कोरोना इफेक्ट: शिक्षण संस्थान 31 मार्च तक रहेंगे बन्द, रिजल्ट में भी होगी देरी

पटना,14 मार्च. कोरोना वायरस को लेकर हर जगह मचे हड़कंप के बीच बिहार सरकार ने भी सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश जारी किया है. यहाँ तक कि विद्यालय में आयोजित वार्षिक परीक्षा मूल्यांकन सभी स्थगित कर दिया गया. बिहार के सारे स्कूल एवं कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. यह बन्द 31 मार्च तक जारी रहेगा. सरकार द्वारा व्यापक तरीके से इस बन्द के आदेश के बाद मैट्रिक और इंटर के वार्षिक परीक्षाओं के रिजल्ट में भी देरी होने की संभावना है. इधर शिक्षण संघ ने भी कोरोना संक्रमण को देखते हुए अगले आदेश तक धरना प्रदर्शन को स्थगित कर दिया है. सरकार द्वारा यह बन्द का आदेश कोरोना संक्रमण को रोकने के सुरक्षा उपायों में से एक के तहत किया गया है. कारण यह है कि कोरोना एक संक्रमित रोग है जो एक दूसरे के सम्पर्क में आने से होता है. शिक्षण संस्थानों के बन्द हो जाने के बाद बहुत हद तक इस संक्रमण को रोका जा सकता है. केवल शिक्षण संस्थानों को ही नही बल्कि अन्य सरकारी संगठनों ने भी सुरक्षा के तहत यह कदम उठाया है. कोरोना वायरस को लेकर राज्य परियोजना निदेशक संजय सिंह ने सभी जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारियो और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को पत्र भेजकर आदेश जारी किया है. ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

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जैन स्कूल शताब्दी समारोह : स्वर्णिम इतिहास का स्वर्णिम वर्ष

बिहार का गौरव जैन स्कूल आरा. जैन स्कूल के शताब्दी समारोह के 5वें दिन जैन स्कूल के पूर्ववर्ती छात्रों का जमावड़ा लगा. जिसमे देश के कोने कोने में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे विभिन्न पदों पर आसीन रहे अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की. 1950 से अबतक के इस स्कूल से पास आउट लगभग 700 पूर्ववर्ती छात्रों ने हिस्सा लिया. देश मे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवा दे रहे ये अधिकारी आज स्कूल प्रांगण आकर फिर से नन्ही यादों में खो गए. कइयो के ऐसा लगा जैसे उन्हें उनका पुराना बचपन फिर से मिल गया तो किसी को स्कूल की वह पुरानी टँकी और चापाकल की तलाश थी जिससे वे टिफिन के समय पानी पिया करते थे. गर्मी के दिनों में अपने जूते को भींगा लेते थे…आज वह टँकी नदारथ देख उनकी आँखें नम हो गयीं. कार्यक्रम की अध्यक्षता शताब्दी समारोह के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक चन्द्र जैन ने किया. समारोह का शुभाईरंभ पूर्व विधान पार्षद हुलास पांडेय,जैन स्कूल कार्यकारिणी के सचिव ज्योति प्रकाश जैन, सदस्य प्रो. रणविजय कुमार, प्रीत चन्द्र जैन, आयोजन समिति के स्वागताध्यक्ष शैलेश जैन, ट्रस्ट के सचिव कमल कुमार जैन और प्रधानाध्यापक कमलेश जैन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. अपने संबोधन भाषण ने कहा कि बिहार जितना बाहर बदनाम है उससे ज्यादा बिहारियों के सम्मान को जैन स्कूल ने शिक्षा के माध्यम से रोशन किया है. इस स्कूल का देश के कोने-कोने में सम्मान से लिया जाता है और यह सब इस स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्तम प्रदर्शन है. उन्होंने

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‘चांदी के जूते’ ने गुदगुदाया, ‘दुःख-दरिया’ ने भरा आंखों में सैलाब

शताब्दी समारोह के दूसरे दिन ‘दुख दरिया’ और ‘चांदी के जूते’ ने दिया ब्यापक सन्देश आरा. जैन स्कूल शताब्दी समारोह सह भोजपुर नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन भी रंगारंग कार्यक्रम के साथ 4 नाटकों का मंचन सम्पन्न हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत “नमो नमो” गाने पर जैन स्कूल के बच्चो ने सामूहिक नृत्य के जरिये किया. संस्कृतिक सन्ध्या की दूसरी प्रस्तुति हर्षिता विक्रम ने ‘रंग सारी गुलाबी चुनरियां रे’ लोकगीत पर कर अपना जलवा बिखेर दिया. उसके बाद असम के कलाकारों के द्वारा लोक नृत्य बिहू की प्रस्तुति ने आयोजन स्थल पर उपस्थित सभी लोगों के अंदर सांस्कृतिक ऊर्जा भर दी. सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद नाटकों का दौर चला. दूसरे दिन की सन्ध्या 4 नाटकों का मंचन किया गया. DMC एक्टिंग अकादमी आरा के कलाकारों के द्वारा रंजीत कपूर लिखित नाटक ‘चांदी का जूता’ किया गया. यह नाटक देश के कोने कोने से आये कलाकारों के प्रदर्शन मात्र के लिए था. यह नाटक प्रतियोगिता में नही था. नाटक का निर्देशन ओपी कश्यप ने किया था,संगीत राजा बसंत बहार,हर्षिता विक्रम व उनके साथी कलाकार का था. प्रकाश परिकल्पना ओपी पांडेय व आलोक सिंह का था. नाटक की मुख्य भूमिका में ओपी कश्यप ने बेहतरीन अभिनय किया और अपने अभिनय से दर्शकों को लोट-पोट कर दिया. वही मुनीम और लड़की के बाप में रोल में अंकित ने शानदार अभिनय से खूब तालियां बटोरी. नाटक का सूत्रधार बना , बहु बनी अदिति राज, और माँ के रोल में स्मृति भारती ने दर्शकों के बीच अपनी बेहतरीन अदाकारी का परिचय दिया. अन्य कलाकारो में मुकेश,

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15 वे दिन भी चट्टान की तरह डटे रहे शिक्षक

गड़हनी, 2 मार्च. बिहार राज्य शिक्षक संघ के बैनर तले बैठे गड़हनी शिक्षक संघ इकाई आज 15 वाँ दिन भी चट्टानी एकता की तरह धरणा पर बैठे रहे. जिला संयोजक व जिला कार्यकारी अध्यक्ष संपत राय ने सभी शिक्षकों की संबोधित किया और कहा कि डरने की बात नही है ऐसे ही चट्टानी एकता बनाये रखना है एक ना एक दिन मुख्यमंत्री को मांगो को मनाना ही पड़ेगा. वही धरणा का अध्यक्ष नंदजी सिंह व संचालन कर रहे शशि भूषण सिंह ने कहा कि स्थायी बेतनमान व सेवाशर्त को बिना मनवाये हमलोग अपनी धरणा खत्म नही कर सकते. उन्होंने कहा कि इसके लिए किसी हद तक भी क्यो न जाना पड़े वे जाएंगे. एक ज्ञापन अगियांव विधायक प्रभुनाथ प्रसाद को दिया गया. विधायक ने कहा कि शिक्षको की मांगो को ले उन्होंने शिक्षा मंत्री से बात किया था. उन्होंने मुख्यमंत्री के पास शिक्षको के ज्ञापन पहुँचाने की बात कही और इसपर बिचार करने को भी कहूंगा. इस मौके पर माधुरी कुमारी,पूनम कुमारी,नागेंद्र सिंह,इंद्रजीत कुमार,प्रवीण सिन्हा, रागनी कुमारी,दुष्यंत कुमार सहित कई लोग थे. गड़हनी से अमित कुमार की रिपोर्ट

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जैन स्कूल के शताब्दी समारोह का हुआ आगाज

कई शिक्षाविदों सहित देश के कई प्रदेश से आये कलाकारों ने दी प्रस्तुति पहले दिन 3 नाटकों का हुआ मंचन आरा. श्री आदिनाथ ट्रस्ट एवं हर प्रसाद दास जैन स्कूल शताब्दी समारोह का आगाज रविवार को धूमधाम से हुआ. भोजपुर नाट्य महोत्सव से हुआ या नाट्य महोत्सव 01-05 मार्च तक जैन स्कूल के प्रांगण में ही चलेगा. रविवार से प्रारंभ हुए इस महोत्सव का उद्घाटन VKSU के वाइस चांसलर प्रोफेसर देवी प्रसाद तिवारी एवं प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष आलोक चंद्र जैन ने किया. VC ने अपने संबोधन भाषण में का शिक्षण संस्थानों की दयनीय होती व्यस्था पर दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि माता पिता बच्चों को जन्म देते हैं तो उनका सबसे बड़ा कर्तव्य और धर्म अपने बच्चों को समुचित शिक्षा देना होता है. बच्चों की प्रारंभिक पाठशाला माता-पिता और उसका घर ही होता हैं जहां उनके चरित्र का निर्माण होता है. यदि प्रारंभ से ही बच्चों पर ध्यान दिया गया तभी नैतिकता का विकास होगा. वही आलोक चंद्र जैन ने कहा कि पुराने जमाने में भोजपुर में स्कूल नहीं होने के कारण कई लोग नहीं पढ़ पाते थे. उन्हें जिले के बाहर जाना पड़ता था. ऐसे मौके पर दानवीर हर प्रसाद दास जैन ने जैन स्कूल खोलने के लिए जमीन देकर जैन स्कूल जैसा शिक्षण संस्थान खुलवाया. यहां से पास हुए बच्चे आज देश-विदेश में जिले का नाम रौशन कर रहे हैं इस मौके पर VKSU के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ प्रो. रणविजय कुमार सिन्हा ने कहा कि देश में जो शाश्वत कर्म पंडित मदन मोहन मालवीय

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सरकार के तुगलकी फरमान को चुनौती देते शिक्षक

अनिश्चितकालीन हड़ताली शिक्षकों के द्वारा क्षेत्रीय विधायकों के स्थानीय आवास पर धरना देकर सौंपा गया सातसूत्री मांंगपत्र का ज्ञापन कोइलवर/भोजपुर, 01 मार्च. बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति, बिहार प्रदेश के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 01 मार्च को बिहार के सभी माननीय विधायक के क्षेत्रीय आवास पर नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने, नियमित शिक्षकों के समान सेवाशर्त, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, आश्रितों को अनुकंपा पर नियुक्ति सहित सातसूत्री मांगों को लेकर धरना एवं ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया था. उल्लेखनीय है कि शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के निर्णयानुसार बड़हरा विधानसभा के विधायक सरोज यादव के स्थानीय आवास, केशोपुर, बड़हरा में क्षेत्र के कोईलवर और बड़हरा के सैकड़ों शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया. धरना के माध्यम से शिक्षकों ने बिहार के तानाशाही और हिटलरशाही सरकार द्वारा शिक्षकों पर की जा रही बर्खास्तगी और निलंबन की घोर निंदा की तथा अपनी मांगों को जायज ठहराया. धरना पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि बिहार के शिक्षक सरकार के तुगलकी फरमान से डरने वाले नहीं हैं. सरकार समय रहते हमारी मांगों को नहीं मानती है तो बिहार के शिक्षकों में इतनी ताकत है कि सरकार को भी सबक सिखाने का कार्य करेंगे. धरना कार्यक्रम के उपरांत सातसूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन माननीय विधायक, बड़हरा को सौंपा गया. मौके पर बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के जिला और प्रखंड स्तरीय कोईलवर और बड़हरा अध्यक्ष/सचिव मंडल के बैजनाथ यादव, राणा जी, राजकुमार सिंह, मंजय सिंह, पुष्पा कुमारी, किरण कुमारी, राजाराम सिंह ‘प्रियदर्शी’ मनोज सिंह, हरेराम राय, संजय

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हड़ताली कला शिक्षकों ने कर डाला अनोखा विरोध

आरा. आज अपनी मांगो को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आहुत हड़ताल के दौरान , आरा जे पी स्मारक के समक्ष चल रहे धरने में, ललित कला शिक्षको ने रचनात्मक भुमिका निभाई. चित्रकार शिक्षकों ने मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के शोषणकारी छवि व अपनी मांगो के लिए आंदोलन करते शिक्षकों को कार्टून के रुप में बनाया. कार्टून में सरकार के शोषणकारी नीतियों को व्यंगात्मक रुप में चित्रित किया गया हैं. सरकार किस तरह शिक्षकों के मानवीय और संवैधानिक अधिकारों को कुचल रही है यह कार्टून में बनाया गया. कार्टून में यह भी दिखाया गया कि शिक्षक अपने अधिकार हासिल कर के रहेंगे. कार्टून में , वेतन दो सम्मान दो वर्ना गद्दी छोड़ दो , वेतन चोर गद्दी छोड़ , जैसे नारे तथा राज्य कर्मी का दर्जा दो , जीपीएफ का लाभ दो आदि मांगों को लिखा गया था. कार्टून बनाने वालों में , राकेश कुमार , रौशन राय , राज कुमार , प्रकाश कुमार वर्मा , आर पी निराला आदि कला अधयॎपक थे. पटना नाउ ब्यूरो

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अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस विशेष : मातृभाषा जोड़ती है, तोड़ती नहीं

आज स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग, वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय आरा में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में एक समारोह का आयोजन किया जिसकी अध्यक्षता भोजपुरी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ नीरज सिंह ने की. मुख्य अतिथि के रूप में डी के कॉलेज, डुमराँव की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ उषा रानी एवं एस बी कॉलेज, आरा की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ पूनम कुमारी उपस्थित थी. भोजपुरिया माई के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ. सबसे पहले छात्रों ने अपनी बातें रखी. अंग्रेजी विभाग की छात्रा ज्योति ने मातृभाषा के प्रेम पर प्रकाश डाला. वहीं अंग्रेजी विभाग के ही छात्र हरीश ने कहा कि आज कुछ लोग भोजपुरी बोलने में हीन भावना के बोध से ग्रस्त हो जाते हैं, यह गलत बात है. छात्र उत्सव राज ने मातृभाषा भोजपुरी में घुस रही अश्लीलता की समस्या पर अंकुश लगाने की चर्चा की. दर्शनशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ किस्मत कुमार सिंह ने भोजपुरी में व्याकरण निर्माण की आवश्यकता जताई. अल-हफ़ीज़ कॉलेज के हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ जवाहर पांडेय ने कहा कि मातृभाषा भोजपुरी को लोग बोली का दर्जा देकर इसकी सीमा को सीमित कर रहे हैं, जो अच्छी बात नहीं. शोध छात्र रवि प्रकाश सूरज ने मातृभाषा के महत्त्व पर चर्चा करते हुए याद दिलाया कि 22 फरवरी को ही भोजपुरी की पहली फ़िल्म ‘गंगा मईया तोहे पियरी चढ़इबो’ आई थी. अध्यक्षता कर रहे डॉ नीरज सिंह ने मातृभाषा को संकीर्ण दायरे से बाहर निकालकर उसके महत्त्व को स्थापित करने की बात की. उपस्थित लोगों में डॉ चन्द्रशेखर सिंह, सुभाष चन्द्र सिंह,

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जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय का घेराव महाशिवरात्रि को भी जारी रहा

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | राजधानी पटना में शुक्रवार 21 फरवरी को बर्खास्त शिक्षकों की बर्खास्तगी वापस लेने, जिन शिक्षकों पर FIR हुआ है, FIR वापस लेने एवं शो कॉज का पत्र निरस्त करने तथा पुराने शिक्षकों की तरह नियोजित शिक्षकों को वेतनमान पुराना सेवा शर्त लागू करने राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग सहित सात सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को भी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय का घेराव सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक किया गया. इसमें हजारों शिक्षक धरने पर बैठे रहे एवं अपनी मांगों के समर्थन में नारा लगाते रहे. शुक्रवार के विशेष कार्यक्रम में शिवरात्रि होने के नाते घेराव में आए सभी शिक्षकों ने अपना शिवरात्रि पर्व वही मनाया और मांगे पूरी होने की मंशा को लेकर हवन पूजा भी किया. कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख रूप से बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक श्री ब्रजनंदन शर्मा ने संबोधित करते हुए कहां की हमारी मांगे कोई नई नहीं है. हमारा मात्र इतना कहना है कि जो शिक्षकों को 30 वर्ष पहले वेतनमान दिया गया था, वही वेतनमान एवं पुराना जो सेवा शर्त बना हुआ है वहीं सेवा शर्त और सारी सुविधाएं हमारे नए शिक्षकों को भी दिया जाए हमारी लड़ाई इसकी है. और जब तक यह मिल नहीं जाएगा, पुरानी पेंशन योजना या अनुकंपा के आधार पर शिक्षकों के नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हो जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. हम अब पीछे हटने वाले नहीं हैं और सरकार के बर्खास्तगी और शो कॉज और एफ आई आर जैसे विभागीय कुकृत्य

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10th के छात्र-छात्राओं को स्कूल ने दिया फेयरवेल

आरा. परीक्षा ऐसा शब्द है जिसका नाम सुनते ही दिमाग तनाव से घिर जाता है. लाख तैयारियों के बाद भी एकाग्रता चंचलता में बदल जाती है और ऐसा लगता है जैसे जल्दी से बस यह परीक्षा खत्म हो जाये. अंदर की घबराहट और इस डर को खत्म करने के साथ विद्यार्थियों को बुस्ट-अप करने के उद्देश्य से एक फेयरवेल का आयोजन सम्भावना स्कूल ने किया. संभावना आवासीय उच्च विद्यालय ने इसमें केन्द्रीय माध्यमिक परीक्षा-2020 में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया और फेयरवेल के साथ-साथ उनकी काउंसिलिंग भी की. यह कार्यक्रम मझौवाँ स्थित विद्यालय प्रांगण में किया गया. काउंसिलिंग सह फेयरवेल कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षा 2020 के परीक्षार्थियों को सम्बोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि यह परीक्षा विद्यार्थियों को अपने भविष्य को सफल बनाने का पहला एवं अहम पड़ाव है. यहीं से तय होता है कि भविष्य में हमें क्या बनना है या क्या करना है. उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थी विद्यालय की परम्पराओं का निर्वहन करते हुए अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर होकर उस पड़ाव को सफलतापूर्वक पार करेंगें. डॉ. अर्चना ने परीक्षार्थियों को इस परीक्षा को लेकर अनेको सुझाव दिये तथा परीक्षार्थियों को उनके भावी जीवन के लिए अनेको शुभकामनायें भी दी. इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. द्विजेन्द्र ने बोर्ड परीक्षा 2020 में शामिल होने वाले सभी छात्र – छात्राओं को परीक्षा की तैयारी के लिए तथा परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने छात्र-छात्राओं को समय

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