एक बयान ने बदल दी पूरे आंदोलन की तस्वीर, सोशल मीडिया पर छाया भोजपुर
सरेंडर के बाद गोली? बाबा बागेश्वर ने उठाए सवाल
Patna Now Special report
आरा, 24 जून(ओ पी पाण्डेय). भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है. कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी को लेकर देश के प्रसिद्ध कथावाचक और सनातन धर्म के प्रचारक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे बिहार में इस मामले को लेकर बहस और तेज हो गई है.

अपने वीडियो संदेश में बाबा बागेश्वर ने कहा,
“बिहार का एक बालक जो हिंदुओं के लिए लड़ता था, सनातनियों के लिए लड़ता था, उसका नाम भरत तिवारी था। प्रशासन ने सरेंडर करने के बाद उसके ऊपर गोली चलाई, यह भी हमें पता है. इसकी जांच होनी चाहिए. अगर वह कोई अपराधी था तो उसे न्यायपालिका से दंड मिलना चाहिए था. जो हुआ उसकी विशेष स्तर पर मुख्यमंत्री और सरकार की ओर से जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसा न हो. भरत तिवारी के परिवार को हम आशीर्वाद देते हैं और भविष्य में उनके परिवार से मिलेंगे भी, अगर भगवान ने चाहा…”

बाबा बागेश्वर के इस बयान ने मामले को नया आयाम दे दिया है. एक ओर जहां बिहार मानवाधिकार आयोग ने इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उच्च अधिकारियों से जवाब तलब किया है, वहीं दूसरी ओर अब देशभर के सनातन संगठनों और सामाजिक समूहों की नजर भोजपुर पर टिक गई है.

उधर, भरत तिवारी के सम्मान में जवइनियां विस्थापितों के आवासीय स्थल का नामकरण “शहीद भरत नगर जवइनियां” कर दिया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि भरत तिवारी ने विस्थापित परिवारों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को आवाज दी थी, इसलिए उनकी स्मृति को हमेशा जीवित रखा जाएगा.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और मानवाधिकार आयोग की कार्रवाई के बाद आज आयोजित महापंचायत को लेकर उत्साह चरम पर है. लोगों का मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति को न्याय दिलाने की लड़ाई नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति जवाबदेही तय करने और समाज की आवाज को बुलंद करने का आंदोलन बन चुका है.
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बाबा बागेश्वर कब भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात करते हैं और इस मामले में आगे क्या नया मोड़ आता है. हालांकि भारत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर की चर्चा आज देश में ही बल्कि विश्व के कई देशों तक गूंज रही है जहां लोग पुलिस के कार्य शैली पर स्तब्ध हैं लेकिन फिलहाल, इस वायरल वीडियो ने भरत तिवारी के नाम को बिहार की सीमाओं से निकालकर राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बना दिया है.
