बिजली विभाग के जे ई पर पैसे मांगने का आरोप !

सरकारी धौंस और नियम ताख पर रख बिजली विभाग लगा रहा है ट्रांसफार्मर

दुकानदारों के विरोध पर भड़के जे ई, व्यवसायियों पर  FIR




आरा,08 जून. बिजली विभाग के कारनामे से अक्सर लोगों को करंट का झटका लगते रहता है. इस बार का भी कारनामा कुछ ऐसा ही है. बिजली विभाग के अधिकारी सरकारी धौंस और नियम को ताख पर रख  ट्रांसफार्मर नियम के विरुद्ध लगा रहे हैं जिसका विरोध करने के बाद बिजली विभाग ने 4 लोगों पर FIR दर्ज किया है. मामला टाउन थाना क्षेत्र के मैना सुंदर धर्मशाला के पास का है. गोपाली चौक फीडर के अंतर्गत लोड शेयरिंग को लेकर बिजली विभाग ने मैना सुंदर धर्मशाला के पास एक ट्रांसफॉमर  लगाने के लिए जगह का चुनाव गेट के समीप किया लेकिन धर्मशाला के ऑनर द्वारा मुख्य गेट के पास आपत्ति जताने के बाद उसे स्थान्तरित करने के बाद दुकानदारों के दुकान के सामने ट्रांसफार्मर लगाने की बात ने तूल पकड़ लिया और विभाग ने विरोध करने वालों पर FIR कर दिया है.

विभाग द्वारा व्यवसायियों पर FIR करने के बाद लोगों में आक्रोश है उनका कहना है कि बिजली विभाग जबरदस्ती वसूली करने में लगा है. दुकानदारों का आरोप है कि जे ई ने उनसे पैसे की डिमांड की. जब व्यवसायियों ने पैसे नही दिए तो जे ई ने जबरदस्ती दुकान के सामने अपने सरकारी पावर का दुरुपयोग कर पोल गाड़ने के लिए गड्ढे खोद दिए. जब विरोध बढ़ा तो पुलिस के आने के बाद लोगों को शांत किया गया.

क्या कहता है नियम
जबकि विभाग की नियमावली के अनुसार बिजली विभाग किसी भी दुकान या मकान के सामने ट्रांसफॉर्मर या पोल नही लगा सकता है. साथ ही पोल की दूरी सड़क से 2 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए. जबकि सड़क से उक्त दुकानो की दूरी अधिकतम 3 मीटर ही है.

इस घटना की हकीकत जानने के लिए जब पटना नाउ ने उक्त स्थल का दौरा किया और दुकानदारों और आम लोगों से बातचीत की:

क्या कहते हैं दुकानदार :

मैना सुंदर के पास पान के थोक विक्रेता शिवजी प्रसाद  का छोटा दुकान है उनसे पूछने पर वे कहते हैं कि देखिए मेरा दुकान कितना छोटा है और ट्रांसफार्मर कितना बड़ा होता है. उससे तेल चुता रहता है और आग लगने की संभावना रहती है. पहले बिजली विभाग वाले मैना सुंदर धर्मशाला के गेट के पास ट्रांसफॉर्मर लगा रहे थे. हाथों से इशारा करते हुए कहा कि आप खुद देख लीजिए वहाँ गड्ढा किया हुआ है. लेकिन फिर उसको भरकर अब दुकान के पास जे ई जबरदस्ती गड्ढा खोदवाने लगे तो हमने विरोध किया. फिर प्रशासन आया और समझा-बुझाकर चला गया. दुकान के पास ट्रांसफार्मर लगेगा तो खतरा है हमलोग इसका विरोध करेंगे.

वही मोबाइल की दुकान चलाने वाले दुर्गा प्रसाद कहते हैं कि यहां विभाग के कुछ लोग आए जिसमे पंकज प्रसून जो विभाग के जे ई हैं वे भी थे. वे दल बल के साथ आये और हमारे 8 फ़ीट की दुकान के सामने मशीन से ट्रांसफॉर्मर का पोल गाड़ने लगे. जब हमलोगों को इसकी जानकारी मिली तो उक्त स्थल पर पहुँचे और जे ई से हाथ जोड़कर निवेदन किया कि हमलोग व्यापारी लोग हैं यहाँ मत लगाइये. कोविड का समय चल रहा है हमलोग ऐसे ही मर रहे हैं बैंक का सूद देते-देते. खाने के लाले पड़ गए हैं अभी. ऐसे में अगर दुकान के सामने ट्रांसफॉर्मर लग जायेगा तो ग्राहक नही आएंगे क्योंकि ट्रान्सफार्मर के पास अक्सर बिजली का खतरा रहता है, तेल चुता है, जलने और आग लगने का खतरा रहता है. करंट लगने के डर से ग्राहक ही नही आएंगे तो हमलोग भुखमरी के कागार पर पहुँच जाएंगे। बाल-बच्चे बबुकहे मर जायेंगे. लेकिन इन सबके बावजूद उनके कान पर जूं तक नही रेंगा. जे ई ने पहले से ही हमलोगों से पैसे का डिमांड किया था. जब पैसे हमने नही दिया तो जगह बदल गया और दुकान के पास ट्रासंफार्मर बैठने लगा. आप खुद देख लीजिए कि बिजली विभाग ने पोल लगाने के लिए पहले गड्ढा धर्मशाला के गेट के पास खोदा है. जब पैसे नही मिले तो इनका ट्रांसफार्मर ला स्थान बदल गया. मैंने उनसे यह भी कहा कि आसपास भी जगह है जहाँ ट्रांसफॉर्मर लग सकता है लेकिन जे ई अड़ गए. तब हम सब व्यवसायियों ने उनका विरोध किया. उनके साथ SDO भी थे. वे दल-बल के साथ आये हुए थे. हमारे विरोध के बाद उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि तुमको बिजली विभाग के केस में उलझा के समय-समय पर प्रताड़ित करते रहेंगे. मैं सरकारी आदमी हूँ मेरे साथ ठीकेदार और गुंडे भी रहते हैं. जबतक आरा में रहूँगा तुमको छोड़ूँगा नही बर्बाद कर दूँगा. ये सब धमकी देते हुए गए और हमलोगों पर FIR दर्ज करा दिया.

पान की दुकान और मोबाइल की दुकान के बीच स्थित मेंस पार्लर के मालिक मिथलेश कुमार सिंह से जब हमने पूछा तो आपबीती सुनाते हुए कहा कि  जबरदस्ती हमारे दुकान के सामने जे ई साहब पोल गाड़ने के लिए गड्ढा खोदवाने लगे तो उन्होंने उनसे कहा कि साहब हमलोग व्यवसायी आदमी हैं बाल-बच्चा मर जायेगा खाये बिना.  छोटा-मोटा नाई का काम करने वाले हमलोग जैसे दुकानदारों के पास पैसा बै ही कहाँ? लेकिन वे नही माने और बोले कि आपलोंगों पर FIR करेंगे. हमलोग बहुत रिक्वेस्ट किये थाना को भी रिक्वेस्ट किये. लेकिन ये लोग नही माने और हमलोग पर FIR कर दिए. इस झूठे FIR का मिलकर हम सभी व्यवसायी विरोध करेंगे. हमलोग से पहले तो जे ई ने 10 हजार का डिमांड किया. उन्होंने कहा कि पैसा दोगे तो यहाँ नही गड़ेगा. पहले तो ये जहाँ गड्ढा खोदे थे ट्रांसफॉर्मर बैठाने के लिए वहाँ कुछ आपस मे पता नही क्या गुफ्तगू किये और उसके बाद हमलोगों के दुकान के सामने गड्ढा खोदने लगे.

वही घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे एक स्थानीय निवासी मंटू प्रसाद ने बताया कि घटना वाली शाम वे आरण्य देवी मंदिर जा रहे थे कि अचानक मैना सुंदर धर्मशाला के पास भीड़ देखा तो रुक ये जानने के लिए कि क्या माजरा है. कुछ देर में पता चला कि दुकान के सामने ट्रांसफॉर्मर लग रहा है और लेनदेन सम्बंधी कुछ बात हो रहा है. जब बात नही बनी तो जबरन वहाँ ट्रांसफार्मर लगाने के लिए जे ई अड़ गए. मुझे तो इन्हें देखकर यह लगा उस समय कि ये सरकारी आदमी नही बल्कि कोई रंगबाज हो! गुंडों का समुह लेकर चल रहे थे. व्यापारियों के साथ इनका ऐसा वर्जन गिर रहा था मानो ये कोई सरकारी एम्प्लॉयी न होकर आम गुंडे हो. फिर पता चला कि बिजली विभाग के जे ई हैं. इनके साथ 5-7 प्राईवेट लोग भी थे. उनलोगों को मैंने पहचाना तो नही लेकिन वे डिपार्टमेंट के लोग नही थे. मुझे ये अनुभव हुआ कि ये पर्सनल लोगों को साथ मे लेकर चलते हैं.

ट्रान्सफार्मर लगाने की इस घटना के बारे में मानवाधिकार संगठन के भोजपुर जिलाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि उन्हें भी इस जब उक्त घटना का पता चला तो वे भी वहाँ पहुँचे और जे ई से बात कर उचित जगह का परामर्श दिया लेकिन जे ई इस परामर्श पर गर्म हो गए और कहा कि आप नेतागिरी मत कीजिए वरना दुकानदारों के साथ आप पर भी FIR करेंगे. उन्होंने कहा कि पंकज प्रसून बहुत दिनों से आरा में हैं जिससे इनका साँठ-गाँठ व्यापक हो गया है और निष्पक्ष कार्य नही कर रहे हैं. इनके बात करने की शैली इनके घमंड को दर्शाता है.

बिजली विभाग की सफाई :

जब पटना नाउ ने बिजली विभाग के एक्सक्यूटिव इंजीनियर से बात की तो उन्होंने बताया कि मैना सुंदर धर्मशाला के पास ट्रांसफार्मर गाड़ने को लेकर विवाद हुआ है और कुछ लोगों पर FIR विभाग द्वारा दर्ज कराया गया है. जब उनसे जे ई द्वारा पैसे की डिमांड के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि देखिए जब भी ऐसे मामले आते हैं सबसे पहले विभाग पर लोग यही आरोप लगाते हैं.ये तो जांच का  विषय है इसे पता लगाया जा सकता है.

इसके बाद पटना नाउ ने आरोपों से घिरे जे ई पंकज प्रसून से बात कर मामले को जानना चाहा तो पंकज प्रसून ने 10 हजार की डिमांड की बात को सिरे से नकारते हुए इसे झूठा कहा. उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ पैसे का आरोप लगाया है वे लोग मेरी हत्या तक करा सकते हैं. मेरे साथ विभाग के SDO और पुलिसकर्मी भी थे. वहाँ तो मारपीट की नौबत थी. हमने किसी तरह लोगों को शांत किया और काम को रोक दिया. पुलिस ने भरपूर कोशिश की समझाने की लेकिन किसी ने ट्रांसफार्मर को लगने नही दिया. ऊर्जा मंत्री तक को इनलोगो फोन लगा दिया.

पटना नाउ ने जे ई से पूछा कि आपने मैना सुंदर धर्मशाला के गेट के पास गड्ढे खोद कर वहाँ क्यों नही लगाया ट्रांसफॉर्मर? इसपर जे ई पंकज प्रसून ने कहा कि धर्मशाला के ऑनर ने आपत्ति जताया कि शादी-विवाह के समय बारातियों द्वारा रोड पर आतिशबाजी होती है ऐसे में ट्रांसफॉर्मर गेट पर होने से आग लगने का खतरा है. ऑनर ने कहा कि गेट छोड़कर आप दूसरी ओर लगा लें. ये सभी दुकारदार किराए पर हैं. मकानमालिक को आपत्ति नही है पर इन्हें है. हमने तो यहाँ तक किया कि दो दुकानों के बीच ट्रांसफार्मर के लिए पोल गाड़ने का चयन किया जिसके बाद दोनों दुकानों की 3-3 फीट जगह एक्वायर होती. साथ ही दुकान से इसकी दूरी 7-8 फीट पर होती लेकिन फिर भी कोई तैयार नही हुआ तब जाते हुए पुलिस ने कहा कि अभी आप नही मां रहे हैं बाद में FIR होगा तो पछतायेंगे. जे ई ने पटना नाउ से कहा कि आप ही बताईये लोग बिजली की डिमांड करते हैं और लोड शेयरिंग के लिए ट्रांसफार्मर तक नही लगने देते ऐसे में बिजली कैसे निर्वाध दिया जाएगा?

अब देखना यह होगा विभाग अपने नियम व शर्तों को लागू करते हुए ट्रान्सफार्मर के लिए कहाँ प्रयुक्त जगह खोजता है.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट