिसर में एक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया. संजय सिन्हा को इसके पहले 2017 में भी सी.बी.एस.ई., नई दिल्ली, द्वारा विशिष्ट प्राचार्य का सम्मान प्रदान किया जा चुका है. इस अवसर पर बी.एस.डीएवी. के प्राचार्य दीपक कुमार ने संजय सिन्हा का अभिनंदन पुष्प गुच्छ और शॉल प्रदान करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि संजय सिन्हा के कुशल निर्देशन और संचालन में डीएवी. का उत्तरोत्तर विकास हुआ है. उन्होंने कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका द्वार प्राप्त डी.लिट. की उपाधि से हम सबका गौरव बढ़ा है. इस अवसर पर उपस्थित जा पॉल प. स्कूल , आरा के प्राचार्य शंभुनाथ मिश्र ने भी संजय सिन्हा को बधाई दी. उन्होंने कहा कि सम्मान हमारी जिम्मेदारियों को और बढ़ा देता है. अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए संजय सिन्हा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय विद्यालय परिवार के सभी सहयोगियों को दिया. उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के पथ चलने हेतु उपस्थित सभी सहकर्मियों को प्रेरित किया. इस मौके पर संजय सिन्हा की धर्म पत्नी शीला सिन्हा तथा अन्य शिक्षक-शिक्षिका भी उपस्थित रहे. धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ शिक्षिका सुनीता द्विवेदी ने किया. आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

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28 से खुलेंगे बिहार के हाई स्कूल

बिहार में हाई स्कूल 28 सितंबर से खुल जाएंगे. शिक्षा विभाग ने मंगलवार को एक अहम बैठक में यह फैसला लिया है. इसके बाद स्कूलों के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी गई है. स्कूल 28 सितंबर से क्लास 9 से 12 के लिए जरूर खुल जाएंगे, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी बच्चे को स्कूल भेजने के लिए फोर्स नहीं किया जा सकता. जब तक अभिभावक लिखित इजाजत ना दें तब तक बच्चे स्कूल नहीं जा सकते. इजाजत मिलने के बाद भी कोई भी छात्र हफ्ते में सिर्फ दो ही दिन क्लास अटेंड कर सकता है. स्कूलों को सैनिटाइजर और मास्क समेत कोविड-19 से जुड़ी तमाम सुविधाएं उपलब्ध करानी होगी. स्कूलों में 50% टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ ही उपस्थित रहेंगे.ऑनलाइन क्लासेज पहले की तरह चलती रहेगी. pncb

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प्रारंभिक शिक्षक नियोजन पर सबसे बड़ी अपडेट

बिहार में प्राथमिक शिक्षक नियोजन को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर पटना से आ रही है, जहां पटना हाईकोर्ट में छठे चरण के प्रारंभिक शिक्षक नियोजन मामले में सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने आज सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया है. छठे चरण के प्रारंभिक शिक्षक नियोजन मामले में सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने आज सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया है. इस मामले में फैसला अब 9 नवंबर को आएगा. यानी छठे चरण के प्रारंभिक शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया अब 9 नवंबर तक टल गई है. छठे चरण में 94000 पदों पर प्रारंभिक शिक्षकों का नियोजन होना है और इसके लिए हजारों अभ्यर्थी आवेदन करने के बाद इंतजार में हैं कि कब उन्हें नियोजन पत्र मिलेगा. लेकिन दो मामलों को लेकर कुछ अभ्यर्थी कोर्ट चले गए जिसके बाद पटना हाईकोर्ट ने नियोजन की प्रक्रिया पर ही रोक लगा दी थी. एक मामला दिसंबर में सीटेट पास करने वाले अभ्यर्थियों का है जिन्होंने पटना हाईकोर्ट में गुहार लगाई है कि उन्हें भी छठे चरण के नियोजन में शामिल होने का मौका दिया जाए. दूसरी तरफ एक मामला प्राथमिकता से जुड़ा है जिसमें बीएड अभ्यर्थियों ने पटना हाईकोर्ट में मामला दायर किया है कि सरकार बहाली प्रक्रिया के बीच में नियम बदल रही है और यह कहा है कि पहले डीएलएड अभ्यर्थियों को लिया जाएगा और सीट बचने पर बीएड अभ्यर्थियों का नियोजन होगा. इस मामले में इंटरवीनर के वकील प्रिंस कुमार मिश्र ने पटना नाउ को बताया

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PU समेत इन सभी में नियुक्त हुए नये VC

छपरा,दरभंगा,भागलपुर और मधेपुरा विश्वविद्यालय में भी नए वीसी बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने कई विश्वविद्यालयों में नए कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति की है. लिस्ट जारी होने से पहले मुख्यमंत्री राजभवन पहुंचे. जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री की सहमति के बाद राज्यपाल ने पटना विश्वविद्यालय, छपरा विश्वविद्यालय, LNMU और दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय और मधेपुरा विश्वविद्यालय में नए कुलपतियों के नाम की सूची जारी कर दी. पटना विश्वविद्यालय प्रो. गिरीश कुमार चौधरी तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय प्रो. नीलिमा गुप्ता कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो.शशिनाथ झा बीएनमंडल मधेपुरा विश्वविद्यालय प्रो.रामकिशोर प्रसाद रमन एल एन एम दरभंगा विश्वविद्यालय प्रो सुरेंद्र प्रताप सिंह जेपीएन छपरा विश्वविद्यालय प्रो फारूक अली प्रतिकुलपति पटना विश्वविद्यालय प्रो अजय कुमार सिंह LNMU दरभंगा प्रो डॉली सिन्हा मजहरुलहक अरबी फारसी विश्वविद्यालय प्रो इद्द मोहम्मद अंसारी बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर प्रो रवीन्द्र कुमार जेपी विश्वविद्यालय प्रो लक्ष्मी नारायण सिंह बीएनमंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा प्रो आभा सिंह तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय प्रो रमेश कुमार pncb

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तकनीकी विद्यालयों की सूची में नंबर वन आने वाले स्कूल के प्राचार्य और शिक्षकों का पूर्ववर्ती छात्रों ने किया सम्मान

भोजपुर ही नहीं बिहार का गौरव है हित नारायण क्षत्रिय विद्यालय- योगेंद्रपूर्ववर्ती छात्रों ने दी है समाज को नई दिशा- सीताराम सिंह आरा- शहर के हित नारायण क्षत्रिय विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों (क्षत्रियन परिवार) द्वारा एक सम्मान कार्यक्रम का आयोजन शहर के कतिरा मोहल्ले में किया गया. इस कार्यक्रम में विद्यालय को देश के सर्वश्रेष्ठ तकनीकी विद्यालयों में 13 वां और बिहार में पहले स्थान पर आने के उपलक्ष्य में विद्यालय के प्राचार्य और पूर्ववर्ती प्राचार्य, शिक्षकों का अभिनंदन और सम्मान किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्ववर्ती छात्र संघ के संयोजक अमरेंद्र कुमार ने कहा कि हित नारायण क्षत्रीय विद्यालय का गौरवशाली इतिहास आज भी स्वर्णिम वर्तमान और उज्जवल भविष्य के साथ कायम है. यही कारण है कि एक छोटे से शहर में होने के बावजूद भी इस विद्यालय में अपनी अमिट छाप राष्ट्रीय फलक पर स्थापित की है और इस विद्यालय को पूरे देश में तकनीकी शिक्षा के स्तर पर जहां 13वां स्थान मिला है वहीं बिहार में यह नंबर एक पर आया है. विद्यालय के प्राचार्य योगेंद्र प्रसाद सिंह ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि इस उपलब्धि को विद्यालय के छात्रों की मेहनत द्वारा ही हासिल किया गया है. श्री सिंह ने बताया कि विद्यालय का चयन पूरे भारत में 13वें स्थान पर हुआ है लेकिन हम बिहार में नंबर वन हैं ऐसे में मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि पूर्ववर्ती छात्रों को साथ में लेकर उनके सहयोग और विचार विमर्श से इस बार कुछ ऐसा किया जाए कि हमारा विद्यालय पूरे देश में

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STET परीक्षा पर आ गया पटना हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

बिहार में माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एसटीईटी की परीक्षा को लेकर पटना हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. दो लाख से ज्यादा शिक्षक अभ्यर्थियों की नजरें इस फैसले पर टिकी थीं. पटना हाईकोर्ट STET 2019 मामले में महत्वपूर्ण फैसला देते हुए स्पष्ट किया है कि बिहार में सेकंडरी टीचर्स एलीबिजिलिटी टेस्ट का आयोजन दोबारा होगा यानी यह परीक्षा 9 सितंबर से होगी. जस्टिस अनिल कुमार सिन्हा ने पंकज कुमार सिंह व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था. दरअसल एसटीइटी 2019 परीक्षा का आयोजन जनवरी 2020 में हुआ था. इस परीक्षा में कुछ जिलों में प्रश्न पत्र लीक होने के आरोप लगे थे. पहले बिहार बोर्ड ने इन आरोपों से इनकार किया था, इसके बाद छात्रों ने पटना हाई कोर्ट का रुख किया था और इस परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी. बाद में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने एक कमेटी का गठन किया और उस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा को रद्द कर दिया. लेकिन इसके बाद कुछ दूसरे छात्र कोर्ट चले गए और उनका यह कहना था कि अगर कुछ जिलों में परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हुए हैं तो सिर्फ उन्हीं जगहों की परीक्षा रद्द की जाए और उनकी दोबारा परीक्षा ली जाए बाकी जिलों का रिजल्ट घोषित किया जाए इन सब के बीच बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने एस टी ई टी परीक्षा के दोबारा आयोजन के लिए 9 से 21 सितंबर तक की तारीख घोषित कर दी. इसी मामले में आज हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया

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