राजधानी के अस्तव्यस्त ट्रैफिक पर होगी बड़ी कार्रवाई : डॉ चंद्रशेखर




ओवरस्पीडिंग एवं ओवरलोडिंग पर सख्ती से लगे रोक

नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता

सड़क सुरक्षा हेतु नियमित तौर पर जागरूकता अभियान चले

डीएम की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई

सड़क सुरक्षा मानकों का क्रियान्वयन हर हाल में सुनिश्चित करें: डीएम

ट्रैफिक पुलिस द्वारा जमा किए गए शमन की कुल राशि 3,95,00,610 रूपया

घायल व्यक्तियों को गोल्डेन आवर में सहायता पहुँचाने वाले 12 गुड समैरिटन सम्मानित

ओवरस्पीडिंग एवं ओवरलोडिंग पर सख्ती से लगे रोक

निर्धारित पार्किंग स्थलों में ही वाहन पार्किंग सुनिश्चित कराने का निदेश

पटना, अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति-सह-जिला पदाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने सड़क सुरक्षा के लिए नागरिकों के बीच नियमित तौर पर जागरूकता अभियान चलाने का निदेश दिया है. वे आज समाहरणालय में आयोजित समिति की बैठक में अधिकारियों एवं समिति के अन्य सदस्यों को संबोधित कर रहे थे. इस बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य), पुलिस अधीक्षक यातायात, सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, पटना प्रमण्डल, अनुमण्डल पदाधिकारी पटना सदर, अपर नगर आयुक्त, जिला परिवहन पदाधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग, पथ निर्माण विभाग के प्रतिनिधि एवं अन्य भी उपस्थित थे. डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है. उन्होंने कहा कि समाज में उन्मुखीकरण कार्यशाला तथा जागरूकता अभियान से दुर्घटनाओं को बहुत हद तक कम किया जा सकता है. उन्होंने हर हाल में सड़क सुरक्षा के मानको का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निदेश दिया है.

डीएम डॉ. सिंह द्वारा सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को गोल्डेन आवर में सहायता पहुँचाने वाले 12 गुड समैरिटन को सम्मानित किया गया. प्रत्येक सज्जन को पाँच-पाँच हजार रूपये की राशि का चेक देकर पुरस्कृत तथा अंग-वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. जिलाधिकारी द्वारा गुड समैरिटन से उनके अनुभवों के बारे में चर्चा की गई तथा सड़क दुर्घटना रोकने हेतु सुझाव लिया गया. इन सज्जनों द्वारा जिला प्रशासन की तत्परता की सराहना की गई. इन लोगों ने बताया कि आपात नम्बर सेवा 112 अत्यंत प्रभावी है. बहुत कम समय में घायलों को अस्पताल पहुँचाया जाता है तथा दुर्घटना की स्थिति में जिंदगी बचायी जाती है. डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि आप सभी गुड समैरिटन की भूमिका काफी प्रशंसनीय है. सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को अपने गोल्डेन आवर में सहायता प्रदान कर उनकी जीवन रक्षा की है. आप सभी समाज में सड़क सुरक्षा के ब्रैण्ड एम्बेसडर हैं. आपके सुझाव को जिला प्रशासन द्वारा समाहित किया जाएगा.

जिलाधिकारी द्वारा इस बैठक में पूर्व में आयोजित बैठक के अनुपालन के स्थिति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रतिवेदन का जायजा लिया गया. वाहन जाँच हेतु विशेष अभियान, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के समुचित इलाज की व्यवस्था, प्रदूषण जाँच केन्द्रों का संचालन, पार्किंग व्यवस्था, अच्छे समैरिटन की पहचान एवं पुरस्कृत करना, बस एवं ऑटो का परिचालन, सीएनजी रिफिलिंग सेन्टर, सड़क का रख-रखाव सहित सभी सुरक्षात्मक बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई. समिति के सदस्यों से सड़क सुरक्षा हेतु सुझाव लिया गया. डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि इन सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि हेल्मेट/सीट बेल्ट, वाहन फिटनेस, प्रदूषण, परमिट, बीमा, चालक अनुज्ञप्ति, अवयस्क द्वारा वाहन चलाने पर विशेष जाँच अभियान नियमित तौर पर चलाया जा रहा है. उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध शमन की कार्रवाई करते हुए राशि की वसूली की जाती है. उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में संयुक्त अभियान में 7,165 वाहनों की जाँच की गयी. शमन किए गए वाहनों की कुल संख्या 4,140 है. शमन की कुल राशि 11,40,95,756 रूपया है. ट्रैफिक पुलिस द्वारा जमा किए गए शमन की कुल राशि 3,95,00,610 रूपया है.

वित्तीय वर्ष 2023-24 में संयुक्त अभियान में अद्यतन 1,660 वाहनों की जाँच की गयी. शमन किए गए वाहनों की कुल संख्या 732 है. शमन की कुल राशि 2,02,42,588 रूपया है. ट्रैफिक पुलिस द्वारा जमा किए गए शमन की कुल राशि 29,96,100 रूपया है. इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक कुल 8,825 वाहनों की जाँच की गयी. शमन किए गए वाहनों की कुल संख्या 4,872 है. शमन की कुल राशि 13,43,38,344 रूपया है. ट्रैफिक पुलिस द्वारा जमा किए गए शमन की कुल राशि 4,24,96,710 रूपया है. मोटरयान निरीक्षकों द्वारा प्रदूषण जाँच केन्द्रों की समय-समय पर जाँच की जाती है.

डीएम डॉ. सिंह ने ओवरस्पीडिंग (उच्च गति) एवं ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगाने का निदेश दिया. उन्होंने दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों का अध्ययन एवं विश्लेषण कर दुर्घटना को रोकने के लिए समुचित कार्रवाई करने को कहा. उन्होंने हेल्मेट/सीट बेल्ट, वाहन फिटनेस, प्रदूषण, परमिट, बीमा, चालक अनुज्ञप्ति, अवयस्क द्वारा वाहन चलाने पर समय-समय पर विशेष जाँच चलाने का निदेश दिया.

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में सड़क दुर्घटना मे घायल व्यक्तियों के समुचित इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है. आपात नम्बर सेवा 112 काफी उपयोगी है. दुर्घटना की स्थिति में इससे घायलों को तुरत सहायता मिलती है. डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि अधिकांश मामलों में सड़क दुर्घटना के दौरान घायल व्यक्ति को तुरंत सहायता नहीं पहुँचाये जाने के कारण उनकी मृत्यु हो जाती है. उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल पहुँचाने वाले सज्जन (गुड समैरिटन) को जिला प्रशासन द्वारा नियमित तौर पर प्रोत्साहित, सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा. जिला परिवहन पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को ससमय तथा गोल्डन आवर में सहायता एवं जीवनरक्षार्थ रक्तदान करने वाले आमलोगों को चिन्हित करने की प्रक्रिया अनवरत जारी रखें.

डीएम डॉ. सिंह ने निर्धारित पार्किंग स्थलों में ही वाहन पार्किंग सुनिश्चित कराने का निदेश दिया. उन्होंने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों की मरम्मति पर विशेष ध्यान देने को कहा. उन्होंने कहा कि जेब्रा क्रॉसिंग को सुगोचर बनाने के लिए समय-समय पर इसे पेंट कराया जाए. डीएम डॉ. सिंह ने निदेश दिया कि संकेतक जगह-जगह लगना सुनिश्चित रहे.

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि सीट बेल्ट, हैलमेट आदि के उपयोग के लाभों पर जागरूकता शिविर आयोजित कर आम नागरिकों को सडक सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने की आवश्यकता है. उन्होने कहा कि यातायात सुरक्षा मानकों का प्रयोग एवं यातायात नियमों के अनुपालन से दुर्घटनाओं की सभावनाओं को काफी कम किया जा सकता है. डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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